P S Yadav Ajanabi
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#शब्द संवाद #🌞 Good Morning🌞 #❤️जीवन की सीख #☝अनमोल ज्ञान
शब्द संवाद - যরানী কা गाव सुनहरी अतीत का कैसा्थावो बैहतरीन पल ! मिलकर समी सजाते ये अपना कल ! आज तो अपने भी पड़ोसी बन गये हैॅ, वक्त ने दादिया अपनत्व भरा महल ! যরানী কা गाव सुनहरी अतीत का कैसा्थावो बैहतरीन पल ! मिलकर समी सजाते ये अपना कल ! आज तो अपने भी पड़ोसी बन गये हैॅ, वक्त ने दादिया अपनत्व भरा महल ! - ShareChat
#😂फनी जोक्स🤣 #शब्द संवाद
😂फनी जोक्स🤣 - मुगेरी ळाल खवरी सूचना मीडिया [కullate@ualu இலிவிலிகவி এরন্িলোনীমীও্ভাঞ্গীক mAI৬ ಕರಣಿಐಲೆಹ मुगेरी ळाल खवरी सूचना मीडिया [కullate@ualu இலிவிலிகவி এরন্িলোনীমীও্ভাঞ্গীক mAI৬ ಕರಣಿಐಲೆಹ - ShareChat
#शब्द संवाद #📓 हिंदी साहित्य #✍️ साहित्य एवं शायरी #📚कविता-कहानी संग्रह #जय श्री कृष्णा
शब्द संवाद - प्रेम ही राधा, प्रेम ही मीराऔर प्रेम ही कृष्णा है, त्याग और बलिदान हीइस प्रेम का सभर्पणहै! प्रेम ही राधा, प्रेम ही मीराऔर प्रेम ही कृष्णा है, त्याग और बलिदान हीइस प्रेम का सभर्पणहै! - ShareChat
#जय श्री कृष्णा #📚कविता-कहानी संग्रह #✍️ साहित्य एवं शायरी #📓 हिंदी साहित्य #शब्द संवाद
जय श्री कृष्णा - यह प्रेमुआदमी॰ को बेशक जिंदुगी भर तड़पाता है, लेकिन समर्पण के भावों से হনিম্ভাববন আনা ই! " यह प्रेमुआदमी॰ को बेशक जिंदुगी भर तड़पाता है, लेकिन समर्पण के भावों से হনিম্ভাববন আনা ই! - ShareChat
#📓 हिंदी साहित्य #शब्द संवाद #✍️ साहित्य एवं शायरी #📚कविता-कहानी संग्रह #जय श्री कृष्णा
📓 हिंदी साहित्य - घहुर्घ्टुधाुकातनुफनकषीएकदिक्तु ಔ೬ಝೌ भयानकहीबैशकचुखवक्त्की ভল্তভ! ತಕಹತ್ತಹತತತೆಹಹಾ आधार ಕಔ್ಕದತೊದಡರಾ eiteuul घहुर्घ्टुधाुकातनुफनकषीएकदिक्तु ಔ೬ಝೌ भयानकहीबैशकचुखवक्त्की ভল্তভ! ತಕಹತ್ತಹತತತೆಹಹಾ आधार ಕಔ್ಕದತೊದಡರಾ eiteuul - ShareChat
#जय हनुमान #जय बजरंगबली #जय श्री राम
जय हनुमान - 240212026 | Happy Jay Tuesday Hanuan Jay Shri Ram 240212026 | Happy Jay Tuesday Hanuan Jay Shri Ram - ShareChat
#शब्द संवाद #✍️ साहित्य एवं शायरी #📚कविता-कहानी संग्रह #📓 हिंदी साहित्य
शब्द संवाद - विद्रेष के जहर से नहीं होता राष्ट्र निर्माण। बिके हुए संस्कारीं से नहीं कभी कल्याण। सर्वजन हिताय ही होता सर्वजन सुखाय। महाभारत देखा नहीं, क्या समझे पाषाण। पी॰. एस यादव 'अजनवी ' विद्रेष के जहर से नहीं होता राष्ट्र निर्माण। बिके हुए संस्कारीं से नहीं कभी कल्याण। सर्वजन हिताय ही होता सर्वजन सुखाय। महाभारत देखा नहीं, क्या समझे पाषाण। पी॰. एस यादव 'अजनवी ' - ShareChat
#📓 हिंदी साहित्य #📚कविता-कहानी संग्रह #✍️ साहित्य एवं शायरी #शब्द संवाद
