Prabhatsingh Bhandari
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#💝 शायराना इश्क़
💝 शायराना इश्क़ - मन की दहलीज पर बैठी जज्बातों की रिमझिम में भीगा भीगा सा तराना हूं जिसे एहसास के साज पर आज सजना है या फिर बिखर जाना हैं भण्ड़ारी प्रभात सिंह मन की दहलीज पर बैठी जज्बातों की रिमझिम में भीगा भीगा सा तराना हूं जिसे एहसास के साज पर आज सजना है या फिर बिखर जाना हैं भण्ड़ारी प्रभात सिंह - ShareChat
#💝 शायराना इश्क़
💝 शायराना इश्क़ - ख्वाब में सब अपना होता है, हकीकत में वो মপনা কীনা ৪, प्रभात सिंह भण्ड़ारी ख्वाब में सब अपना होता है, हकीकत में वो মপনা কীনা ৪, प्रभात सिंह भण्ड़ारी - ShareChat
#💓 मोहब्बत दिल से
💓 मोहब्बत दिल से - 3$/7 दूर भला कैसे रह पायेंगे , दिल से हम तुझे कैसे भूल पायेंगे, a सांसो के अलावा आईने में भी होते, खुद को देखते तो तुम भी नजर आते, भण्ड़ारी Rగ प्रभात 3$/7 दूर भला कैसे रह पायेंगे , दिल से हम तुझे कैसे भूल पायेंगे, a सांसो के अलावा आईने में भी होते, खुद को देखते तो तुम भी नजर आते, भण्ड़ारी Rగ प्रभात - ShareChat
#💝 शायराना इश्क़
💝 शायराना इश्क़ - a a मसरूफ रहने का अंदाज तन्हा ना कर दे ग़ालिब 5 रिश्ते फुर्सत के नहीं तबज्जों के मोहताज होते हैं सिंह भण्ड़ारी प्रभात a a मसरूफ रहने का अंदाज तन्हा ना कर दे ग़ालिब 5 रिश्ते फुर्सत के नहीं तबज्जों के मोहताज होते हैं सिंह भण्ड़ारी प्रभात - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - बेटे चाहते हैं बीबी मां के जैसी हो, बेटियां दुआ करती हैं मां जैसी किस्मत ना हो, बेटे ने देखा मां का प्यार रसोई की खुशबू सब्र भी॰ पर बेटी ने देखा सपने মুমন; और आंसूओं को " ত্রপান; एक ने त्याग को सुकून और चेतावनी समझा, दूसरी ने फर्क ये नहीं कि मां को किसने कैसे देखा फर्क इस बात में है कि उसकी कहानी से हमने क्या सीखा, समझा, सिंह भण्ड़ारी प्रस्तुतिः সপ্মান बेटे चाहते हैं बीबी मां के जैसी हो, बेटियां दुआ करती हैं मां जैसी किस्मत ना हो, बेटे ने देखा मां का प्यार रसोई की खुशबू सब्र भी॰ पर बेटी ने देखा सपने মুমন; और आंसूओं को " ত্রপান; एक ने त्याग को सुकून और चेतावनी समझा, दूसरी ने फर्क ये नहीं कि मां को किसने कैसे देखा फर्क इस बात में है कि उसकी कहानी से हमने क्या सीखा, समझा, सिंह भण्ड़ारी प्रस्तुतिः সপ্মান - ShareChat
#💝 शायराना इश्क़
💝 शायराना इश्क़ - 0:06 गले मिलकर उसने मुझको अपनी खुशबू से भर दिया, कल रात को उसने हमारी रात सा सजा दिया, ப6ள खो गये थे रात एक दूजे में अंदर तक हम इस तरह से, बिछौने के बीचो बीच उसे अपनी गोद में बिठा दिया, अंतरंग ) भण्ड़ारी  सिंह प्रेषकः प्रभात 0:06 गले मिलकर उसने मुझको अपनी खुशबू से भर दिया, कल रात को उसने हमारी रात सा सजा दिया, ப6ள खो गये थे रात एक दूजे में अंदर तक हम इस तरह से, बिछौने के बीचो बीच उसे अपनी गोद में बिठा दिया, अंतरंग ) भण्ड़ारी  सिंह प्रेषकः प्रभात - ShareChat
#💓 मोहब्बत दिल से
💓 मोहब्बत दिल से - अपनी मोहब्बत का शिकवा क्यों करूं तुमसे मोहब्बत तो मैंने की है तुम तो बेकसूर हो ! [೯ भण्ड़ारी সপ্ান अपनी मोहब्बत का शिकवा क्यों करूं तुमसे मोहब्बत तो मैंने की है तुम तो बेकसूर हो ! [೯ भण्ड़ारी সপ্ান - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - जीवन थर्म गैरजरूरी सामान नहीं रखता मैं जेह़न में जहान नहीं रखता, अपनी ही सरहद में जीता हूं गैरों का आसमान नहीं रखता, ख़ामोश रास्ते ही तय करता हूं जाहिर में बयान नहीं रखता, ##எ# मेरा जो धर्म मैं उपर भगवान नहीं रखता, वो इंसान नहीं पसंद मुझको जो लब पे मुस्कान नहीं रखता, धीरे धीरे ही चलता हूं हां मैं क्योंकि कोई थकान नहीं रखता, रचनाकार से आभार सहित [೯ भण्ड़ारी प्रभात जीवन थर्म गैरजरूरी सामान नहीं रखता मैं जेह़न में जहान नहीं रखता, अपनी ही सरहद में जीता हूं गैरों का आसमान नहीं रखता, ख़ामोश रास्ते ही तय करता हूं जाहिर में बयान नहीं रखता, ##எ# मेरा जो धर्म मैं उपर भगवान नहीं रखता, वो इंसान नहीं पसंद मुझको जो लब पे मुस्कान नहीं रखता, धीरे धीरे ही चलता हूं हां मैं क्योंकि कोई थकान नहीं रखता, रचनाकार से आभार सहित [೯ भण्ड़ारी प्रभात - ShareChat
#💓 मोहब्बत दिल से
💓 मोहब्बत दिल से - बालों की सफेदी को मेंहदी से छुपाने लगी கீ आंखों के धुंधलापन चश्मा लगाने लगी हूं, छुपाने ये लकीरें মাথ ৭ং पडती मुस्कुराने लगी हूं ज्यादा मन की अल्हडता चंचलता उसे समझाने लगी हूं, [೯ भण्ड़ारी qHI बालों की सफेदी को मेंहदी से छुपाने लगी கீ आंखों के धुंधलापन चश्मा लगाने लगी हूं, छुपाने ये लकीरें মাথ ৭ং पडती मुस्कुराने लगी हूं ज्यादा मन की अल्हडता चंचलता उसे समझाने लगी हूं, [೯ भण्ड़ारी qHI - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - भारतीय गृहिणी घर के ढ़ेरों काम उलझे बिखरे केशा, सस्ती साधारण साड़ी और हल्के आभूषण उसका सौंदर्य कभी फीका नहीं पड़ता, তানন ক্ী বযুঁ ? क्योंकि वो खुश हैं उसे भरपूर प्रेम मिला और सहज, সম্পুত सिंह भण्ड़ारी qHI भारतीय गृहिणी घर के ढ़ेरों काम उलझे बिखरे केशा, सस्ती साधारण साड़ी और हल्के आभूषण उसका सौंदर्य कभी फीका नहीं पड़ता, তানন ক্ী বযুঁ ? क्योंकि वो खुश हैं उसे भरपूर प्रेम मिला और सहज, সম্পুত सिंह भण्ड़ारी qHI - ShareChat