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वायरल न्यूज खबरे कुछ हटके सबसे तेज
लखनऊ में जब पहली बार म्युनिसिपैलिटी के चुनाव हुए, तो चौक से अपने ज़माने की मशहूर तवायफ़, महफ़िलों की रौनक और नज़ाकत की मिसाल — दिलरुबा जान — उम्मीदवार बनीं। उनके रुतबे और लोकप्रियता का ऐसा असर था कि कोई भी उनके मुक़ाबिल खड़ा होने को तैयार न हुआ। उन्हीं दिनों चौक में एक नाम बड़े अदब से लिया जाता था — हकीम शम्शुद्दीन साहेब। दवाख़ाना भी था, शोहरत भी, और मरीज़ों की भीड़ भी। दोस्तों ने ज़ोर-ज़बरदस्ती उन्हें दिलरुबा जान के मुक़ाबिल मैदान-ए-इंतिख़ाब में उतार दिया। दिलरुबा जान का प्रचार शबाब पर था। चौक में हर शाम महफ़िलें सजतीं, मशहूर नर्तकियाँ बुलायी जातीं, और हुजूम उमड़ पड़ता। उधर हकीम साहेब के साथ बस वही गिने-चुने दोस्त थे, जिन्होंने उन्हें इस आज़माइश में धकेला था। हकीम साहेब खिन्न होकर बोले, “तुम लोगों ने तो मुझे पिटवा ही दिया, हार अब मुक़द्दर है।” दोस्तों ने हिम्मत न हारी और एक नारा गढ़ा — “है हिदायत चौक के हर वोटर-ए-शौक़ीन को, दिल दीजिए दिलरुबा को, वोट शम्शुद्दीन को!” जवाब में दिलरुबा जान ने अपनी नज़ाकत से तराशा हुआ नारा दिया — “है हिदायत चौक के हर वोटर-ए-शौक़ीन को, वोट दीजिए दिलरुबा को, नब्ज़ शम्शुद्दीन को!” नतीजा वही हुआ जो लखनवी ज़ेहनियत से मेल खाता था। हकीम साहेब का नारा दिलों में उतर गया और वो चुनाव जीत गए। लखनऊ की तहज़ीब देखिए कि दिलरुबा जान ख़ुद हकीम साहेब के घर तशरीफ़ लाईं, मुबारकबाद पेश की और मुस्कुराकर बोलीं — “मैं इंतिख़ाब हार गई और आप जीते, मुझे इसका कोई मलाल नहीं। मगर आपकी जीत ने एक हक़ीक़त साबित कर दी है ‘लखनऊ में मर्द कम हैं, मरीज़ ज़्यादा साभार अज्ञात #🎞️आज के वायरल अपडेट्स #🎤 आज के दिन का इतिहास #🌷भाजपा 🟠 #✋कांग्रेस 🔵 #🚲समाजवादी पार्टी👍
🎞️आज के वायरल अपडेट्स - महानयर युनाव १९५७ किसे देंगे अवना वोट? हिकीन दिजुबेकर  औरपोहब्बतकी ய VS हृकीमशमशुद्दीन दिलरुचा जान அச்சிசனue आपका हमददडकीम d6 रोटदें आपकी किस्मत, आपका फैसला ! महानयर युनाव १९५७ किसे देंगे अवना वोट? हिकीन दिजुबेकर  औरपोहब्बतकी ய VS हृकीमशमशुद्दीन दिलरुचा जान அச்சிசனue आपका हमददडकीम d6 रोटदें आपकी किस्मत, आपका फैसला ! - ShareChat
