Dharmik ghyan
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जय श्री कृष्ण भगवान के द्वार पर देर हो सकती है, अंधेर नहीं।" इसलिए जब सब रास्ते बंद दिखाई दें, तब भी विश्वास बनाए रखें, क्योंकि भगवान के न्याय में देर हो सकती है, लेकिन अंधेर कभी नहीं होता। 🙏✨ जय श्री कृष् #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #📗प्रेरक पुस्तकें📘
🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स - जय श्री कृष्ण भगवान के द्वार पर देर हो सकती है, अंधेर नहीं| इसलिए जब सब रासते बंद frdis &, तब भी विश्वास बनाए रखें, क्योंकि भगवान के न्याय में देर हो सकती है, लेकिन अंधेर बभी नहीं होता| जय श्री कृष्ण जय श्री कृष्ण भगवान के द्वार पर देर हो सकती है, अंधेर नहीं| इसलिए जब सब रासते बंद frdis &, तब भी विश्वास बनाए रखें, क्योंकि भगवान के न्याय में देर हो सकती है, लेकिन अंधेर बभी नहीं होता| जय श्री कृष्ण - ShareChat
जय श्री कृष्ण इस पृथ्वी के नीचे 12 लोक मौजूदा है #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏कर्म क्या है❓ #📗प्रेरक पुस्तकें📘 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स
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01:13
पृथ्वी के नीचे मौजुद लोक #🙏कर्म क्या है❓ #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏गीता ज्ञान🛕 #📗प्रेरक पुस्तकें📘
🙏कर्म क्या है❓ - লীক पृथ्वी ' नर्क लोक की स्थिति लोक के दक्षिण दिशा में पृथ्वी ; JuR ७४ योजन नीचे स्थित है। पाशचम ন্নত लोक के नीचे स्थित चिचिध लोक पृथ्वी  लोक अतल चितल लाक মুনল লীক तलातल लोक महातल लोक 74 uI रसातल लोक (लगभग ८८८ किमी) পানাল লীক নক লীক ৭ 74 ' लोक के दक्षिण योजन नीचे) (पृथ्वी লীক पृथ्वी ' नर्क लोक की स्थिति लोक के दक्षिण दिशा में पृथ्वी ; JuR ७४ योजन नीचे स्थित है। पाशचम ন্নত लोक के नीचे स्थित चिचिध लोक पृथ्वी  लोक अतल चितल लाक মুনল লীক तलातल लोक महातल लोक 74 uI रसातल लोक (लगभग ८८८ किमी) পানাল লীক নক লীক ৭ 74 ' लोक के दक्षिण योजन नीचे) (पृथ्वी - ShareChat
#🙏कर्म क्या है❓
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01:42
Jai shree krishna ईश्वर अन्दर से बहुत टूट चुका हु मेरे ईश्वर मेरा दिमाग भी शून्य हो जाता हैं पर एक आस तेरी रहती हैं #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏कर्म क्या है❓ #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स ##sad
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01:10
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏कर्म क्या है❓ #🙏गीता ज्ञान🛕 #📗प्रेरक पुस्तकें📘 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - भगवान दिखाई नहीं देते , फिर भी हर जगह मौजूद हैं दिखाई नहीं देते , लेकिन उनका भगवान अस्तित्व हर जगह महसूस होता है। जैसे हवा दिखाई नहीं देती , फिर भी 2 जीवन के लिए आवश्यक है। वैसे ही भगवान भी हमारे जीवन का आधार हैं | 3 सुख में लोग भगवान को भूल जाते हैं, लेकिन दुःख में उन्हें याद करते हैं । भगवान केवल मंदिरों में नहीं , ब्ल्कि हर 5 के हृदय ` में निवास करते हैं | जीव जो व्यक्ति सच्चे मन से भगवान का स्मरण करता है , उसे आंतरिक शांति प्राप्त होती है। भगवान कर्मी के अनुसार फल देते हैं और सदैव न्याय करते हैं | उनकी कृपा से असंभव फार्य भी 8 riald 81 olla 81 इसलिए हमें हर पसिस्थिति में भगवान पर विश्वास बनाए रखना चाहिए। जय श्री कृष्ण ! 