#SpiritualLeaderSaintRampalJi
#tattvdarshisantrampalji
#GreatestGuru_InTheWorld
#TrueGuruSantRampalJi
#SaintRampalJiMaharaj
#SantRampalJiMaharaj
#AlmightyGodKabir
#MustListen_Satsang
Sadhna TV Satsang ।। 09-03-2026 ।। Episode : 3557 ।। Sant Rampal Ji Maharaj Live Satsang
https://youtube.com/live/8O9n6-sh5zc?si=wAUkS7QjkkfM276p
#🙏गुरु महिमा😇 #🧘सदगुरु जी🙏 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🕌मस्जिद 🤲 #✝चर्च
कबीर परमेश्वर जी कलयुग में कैसे प्रकट हुए | Sant Rampal Ji Maharaj Satsang
https://www.facebook.com/share/v/1DhUipMY5z/
#✝चर्च #🕌मस्जिद 🤲 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🧘सदगुरु जी🙏 #🙏गुरु महिमा😇
जानिए कौन है तत्त्वदर्शी संत ? || कैसे मिलेगा पूर्ण मोक्ष ? ||
Sant Rampal Ji Maharaj
https://www.facebook.com/share/r/1HDNsTPTNB/
#🙏गुरु महिमा😇 #🧘सदगुरु जी🙏 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🕌मस्जिद 🤲 #✝चर्च
आध्यात्मिक ज्ञान गंगा पार्ट 73 के आगे पढ़िए .....)
📖📖📖📖📖
आध्यात्मिक ज्ञान गंगा पार्ट - 74
पृष्ठ: 257- 259
।। प्रमाण के लिए गीता जी के कुछ श्लोक ।।
अध्याय 9 का श्लोक 20
त्रैविद्या मां सोमपाः पूतपापा-
यज्ञैरिष्ट्वा स्वर्गतिं प्रार्थयन्ते।
ते पुण्यमासाद्य सुरेन्द्रलोक-
मश्नन्ति दिव्यान्दिवि देवभोगान्। २०।
त्रैविद्या:, माम्, सोमपाः, पूतपापा:, पूतपापा:, यज्ञैः, इष्टवा, स्वर्गतिम्, प्रार्थयन्ते, ते पुण्यम्, आसाद्य, सुरेन्द्रलोकम्, अश्नन्ति, दिव्यान, दिवि, देवभोगान्।।20।।
अनुवाद : (त्रैविद्याः) तीनों वेदों में विधान (सोमपाः) सोमरसको पीनेवाले (पूतपापा :) पापरहित पुरुष (माम्) मुझको (यज्ञैः) यज्ञोंके द्वारा (इष्टवा) पूज्य देव के रूप में पूज कर (स्वर्गतिम्) स्वर्गकी प्राप्ति (प्रार्थयन्ते) चाहते हैं (ते) वे पुरुष (पुण्यम्) अपने पुण्यों के फलरूप (सुरेन्द्रलोकम) स्वर्गलोक को (आसाद्य) प्राप्त होकर (दिवि) स्वर्ग में (दिव्यान्) दिव्य (देवभोगान्) देवताओं के भोगोंको (अश्नन्ति) भोगते है।
केवल हिन्दी अनुवाद: तीनों वेदों में विधान सोमरसको पीनेवाले पापरहित पुरुष मुझको यज्ञोंके द्वारा पूज्य देव के रूप में पूज कर स्वर्गकी प्राप्ति चाहते हैं वे पुरुष अपने पुण्यों के फलरूप स्वर्गलोक को प्राप्त होकर स्वर्ग में दिव्य देवताओं के भोगों को भोगते हैं।
अध्याय 9 का श्लोक 21
ते तं भक्त्वा स्वर्गलोकं विशालं
