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#🙏गुरु महिमा😇 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏आध्यात्मिक गुरु🙏 #🧘सदगुरु जी🙏
🙏गुरु महिमा😇 - Sie வus लक्ष्य क्यों नहीं बनाते? 347 ; (hydontmorepeoplesetgoals?|-6 कीएक  और प्रमुख वजह है = लोगों द्वारा लक्ष्य तय न किए जाने ' अस्वीकार किए जाने का डर (Fearof Rejection) बहुत से लोग यह सोचकर लक्ष्य नहीं बनाते कि ~ कअगर मैं सफल नहीं हुआ तो लोग क्या कहेंगे ?" "अगर मैं असफल हो गया तो मेरी हँसी उड़ाई जाएगी१" यह दूसरों की राय का डर व्यक्ति को कदम बढ़ाने से पहले ही रोक देता है। सच यहहैकि= जो लोग कुछ अलग करने की कोशिश करते हैं, उन्हें कभी न कभी आलोचना का सामना करना ही पड़ता है। लेकिन याद रखिएः लोग कुछ समय के लिए बातें करेंगे , आपकी सफलता या असफलता का असर पर आपके जीवन पर पड़ेगा , उनके नहीं| निष्कर्षः दूसरों के डर से अपने सपनों को मत रोकिए। अस्वीकार किया जाना अंत नहीं है, वह आगे बढ़ने की प्रक्रिया का हिस्सा है। जो लोग आलोचना से ऊपर उठ जाते हैं वही अपने लक्ष्य तक पहुँचते हैं। ९४ 666 ವ1 Sie வus लक्ष्य क्यों नहीं बनाते? 347 ; (hydontmorepeoplesetgoals?|-6 कीएक  और प्रमुख वजह है = लोगों द्वारा लक्ष्य तय न किए जाने ' अस्वीकार किए जाने का डर (Fearof Rejection) बहुत से लोग यह सोचकर लक्ष्य नहीं बनाते कि ~ कअगर मैं सफल नहीं हुआ तो लोग क्या कहेंगे ?" "अगर मैं असफल हो गया तो मेरी हँसी उड़ाई जाएगी१" यह दूसरों की राय का डर व्यक्ति को कदम बढ़ाने से पहले ही रोक देता है। सच यहहैकि= जो लोग कुछ अलग करने की कोशिश करते हैं, उन्हें कभी न कभी आलोचना का सामना करना ही पड़ता है। लेकिन याद रखिएः लोग कुछ समय के लिए बातें करेंगे , आपकी सफलता या असफलता का असर पर आपके जीवन पर पड़ेगा , उनके नहीं| निष्कर्षः दूसरों के डर से अपने सपनों को मत रोकिए। अस्वीकार किया जाना अंत नहीं है, वह आगे बढ़ने की प्रक्रिया का हिस्सा है। जो लोग आलोचना से ऊपर उठ जाते हैं वही अपने लक्ष्य तक पहुँचते हैं। ९४ 666 ವ1 - ShareChat
#🙏आध्यात्मिक गुरु🙏 #🧘सदगुरु जी🙏 #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏गुरु महिमा😇
🙏आध्यात्मिक गुरु🙏 - asudeeDai अपने लक्ष्य क्यों नहीं बनाते? ज्यादातर लोग (Why dont more people set goals?)-5 लोगों द्वारा लक्ष्य तय न किए जाने की एक और प्रमुख वजह है - असफलता का डर Fear of Failurel बहुत से लोग सोचते हैं - "अगर मैं कोशिश करूँ और सफल न हो सका तो क्या होगा ?