Shamshul Hayat
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#📒 मेरी डायरी
📒 मेरी डायरी - एक घर बनाते बनाते ज़िंदगी बीत जाती है और जब वो बनकर तैयार होता है... तो उसमें जीने की उम्र ही कम रह जाती है। ईट ईट जोड़ते हुए, हम अपने ही अरमानों को टालते जाते हैं "आज नहीं  कल सही  कहते ्कहते साल गुज़र जाते हैं। छत तो मिल जाती है सिर पर, में छूट  पर सुकून कहीं रास्तों గ్్; जाता और जिस घर के लिए जीते हैं पूरी उम्र... उसी में जीने का वक़्त कम पड़ जाता है। (Qurjnn Shukla_Maha एक घर बनाते बनाते ज़िंदगी बीत जाती है और जब वो बनकर तैयार होता है... तो उसमें जीने की उम्र ही कम रह जाती है। ईट ईट जोड़ते हुए, हम अपने ही अरमानों को टालते जाते हैं "आज नहीं  कल सही  कहते ्कहते साल गुज़र जाते हैं। छत तो मिल जाती है सिर पर, में छूट  पर सुकून कहीं रास्तों గ్్; जाता और जिस घर के लिए जीते हैं पूरी उम्र... उसी में जीने का वक़्त कम पड़ जाता है। (Qurjnn Shukla_Maha - ShareChat
#📒 मेरी डायरी
📒 मेरी डायरी - Logon ke dukh dard me unka sahara banna achha chahiye Par sach ye hai ki hota hai, aur banna bhi aksar insaan sirf tab tak hi aapko rakhta hail yaad jab tak wo dukh me hota hai. Jaise hi uske aansu rukte hain, wo aapki ahmiyat bhi bhool jata hai. Isliye sabke liye khade raho, par kisi se yeh rakhega ummeed mat rakho ki wo hamesha yaad Logon ke dukh dard me unka sahara banna achha chahiye Par sach ye hai ki hota hai, aur banna bhi aksar insaan sirf tab tak hi aapko rakhta hail yaad jab tak wo dukh me hota hai. Jaise hi uske aansu rukte hain, wo aapki ahmiyat bhi bhool jata hai. Isliye sabke liye khade raho, par kisi se yeh rakhega ummeed mat rakho ki wo hamesha yaad - ShareChat
#📒 मेरी डायरी
📒 मेरी डायरी - सत्रर्घ अलहष्द्लिल्जाह ख़ुदा का नाम लो, औरकिसी केसामने हाथमत फैलाओ तुम्हारे सब्र की वो గౌగ अल्लाह कि अलहम्दुलिल्लाह তড়া না जाओगे कहते थक लेकिन नेमत रुकेगी   नहीं।। सत्रर्घ अलहष्द्लिल्जाह ख़ुदा का नाम लो, औरकिसी केसामने हाथमत फैलाओ तुम्हारे सब्र की वो గౌగ अल्लाह कि अलहम्दुलिल्लाह তড়া না जाओगे कहते थक लेकिन नेमत रुकेगी   नहीं।। - ShareChat
#📒 मेरी डायरी
📒 मेरी डायरी - एक रिश्ते की सबसे बड़ी शर्त है भरोसा कोई आप पर कर ले... तो आपका भी कर्तव्य है की भरोसे कों टूटने ना दे..! आप उस एक रिश्ते की सबसे बड़ी शर्त है भरोसा कोई आप पर कर ले... तो आपका भी कर्तव्य है की भरोसे कों टूटने ना दे..! आप उस - ShareChat
#📒 मेरी डायरी
📒 मेरी डायरी - वक्त का काम है गुजरना 1 अच्छा है तो शुक्र करो, और बुरा है तो सब्र करो।  वक्त का काम है गुजरना 1 अच्छा है तो शुक्र करो, और बुरा है तो सब्र करो। - ShareChat