क्षीणे पुण्ये मर्त्यलोकं विशन्ति।
एवं
त्रयीधर्ममनुप्रपन्ना - गतागतं कामकामा लभन्ते । २१।
ते, तम्, भुक्त्वा, स्वर्गलोकम्, विशालम्, क्षीणे, पुण्ये, मर्त्यलोकम्, विशन्ति, एवम्, त्रयीधर्मम्, अनुप्रपन्ना:, गतागतम्, कामकामाः, लभन्ते ॥ 21 ॥
अनुवाद: (ते) वे (तम्) उस (विशालम्) विशाल (स्वर्गलोकम्) स्वर्गलोक को (भुक्त्वा) भोगकर (पुण्ये) पुण्य (क्षीणे) क्षीण होने पर (मर्त्यलोकम्) मृत्युलोक को (विशन्ति) प्राप्त होते हैं। (एवम्) इस प्रकार (त्रयीधर्मम्) तीनों वेदों में कहे हुए पूजा कर्मों का (अनुप्रपन्नाः) आश्रय लेने वाले और (कामकामाः) भोगों की कामनावस (गतागतम्) बार-बार आवागमनको (लभन्ते) प्राप्त होते हैं।
केवल हिन्दी अनुवाद: वे उस विशाल स्वर्गलोक को भोगकर पुण्य क्षीण होने पर मृत्युलोक को प्राप्त होते हैं। इस प्रकार तीनों वेदों में कहे हुए पूजा कर्मों का आश्रय लेने वाले और भोगों की कामनावस बार-बार आवागमन को प्राप्त होते हैं।
अध्याय 16 का श्लोक 17
आत्मसम्भाविताः स्तब्धा धनमानमदान्विताः ।
यजन्ते नामयज्ञैस्ते दम्भेनाविधिपूर्वकम्। १७।
आत्सम्भाविताः, स्तब्धा, धनमानमदान्विता:,
यजन्ते, नामयज्ञै:, ते दम्भेन, अविधिपूर्वकम् ।। 17।। अनुवादः (ते) वे (आत्मसम्भाविताः) अपने आपको ही श्रेष्ठ मानने वाले (स्तब्धाः) घमण्डी पुरुष (धनमानमदान्विताः) धन और मानके मदसे युक्त होकर (नामयज्ञैः) केवल नाममात्रके यज्ञों द्वारा (दम्भेन) पाखण्डसे (अविधिपूर्वकम्) शास्त्रविधि रहित पूजन करते हैं।
केवल हिन्दी अनुवाद: वे अपने आपको ही श्रेष्ठ मानने वाले घमण्डी पुरुष धन और मानके मदसे युक्त होकर केवल नाममात्र के यज्ञों द्वारा पाखण्ड से शास्त्रविधि रहित पूजन करते हैं।
अध्याय 16 का श्लोक 18
अहङ्कारं बलं दर्पं कामं कोधं च संश्रिताः।
मामात्मपरदेहेषु प्रद्विषन्तोऽभ्यसूयकाः । १८ ।
अहंकारम्, बलम्, दर्पम्, कामम्, क्रोधम्, च, संश्रिताः,
माम्, आत्मपरदेहेषु, प्रद्विषन्त, अभ्यसूयकाः ।।18।।
अनुवाद: (अहंकारम्) अहंकार (बलम्) बल (दर्पम्) घमण्ड (कामम्) कामना और (क्रोधम्) क्रोधादिके (संश्रिताः) परायण (च) और (अभ्यसूयका:) दूसरों की निन्दा करने वाले पुरुष (आत्मपरदेहेषु) प्रत्येक शरीर में परमात्मा आत्मा सहित तथा (माम्) मुझसे ( प्रद्विषन्तः) द्वेष करने वाले होते हैं।
केवल हिन्दी अनुवाद: अहंकार बल घमण्ड कामना और क्रोधादिके परायण और दूसरों की निन्दा करनेवाले पुरुष प्रत्येक शरीर में परमात्मा आत्मा सहित तथा मुझसे द्वेष करने वाले होते हैं।