० यह डर उनके अवचेतन मन में बैठ जाता है। वे मान लेते हैंकि - अगर लक्ष्य ही तय नहीं करेंगे , तो असफलता का सामना भी नहीं करना पड़ेगा | लेकिन वे यह नहीं समझते कि - लक्ष्य का न होना ही असफलता की शुरुआत है। जो व्यक्ति लक्ष्य नहीं बनाता, वह पहले ही हार मान चुका होता है। जबकिजो लक्ष्य बनाकर प्रयास करता है॰ वह हारकर भी अनुभव और सीख प्राप्त करता है। सच्चाई यह हैः असफलता अंत नहीं है बह सुधार और सीखने का अबसर है। डर हमें रोकता है, लेकिन साहस हमें आगे बढ़ाता है। Awhtf: असफलता का डर छोड़िए लक्ष्य बनाइए, प्रयास कीजिए॰ क्योंकि कोशिश न करना ही असली हार है। ச0Y*' 4 Y4096 # 7+++ <+<6+++ asudeeDai अपने लक्ष्य क्यों नहीं बनाते? ज्यादातर लोग (Why dont more people set goals?)-5 लोगों द्वारा लक्ष्य तय न किए जाने की एक और प्रमुख वजह है - असफलता का डर Fear of Failurel बहुत से लोग सोचते हैं - "अगर मैं कोशिश करूँ और सफल न हो सका तो क्या होगा ?० यह डर उनके अवचेतन मन में बैठ जाता है। वे मान लेते हैंकि - अगर लक्ष्य ही तय नहीं करेंगे , तो असफलता का सामना भी नहीं करना पड़ेगा | लेकिन वे यह नहीं समझते कि - लक्ष्य का न होना ही असफलता की शुरुआत है। जो व्यक्ति लक्ष्य नहीं बनाता, वह पहले ही हार मान चुका होता है। जबकिजो लक्ष्य बनाकर प्रयास करता है॰ वह हारकर भी अनुभव और सीख प्राप्त करता है। सच्चाई यह हैः असफलता अंत नहीं है बह सुधार और सीखने का अबसर है। डर हमें रोकता है, लेकिन साहस हमें आगे बढ़ाता है। Awhtf: असफलता का डर छोड़िए लक्ष्य बनाइए, प्रयास कीजिए॰ क्योंकि कोशिश न करना ही असली हार है। ச0Y*' 4 Y4096 # 7+++ <+<6+++ - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏गुरु महिमा😇 #🙏गीता ज्ञान🛕 #🧘सदगुरु जी🙏 #🙏आध्यात्मिक गुरु🙏
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - Sudheerba ज्यादातर लोग अपने लक्ष्य क्यों नहीं बनाते? (whydont more peoplesetgoals?|- 4 लोगों द्वारा लक्ष्य तय न किए जाने की एक और वजह है - अभिलाषा की कमी lLack of Aspiration| की नींव हमारे जीवन मूल्यों और अक्सरलक्ष्य एक भरपूर , सार्थकजीवन जीने की इच्छा पर टिकी होती है। जब यह इच्छा ही कमजोर हो, तो बड़े लक्ष्य भी नहीं बनते। संकीर्ण सोच (Limited Mindset) हमें आगे बढ़ने से रोकती है। एककहानी समझिए - एक मछुआरा जब भी बड़ी मछली पकड़ता, उसे वापस नदी में फेंक देता और केवल छोटी मछलियाँ रखता | किसी ने पूछा - " ऐसा क्यों ?" उसने कहा - * मेरी कढ़ाही छोटी है।" यही समस्या बहुत लोगों के साथ है। वे बड़ी सफलता इसलिए नहीं पाते, क्योंकि वे छोटी कढ़ाही लेकर चलते अर्थात उनकी सोच छोटी होती है। Fund: जीवन उतना ही बड़ा बनता है, जितनी बड़ी हमारी सोच होती है। यदि अभिलाषा बड़ी होगी , तो लक्ष्य भी बड़े होँगे। और यदि सोच सीमित होगी , तो अवसर भी सीमित रह जाएंगे। Y#& ९२ 74076 Sudheerba ज्यादातर लोग अपने लक्ष्य क्यों नहीं बनाते? (whydont more peoplesetgoals?