#📒 मेरी डायरी
📒 मेरी डायरी - ச खाए दानया इशान गााफल ज़रा कुछ तो ख़याल कर? जिन जायदादों को बनाने के लिए हलाल हराम की तमीज़ भूल बैठे हो, उसी घर से तुम्हें जाते हुए चारपाई भी नहीं मिलेगी , वो चारपाई भी मस्जिद से लाई जाएगी. ச खाए दानया इशान गााफल ज़रा कुछ तो ख़याल कर? जिन जायदादों को बनाने के लिए हलाल हराम की तमीज़ भूल बैठे हो, उसी घर से तुम्हें जाते हुए चारपाई भी नहीं मिलेगी , वो चारपाई भी मस्जिद से लाई जाएगी. - ShareChat
#📒 मेरी डायरी
📒 मेरी डायरी - अल्लाह किन लोगों मोहब्बत करता ९१ "बेशक , अल्लाह सब्र करने वालों से मोहब्बत करता है।  SURAIAL IMRAI3:146  अल्लाह तौबा करने वालों से मोहब्बत करता है। " SURAH ALBAOARAHAYAT २२२२ अल्लाह पाक रहने वालों से मोहब्बत करता है। " 31 SURAH ALTAUBAH 9:108 अल्लाह इंसाफ करने वालों से मोहब्बत करता है। " SURAH AL-MA IDAH 5.42 ಏಂ್ U UUU| अल्लाह किन लोगों मोहब्बत करता ९१ "बेशक , अल्लाह सब्र करने वालों से मोहब्बत करता है।  SURAIAL IMRAI3:146  अल्लाह तौबा करने वालों से मोहब्बत करता है। " SURAH ALBAOARAHAYAT २२२२ अल्लाह पाक रहने वालों से मोहब्बत करता है। " 31 SURAH ALTAUBAH 9:108 अल्लाह इंसाफ करने वालों से मोहब्बत करता है। " SURAH AL-MA IDAH 5.42 ಏಂ್ U UUU| - ShareChat
#📒 मेरी डायरी
📒 मेरी डायरी - ககிடு अल्लोह कभी कभी अल्लाह के फ़ैसले इंसान को तकलीफ़ देते हैं॰ मगर वही फ़ैसले इंसान को उस मुक़ाम तक ले जाते हैं जहाँ दुआ करने वाला भी हैरान रह जाता है..! ககிடு अल्लोह कभी कभी अल्लाह के फ़ैसले इंसान को तकलीफ़ देते हैं॰ मगर वही फ़ैसले इंसान को उस मुक़ाम तक ले जाते हैं जहाँ दुआ करने वाला भी हैरान रह जाता है..! - ShareChat
#📒 मेरी डायरी
📒 मेरी डायरी - हर किसी को अपनी "सफ़ाई " देने में अपनी " अहमियत " मत खो देना. क्योंकि. @ాT अक्सर "सच्चाई" எ6, মমন্সন "इल्ज़ाम " लगाने आते हैं. बस किरदार इतना रखो कि বুরুলন अपना झूठ की धूप भी, वज़ूद का साया कम न कर सके. तुम्हारे लोगों की " सोच " से नहीं, अपने " ज़मीर " और अल्लाह की " नज़र " से खुद को परखो।। हर किसी को अपनी "सफ़ाई " देने में अपनी " अहमियत " मत खो देना. क्योंकि. @ాT अक्सर "सच्चाई" எ6, মমন্সন "इल्ज़ाम " लगाने आते हैं. बस किरदार इतना रखो कि বুরুলন अपना झूठ की धूप भी, वज़ूद का साया कम न कर सके. तुम्हारे लोगों की " सोच " से नहीं, अपने " ज़मीर " और अल्लाह की " नज़र " से खुद को परखो।। - ShareChat
#📒 मेरी डायरी
📒 मेरी डायरी - मेरे पास तो बस अर्ज़ी है या रब, बाक़ी सब तेरी मर्जी है या रब मेरे पास तो बस अर्ज़ी है या रब, बाक़ी सब तेरी मर्जी है या रब - ShareChat