अध्याय 16 का श्लोक 19
तानहं द्विषतः क्रूरान्संसारेषु नराधमान्।
क्षिपाम्यजस्त्रमशुभानासुरिष्वेव योनिषु। १९।
तान् अहम, द्विषतः क्रूरान, संसारेषु, नराधमान,
क्षिपामि, अजस्त्रम्, अशुभान, आसुरीषु, एव योनिषु ।।19 ।।
अनुवाद : (तान्) उन (द्विषतः) द्वेष करनेवाले (अशुमान्) पापाचारी और (क्रूरान्) क्रूरकर्मी (नराधमान्) नराधमोंको (अहम्) मैं (संसारेषु) ससारमें (अजस्त्रम्) बार-बार (आसुरीषु) आसुरी (योनिषु) योनियोंमें (एव) ही (क्षिपामि) डालता हूँ।
केवल हिन्दी अनुवाद: उन द्वेष करने वाले पापाचारी और क्रूरकर्मी नराधमोंको में संसारमें बार-बार आसुरी योनियों में ही डालता हूँ।
अध्याय 16 का श्लोक 20
आसुरीं योनिमापत्रा मूढा जन्मनि जन्मनि।
मामप्राप्यैव कौन्तेय ततो यान्त्यधमां गतिम् । २०।
आसुरीम, योनिम्, आपन्ना:, मूढाः, जन्मनि, जन्मनि,
माम् अप्राप्य, एव, कौन्तेय, ततः, यान्ति, अधमाम्, गतिम्। ।20।।
अनुवादः (कौन्तेय) हे अर्जुन (मूढाः) वे मूर्ख (माम) मुझको (अप्राप्य) न प्राप्त होकर (एव) ही (जन्मनि) जन्म (जन्मनि) जन्म में (आसुरीम्) आसुरी (योनिम्) योनिको (आपन्ना:) प्राप्त होते हैं फिर (ततः) उससे भी (अधमाम्) अति नीच (गतिम्) गतिको (यान्ति) प्राप्त होते हैं अर्थात् घोर नरकों में पड़ते हैं।
केवल हिन्दी अनुवाद: हे अर्जुन! वे मूर्ख मुझको न प्राप्त होकर ही जन्म जन्ममें आसुरी योनिको प्राप्त होते हैं फिर उससे भी अति नीच गति को प्राप्त होते हैं अर्थात् घोर नरकों में पड़ते हैं।
अध्याय 16 का श्लोक 23
यः शास्त्रविधिमुत्सृज्य वर्तते कामकारतः ।
न स सिद्धिमवाप्नोति न सुखं न परां गतिम् । २३।
यः, शास्त्रविधिम्, उत्सृज्य, वर्तते, कामकारतः
न , स :, सिद्धिम्, अवाप्रोति, न , सुखम्, न ,पराम्, गतिम् ।।23।।
अनुवादः (यः) जो पुरुष (शास्त्रविधिम्) शास्त्रविधिको (उत्सृज्य) त्यागकर (कामकारतः) अपनी इच्छा से मनमाना (वर्तते) आचरण करता है (सः) वह (न) न (सिद्धिम्) सिद्धिको (अवाप्नोति) प्राप्त होता है (न)न (पराम्) परम (गतिम् ) गतिको और (न) न (सुखम्) सुखको ही।
केवल हिन्दी अनुवाद: जो पुरुष शास्त्रविधिको त्यागकर अपनी इच्छा से मनमाना आचरण करता है वह न सिद्धि को प्राप्त होता है न परम गति को और न सुख को ही।
•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••
आध्यात्मिक जानकारी के लिए आप संत रामपाल जी महाराज जी के मंगलमय प्रवचन सुनिए। Sant Rampal Ji Maharaj YOUTUBE चैनल पर प्रतिदिन 7:30-8.30 PM.