|- 4 लोगों द्वारा लक्ष्य तय न किए जाने की एक और वजह है - अभिलाषा की कमी lLack of Aspiration| की नींव हमारे जीवन मूल्यों और अक्सरलक्ष्य एक भरपूर , सार्थकजीवन जीने की इच्छा पर टिकी होती है। जब यह इच्छा ही कमजोर हो, तो बड़े लक्ष्य भी नहीं बनते। संकीर्ण सोच (Limited Mindset) हमें आगे बढ़ने से रोकती है। एककहानी समझिए - एक मछुआरा जब भी बड़ी मछली पकड़ता, उसे वापस नदी में फेंक देता और केवल छोटी मछलियाँ रखता | किसी ने पूछा - " ऐसा क्यों ?" उसने कहा - * मेरी कढ़ाही छोटी है।" यही समस्या बहुत लोगों के साथ है। वे बड़ी सफलता इसलिए नहीं पाते, क्योंकि वे छोटी कढ़ाही लेकर चलते अर्थात उनकी सोच छोटी होती है। Fund: जीवन उतना ही बड़ा बनता है, जितनी बड़ी हमारी सोच होती है। यदि अभिलाषा बड़ी होगी , तो लक्ष्य भी बड़े होँगे। और यदि सोच सीमित होगी , तो अवसर भी सीमित रह जाएंगे। Y#& ९२ 74076 - ShareChat
#🧘सदगुरु जी🙏 #🙏आध्यात्मिक गुरु🙏 #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏गुरु महिमा😇 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
🧘सदगुरु जी🙏 - 0suunee0 ज्यादातरलोग अपने लक्ष्य क्यों नहीं बनाते? Wwhydontmorepeoplesetgoalsl- 3 लोगों द्वारा लक्ष्य तयन किएजाने की एक और वजह है = सफलता का आतंक Fear Of Success यह सुनने में अजीब लगता है॰ लेकिन कुछ लोग सफलता से भी डरते हैं। कारण क्याहै२ वे खुद को कम आंकते हैं। उन्हें लगता है - "मैं इतना बडा काम नहीं कर सकता। " या वे सोचते हैं कि सफलता के बाद जिम्मेदारियाँ बढ जाएँगी। कभी कभी लोग यह भी सोचते हैं - *अगर मैं सफल हो गया तो लोग क्या कहेंगे ?" "क्या मैं उस स्तरको संभाल पाऊँगाग़" इस तरह की आशंकाएँ मन में एक अदृश्य डर पैदा कर देती हैं। और व्यक्ति लक्ष्य बनाने से बचता है, ताकि उसे उस चुनौती का सामना न करना पड़। निष्कर्षः सफलता भी साहस मांगती है। खुद पर विश्वास करना और अपनी क्षमता को स्वीकार करना लक्ष्य तय करने की पहली शर्त है। जब हम खुद को योग्य मान लेते हैं॰ तो सफलता डर नहीं लगती - वह प्रेरणा बन जाती है। ९# ४९५ 0/+ 9 0suunee0 ज्यादातरलोग अपने लक्ष्य क्यों नहीं बनाते? Wwhydontmorepeoplesetgoalsl- 3 लोगों द्वारा लक्ष्य तयन किएजाने की एक और वजह है = सफलता का आतंक Fear Of Success यह सुनने में अजीब लगता है॰ लेकिन कुछ लोग सफलता से भी डरते हैं। कारण क्याहै२ वे खुद को कम आंकते हैं। उन्हें लगता है - "मैं इतना बडा काम नहीं कर सकता। " या वे सोचते हैं कि सफलता के बाद जिम्मेदारियाँ बढ जाएँगी। कभी कभी लोग यह भी सोचते हैं - *अगर मैं सफल हो गया तो लोग क्या कहेंगे ?" "क्या मैं उस स्तरको संभाल पाऊँगाग़" इस तरह की आशंकाएँ मन में एक अदृश्य डर पैदा कर देती हैं। और व्यक्ति लक्ष्य बनाने से बचता है, ताकि उसे उस चुनौती का सामना न करना पड़। निष्कर्षः सफलता भी साहस मांगती है। खुद पर विश्वास करना और अपनी क्षमता को स्वीकार करना लक्ष्य तय करने की पहली शर्त है। जब हम खुद को योग्य मान लेते हैं॰ तो सफलता डर नहीं लगती - वह प्रेरणा बन जाती है। ९# ४९५ 0/+ 9 - ShareChat
