satish kumar
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satish kumar
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माँ मेरी दुनिया तेरे आंचल में
#wh@tsapp st@tus #जय श्री राम #जय श्री राम जय हनुमान
wh@tsapp st@tus - !! Sfla aat aaua !! चरण शरण में आई के, धरुँ तिहारो ध्यान संकट से रक्षा करो, हे महावीर हनुमान हे पवनपुत्र हनुमान! मैं पूरी श्रद्धा के साथ आपके चरणों की शरण में आया हूँ और एकाग्र मन से आपका ही ध्यान कर रहा हूँ। मैंने स्वयं को आपको समर्पित कर दिया है। हे अत्यंत बलशाली और पराक्रमी (महावीर) हनुमान जी! मेरे जीवन में आए हुए सभी दुखों और संकटों से आप मेरी रक्षा करें। आप विपत्तियों को वाले हैं॰ इसलिए मुझ पर अपनी कृपा बनाए रखें। हरने !! Sfla aat aaua !! चरण शरण में आई के, धरुँ तिहारो ध्यान संकट से रक्षा करो, हे महावीर हनुमान हे पवनपुत्र हनुमान! मैं पूरी श्रद्धा के साथ आपके चरणों की शरण में आया हूँ और एकाग्र मन से आपका ही ध्यान कर रहा हूँ। मैंने स्वयं को आपको समर्पित कर दिया है। हे अत्यंत बलशाली और पराक्रमी (महावीर) हनुमान जी! मेरे जीवन में आए हुए सभी दुखों और संकटों से आप मेरी रक्षा करें। आप विपत्तियों को वाले हैं॰ इसलिए मुझ पर अपनी कृपा बनाए रखें। हरने - ShareChat
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Radhe 🌍Radhe - हर सुबह ; एक नया कागज देती है जिंदगी अब उस पर নযা লিস্পনা 8 ये आपके हाथ में है शुभ प्रभात हर सुबह ; एक नया कागज देती है जिंदगी अब उस पर নযা লিস্পনা 8 ये आपके हाथ में है शुभ प्रभात - ShareChat
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wh@tsapp st@tus - विचार सागर संपत्ति और पैसा Il उपलब्धि और प्रतिष्ठा सम्मान और पद कुछ भी मायने नहीं रखता अगर आप खुश नहीं है। ज़िन्दगी की सबसे பள जरूरत है आपका खुश रहना. विचार सागर संपत्ति और पैसा Il उपलब्धि और प्रतिष्ठा सम्मान और पद कुछ भी मायने नहीं रखता अगर आप खुश नहीं है। ज़िन्दगी की सबसे பள जरूरत है आपका खुश रहना. - ShareChat
#मेरा प्यारा बगीचा🌴 #🌳नेचर फोटोग्राफी📷
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Radhe 🌍Radhe - गोस्वामी तुलसीदास जी के प्रसिद्ध दोहे ।। तुलसी काया खेत है, मनसा भयो किसान | पाप पुन्य दो बीज हैं , बुवै सो लुनै निदान II हमारा शरीर एक खेत की तरह है और मन उसका किसान है। हम इसमें पाप या पुण्य के जो भी बीज बोते हैं, अंततः हमें वैसी ही फसल काटनी पडती है | गोस्वामी तुलसीदास जी के प्रसिद्ध दोहे ।। तुलसी काया खेत है, मनसा भयो किसान | पाप पुन्य दो बीज हैं , बुवै सो लुनै निदान II हमारा शरीर एक खेत की तरह है और मन उसका किसान है। हम इसमें पाप या पुण्य के जो भी बीज बोते हैं, अंततः हमें वैसी ही फसल काटनी पडती है | - ShareChat
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