10 भगवान दिखाई नहीं देते , फिर भी हर जगह मौजूद हैं दिखाई नहीं देते , लेकिन उनका भगवान अस्तित्व हर जगह महसूस होता है। जैसे हवा दिखाई नहीं देती , फिर भी 2 जीवन के लिए आवश्यक है। वैसे ही भगवान भी हमारे जीवन का आधार हैं | 3 सुख में लोग भगवान को भूल जाते हैं, लेकिन दुःख में उन्हें याद करते हैं । भगवान केवल मंदिरों में नहीं , ब्ल्कि हर 5 के हृदय ` में निवास करते हैं | जीव जो व्यक्ति सच्चे मन से भगवान का स्मरण करता है , उसे आंतरिक शांति प्राप्त होती है। भगवान कर्मी के अनुसार फल देते हैं और सदैव न्याय करते हैं | उनकी कृपा से असंभव फार्य भी 8 riald 81 olla 81 इसलिए हमें हर पसिस्थिति में भगवान पर विश्वास बनाए रखना चाहिए। जय श्री कृष्ण ! 10 - ShareChat
जय श्री कृष्ण। आज हम बात कर रहे हैं कालचक्र की। कालचक्र अपनी निश्चित गति से निरंतर चलता रहता है। यह किसी के लिए रुकता नहीं और न ही किसी का इंतजार करता है। प्रत्येक विद्वान ने समय का सही उपयोग किया है। आप देख सकते हैं, प्रत्येक महान व्यक्ति ने समय का सदउपयोग किया है। यदि महान व्यक्तियों ने समय का सदउपयोग नहीं किया होता, तो आज उनका नाम इतिहास में अंकित नहीं होता। समय और परिस्थितियों के अनुसार व्यक्ति में बदलाव बहुत जरूरी होता है। जरूरी यह नहीं है कि हर व्यक्ति महान बने। इस समय का सही उपयोग स्वयं के लिए करना बहुत आवश्यक है। समय और परिस्थितियों के अनुसार व्यक्ति में बदलाव बहुत जरूरी है, क्योंकि यह कालचक्र हमेशा चलता रहता है। यह किसी भी काल में नहीं रुकता है। प्रत्येक व्यक्ति इस कालचक्र में निश्चित रूप से बंधा हुआ है। जो आज हैं, वे कल नहीं रहेंगे। इसी चक्र को कालचक्र कहते हैं। जो जन्मा है, उसकी मृत्यु निश्चित है। ध्यान रहे, मृत्यु के बाद भी व्यक्ति की आत्मा नहीं मरती है, मरता है तो सिर्फ उसका शरीर, क्योंकि यहाँ शरीर नाशवान है, आत्मा जीवित है। जितना आनंद लिया जीवनकाल में, वह आत्मा ने लिया। आत्मा का अगला जन्म निश्चित है, वह होकर रहेगा। इस प्रकार यहाँ कालचक्र निरंतर चलता रहता है। ऐसी अच्छी-अच्छी वीडियो देखने के लिए हमें फॉलो कर लें। जय श्री कृष्ण। 🙏🏻 Kaalchakra moves continuously at its destined pace. It neither stops for anyone nor waits for anyone. Every wise person has made proper use of time. You can see that every great personality utilized time wisely. Had these great individuals not used their time well, their names would not have been recorded in history. According to time and circumstances, change in a person is essential. It is not necessary for everyone to become great. What is important is making the right use of the present moment for oneself. Adapting to time and circumstances is very important because the Wheel of Time never