#🙏गुरु महिमा😇 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏आध्यात्मिक गुरु🙏 #🧘सदगुरु जी🙏
🙏गुरु महिमा😇 - ज्यादातर लोग अपने लक्ष्य क्यों नहीं बनाते? 031=188 (Why dont more people set goals2)=2 | ९ लोगों द्वारा लक्ष्य तय न किए जाने की कई वजहें होती हैं। उनमें से एक मुख्य कारण है = निराशावादी नजरिया (Pessimistic Attitudel ऐसे लोग संभावनाओं को नहीं देखते, बल्कि हमेशा रास्ते की बाधाओं पर ध्यान देते हैं। जहाँ अवसर होता है, वहाँ वे जोखिम देखते हैं। जहाँ संभावना होती है, वहाँ वे असफलता की कल्पना करते हैं। जहाँ शुरुआत करनी चाहिए, वहाँ वे बहाने ढूँढ लेते हैं। निराशावादी सोच व्यक्ति को प्रयास करने से पहले ही हरा देती है। वह लक्ष्य बनाने से इसलिए बचता है, ताकि असफलता का सामना न करना पड़। fund: दृष्टिकोण ही दिशा तय करता है। बाधाओं पर होगी , अगर नजर तो कदम आगे नहीं बढ़ेंगे। लेकिन यदि नजर संभावनाओं पर होगी , तो लक्ष्य बनाना और पाना दोनों आसान हो जाएंगे। 2 ज्यादातर लोग अपने लक्ष्य क्यों नहीं बनाते? 031=188 (Why dont more people set goals2)=2 | ९ लोगों द्वारा लक्ष्य तय न किए जाने की कई वजहें होती हैं। उनमें से एक मुख्य कारण है = निराशावादी नजरिया (Pessimistic Attitudel ऐसे लोग संभावनाओं को नहीं देखते, बल्कि हमेशा रास्ते की बाधाओं पर ध्यान देते हैं। जहाँ अवसर होता है, वहाँ वे जोखिम देखते हैं। जहाँ संभावना होती है, वहाँ वे असफलता की कल्पना करते हैं। जहाँ शुरुआत करनी चाहिए, वहाँ वे बहाने ढूँढ लेते हैं। निराशावादी सोच व्यक्ति को प्रयास करने से पहले ही हरा देती है। वह लक्ष्य बनाने से इसलिए बचता है, ताकि असफलता का सामना न करना पड़। fund: दृष्टिकोण ही दिशा तय करता है। बाधाओं पर होगी , अगर नजर तो कदम आगे नहीं बढ़ेंगे। लेकिन यदि नजर संभावनाओं पर होगी , तो लक्ष्य बनाना और पाना दोनों आसान हो जाएंगे। 2 - ShareChat
#🙏आध्यात्मिक गुरु🙏 #🙏गीता ज्ञान🛕 #🧘सदगुरु जी🙏 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏गुरु महिमा😇
🙏आध्यात्मिक गुरु🙏 - GSicheerbas ज्यादातर लोग अपने लक्ष्य क्यों नहीं बनाते? IWhy donit more people setgoals?) - 1 कुछ करने की कोशिश करके असफल हो जाने वाले लोग, उन लोगों से लाख गुना बेहतर हैं जो कुछ किए बिना सफल हो जाते हैं।" - Lloyd Jones इस कथन का संदेश बहुत प्रेरणादायक है। बहुत से लोग लक्ष्य इसलिए नहीं बनाते, क्योंकि उन्हें असफलता का डर होता है। वे सोचते हैं - "अगर कोशिश की और असफल हो गए तो?" लेकिन सच्चाई यह है कि - कोशिशकरने वाला व्यक्ति सीखता है। गिरकर उठने वाला व्यक्ति मजबूत बनता है। प्रयास करने वाला व्यक्ति अनुभव पाता है। कुछ लोग बिना लक्ष्य के जीते हैं जिबाक ताकि उन्हें असफलता का सामना न