सौ नारी जारी करै, सुरापान सौ बार।
एक चिलम हुक्का भरै, डूबै काली धार।।
एक चिलम भरकर हुक्का पीने वाले को देने से भरने वाले को जो पाप लगता है, वह सुनो। एक बार परस्त्राी गमन करने वाला, एक बार शराब पीने वाला, एक बार माँस खाने वाला पाप के कारण उपरोक्त कष्ट भोगता है। सौ स्त्रिायों से भोग करे और सौ बार शराब पीऐ, उसे जो पाप लगता है, वह पाप एक चिलम भरकर हुक्का पीने वाले को देने वाले को लगता है। विचार करो तम्बाकू सेवन (हुक्के में, बीड़ी-सिगरेट में पीने वाले, खाने वाले) करने वाले को कितना पाप लगेगा? इसलिए उपरोक्त सर्व पदार्थों का सेवन कभी न करो।
#संत रामपाल जी महाराज
हुक्का हरदम पीवते, लाल मिलांवे धूर।
इसमें संशय है नहीं, जन्म पीछले सूअर।।
समाज के व्यक्तियों को देखकर कुछ व्यक्ति हुक्का या अन्य नशीली वस्तुऐं सेवन करने लग जाते हैं। यदि सत्संग सुनकर बुराई त्याग देते हैं तो वे जीव पिछले जन्म में भी मनुष्य थे। उनके अंदर नशे की गहरी लत नहीं बनती। परंतु जो बार-बार सत्संग सुनकर भी तम्बाकू आदि नशे का त्याग नहीं कर पाते, वे पिछले जन्म में सूअर के शरीर में थे। सूअर के शरीर में बदबू (bad smell) सूंघने से तम्बाकू की बदबू पीने-सूंघने की गहरी आदत होती है। वे शीघ्र हुक्का व अन्य नशा नहीं त्याग पाते। वे अपने अनमोल मानव शरीर रूपी लाल को मिट्टी में मिला रहे हैं। उनको अधिक सत्संग सुनने की राय दी जाती है। निराश न हों। सच्चे मन से परमात्मा कबीर जी से नशा छुड़वाने की पुकार प्रार्थना करने से सब नशा छूट जाता है।
#संत रामपाल जी महाराज
अन्नपूर्णा मुहिम बनी वरदान
संत रामपाल जी महाराज जी द्वारा 'अन्नपूर्णा मुहिम' के तहत अनेक संघर्षरत परिवारों को निरंतर सहायता और राहत मिल रही है।
देखें Annapurna Muhim YouTube Channel पर।
#संत रामपाल जी महाराज
मांस खाना महापाप
कबीर, मांस मछलिया खात हैं, सुरापान से हेत।
ते नर नरकै जाहिंगे, माता पिता समेत।
परमात्मा कबीर जी कहते हैं जो मनुष्य मांस, मछली खाते हैं वह नरक में माता पिता के साथ जाते हैं। मांस खाना महापाप है। यह हमारे किसी भी धर्म की पवित्र पुस्तक में नही लिखा है। #संत
कुरआन और बाइबल के गहन ज्ञान के आधार पर संत रामपाल जी महाराज समझाते हैं कि भगवान/अल्लाह के नाम पर जीव की गर्दन काटना धर्म नहीं, बल्कि अज्ञानता और कुप्रथा है। यह कृत्य मनुष्य को पापी कसाई की श्रेणी में खड़ा करता है।कबीर साहेब और संत गरीबदास जी महाराज के अनुसार, हिंदू और मुसलमान दोनों का मार्ग दया और अहिंसा से ही सिद्ध होता है। किसी भी जीव की गर्दन काटना कुफर (पाप) है।
#संत रामपाल जीमहाराज
मांस खाना महापाप
कबीर, मांस मछलिया खात हैं, सुरापान से हेत।
ते नर नरकै जाहिंगे, माता पिता समेत।
