neha jain
ShareChat
click to see wallet page
@2711000140
2711000140
neha jain
@2711000140
मुझे ShareChat पर फॉलो करें!
#💓 मोहब्बत दिल से #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #🙏कर्म क्या है❓
💓 मोहब्बत दिल से - कर्म का फल सीधा सा है पार्थ छल के बदले छल, आज नहीं तो कल. कर्म का फल सीधा सा है पार्थ छल के बदले छल, आज नहीं तो कल. - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #💝 शायराना इश्क़ #💓 मोहब्बत दिल से
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - रिश्ता क्या है,ये जानने से अच्छा है, अपनापन कितना है ये महसूस कीजिये ! रिश्ता क्या है,ये जानने से अच्छा है, अपनापन कितना है ये महसूस कीजिये ! - ShareChat
#💓 मोहब्बत दिल से #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
💓 मोहब्बत दिल से - जो हो रहाँ है उसे होने दो. उसने आपकी सोच से बेहतर आपके लिये सोच कर रखा है॰ ७७० जो हो रहाँ है उसे होने दो. उसने आपकी सोच से बेहतर आपके लिये सोच कर रखा है॰ ७७० - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #💓 मोहब्बत दिल से
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - स्वाभिमानी स्त्री अक्सर लोगों को अहंकारी लगती है ! 8 स्वाभिमानी स्त्री अक्सर लोगों को अहंकारी लगती है ! 8 - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #💓 मोहब्बत दिल से
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - स्वीकारना, सीखना, सुधारना यही जीवन है !! और बदलना சன O1e  م GHAT स्वीकारना, सीखना, सुधारना यही जीवन है !! और बदलना சன O1e  م GHAT - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - तेरे दुःख तेरे ही रहेंगे. इसको सुना या उसको सुना.. तू चाहे तेरे दुःख तेरे ही रहेंगे. इसको सुना या उसको सुना.. तू चाहे - ShareChat
#💓 मोहब्बत दिल से #💝 शायराना इश्क़ #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
💓 मोहब्बत दिल से - जो बातें दिल तोड़ती हैं वही तो आँखें खोलती हैं। जो बातें दिल तोड़ती हैं वही तो आँखें खोलती हैं। - ShareChat
#💝 शायराना इश्क़ #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #💓 मोहब्बत दिल से
💝 शायराना इश्क़ - कोई बिमार हम सा नहीं.. कोई इलाज तुम सा नहीं.. कोई बिमार हम सा नहीं.. कोई इलाज तुम सा नहीं.. - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #💓 मोहब्बत दिल से #💝 शायराना इश्क़
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - तू खास है मेरे लिए आम नहीं, गहराई बहुत है रिश्ते में, बस कोई नाम नहीं. तू खास है मेरे लिए आम नहीं, गहराई बहुत है रिश्ते में, बस कोई नाम नहीं. - ShareChat
#💓 मोहब्बत दिल से #💝 शायराना इश्क़ #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
💓 मोहब्बत दिल से - Deep line...! गए हम राहों में भटक मंजिल का ठिकाना नहीं था... ले गई जिंदगी उन राहों में जहाँ हमें जाना नहीं था. (ಘ  कुछ क़िस्मत की मेहरबानी कुछ हमारा कसूर था. हमने खो दिया सब कुछ वहां जहाँ कुछ पाना नहीं था...!! @ Deep line...! गए हम राहों में भटक मंजिल का ठिकाना नहीं था... ले गई जिंदगी उन राहों में जहाँ हमें जाना नहीं था. (ಘ  कुछ क़िस्मत की मेहरबानी कुछ हमारा कसूर था. हमने खो दिया सब कुछ वहां जहाँ कुछ पाना नहीं था...!! @ - ShareChat