करना पड़। पर ऐसा जीवन न तो चुनौतीपूर्ण होता है, न ही संतोष देने वाला। निष्कर्षः लक्ष्य बनाना साहस मांगता है। असफलता का जोखिम उठाना ही सफलता की पहली सीढ़ी है। कोशिश करने वाला हारकर भी जीतता है॰ और कोशिश न करने वाला जीतकर भी कुछ खो देता है। YATY# ७Y## Y + GSicheerbas ज्यादातर लोग अपने लक्ष्य क्यों नहीं बनाते? IWhy donit more people setgoals?) - 1 कुछ करने की कोशिश करके असफल हो जाने वाले लोग, उन लोगों से लाख गुना बेहतर हैं जो कुछ किए बिना सफल हो जाते हैं।" - Lloyd Jones इस कथन का संदेश बहुत प्रेरणादायक है। बहुत से लोग लक्ष्य इसलिए नहीं बनाते, क्योंकि उन्हें असफलता का डर होता है। वे सोचते हैं - "अगर कोशिश की और असफल हो गए तो?" लेकिन सच्चाई यह है कि - कोशिशकरने वाला व्यक्ति सीखता है। गिरकर उठने वाला व्यक्ति मजबूत बनता है। प्रयास करने वाला व्यक्ति अनुभव पाता है। कुछ लोग बिना लक्ष्य के जीते हैं जिबाक ताकि उन्हें असफलता का सामना न करना पड़। पर ऐसा जीवन न तो चुनौतीपूर्ण होता है, न ही संतोष देने वाला। निष्कर्षः लक्ष्य बनाना साहस मांगता है। असफलता का जोखिम उठाना ही सफलता की पहली सीढ़ी है। कोशिश करने वाला हारकर भी जीतता है॰ और कोशिश न करने वाला जीतकर भी कुछ खो देता है। YATY# ७Y## Y + - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏गुरु महिमा😇 #🧘सदगुरु जी🙏 #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏आध्यात्मिक गुरु🙏
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - 74+ (Dreams)-4 eery सपनों को असलियत में बदलने वाले कदमः निश्चिन और साफ लक्ष्य लिखें। लक्ष्य जितना स्पष्ट होगा , उतनी ही आपकी दिशा साफ होगी | लिखा हुआ लक्ष्य मन पर गहरी छाप छोड़ता है। २ उसे हासिल करने का ठोस प्लान बनाएं। बिना योजना के लक्ष्य सिर्फ इच्छा बनकर रह जाता है। छोटे छोटे कदम तय करें और क्रमबद्ध तरीके से आगे बढ़ें। इन दोनों बातों को रोज़ कम से कम दो बार पढ़ें। 3 सुबह और रात पढ़ने से लक्ष्य अवचेतन मन में बैठने लगता है। में बढ बार-बार पढ़ना आपको याद दिलाता है कि आप किस दिशा ೯೯೯I ur - शुरुआत होती है, सपना देखने से लेकिन उसे लिखना, योजना बनाना और रोज़ दोहराना उसे वास्तविकता की ओर ले जाता है। निष्कर्षः दैनिक पुनरावृत्ति = स्पष्ट लक्ष्य + ठोस योजना + सपनों को सच करने की मजबूत प्रक्रिया। ९ . 9 74+ (Dreams)-4 eery सपनों को असलियत में बदलने वाले कदमः निश्चिन और साफ लक्ष्य लिखें। लक्ष्य जितना स्पष्ट होगा , उतनी ही आपकी दिशा साफ होगी | लिखा हुआ लक्ष्य मन पर गहरी छाप छोड़ता है। २ उसे हासिल करने का ठोस प्लान बनाएं। बिना योजना के लक्ष्य सिर्फ इच्छा बनकर रह जाता है। छोटे छोटे कदम तय करें और क्रमबद्ध तरीके से आगे बढ़ें। इन दोनों बातों को रोज़ कम से कम दो बार पढ़ें। 3 सुबह और रात पढ़ने से लक्ष्य अवचेतन मन में बैठने लगता है। में बढ बार-बार पढ़ना आपको याद दिलाता है कि आप किस दिशा ೯೯೯I ur - शुरुआत होती है, सपना देखने से लेकिन उसे लिखना, योजना बनाना और रोज़ दोहराना उसे वास्तविकता की ओर ले जाता है। निष्कर्षः दैनिक पुनरावृत्ति = स्पष्ट लक्ष्य + ठोस योजना + सपनों को सच करने की मजबूत प्रक्रिया। ९ . 9 - ShareChat
#🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏आध्यात्मिक गुरु🙏 #🧘सदगुरु जी🙏 #🙏गुरु महिमा😇 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
🙏गीता ज्ञान🛕 - 44+ (Dreams)-3| eeass चाहतों में मजबूती तब आती है, जब वे इन चार आधारों पर टिकी हों = दिशा (Directionl = कहाँ जाना है, यह स्पष्ट हो। समर्पण DedicationJ = लक्ष्य के प्रति पूर्ण प्रतिबद्धता हो। अनुशासन Discplinel - रोज़़ नियमित प्रयास करने की आदत हो। 8,46646}! समय सीमा Deadllinel कब तक पाना यही वे तत्व हैं जो इच्छा और लक्ष्य में अंतर पैदा करते हैं। सिर्फ चाहत है। इच्छा लक्ष्य वह सपना है जिसके साथ समय सीमा और कार्य ्योजना जुड़ी होती है। ध्यान रखें - लक्ष्य मूल्यवान भी हो सकते हैं और मूल्यहीन भी। इसलिए लक्ष्य चुनते समय अपने मूल्यों और उद्देश्य को भी ध्यान में रखें। अंततः सपनों को हकीकत में बदलने वाली चीज़ सिर्फ चाहत नहीं, बल्कि लगन, अनुशासन और निरंतर प्रयास है। निष्कर्षः दिशा + अनुशासन + समयन्सीमा = लक्ष्य ٦٦+ और लक्ष्य + लगन = सफलता + 44+ (Dreams)-3| eeass चाहतों में मजबूती तब आती है, जब वे इन चार आधारों पर टिकी हों = दिशा (Directionl = कहाँ जाना है, यह स्पष्ट हो। समर्पण DedicationJ = लक्ष्य के प्रति पूर्ण प्रतिबद्धता हो। अनुशासन Discplinel - रोज़़ नियमित प्रयास करने की आदत हो। 8,46646}! समय सीमा Deadllinel कब तक पाना यही वे तत्व हैं जो इच्छा और लक्ष्य में अंतर पैदा करते हैं। सिर्फ चाहत है। इच्छा लक्ष्य वह सपना है जिसके साथ समय सीमा और कार्य ्योजना जुड़ी होती है। ध्यान रखें - लक्ष्य मूल्यवान भी हो सकते हैं और मूल्यहीन भी। इसलिए लक्ष्य चुनते समय अपने मूल्यों और उद्देश्य को भी ध्यान में रखें। अंततः सपनों को हकीकत में बदलने वाली चीज़ सिर्फ चाहत नहीं, बल्कि लगन, अनुशासन और निरंतर प्रयास है। निष्कर्षः दिशा + अनुशासन + समयन्सीमा = लक्ष्य ٦٦+ और लक्ष्य + लगन = सफलता + - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏गुरु महिमा😇 #🧘सदगुरु जी🙏 #🙏आध्यात्मिक गुरु🙏 #🙏गीता ज्ञान🛕