पटना में नीट की तैयारी कर रही जहानाबाद की छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले ने अब एक नया मोड़ ले लिया है. अब इस प्रकरण में पुलिस द्वारा दी गई प्रारंभिक जानकारी और मेडिकल बोर्ड की विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बीच बड़े अंतर सामने आए हैं.नीट छात्रा की संदिग्ध मौ त ने अब एक ऐसा राजनीतिक और प्रशासनिक तूफान खड़ा कर दिया है, जिसकी तपिश में कई रसूखदार चेहरे झुलस सकते हैं. मामला अब केवल एक छात्रा की मौ त का नहीं रह गया है, बल्कि यह एक हाई-प्रोफाइल 'कवर-अप' की कहानी बयां कर रहा है. स्थानीय लोगों और सूत्रों के अनुसार इस हॉस्टल के बाहर शाम ढलते ही लग्जरी गाड़ियों की लंबी कतारें लगा करती थीं. सवाल यह है कि उन गाड़ियों में कौन आता था और उनका इस हॉस्टल के भीतर क्या काम था? क्या इन हाई-प्रोफाइल चेहरों को बचाने के लिए ही पुलिस और डॉक्टरों ने 'सुसाइड' की झूठी पटकथा लिखी?शुरुआत में पटना के एएसपी सदर अभिनव कुमार और सीनियर एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने जिस तरह से इस मामले को 'नींद की गोलियों का सेवन' और 'सु साइड सर्च हिस्ट्री' से जोड़कर पेश किया, वह अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट के सामने आने के बाद पूरी तरह बेनकाब हो गया है. पुलिस ने दावा किया था कि छात्रा के शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं हैं. लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने जो हकीकत बयां की है, वह रूह कंपा देने वाली है. मृतका की गर्दन पर नाखूनों के निशान, दाहिनी जुगुलर नस में पंक्चर और शरीर के विभिन्न अंगों जैसे छा ती, जां घ और पीठ पर नीले निशान मिले हैं. सबसे भयानक बात यह है कि जननांगों यानी प्राइ वेट पार्ट पर मिली चोटें साफ तौर पर जबरन शारीरिक सं बं ध और द रिंदगी की ओर इशारा कर रही हैं.5 जनवरी की रात 9 बजे छात्रा ने अपने माता-पिता से सामान्य बातचीत की थी. उसने कहा था कि वह खाना खाने जा रही है. लेकिन 6 जनवरी को वह हॉस्टल के भीतर बेहोश पाई गई. इस दरमियान जो कुछ भी हुआ, वही इस मर्डर मिस्ट्री का केंद्र है. हॉस्टल की वार्डन नीतू ठाकुर ने लड़की के माता-पिता को सूचित करने के बजाय उसकी एक सहेली के पिता जो एक्स-सर्विसमैन हैं को फोन क्यों किया? माता-पिता से सच क्यों छिपाया गया? क्या इस बीच साक्ष्यों को मिटाने की कोशिश की गई?हॉस्टल के मालिक मनीष कुमार रंजन, संचालक श्रवण अग्रवाल और उनकी पत्नी नीलम अग्रवाल अब जांच के घेरे में हैं. मनीष कुमार रंजन की गिरफ्तारी तो हुई, लेकिन उसे रिमांड पर लेकर पुलिस ने कड़ी पूछताछ क्यों नहीं की? परिजनों का आरोप है कि मनीष रंजन के प्राइवेट बॉडीगार्ड्स अस्पताल में उन्हें घेरे रहते थे और नीलम अग्रवाल केस मैनेज करने की कोशिश कर रही थी. चित्रगुप्त नगर की थानेदार रोशनी कुमारी पर भी उंगलियां उठ रही हैं. क्या उन्होंने रसूखदारों के दबाव में आकर शुरुआती जांच को जानबूझकर कमजोर किया? क्या हॉस्टल की अन्य लड़कियों के बयान रिकॉर्ड किए गए?