stops moving. It does not pause in any age or era. Every person is bound by this Wheel of Time. Those who are here today may not be here tomorrow. This eternal cycle is called Kaalchakra. Whoever is born is certain to die. Remember, even after death, the soul does not perish; only the body dies. The body is temporary, but the soul is eternal. Whatever joys and experiences are enjoyed during life are experienced by the soul. The soul’s next birth is certain—it will inevitably take place. Thus, the Wheel of Time continues to move endlessly. For more meaningful videos like this, please follow us. Jai Shri Krishna. 🙏🏻 #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏कर्म क्या है❓ #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
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01:17
एक व्यक्ति ने संत से पूछा, "भाग्य बड़ा है या कर्म?" संत ने उसे एक खेत दिखाया। कहा, "यह खेत तुम्हारा भाग्य है।" लेकिन इसमें बीज बोना तुम्हारा कर्म है। बिना बीज के खेत कुछ नहीं देगा। और बिना खेत के बीज भी नहीं उगेंगे। भाग्य अवसर देता है। कर्म उस अवसर को सफलता में बदलता है। इसलिए कर्म और भाग्य दोनों आवश्यक हैं। परंतु कर्म को श्रेष्ठ माना गया है, क्योंकि वही भविष्य का भाग्य बनाता है। #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #📗प्रेरक पुस्तकें📘 #🙏कर्म क्या है❓ #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स - क्या भाय्य बड़ा है या कर्म? एक व्यक्ति ने संत से पुछा, "भाग्य बड़ा है या कर्म?" संत ने उसे एक खेत दिखाया| खेत तुम्हारा भाग्य है।" "यह 6, लेकिन इसमें बीज बोना নুদ্কাহা কর্ম ষ1 बिना बीज के खेत कुछ नहीं देगा| और बिना खेत के बीज भी नहीं उगेंगे। भाग्य अवसर देता है। कर्म उस अवसर को सफलता में बदलता है। इसलिए कर्म और भाग्य दोनों आवश्यक हैं। ०० परंतु कर्म को श्रेष्ढ माना गया है क्योंकि बही भविष्य का भाग्य बनाता है। एक व्यक्ति ने संत से पुछा, संत ने उसे एक खेत दिखाया| लेकिन इसमें बीज बोना कहा, "यह खेत तुम्हारा भाग्य है।" तुम्हारा कर्म है। নভা ৪ যা কর্দ?" "भाग्य और बिना खेत के बीज নিনা নীত ক कर्म उस अवसरको भाग्य अवसर देता है। खेत कुछ नहीं देगा | भी नहीं उगेंगे | सफलता में बदलता है। जय श्री कृष्ण परंतु कर्म को श्रेष्ठ माना गया है, इसलिए कर्म और भाग्य क्योंकि बही भबिष्य का दोनों आवश्यक हैं। भाग्य बनाता है। क्या भाय्य बड़ा है या कर्म? एक व्यक्ति ने संत से पुछा, "भाग्य बड़ा है या कर्म?" संत ने उसे एक खेत दिखाया| खेत तुम्हारा भाग्य है।" "यह 6, लेकिन इसमें बीज बोना নুদ্কাহা কর্ম ষ1 बिना बीज के खेत कुछ नहीं देगा| और बिना खेत के बीज भी नहीं उगेंगे। भाग्य अवसर देता है। कर्म उस अवसर को सफलता में बदलता है। इसलिए कर्म और भाग्य दोनों आवश्यक हैं। ०० परंतु कर्म को श्रेष्ढ माना गया है क्योंकि बही भविष्य का भाग्य बनाता है। एक व्यक्ति ने संत से पुछा, संत ने उसे एक खेत दिखाया| लेकिन इसमें बीज बोना कहा, "यह खेत तुम्हारा भाग्य है।" तुम्हारा कर्म है। নভা ৪ যা কর্দ?" "भाग्य और बिना खेत के बीज নিনা নীত ক कर्म उस अवसरको भाग्य अवसर देता है। खेत कुछ नहीं देगा | भी नहीं उगेंगे | सफलता में बदलता है। जय श्री कृष्ण परंतु कर्म को श्रेष्ठ माना गया है, इसलिए कर्म और भाग्य क्योंकि बही भबिष्य का दोनों आवश्यक हैं। भाग्य बनाता है। - ShareChat