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - AsudeerDass 44d (Dreams) - 2 लोग अक्सर इच्छा या सपने को ही लक्ष्य समझने की भूल कर बैठते हैं। लेकिन सच यह है कि - सपने और इच्छाएँ सिर्फ चाहत होती हैं। और चाहतें अक्सर कमजोर होती हैं। इच्छा कहती है - "काश ऐसा हो जाए... ' लेकिन लक्ष्य कहता है - "मैं इसे हासिल करूँगा , चाहे मेहनत करनी पडे़े।" सपना देखना शुरुआत है॰ पर बिना योजना, समयन्सीमा और प्रयास के वह सिर्फ कल्पना बनकर रह जाता है। फर्क यह हैः सपना आपको प्रेरित करता है। अनुशासित i है। लक्ष्य आपको  बनाता ٨٠٩: चाहत को शक्ति तभी मिलती है जब वह स्पष्ट लक्ष्य और ठोस कार्य योजना में बदलती है। देखिए. सपना पर उसे लक्ष्य बनाइए - तभी वह वास्तविकता बनेगा। ९४ Y #6 AsudeerDass 44d (Dreams) - 2 लोग अक्सर इच्छा या सपने को ही लक्ष्य समझने की भूल कर बैठते हैं। लेकिन सच यह है कि - सपने और इच्छाएँ सिर्फ चाहत होती हैं। और चाहतें अक्सर कमजोर होती हैं। इच्छा कहती है - "काश ऐसा हो जाए... ' लेकिन लक्ष्य कहता है - "मैं इसे हासिल करूँगा , चाहे मेहनत करनी पडे़े।" सपना देखना शुरुआत है॰ पर बिना योजना, समयन्सीमा और प्रयास के वह सिर्फ कल्पना बनकर रह जाता है। फर्क यह हैः सपना आपको प्रेरित करता है। अनुशासित i है। लक्ष्य आपको  बनाता ٨٠٩: चाहत को शक्ति तभी मिलती है जब वह स्पष्ट लक्ष्य और ठोस कार्य योजना में बदलती है। देखिए. सपना पर उसे लक्ष्य बनाइए - तभी वह वास्तविकता बनेगा। ९४ Y #6 - ShareChat
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🙏आध्यात्मिक गुरु🙏 - aseenbass सपने IDreams - 1 "महान मस्तिष्क उद्देश्य से भरे होते हैं और अन्य लोगों के पास केवल इच्छाएँ होती हैं।" Washington Irving अर्थ बहुत ; गहरा है। इस कथन का IWish) सिर्फ चाहत होती है = इच्छा "काश मैं सफल हो जाऊँ... ' लेकिन उद्देश्य ( Purposel स्पष्ट दिशा देता है - "मैं इस लक्ष्य को पाने के लिए रोज़ 2 घंटे मेहनत करूँगा ।" सपने देखना अच्छी बात है, लेकिन केवल सपने देखना काफी नहीं। सपनों को उद्देश्य में बदलना ही सफलता की शुरुआत है। महान लोग सपने देखते ही नहीं, उन्हें पूरा करने की योजना भी बनाते हैं। निष्कर्षः इच्छा आपको सोचने पर मजबूर करती है, लेकिन उद्देश्य आपको काम करने पर मजबूर करता है। देखिए... ٦٦٦ पर उसे लक्ष्य और उद्देश्य में बदल दीजिए - तभी वह सच बनेगा। aseenbass सपने IDreams - 1 "महान मस्तिष्क उद्देश्य से भरे होते हैं और अन्य लोगों के पास केवल इच्छाएँ होती हैं।" Washington Irving अर्थ बहुत ; गहरा है। इस कथन का IWish) सिर्फ चाहत होती है = इच्छा "काश मैं सफल हो जाऊँ... ' लेकिन उद्देश्य ( Purposel स्पष्ट दिशा देता है - "मैं इस लक्ष्य को पाने के लिए रोज़ 2 घंटे मेहनत करूँगा ।" सपने देखना अच्छी बात है, लेकिन केवल सपने देखना काफी नहीं। सपनों को उद्देश्य में बदलना ही सफलता की शुरुआत है। महान लोग सपने देखते ही नहीं, उन्हें पूरा करने की योजना भी बनाते हैं। निष्कर्षः इच्छा आपको सोचने पर मजबूर करती है, लेकिन उद्देश्य आपको काम करने पर मजबूर करता है। देखिए... ٦٦٦ पर उसे लक्ष्य और उद्देश्य में बदल दीजिए - तभी वह सच बनेगा। - ShareChat