KGMU ट्रॉमा सेंटर में बांड पर नियुक्त 9 नॉन-पीजी जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों ने इस्तीफा दे दिया है, जिससे गंभीर मरीजों के इलाज पर असर पड़ने लगा है।
मार्च में 11 डॉक्टरों की भर्ती हुई थी, लेकिन कुछ का पीजी में चयन हो गया और बाकी ने अधिक कार्यभार के कारण नौकरी छोड़ दी। ट्रॉमा सेंटर में रोज 200–250 मरीज आते हैं, ऐसे में डॉक्टरों की कमी से इलाज में दिक्कत बढ़ गई है।
अस्पताल प्रशासन ने मामले की रिपोर्ट DGME को भेज दी है और बांड तोड़ने वाले डॉक्टरों से राशि वसूली की तैयारी है। साथ ही, नए डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। #😇 चाणक्य नीति