Thakur.Raghavendra singh sikarwar
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चंद्र ग्रहण भारत में #🤲 दुआएं #🌞 Good Morning🌞
🤲 दुआएं - भांरतीय ज्योतिष के अनुसार भारत देश और में दुनिया ३ः मार्च २०२६ दिन मंगलवार को चंद्र ग्रहण सायं ३:२० मिनट से शुरू होगा और ख़त्म सायं ५:३३ मिनट पर समाप्त होगा परन्तु ग्रहण मोक्ष काल सायं चंद्र ग्रहण भारत में 6:४७ मिनट तक रहेगा। असर ज्योतिष शास्त्र की दृष्टि से वृष, বন্ সষতা का मिथुन, और धनु राशि वालों को हर कर्क, वृश्चिक परिस्थिति में सफलता प्राप्त होगी। विश्व ग्रहण भारत में कही भी दिखाई नहीं देगा। ग्रहण में एशिया के कुछ देशों को छोड़कर सभी में दिखाई देगा। आर्थिक, लिए देश से 3 भारत चन्द्र ग्रहण सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक ٤ काफ़ी अहम और शुभ रहेगा। बद्र ग्रहण   देश में कारोबारी लोगों को लाभ होगा। भांरतीय ज्योतिष के अनुसार भारत देश और में दुनिया ३ः मार्च २०२६ दिन मंगलवार को चंद्र ग्रहण सायं ३:२० मिनट से शुरू होगा और ख़त्म सायं ५:३३ मिनट पर समाप्त होगा परन्तु ग्रहण मोक्ष काल सायं चंद्र ग्रहण भारत में 6:४७ मिनट तक रहेगा। असर ज्योतिष शास्त्र की दृष्टि से वृष, বন্ সষতা का मिथुन, और धनु राशि वालों को हर कर्क, वृश्चिक परिस्थिति में सफलता प्राप्त होगी। विश्व ग्रहण भारत में कही भी दिखाई नहीं देगा। ग्रहण में एशिया के कुछ देशों को छोड़कर सभी में दिखाई देगा। आर्थिक, लिए देश से 3 भारत चन्द्र ग्रहण सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक ٤ काफ़ी अहम और शुभ रहेगा। बद्र ग्रहण   देश में कारोबारी लोगों को लाभ होगा। - ShareChat
#🌞 Good Morning🌞 #🤲 दुआएं #--- #Happy Holi
🌞 Good Morning🌞 - होलिका दहन के पर्व पर इस अग्नि में दुःख, घृणा , घमंड की होली जले। हेलिका 28 हृ्ढिक  छोटी होली ক্ী श्ुभठामनाएँ होलिका दहन के पर्व पर इस अग्नि में दुःख, घृणा , घमंड की होली जले। हेलिका 28 हृ्ढिक  छोटी होली ক্ী श्ुभठामनाएँ - ShareChat
#💓 मोहब्बत दिल से #🌞 Good Morning🌞
💓 मोहब्बत दिल से - सुविचार ಶೆಔಿಝೊಹಕuಣತಕಮಟ? ' वैज़ञानिकटूढरहैहैयलपरखीव्द्ाहै किदहीं औरहरिगटूढरहैहैलीनदार्यी्ययल हैकिनह्ीं सुविचार ಶೆಔಿಝೊಹಕuಣತಕಮಟ? ' वैज़ञानिकटूढरहैहैयलपरखीव्द्ाहै किदहीं औरहरिगटूढरहैहैलीनदार्यी्ययल हैकिनह्ीं - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #🚗🧗🏻भारत भ्रमण व सफर प्रेमी🚂⛰
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - सुविचार छोड़ जिसपर ध्यान देना देंगे I उसका नष्ट होना स्वभाविक है फिर चाहे वह स्वास्थ्य हो, धन हो, संगत हो या कोई रिश्ता सुविचार छोड़ जिसपर ध्यान देना देंगे I उसका नष्ट होना स्वभाविक है फिर चाहे वह स्वास्थ्य हो, धन हो, संगत हो या कोई रिश्ता - ShareChat
