ठंडा बुर्ज (Thanda Burj) सिख इतिहास का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और भावनात्मक स्थल है, जो पंजाब के फतेहगढ़ साहिब में स्थित है।
* ऐतिहासिक महत्व: यह वह स्थान है जहाँ गुरु गोबिंद सिंह जी के सबसे छोटे साहिबजादे बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह, अपनी दादी माता गुजरी कौर जी के साथ सरहिंद के नवाब वज़ीर खान के हुक्म पर कैद किए गए थे।
* बुर्ज की प्रकृति: 'ठंडा बुर्ज' का शाब्दिक अर्थ 'ठंडा टावर' है। यह वास्तव में गर्मियों में एक ठंडी जगह के रूप में इस्तेमाल किया जाता था, क्योंकि इसके पास से हंसला नदी बहती थी।
* शहादत और पीड़ा: सिख इतिहास के अनुसार, यह कैद दिसंबर के अत्यधिक ठंडे महीने में हुई थी। यह वह जगह है जहाँ माता गुजरी कौर जी ने अपने पोतों की शहादत की खबर सुनकर अपना शरीर त्याग दिया था।
* सेवा: इसी बुर्ज में, मोती राम मेहरा जी ने पहरेदारों को लालच देकर छिपकर कैद माता गुजरी कौर जी और साहिबजादों को गर्म दूध पिलाने की सेवा की थी।
आज, यह स्थान गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब के मुख्य परिसर का हिस्सा है और इसे गुरुद्वारा बुर्ज माता गुजरी के नाम से भी जाना जाता है, जो सिख शहादत का एक जीता-जागता प्रतीक #👳♂️ਰਾਜ ਕਰੇਗਾ ਖਾਲਸਾ 💪 #🙏ਨਿਸ਼ਾਨ ਸਾਹਿਬ ਵੀਡੀਓਜ਼ 😇 #🙏ਸ਼੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਨਾਨਕ ਦੇਵ ਜੀ #😇ਸਿੱਖ ਧਰਮ 🙏