शाहजानंद क्लीनिक से लेकर प्रभात मेमोरियल अस्पताल तक इलाज के नाम पर जो खेल हुआ, वह संदिग्ध है. डॉक्टर सतीश की भूमिका और उनकी शुरुआती रिपोर्ट जिसमें चोट के निशान न होने की बात कही गई थी, अब संदेह के घेरे में है. मृतका के मामा ने बताया कि अस्पताल में जब लड़की को कुछ पलों के लिए होश आया, तो वह अपनी मां से कुछ कहना चाहती थी. जब मां ने पूछा कि क्या उसके साथ कुछ गलत हुआ है, तो उसकी आंखों से आंसू छलक पड़े. वह कुछ बोल नहीं पाई और फिर सदा के लिए खामोश हो गई. क्या उसे जबरन चुप कराने के लिए कोई इंजेक्शन दिया गया था?अब इस पूरे मामले की जांच आईजी जितेंद्र राणा के नेतृत्व में गठित एसआईटी (SIT) कर रही है. उनके सामने कई सुलगते सवाल हैं: 1-लड़की के वे कपड़े कहां हैं जो उसने वारदात के वक्त पहने थे? 2-मोबाइल फोन से डिलीट किया गया डेटा क्या राज उगलेगा? 3-हॉस्टल के रजिस्टर से अतिथियों के नाम गायब क्यों हैं? 4-हॉस्टल का गार्ड उस रात कहां था? 5-विसरा रिपोर्ट आने से पहले पुलिस ने सुसाइड का दावा कैसे किया? 6- सीसीटीवी शंभू गर्ल्स हॉस्टल के आगे में लगा है, लेकिन गली वाले गेट पर सीसीटीवी क्यों नहीं लगा था? क्या इसी गेट से आरोपी हॉस्टल के अंदर घुसे? कुलमिलाकर एम्स के विशेषज्ञों की राय और फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट अब इस मामले में अंतिम कील साबित होगी. पटना पुलिस की साख दांव पर है. अगर उन लग्जरी गाड़ियों वाले हाई-प्रोफाइल चेहरों के नाम सामने नहीं आए, तो यह बिहार के सिस्टम पर सबसे बड़ा धब्बा होगा. एक मां अब भी अपनी बेटी के इंसाफ के लिए दर-दर भटक रही है, जबकि सिस्टम के कुछ पुर्जे आज भी दरिंदों को ढाल प्रदान कर रहे हैं. #🎞️आज के वायरल अपडेट्स #🔴 क्राइम अपडेट #📰 बिहार अपडेट #🚘अक्षय कुमार की कार का भयानक एक्सीडेंट 😱 #😢मशहूर फैशन डिजाइनर का निधन 🙏
🎞️आज के वायरल अपडेट्स - GUUSACH 0 होते ही शंभू गर्ल्स हॉस्टल के शाम बाहर लगती थी लग्जरी गा़ड़ियों की लाइन, SIT के रडार पर कौन हैं ये 5 चेहरे? GUUSACH 0 होते ही शंभू गर्ल्स हॉस्टल के शाम बाहर लगती थी लग्जरी गा़ड़ियों की लाइन, SIT के रडार पर कौन हैं ये 5 चेहरे? - ShareChat
#🎞️आज के वायरल अपडेट्स #🎤 आज के दिन का इतिहास #🕉️सनातन धर्म🚩 #🌐 राष्ट्रीय अपडेट #🚘अक्षय कुमार की कार का भयानक एक्सीडेंट 😱
🎞️आज के वायरल अपडेट्स - Josh अजमेर दरगाह मामला शिव मंदिर होने के दावे पर सिविल कोर्ट ने याचिका की स्वीकार Josh अजमेर दरगाह मामला शिव मंदिर होने के दावे पर सिविल कोर्ट ने याचिका की स्वीकार - ShareChat
