Shamshul Hayat
ShareChat
click to see wallet page
@2942218835
2942218835
Shamshul Hayat
@2942218835
मुझे ShareChat पर फॉलो करें!
#📒 मेरी डायरी
📒 मेरी डायरी - MEETHI_BATAIN रसूलुल्लाह #७e ने फरमायाः "नबी नूह अलैहिस्सलाम ने अपनी वफ़ात के अपने बेटे से कहाः सुब्हानल्लाहि व समय बिहम्दिही ' पढ़ा करो , क्योंकि यह हर चीज़ की नमाज़ है और  की बरकत से तमाम मख़लूक़ इसी को रिज़्क़ दिया जाता है। " MEETHI_BATAIN रसूलुल्लाह #७e ने फरमायाः "नबी नूह अलैहिस्सलाम ने अपनी वफ़ात के अपने बेटे से कहाः सुब्हानल्लाहि व समय बिहम्दिही ' पढ़ा करो , क्योंकि यह हर चीज़ की नमाज़ है और  की बरकत से तमाम मख़लूक़ इसी को रिज़्क़ दिया जाता है। " - ShareChat
#📒 मेरी डायरी
📒 मेरी डायरी - ShareChat
00:24
#📒 मेरी डायरी
📒 मेरी डायरी - यकीन मजबूत हो तो, अल्लाह 3 का हर फैसला सुकून देता है.! यकीन मजबूत हो तो, अल्लाह 3 का हर फैसला सुकून देता है.! - ShareChat
#📒 मेरी डायरी
📒 मेरी डायरी - तुफान चाहें कितना भी बड़ा क्यों ना हों, कश्ती अगर अल्लाह के भरोसे Follow /Maltbub Ahmao है तो किनारा जरूर मिलेगा| इंशाअल्लाह तुफान चाहें कितना भी बड़ा क्यों ना हों, कश्ती अगर अल्लाह के भरोसे Follow /Maltbub Ahmao है तो किनारा जरूर मिलेगा| इंशाअल्लाह - ShareChat
#📒 मेरी डायरी
📒 मेरी डायरी - नमाज़ , रिज़्क़ और नसीब ज़िंदगी को सुकून देने वाली बातें नमाज़ की अहमियत दुनिया के काम कभी खत्म नहीं होंगे, लेकिन नमाज़ का वक़्न्त निकल जाए तो लौटकर नहीं आता| अपनी मशरूफ़ियत में से थोड़ा वक़्त उस रब के लिए निकालिए जिसने आपको यह वक़्त अता फ़रमाया है। रिज़्क़ की फ़िक़ क्यों? रोज़ी की फ़िक्र में खुद को परेशान न करें। ُمّللا रिज़्क़ का जिम्मा अल्लाह तआला ने लिया है। मेहनत करते रहिए और भरोसा उसी पर रखिए जो परिंदों को भी भूखा नहीं सुलाता। नसीब और यक़ीन जो आपके नसीब में लिखा है॰ वह हर हाल में आपको मिलेगा| और जो आपके हिस्से में नहीं है, उसे पूरी दुनिया मिलकर  भी आपको नहीं दे सकती। कीजिए और रखिए  इसलिए अल्लाह पर यक़ीन মন नेक रास्ते पर चलते रहिए। दुआ अल्लाह तआला हमें नमाज़ की पाबंदी, हलाल रिज़्क़ और मज़बूत यक़ीन नसीब फ़रमाए। आमीन नमाज़ , रिज़्क़ और नसीब ज़िंदगी को सुकून देने वाली बातें नमाज़ की अहमियत दुनिया के काम कभी खत्म नहीं होंगे, लेकिन नमाज़ का वक़्न्त निकल जाए तो लौटकर नहीं आता| अपनी मशरूफ़ियत में से थोड़ा वक़्त उस रब के लिए निकालिए जिसने आपको यह वक़्त अता फ़रमाया है। रिज़्क़ की फ़िक़ क्यों? रोज़ी की फ़िक्र में खुद को परेशान न करें। ُمّللا रिज़्क़ का जिम्मा अल्लाह तआला ने लिया है। मेहनत करते रहिए और भरोसा उसी पर रखिए जो परिंदों को भी भूखा नहीं सुलाता। नसीब और यक़ीन जो आपके नसीब में लिखा है॰ वह हर हाल में आपको मिलेगा| और जो आपके हिस्से में नहीं है, उसे पूरी दुनिया मिलकर  भी आपको नहीं दे सकती। कीजिए और रखिए  इसलिए अल्लाह पर यक़ीन মন नेक रास्ते पर चलते रहिए। दुआ अल्लाह तआला हमें नमाज़ की पाबंदी, हलाल रिज़्क़ और मज़बूत यक़ीन नसीब फ़रमाए। आमीन - ShareChat
#📒 मेरी डायरी