संत रामपाल जी महाराज जी इस विश्व में एकमात्र पूर्ण संत हैं। आप सभी से विनम्र निवेदन है अविलंब संत रामपाल जी महाराज जी से नि:शुल्क नाम दीक्षा लें और अपना जीवन सफल बनाएं।
https://online.jagatgururampalji.org/naam-diksha-inquiry
#✝चर्च #🕌मस्जिद 🤲 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🧘सदगुरु जी🙏 #🙏गुरु महिमा😇
#SpiritualLeaderSaintRampalJi
#tattvdarshisantrampalji
#TrueGuruSantRampalJi
#GreatestGuru_InTheWorld
#SaintRampalJiMaharaj
#SantRampalJiMaharaj
#AlmightyGodKabir
#MustListen_Satsang
Shraddha TV Satsang ।। 09-03-2026 ।। Episode : 3224 ।। Sant Rampal Ji Maharaj Live Satsang
https://youtube.com/live/YuMGFjH4wSA?si=xJgGS34nYORiO7-M
#🧘सदगुरु जी🙏 #🙏गुरु महिमा😇 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🕌मस्जिद 🤲 #✝चर्च
#BigMistakeOf_DrBRAmbedkarJi
🌟 गौतम बुद्ध को मानने वाले क्यों हुए नास्तिक?
👉जानने के लिए अवश्य देखिए डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की बड़ी भूल | भाग - 1 Factful Debates YouTube Channel पर
Factful Debates YouTube
#✝चर्च #🕌मस्जिद 🤲 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏गुरु महिमा😇 #🧘सदगुरु जी🙏
#BigMistakeOf_DrBRAmbedkarJi
⚡ क्या बुद्ध धर्म अपनाकर बाबा साहेब ने कोई बड़ी भूल की? आइए जानते हैं बाबा साहेब की ही पुस्तक से
👉जानने के लिए अवश्य देखिए डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की बड़ी भूल | भाग - 1 Factful Debates YouTube Channel पर
#🙏गुरु महिमा😇 #🧘सदगुरु जी🙏 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🕌मस्जिद 🤲 #✝चर्च
#BigMistakeOf_DrBRAmbedkarJi
बुद्ध अहिंसावादी थे या करते थे पक्षियों का आहार?
डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की पुस्तक से गौतम बुद्ध और उनके धर्म से उठेगा पर्दा, बुद्ध अहिंसावादी थे या करते थे पक्षियों का आहार?
👉जानने के लिए अवश्य देखिए Factful Debates YouTube Channel पर
#✝चर्च #🕌मस्जिद 🤲 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🧘सदगुरु जी🙏 #🙏गुरु महिमा😇
#SpiritualLeaderSaintRampalJi
#tattvdarshisantrampalji
#TrueGuruSantRampalJi
#GreatestGuru_InTheWorld
#SaintRampalJiMaharaj
#SantRampalJiMaharaj
#AlmightyGodKabir
#MustListen_Satsang
Ishwar TV Satsang ।। 09-03-2026 ।। Episode: 3053 ।। Sant Rampal Ji Maharaj Live Satsang
https://youtube.com/live/y_omrVAPCog?si=AyJnmaxOzBXyRaTY
#🧘सदगुरु जी🙏 #🙏गुरु महिमा😇 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🕌मस्जिद 🤲 #✝चर्च
#SpiritualLeaderSaintRampalJi
#tattvdarshisantrampalji
#TrueGuruSantRampalJi
#GreatestGuru_InTheWorld
#SaintRampalJiMaharaj
#SantRampalJiMaharaj
#AlmightyGodKabir
#MustListen_Satsang
क्या अल-ख़िज़्र आज भी जीवित हैं? रमज़ान से जुड़ा बड़ा रहस्य | Sant Rampal Ji LIVE
https://www.facebook.com/share/v/1MncJs5CKJ/
#✝चर्च #🕌मस्जिद 🤲 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏गुरु महिमा😇 #🧘सदगुरु जी🙏