भारतीय सेना ने युद्ध के बदलते स्वरूप को देखते हुए एक नई बटालियन तैयार की है, जिसका नाम रखा है 'भैरव'। भैरव का मतलब होता है जिसको ना डर हो ना पश्चाताप हो। इसी बात को ध्यान में रखकर भैरव बटालियन बनी है। भैरव भगवान शिव के रौद्र रूप का प्रतीक है। इसका नाम भगवान शिव के रौद्र रूप ‘भैरव' पर रखा गया है. जो दुश्मनों के लिए काल माने जाते हैं। इसके प्रतीक पर लिखा है कि अदृश्य और अदम्य। यह बटालियन चीन और पाकिस्तान से लगी सीमाओं के साथ-साथ देश के भीतर किसी भी ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए पूरी तरह सक्षम है। 250 सैनिकों की इस टुकड़ी में इंफेंट्री, आर्टिलरी, एयर डिफेंस, सिग्नल और अन्य सपोर्ट यूनिट्स के जवान शामिल हैं। क्यों पड़ी भैरव बटालियन की जरूरत? बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद इंडियन आर्मी को एक ऐसी यूनिट की जरूरत महसूस हुई जो, दुश्मन की सीमा में गहराई तक घुसकर कार्रवाई कर सके। आतंकी लॉन्च पैड और फॉरवर्ड पोस्ट को नष्ट कर सके, इसी जरूरत ने भैरव बटालियन को जन्म दिया। जैसा कि आप जानते हैं स्पेशल फोर्सज स्ट्रैटेजिक ऑपरेशन के लिए होती है और साथ में जो घातक होती है वह टैक्टिकल ऑपरेशन में काम करती है। इन दोनों के बीच का जो गैप है उसके लिए भैरव का निर्माण किया गया है। यह यूनिट इन्फेंट्री बटालियन के घातक कमांडो और स्पेशल फोर्सेज (पैरा-SF) के बीच की रणनीतिक कड़ी के रूप में काम करेगी। इसका उद्देश्य आर्मी को और अधिक लीन, फुर्तीली और घातक बनाना है। #😱सुरक्षाबलों-आतंकियों में मुठभेड़, 8 जवान घायल🗞️ #🎞️आज के वायरल अपडेट्स #🌐 राष्ट्रीय अपडेट #🎤 आज के दिन का इतिहास #I ❤️️ इंडियन आर्मी 🇮🇳
😱सुरक्षाबलों-आतंकियों में मुठभेड़, 8 जवान घायल🗞️ - दुनियां के सामने आई पहला बार भारतीय सेना की नई भैरव बटालियन Dainik Circle Dainik circle PC: PTI  दुनियां के सामने आई पहला बार भारतीय सेना की नई भैरव बटालियन Dainik Circle Dainik circle PC: PTI - ShareChat
जब निकाह की रस्में शुरू होने वाली थीं (जय भीम जय मीम बाद में कर लेना पहले खुद तो एक हो जाओ) हरियाणा के यमुनानगर जिले के गांव लापरा में पंजाब से आई एक बारात चर्चा का विषय बनी हुई है. सिर पर सेहरा सजाकर दूल्हा पहुंचा तो था दुल्हन लेने लेकिन आ गया थाने में. दरअसल बिरादरी की गलत जानकारी देने के चलते लड़की वालों ने शादी से इंकार कर दिया. पुलिस स्टेशन में दोनों पक्ष घंटों तक आमने-सामने रहे. तर्क वितर्क हुए लेकिन आखिरकार दूल्हा बिना दुल्हन लौट गया. बता दें कि दूल्हा दुल्हन दोनों मुस्लिम समुदाय से हैं. मगर दोनों की बिरादरी अलग अलग है. रिपोर्टों के अनुसार, लड़की पक्ष मल्लाह बिरादरी से था, जबकि लड़का पक्ष तेली बिरादरी से संबंधित था। आरोप है कि रिश्ता करवाने