ईश्वर सदा अपने भक्तों की रक्षा करते हैं। जो सच्चे मन से उन्हें पुकारता है, वे उसकी सहायता अवश्य करते हैं। #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏कर्म क्या है❓ #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #📗प्रेरक पुस्तकें📘
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - ईश्वर की कथा ईश्वर सदा अपने भक्तों की रक्षा करते हैं। से उन्हें पुकारता है, वे जो सच्चे मन 2 उसकी सहायता अवश्य करते हैं। श्रीकृष्ण ने अर्जुन को 3 भगवान कर्म का महत्व समझाया। भगवान राम ने धर्म और मर्यादा का पालन करके आदर्श स्थापित किया। ईश्वर के लिए कोई बड़ा या 5 छोटा नहीं होता। भक्त की भक्ति से प्रसन्न होकर 6 कष्ट दूर करते हैं। भगवान उसके जीवन में सुख दुःख कर्मी के अनुसार आते हैं। ईश्वर पर विश्वास रखने से 8 मन को शांति मिलती है। दया, प्रेम और सत्य का मार्ग 9 ईश्वर तक पहुँचाता है।  १० जो हर परिस्थिति में ईश्वर का स्मरण करता है, उसका जीवन सफल हो जाता हैं। ईश्वर की शरण में जाने वाला कभी अकेला नहीं रहता। / ईश्वर की कथा ईश्वर सदा अपने भक्तों की रक्षा करते हैं। से उन्हें पुकारता है, वे जो सच्चे मन 2 उसकी सहायता अवश्य करते हैं। श्रीकृष्ण ने अर्जुन को 3 भगवान कर्म का महत्व समझाया। भगवान राम ने धर्म और मर्यादा का पालन करके आदर्श स्थापित किया। ईश्वर के लिए कोई बड़ा या 5 छोटा नहीं होता। भक्त की भक्ति से प्रसन्न होकर 6 कष्ट दूर करते हैं। भगवान उसके जीवन में सुख दुःख कर्मी के अनुसार आते हैं। ईश्वर पर विश्वास रखने से 8 मन को शांति मिलती है। दया, प्रेम और सत्य का मार्ग 9 ईश्वर तक पहुँचाता है।  १० जो हर परिस्थिति में ईश्वर का स्मरण करता है, उसका जीवन सफल हो जाता हैं। ईश्वर की शरण में जाने वाला कभी अकेला नहीं रहता। / - ShareChat
जय श्री कृष्ण। यदि हर चीज़ रुपये से मिलती, तो मैं कभी बूढ़ा नहीं होता, हमेशा जवान और सुंदर बना रहता। यदि हर चीज़ रुपये से मिलती, तो मेरे खाने के लिए दो पेट होते। यदि हर चीज़ रुपये से मिलती, तो दिन और रात भी मेरी इच्छा के अनुसार होते। यदि हर चीज़ रुपये से मिलती, तो संसार के सभी लोग मेरे गुलाम होते। यदि हर चीज़ रुपये से मिलती, तो मेरे घर में सभी भगवान विराजमान होते। लेकिन सत्य यह है कि हर चीज़ रुपये से नहीं खरीदी जा सकती। रुपये के साथ-साथ मनुष्य का सभ्य, विनम्र और ईमानदार होना भी आवश्यक है। धन से वस्तुएँ खरीदी जा सकती हैं, परंतु संस्कार, प्रेम, विश्वास, सम्मान और अच्छे कर्म नहीं खरीदे जा सकते। इसलिए प्रेम बाँटते चलो, अंत समय में न धन साथ जाएगा, न वैभव; केवल आपके कर्म ही आपकी मंज़िल तय करेंगे। जय श्री कृष्ण। 🙏🏻 #🙏कर्म क्या है❓ #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #📗प्रेरक पुस्तकें📘
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