Manju garg
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Manju garg
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#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
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00:25
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
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00:18
ये लोग 90 के जमाने का डांस 2026 में लाकर ही मानेंगे। #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
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01:07
बड़े दुःख के साथ हंसना पड़ रहा है। 😁😭 #😇 चाणक्य नीति
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01:00
पत्नी को बिना पति के अनुमति से किसी से बात नहीं करनी चाहिए #😇 चाणक्य नीति
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00:57
village father be like 😂.... #😇 चाणक्य नीति
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00:30
अगर भरत भूषण तिवारी की जगह कोई और होता, तो शायद अब तक सत्ता और विपक्ष दोनों के नेताओं की प्रेस कॉन्फ्रेंस हो चुकी होती। टीवी डिबेट में चीख-पुकार मची होती। निष्पक्ष जांच की मांग पूरे देश में गूंज रही होती। लेकिन यहां सवाल किसी जाति का नहीं, सवाल न्याय का है। जिस देश में माओवादी और नक्सली तक हथियार डालकर सरेंडर करते हैं तो उन्हें कानून के तहत सुनवाई का मौका दिया जाता है, पुनर्वास की बात होती है… तो फिर अगर भरत भूषण तिवारी ने वास्तव में हथियार छोड़ दिए थे, तो उन्हें अदालत तक पहुंचने का मौका क्यों नहीं मिला? यह सवाल इसलिए भी बड़ा है क्योंकि आज मामला सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि कानून के राज पर भरोसे का है। और हां, एक बात और… अगर भरत तिवारी की जगह कोई भरत पासवान, भरत मांझी, भरत यादव, भरत पटेल या भरत खान होता, तो शायद न्याय की मांग करने वालों की कतार कहीं लंबी होती। #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
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00:55
#😇 चाणक्य नीति
😇 चाणक्य नीति - TE ٦ कोचिंग माफिया के खिलाफ मैं बोलती रहूंगी. अंजना ओम कश्यप, पत्रकार क्योंकि सत्ता में बैठे ज़मीन माफिया, हॉस्पिटल माफिया, पेपर लीक माफिया के खिलाफ बोलने की तुम्हारी औकात भी नहीं है अंजना ओम कश्यप. /V खुशबू रॉय, प्रवक्ता, IIP TheLiveTvNews TE ٦ कोचिंग माफिया के खिलाफ मैं बोलती रहूंगी. अंजना ओम कश्यप, पत्रकार क्योंकि सत्ता में बैठे ज़मीन माफिया, हॉस्पिटल माफिया, पेपर लीक माफिया के खिलाफ बोलने की तुम्हारी औकात भी नहीं है अंजना ओम कश्यप. /V खुशबू रॉय, प्रवक्ता, IIP TheLiveTvNews - ShareChat
#😇 चाणक्य नीति
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00:56
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में एक नया मोड़ तब आया जब बिहार के उपमुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने कहा कि उन्हें DGP ने जानकारी दी थी कि भरत मानसिक रूप से बीमार था। इस बयान के बाद मामले को लेकर सामाजिक और कानूनी बहस और तेज हो गई है। मानवाधिकारों और पुलिस कार्रवाई के स्थापित सिद्धांतों के अनुसार मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति के मामले में पुलिस से अपेक्षा की जाती है कि परिस्थिति के अनुसार अधिकतम संयम, सुरक्षा और उचित चिकित्सकीय सहायता को प्राथमिकता दी जाए। हालांकि, हर कार्रवाई की वैधता घटना की वास्तविक परिस्थितियों, मौजूद खतरे और जांच में सामने आए तथ्यों पर निर्भर करती है। अब लोगों के बीच कई सवाल उठ रहे हैं - यदि भरत वास्तव में मानसिक रूप से बीमार था, तो घटना के समय उससे निपटने के लिए क्या-क्या कदम उठाए गए? क्या उसे शांतिपूर्ण तरीके से काबू करने के सभी विकल्प अपनाए गए? और पूरे घटनाक्रम में निर्णय लेने की प्रक्रिया क्या #😇 चाणक्य नीति
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00:53