वाले ने यह अहम बात छुपा कर रखी थी. शादी से दो-तीन दिन पहले लड़की वालों को असली बिरादरी पता चल चुकी थी और उन्होंने शादी से इनकार कर दिया था मगर इसके बावजूद दूल्हा बारात लेकर निकाह करने पहुंच गया था. #💑शादियों के मजेदार मीम्स😂 #😲दर्दनाक ट्रेन हादसा: 39 की मौत, 73 गंभीर🚅 #😮चांदी 3 लाख के पार, सोने में भी भारी उछाल🥈🪙 #🫨सुबह-सुबह भूकंप से डोली दिल्ली, कांपे लोग🗞️ #🗞️बीजेपी में 'नबीन' अध्याय, किया नामांकन✍️
💑शादियों के मजेदार मीम्स😂 - पंजाब से बारात लेकर हरियाणा पहुंचा दूल्हा, दुल्हन ने निकाह से किया इनकार, लौटना पड़ा खाली हाथ पंजाब से बारात लेकर हरियाणा पहुंचा दूल्हा, दुल्हन ने निकाह से किया इनकार, लौटना पड़ा खाली हाथ - ShareChat
गुजरात के अहमदाबाद में वंदे भारत ट्रैन में एक लैपटॉप चोरी होता है। जब रेलवे पुलिस जांच करती है तब CCTV में उन्हें एक व्यक्ति लैपटॉप का बैग ले जाता हुआ दिखता है पुलिस ने जिस मोबाइल नंबर से सीट बुक हुई थी उस नंबर को सर्विलेंस पर डाल दिया। इसके बाद चोर की लोकेशन दिल्ली की आती है, फौरन पुलिस की एक टीम दिल्ली के लिए निकलती है और जब ये टीम वहां की लोकल पुलिस के साथ उस होटल में पहुंचती है तब हर्षित चौधरी बना हुआ ये व्यक्ति शराब पी रहा था। पुलिस जैसे ही इसे पकड़ती है तो यह कहता है कि मैं सेना में मेजर हूँ और यह बैग गलती से मेरे पास आ गया था। सेना का नाम सुनकर पुलिस थोड़ा झिझकती है पर CCTV में यह व्यक्ति साफ साफ चोरी करता दिख रहा था तो पुलिस इसकी पूछताछ करना शुरू करती है तब यह सेना का एक फर्जी ID कार्ड पुलिस को देता है और बार बार अपना नाम हर्षित चौधरी बताता है। इसके बाद पुलिस इसकी ड्यूटी की जगह पूछती है और इसके बताये पोस्टिंग की जगह पर जब सेना से पता करती है तब असली खुलासा होता है। वास्तव मे इस व्यक्ति का असली नाम मोहम्मद शाहबाज खान था जो फर्जी तौर पर सेना का मेजर हर्षित चौधरी बना हुआ था, इसकी पहचान नकली होने के साथ साथ काफी डॉक्युमेंट भी नकली थे। मोहम्मद शाहबाज खान अलीगढ़ का रहने वाला एक शादी शुदा व्यक्ति है जिसके 2 बच्चे भी थे, यह 2015 में सेना का सिपाही था मगर अनुशासन हीनता के चलते इसे फौज से निकाल दिया गया था और फिर ये चोरी चकारी करने लगा। अभी यह सब जांच चल ही रही थी कि पुलिस के पास इसके जब्त मोबाइल में एक महिला का फ़ोन आता है और उसके बाद एक हैरान करने वाला कांड और सामने आता है। इस आदमी ने अपनी इस हिन्दू पहचान और मेजर की फर्जी पहचान के सहारे 100 से अधिक हिन्दू महिलाओं के साथ शादी डॉट कॉम के जरिये संपर्क किया जिसमें से 40 से 50 को ये आमने सामने मिल चुका था इसी नकली पहचान के साथ और उनमें से कई के