धर्मदास जी को कबीर परमात्मा पहली बार मथुरा में 'जिंदा महात्मा' के रूप में मिले थे। इसके बाद वे अनेक बार विभिन्न रूपों में मिले, उन्हें सतलोक का साक्षात्कार कराया और पुनः संसार में भेजा। इस पर धर्मदास जी ने कहा है:
आज मोहे दर्शन दियो जी कबीर।।
सत्यलोक से चल कर आए, काटन जम की जंजीर।।
##SatBhaktiSandesh#किसको_मिले_कबीरभगवान
*✰परमेश्वर कबीर साहेब जी के 629वें प्रकट दिवस✰*
सतलोक आश्रम श्री धनाना धाम (हरियाणा)
आप सभी सपरिवार सादर आमंत्रित हैं ##रोटीकपड़ा_चिकित्सा_शिक्षामकान##SatBhaktiSandesh