परमात्मा कबीर जी कहते हैं जो मनुष्य मांस, मछली खाते हैं वह नरक में माता पिता के साथ जाते हैं। मांस खाना महापाप है। यह हमारे किसी भी धर्म की पवित्र पुस्तक में नही लिखा है।
#संत
कबीर-मुल्ला तुझै करीम का, कब आया फरमान।
घट फोरा घर घर बांटा, साहब का नीसान।।
कबीर अल्लाह ने मुस्लिम धर्मगुरुओं से पूछते हैं कि आप ये बताओ कि उस दयालु प्रभु ने मूक पशुओं का गला काटकर मांस बांटने का हुक्म तुम्हें कब दिया है। अर्थात आप मनमाने तरीके से जीव हत्या करते हो।
#संत राम पाल जी महाराज










![संत - ~ನcc2 লনুভ आशम ೦೨ೂ नहीं बाप ना माता जाए, अविगत से हम चल आए कलियुग में काशी चलि आए हमरे तुम दर्शन पाये Il oq परमेश्वर कबीर साहेबजी प्रकट दिवस जगतगुरू तत्वदशीं संत रामपाल जी महाराज जी করী এানন 34হিথনি মী २७ से २९ जून २०२६ विशाल भंडर अखंड पाठ, विशाल भंडारा , रक्तदान शिविर, दहेज मुक्त विवाह जिसमें आप सभी सहपरिवार सादर आमंत्रित है। बैतूल (मध्यप्रदेश ) आयोजन स्थल सतलोक आश्रम उड़दन , Satlok Ashram Betull Satlok_Ashram] Beful @SatlokBetul_ ~ನcc2 লনুভ आशम ೦೨ೂ नहीं बाप ना माता जाए, अविगत से हम चल आए कलियुग में काशी चलि आए हमरे तुम दर्शन पाये Il oq परमेश्वर कबीर साहेबजी प्रकट दिवस जगतगुरू तत्वदशीं संत रामपाल जी महाराज जी করী এানন 34হিথনি মী २७ से २९ जून २०२६ विशाल भंडर अखंड पाठ, विशाल भंडारा , रक्तदान शिविर, दहेज मुक्त विवाह जिसमें आप सभी सहपरिवार सादर आमंत्रित है। बैतूल (मध्यप्रदेश ) आयोजन स्थल सतलोक आश्रम उड़दन , Satlok Ashram Betull Satlok_Ashram] Beful @SatlokBetul_ - ShareChat संत - ~ನcc2 লনুভ आशम ೦೨ೂ नहीं बाप ना माता जाए, अविगत से हम चल आए कलियुग में काशी चलि आए हमरे तुम दर्शन पाये Il oq परमेश्वर कबीर साहेबजी प्रकट दिवस जगतगुरू तत्वदशीं संत रामपाल जी महाराज जी করী এানন 34হিথনি মী २७ से २९ जून २०२६ विशाल भंडर अखंड पाठ, विशाल भंडारा , रक्तदान शिविर, दहेज मुक्त विवाह जिसमें आप सभी सहपरिवार सादर आमंत्रित है। बैतूल (मध्यप्रदेश ) आयोजन स्थल सतलोक आश्रम उड़दन , Satlok Ashram Betull Satlok_Ashram] Beful @SatlokBetul_ ~ನcc2 লনুভ आशम ೦೨ೂ नहीं बाप ना माता जाए, अविगत से हम चल आए कलियुग में काशी चलि आए हमरे तुम दर्शन पाये Il oq परमेश्वर कबीर साहेबजी प्रकट दिवस जगतगुरू तत्वदशीं संत रामपाल जी महाराज जी করী এানন 34হিথনি মী २७ से २९ जून २०२६ विशाल भंडर अखंड पाठ, विशाल भंडारा , रक्तदान शिविर, दहेज मुक्त विवाह जिसमें आप सभी सहपरिवार सादर आमंत्रित है। बैतूल (मध्यप्रदेश ) आयोजन स्थल सतलोक आश्रम उड़दन , Satlok Ashram Betull Satlok_Ashram] Beful @SatlokBetul_ - ShareChat](https://cdn4.sharechat.com/bd5223f_s1w/compressed_gm_40_img_503891_3249659d_1780062497498_sc.jpg?tenant=sc&referrer=user-profile-service%2FrequestType50&f=498_sc.jpg)