लाखो रुपये लूट चुका था। पुलिस ने खुलासा किया है कि बड़े घरों की नौकरीपेशा अब तक कम से कम 24 लड़कियों के साथ यह शारीरिक संबंध बना चुका है जबकि एक लड़की के साथ LJ करके इसने मंदिर में शादी कर ली और उसे अलीगढ़ के ही एक मकान में किराए पर रखा हुआ था। ये उसी लड़कीं का फ़ोन था जो खुद को इसकी पत्नी बता रही थी। अब ये अहमदाबाद जेल में है और इससे कड़ी पूछताछ की जा रही है साथ मे यह भी जांच की जा रही है कि इसने और क्या क्या किया है। इस ने जिस लड़की से पहचान छुपा कर शादी की उसने भी इसके खिलाफ अलीगढ़ के ही एक थाने में FIR करवा दी है, उसने अपनी FIR में मारपीट, अप्राकृतिक फैक्स और LJ सहित धर्मांतरण के दबाव का मामला दर्ज करवाया है। इसके अलावा जो नकली पहचान इसने बनाई थी वह भरतपुर, राजस्थान के किसी हर्षित जादौन नाम के व्यक्ति की थी जिससे पुलिस ने संपर्क किया जिसके बाद अब उसने भी मोहम्मद शाहबाज खान पर FIR दर्ज करवा दी है। इसके द्वारा कितनी महिलाओं का शोषण और किया गया है इसकी जांच अभी जारी है और यह संख्या बढ़ भी सकती है। न जाने कितनी लड़कियों की जिंदगी इसने बर्बाद कर दी। साभार.. #🎞️आज के वायरल अपडेट्स #🌐 राष्ट्रीय अपडेट #😲दर्दनाक ट्रेन हादसा: 39 की मौत, 73 गंभीर🚅 #😮चांदी 3 लाख के पार, सोने में भी भारी उछाल🥈🪙 #🗞️बीजेपी में 'नबीन' अध्याय, किया नामांकन✍️
🎞️आज के वायरल अपडेट्स - कहा कहा ध्यान रखा जाए ऐसे लोगों @l, CORo 0ಭ1 ufuidmn AaT @Aa Haralut Cha ry 0o 43 a 3 IDAYARVIn कहा कहा ध्यान रखा जाए ऐसे लोगों @l, CORo 0ಭ1 ufuidmn AaT @Aa Haralut Cha ry 0o 43 a 3 IDAYARVIn - ShareChat
#🪔शुभ शनिवार🙏 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🛕विराट कोहली पहुंचे महाकाल के द्वार 🙏
🪔शुभ शनिवार🙏 - ShareChat
10 फरवरी 1985 को महाराष्ट्र के नागपुर में एक बच्चे का जन्म हुआ। जन्म के महज तीन दिन बाद ही उसकी मां ने उसे छोड़ दिया। 1 महीने तक वो बच्चा अनाथ आश्रम में रहा और फिर मुंबई घूमने आए डच कपल ने बच्चे को गोद ले लिया। वो उसे अपने साथ नीदरलैंड ले गए। इस घटना को 41 साल हो गए हैं। नीदरलैंड में बच्चे की परवरिश हुई और आज वो नीदरलैंड के एक शहर का मेयर बन चुका है। उनका नाम है फाल्गुन बिनेनडिज्क, जो 41 साल की उम्र में अपनी मां को ढूंढने के लिए भारत आए हैं। आधिकारिक रिकॉर्ड्स के अनुसार, फाल्गुन की मां 21 वर्षीय अविवाहित युवती थी, जिसमें समाज के डर से अपने बच्चे को तीन दिन बाद की नागपुर के MSS में छोड़ दिया था। ये जगह अनाथ बच्चों और पीड़ित महिलाओं के लिए है। MSS की एक नर्स ने बच्चे को नाम दिया था। दरअसल हिंदू कैलेंडर के अनुसार, फरवरी के महीने को फाल्गुन