📓 हिंदी साहित्य - किसी धर्म या जाति पर कला एवं साहित्य का सृजन या प्रदर्शन करना  4 राष्ट्रीय हित का कार्य नहीं है बल्कि राष्ट्र के लिए घातक है क्योंकि साहित्य एवं कला समाज को जोड़ता है जो इसके  विपरीत चलता है साहित्यकार या एक तरह से राष्ट्र कलाकार नहीं बल्कि के लिए कलंक है। साहित्यकार भी एक तरह से संन्यासी है जिसके लिए அஜிதா सभी धर्म एवं जाति संप्रदाय एक समान हो जाते हैं। साहित्य एवं कला में आए हो तो साधना करना भी सीखिए जय श्री राधे कृष्णा  किसी धर्म या जाति पर कला एवं साहित्य का सृजन या प्रदर्शन करना  4 राष्ट्रीय हित का कार्य नहीं है बल्कि राष्ट्र के लिए घातक है क्योंकि साहित्य एवं कला समाज को जोड़ता है जो इसके  विपरीत चलता है साहित्यकार या एक तरह से राष्ट्र कलाकार नहीं बल्कि के लिए कलंक है। साहित्यकार भी एक तरह से संन्यासी है जिसके लिए அஜிதா सभी धर्म एवं जाति संप्रदाय एक समान हो जाते हैं। साहित्य एवं कला में आए हो तो साधना करना भी सीखिए जय श्री राधे कृष्णा - ShareChat
#शब्द संवाद #✍️ साहित्य एवं शायरी #📚कविता-कहानी संग्रह #📓 हिंदी साहित्य
शब्द संवाद - पत्थर सख्त होता है वह अक्सर टूट जाता है। अंहकार बढ़ने सेनिज नाता भी रूट जाता है। जिंदगी प्रेम भाईचारे से हमेशा खिलखिलती, भानु के छुपते ही रोशनी से साथ छूट  81 पत्थर सख्त होता है वह अक्सर टूट जाता है। अंहकार बढ़ने सेनिज नाता भी रूट जाता है। जिंदगी प्रेम भाईचारे से हमेशा खिलखिलती, भानु के छुपते ही रोशनी से साथ छूट  81 - ShareChat
#📓 हिंदी साहित्य #📚कविता-कहानी संग्रह #✍️ साहित्य एवं शायरी #शब्द संवाद
📓 हिंदी साहित्य - मोबाइल मुरादाबादी GIC खींच दी, ऐसी मोटी रेखा | मोबाइल आज एक मन मुटाव बिन बढ़ीं दूरियां , कभी ना ऐसा देखा। । दिखते दीवाने इसके, कोई ना इससे है छूटा। सब संबंधों का तारतम्य भी सब, दिखता है जैसे टूटा। पासन्पास बैठे हैं लेकिन एक दूरी बहुत बड़ी है।  कैसे पाएं इससे अब मुक्ति, सम्मुख आन खड़ी है।।l दीवार खडा मोबाइल, अपनेपन में ऐंठ। बन कर पर बैठा है तो ,पुत्र वहां पर देखो लेटा। ।  q46I सब अपने में व्यस्त दिखते, बतियाते ना बातें। बिना बात ही इक दूजे से, काटें दिन अरु रातें।l एकाकीपन का यह आलम, ले डूबेगा।  हमको ही छू लेगा। [ अब तनाव का कालचक्र यहः सबको आई विकास की आंधी या,है विनाश का तांडव। चैन छिना घर-्घर का ही॰ नृत्य करे अब मानव। | अद्भुत मोबाइल की, अटल मुखर हो गाई।  महिमा अभी नहीं संज्ञान लिया तो, पछताओगे भाई।।  मोबाइल मुरादाबादी GIC खींच दी, ऐसी मोटी रेखा | मोबाइल आज एक मन मुटाव बिन बढ़ीं दूरियां , कभी ना ऐसा देखा। । दिखते दीवाने इसके, कोई ना इससे है छूटा। सब संबंधों का तारतम्य भी सब, दिखता है जैसे टूटा। पासन्पास बैठे हैं लेकिन एक दूरी बहुत बड़ी है।  कैसे पाएं इससे अब मुक्ति, सम्मुख आन खड़ी है।।l दीवार खडा मोबाइल, अपनेपन में ऐंठ। बन कर पर बैठा है तो ,पुत्र वहां पर देखो लेटा। ।  q46I सब अपने में व्यस्त दिखते, बतियाते ना बातें। बिना बात ही इक दूजे से, काटें दिन अरु रातें।l एकाकीपन का यह आलम, ले डूबेगा।  हमको ही छू लेगा। [ अब तनाव का कालचक्र यहः सबको आई विकास की आंधी या,है विनाश का तांडव। चैन छिना घर-्घर का ही॰ नृत्य करे अब मानव। | अद्भुत मोबाइल की, अटल मुखर हो गाई।  महिमा अभी नहीं संज्ञान लिया तो, पछताओगे भाई।। - ShareChat