#Mahadev #mahashivratri #mahakal#shiv
Mahadev #mahashivratri #mahakal#shiv - ऊँ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम | मृत्योर्मुक्षीय मामृतात ।l उर्वारुकमिव बन्धनान् भगवान महादेव जी के आराधना के महापर्व 0@7 शिवयत्रि की ढेखतारी हार्निक शुभकामनाएं भगवन भोलेनाथ एवं माता पार्वती हम सभी पर अपनी कृपा बनाए र्खे ऐसी कामना है।। ऊँ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम | मृत्योर्मुक्षीय मामृतात ।l उर्वारुकमिव बन्धनान् भगवान महादेव जी के आराधना के महापर्व 0@7 शिवयत्रि की ढेखतारी हार्निक शुभकामनाएं भगवन भोलेनाथ एवं माता पार्वती हम सभी पर अपनी कृपा बनाए र्खे ऐसी कामना है।। - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - February 7: Day Rose February 8: Propose Day February 9: Day Chocolate February 10: Teddy Day February 11: Day Promise February 12: Hug Day February 13: Day Kiss FEBRUARY 14: VALEN February 7: Day Rose February 8: Propose Day February 9: Day Chocolate February 10: Teddy Day February 11: Day Promise February 12: Hug Day February 13: Day Kiss FEBRUARY 14: VALEN - ShareChat
#🙏कर्म क्या है❓ #🌞 Good Morning🌞 #🚗🧗🏻भारत भ्रमण व सफर प्रेमी🚂⛰
🙏कर्म क्या है❓ - लहरें हों तूफ़ानी अम्बर के पहरे हों पुरवा के दामन पर दाग़ बहुत गहरे हों सागर के माँझी मत मन को तू हारना जीवन के क्रम में जो खोया है, पाना है पतझर का मतलब है फिर बसंत आना है राजवंश रूठे तो राजमुकुट टूटे तो सीतापति राघव से राजमहल छूटे तो आशा मत हार, पार सागर के एक बार पत्थर में प्राण फूँक, सेतु फिर बनाना है पतझर का मतलब है फिर बसंत आना है qా ఖా ఛTగ తెెకే सूरज भी मुँह मोड़े fg रहे मौन, छिने राज्य, स्वर्णरथ, घोड़़ माँ का बस प्यार सार गीता का साथ रहे पंचतत्व सौ पर है भारी, बतलाना है जीवन का राजसूय यज्ञ फिर कराना है पतझर का मतलब है, फिर बसंत आना है लहरें हों तूफ़ानी अम्बर के पहरे हों पुरवा के दामन पर दाग़ बहुत गहरे हों सागर के माँझी मत मन को तू हारना जीवन के क्रम में जो खोया है, पाना है पतझर का मतलब है फिर बसंत आना है राजवंश रूठे तो राजमुकुट टूटे तो सीतापति राघव से राजमहल छूटे तो आशा मत हार, पार सागर के एक बार पत्थर में प्राण फूँक, सेतु फिर बनाना है पतझर का मतलब है फिर बसंत आना है qా ఖా ఛTగ తెెకే सूरज भी मुँह मोड़े fg रहे मौन, छिने राज्य, स्वर्णरथ, घोड़़ माँ का बस प्यार सार गीता का साथ रहे पंचतत्व सौ पर है भारी, बतलाना है जीवन का राजसूय यज्ञ फिर कराना है पतझर का मतलब है, फिर बसंत आना है - ShareChat
#🚗🧗🏻भारत भ्रमण व सफर प्रेमी🚂⛰ #🙏कर्म क्या है❓ #🌞 Good Morning🌞