📒 मेरी डायरी - अगर किसी इंसान को वजह से तुम्हारी तकलीफ होती है तो सारे सजदे बेकार तुम्हारे 6 अगर किसी इंसान को वजह से तुम्हारी तकलीफ होती है तो सारे सजदे बेकार तुम्हारे 6 - ShareChat
#📒 मेरी डायरी
📒 मेरी डायरी - बुरे के साथ बुरा करने की जब बारी आई तो, अंदर से आवाज़ आई मत करना ऐसा क्योंकि और उनमें यही अंतर है तुझ्में कि तुम उन जैसे नहीं बुरे के साथ बुरा करने की जब बारी आई तो, अंदर से आवाज़ आई मत करना ऐसा क्योंकि और उनमें यही अंतर है तुझ्में कि तुम उन जैसे नहीं - ShareChat
#📒 मेरी डायरी
📒 मेरी डायरी - |))) अल्लाह पर भरोसा अल्लाह पर इतना भरोसा रखो कि अगर पूरी खिलाफ हो जाए दुनिया तुम्हारे "मेरा अल्लाह मेरे साथ हे।" तब भी मुस्कुरा कर कहो | क्योंकि _ जिसके दिल में अल्लाह होता है उसे किसी और का डर नहीं होता। बेशक वही सबसे बड़ा सहारा है। |))) अल्लाह पर भरोसा अल्लाह पर इतना भरोसा रखो कि अगर पूरी खिलाफ हो जाए दुनिया तुम्हारे "मेरा अल्लाह मेरे साथ हे।" तब भी मुस्कुरा कर कहो | क्योंकि _ जिसके दिल में अल्लाह होता है उसे किसी और का डर नहीं होता। बेशक वही सबसे बड़ा सहारा है। - ShareChat
#📒 मेरी डायरी
📒 मेरी डायरी - (ख़ुदा की मर्ज़ी पे सर झुकाना) इमाम जाफ़र सादिक़ (अ.स.) फ़रमाते हैंः মুমীনন ক বরন: जब बंदा ला हौला वला क़ूवता इल्ला बिल्लाह (दिल से समझ कर) कहता है तो ख़ुदा फ़रिश्तों से कहता है की मेरे बन्दे ने मेरी इताअत के लिए सर झुका दिया (यानी मेरी क़ूवत और लिए फ़ैसले को मान लिया) इस अब इसकी हाजतों को पूरा करो.. (ख़ुदा की मर्ज़ी पे सर झुकाना) इमाम जाफ़र सादिक़ (अ.स.) फ़रमाते हैंः মুমীনন ক বরন: जब बंदा ला हौला वला क़ूवता इल्ला बिल्लाह (दिल से समझ कर) कहता है तो ख़ुदा फ़रिश्तों से कहता है की मेरे बन्दे ने मेरी इताअत के लिए सर झुका दिया (यानी मेरी क़ूवत और लिए फ़ैसले को मान लिया) इस अब इसकी हाजतों को पूरा करो.. - ShareChat
#📒 मेरी डायरी
📒 मेरी डायरी - जीवन का नया नज़रिया कुबूल है जिंदगी का हर तोहफ़ा मैंने ख्वाहिशों का नाम, बताना छोड़ दिया जो दिल के क़रीब हैं , वो मेरे अज़ीज़ है मैंने गैरों पे हक़ जताना छोड़ दिया जो समझ ही नहीं सकते दर्द मेरा मैंने उन्हें ज़ख्म दिखाना छोड़ दिया गुजरती हैं दिल पे हक़ीक़त हैं मेरी जो लिए, मैंने दिखावे के मुस्कुराना छोड़ दिया जो महसूस ही नहीं करते ज़रूरत मेरी मैंने उनका साथ निभाना छोड़ दिया , जो चाहतें है रहना बस नाराज़ मुझसे मैंने उन्हें बार बार, मनाना छोड़ दिया जो मेरे अपने हैं , वो मिलेंगे ज़रूर मुझे मैंने बेवजह बंदिशे, लगाना छोड़ दिया जीवन का नया नज़रिया कुबूल है जिंदगी का हर तोहफ़ा मैंने ख्वाहिशों का नाम, बताना छोड़ दिया जो दिल के क़रीब हैं , वो मेरे अज़ीज़ है मैंने गैरों पे हक़ जताना छोड़ दिया जो समझ ही नहीं सकते दर्द मेरा मैंने उन्हें ज़ख्म दिखाना छोड़ दिया गुजरती हैं दिल पे हक़ीक़त हैं मेरी जो लिए, मैंने दिखावे के मुस्कुराना छोड़ दिया जो महसूस ही नहीं करते ज़रूरत मेरी मैंने उनका साथ निभाना छोड़ दिया , जो चाहतें है रहना बस नाराज़ मुझसे मैंने उन्हें बार बार, मनाना छोड़ दिया जो मेरे अपने हैं , वो मिलेंगे ज़रूर मुझे मैंने बेवजह बंदिशे, लगाना छोड़ दिया - ShareChat