कहा जाता है। बच्चे का जन्म भी फरवरी में हुआ था, जिसके कारण नर्स ने उन्हें फाल्गुन कहना शुरू कर दिया। कुछ हफ्तों बाद फाल्गुन को मुंबई लाया गया, जहां 1 डच कपल ने उन्हें गोद ले लिया। फाल्गुन नीदरलैंड में ही पले-बढ़े। उन्हें भारत के बारे में कुछ पता नहीं था। उन्होंने सिर्फ भूगोल की किताबों में बने नक्शे में भारत का मानचित्र देखा था। बढ़ती उम्र के साथ फाल्गुन के मन में अपनी असली मां के बारे में जानने की ललक जगी और उन्होंने भारत का रुख कर लिया। फाल्गुन पहली बार 18 साल की उम्र में 2006 में भारत आए थे। इस दौरान उन्होंने दक्षिण भारत की सैर की थी। मगर, इस बार फाल्गुन ने अलग मकसद से वापसी की है। उन्होंने नागपुर स्थित MSS का दौरा किया। फाल्गुन के अनुसार मैं हमेशा से एक खुली किताब था। मैंने महाभारत पढ़ी है और मुझे लगता है कि हर कर्ण को कुंती से मिलने का अधिकार है। बता दें कि फाल्गुन हीमस्टेड शहर के मेयर हैं। हीमस्टेड नीदरलैंड की राजधानी एम्स्टर्डम से महज 30 किलोमीटर की दूरी पर है। फाल्गुन ने अपनी मां को ढूंढने के लिए कई NGO, नगर पालिकाओं और पुलिस की मदद मांगी है। फाल्गुन का कहना है, "मुझे लगता है कि वो अभी तक मुझे छोड़ने के सदमे में होंगी। मैं सिर्फ उनसे मिलकर उन्हें बताना चाहता हूं कि मैं ठीक हूं और खुश हूं। मैं उन्हें एक बार देखना चाहता हूं।" #🎤 आज के दिन का इतिहास #🎞️आज के वायरल अपडेट्स #🌐 राष्ट्रीय अपडेट #📢BMC चुनाव में बीजेपी को बहुमत🙏 #🚨पूर्व राष्ट्रपति को 5 साल की जेल
🎤 आज के दिन का इतिहास - जागरण Jagran com; मां की तलाश में ४१ साल बाद भारत आए डच मेयर नागपुर में जन्म के 3 दिन बाद ही छोड़ गईथी अनाथालय जागरण Jagran com; मां की तलाश में ४१ साल बाद भारत आए डच मेयर नागपुर में जन्म के 3 दिन बाद ही छोड़ गईथी अनाथालय - ShareChat
#🪙हैप्पी धनतेरस🛍️ #📈धनतेरस से पहले बढ़े सोने के दाम 😮 #📢18 अक्टूबर के अपडेट 🗞️ #🎞️आज के वायरल अपडेट्स
🪙हैप्पी धनतेरस🛍️ - धनतेरस की हार्दिक शुभकामनाएं मां लहमी और भगवान धनवं्तर की क्रुपा से आपके धर में धन, वैभव, सुख और समृाख्धि की वर्मा हो. आपका जीवन सोने सा चम्के, हर दिन मंगलमय और शुभ हो! धनतेरस की हार्दिक शुभकामनाएं मां लहमी और भगवान धनवं्तर की क्रुपा से आपके धर में धन, वैभव, सुख और समृाख्धि की वर्मा हो. आपका जीवन सोने सा चम्के, हर दिन मंगलमय और शुभ हो! - ShareChat
#🪔अनंत चतुर्दशी🌸 #🗞️6 सितंबर के अपडेट 🔴 #❤️शुभकामना सन्देश #🕉️सनातन धर्म🚩
🪔अनंत चतुर्दशी🌸 - चतुर्दशी अनंत की हार्दिक शुभकामनाएं शनिवार, 6 सितंबर २०२५ RRRBer चतुर्दशी अनंत की हार्दिक शुभकामनाएं शनिवार, 6 सितंबर २०२५ RRRBer - ShareChat