🚗🧗🏻भारत भ्रमण व सफर प्रेमी🚂⛰ - सुविचार जमीन अच्छी हो, खाद अच्छा हा फूल नहीं खिलते परंतु पानी अगर खारा हो तो भाव अच्छे हो, कर्म भी अच्छे हा मगर वाणी खराब हा तो संबंध कभी नहीं टिकते सुविचार जमीन अच्छी हो, खाद अच्छा हा फूल नहीं खिलते परंतु पानी अगर खारा हो तो भाव अच्छे हो, कर्म भी अच्छे हा मगर वाणी खराब हा तो संबंध कभी नहीं टिकते - ShareChat
#🚗🧗🏻भारत भ्रमण व सफर प्रेमी🚂⛰ #🌞 Good Morning🌞
🚗🧗🏻भारत भ्रमण व सफर प्रेमी🚂⛰ - सच्चाई के इस जंग मे कभी झूठे भी जीत जाते है... समय अपना अच्छा न हा तो, कभी अपने भी रूठ जाते है... कच्चे मकान देखकर किसी से रिश्ता ना तोडना क्योंकि मिट्टी की पकड़ बहुत मजबूत होती है और संगमरमर पर तो अक्सूर पैर फिसल जाते हैं राघवेन्द सिंह सिकरवार सच्चाई के इस जंग मे कभी झूठे भी जीत जाते है... समय अपना अच्छा न हा तो, कभी अपने भी रूठ जाते है... कच्चे मकान देखकर किसी से रिश्ता ना तोडना क्योंकि मिट्टी की पकड़ बहुत मजबूत होती है और संगमरमर पर तो अक्सूर पैर फिसल जाते हैं राघवेन्द सिंह सिकरवार - ShareChat
#🌞 Good Morning🌞 #🚗🧗🏻भारत भ्रमण व सफर प्रेमी🚂⛰ #🙏कर्म क्या है❓
🌞 Good Morning🌞 - मैं रूठा, तुम भी रूठ गए फिर मनाएगा कौन ? आज दरार है, कल खाई होगी फिर भरेगा कौन ? मैं चुप, भी चुप  को फिर तोड़ेगा कौन ? శu तुम इस दुखी मैं भी और तुम भी बात छोटी को लगा लोगे दिल से, तो रिश्ता फिर निभाएगा कौन ? भी और तुम भी बिछड़कर , दुखी मैं सोचो हाथ फिर बढ़ाएगा कौन ? राघवेन्द्र सिंह न मैं राजी, न तुम राजी, दिखाएगा कौन ? फिर माफ़ करने का बड़प्पन डूब जाएगा यादों में डूब जाएगा यादों में दिल कभी, तो फिर धैर्य बंधायेगा कौन ? अहम् मेरे, एक तेरे भीतर भी, एक इस अहम् को फिर हराएगा कौन ? ज़िंदगी किसको मिली है सदा के लिए ? फिर इन लम्हों में अकेला रह जाएगा कौन ? मूंद ली दोनों में से ग़र किसी दिन एक ने आँखें. तो कल इस बात पर फिर पछतायेगा कौन ? मैं रूठा, तुम भी रूठ गए फिर मनाएगा कौन ? आज दरार है, कल खाई होगी फिर भरेगा कौन ? मैं चुप, भी चुप  को फिर तोड़ेगा कौन ? శu तुम इस दुखी मैं भी और तुम भी बात छोटी को लगा लोगे दिल से, तो रिश्ता फिर निभाएगा कौन ? भी और तुम भी बिछड़कर , दुखी मैं सोचो हाथ फिर बढ़ाएगा कौन ? राघवेन्द्र सिंह न मैं राजी, न तुम राजी, दिखाएगा कौन ? फिर माफ़ करने का बड़प्पन डूब जाएगा यादों में डूब जाएगा यादों में दिल कभी, तो फिर धैर्य बंधायेगा कौन ? अहम् मेरे, एक तेरे भीतर भी, एक इस अहम् को फिर हराएगा कौन ? ज़िंदगी किसको मिली है सदा के लिए ? फिर इन लम्हों में अकेला रह जाएगा कौन ? मूंद ली दोनों में से ग़र किसी दिन एक ने आँखें. तो कल इस बात पर फिर पछतायेगा कौन ? - ShareChat