प्रिय रंजन किशोर प्रसाद
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#📚कविता-कहानी संग्रह #💓 मोहब्बत दिल से #😉 और बताओ #🙏कर्म क्या है❓ #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
📚कविता-कहानी संग्रह - बेमिसाल साहित्यिक मंच विजित रचना सर्वश्रेष्ठ कलमकार आइना आईना के सामने खड़े होने से కడేానే: प्रतिबिम्ब पडता है। आइने में मैं नहीं, केवल मेरी सूरत है। तो आइने से मौह क्यों। चाँद चमकता है ؟ के प्रकाश से का सौन्दर्य सूर्य के प्रकाश से है। र्ता चाँद् से मोह क्यों। मन के दर्पण में भावना चमकती है मन के अंदर तो सोच है। फिर मन से मोह क्यों। देह प्रदीप्त है उस परमात्मा के अंश से, देह नश्वर सही अनंत आत्मा तो है। फिर इस देह से मोह क्यों। प्रिय रंजन किशोर प्रसाद संस्थापिकाःमिठू डे 6/2/2026 दिनांकः बेमिसाल साहित्यिक मंच विजित रचना सर्वश्रेष्ठ कलमकार आइना आईना के सामने खड़े होने से కడేానే: प्रतिबिम्ब पडता है। आइने में मैं नहीं, केवल मेरी सूरत है। तो आइने से मौह क्यों। चाँद चमकता है ؟ के प्रकाश से का सौन्दर्य सूर्य के प्रकाश से है। र्ता चाँद् से मोह क्यों। मन के दर्पण में भावना चमकती है मन के अंदर तो सोच है। फिर मन से मोह क्यों। देह प्रदीप्त है उस परमात्मा के अंश से, देह नश्वर सही अनंत आत्मा तो है। फिर इस देह से मोह क्यों। प्रिय रंजन किशोर प्रसाद संस्थापिकाःमिठू डे 6/2/2026 दिनांकः - ShareChat
#📝गणपति भक्ति स्टेटस🌺 #🙏 माँ वैष्णो देवी #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🙏गुरु महिमा😇
📝गणपति भक्ति स्टेटस🌺 - ShareChat
#📚कविता-कहानी संग्रह #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #💓 मोहब्बत दिल से #😛 व्यंग्य 😛 #😉 और बताओ
📚कविता-कहानी संग्रह - दर्द खुशी মান ঔণমান| हँसी आंसु ঔণনা পযাযা| रिश्ते नाते अर्थ धन दौलत। কম ব নুস अपना व पराया। देह तक है, बाद कुछ भी नहीं| प्रिय रंजन किशोर प्रसाद Your uote.in दर्द खुशी মান ঔণমান| हँसी आंसु ঔণনা পযাযা| रिश्ते नाते अर्थ धन दौलत। কম ব নুস अपना व पराया। देह तक है, बाद कुछ भी नहीं| प्रिय रंजन किशोर प्रसाद Your uote.in - ShareChat
#💓 मोहब्बत दिल से #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #📚कविता-कहानी संग्रह
💓 मोहब्बत दिल से - ^11 अमृत दारा साहित्यिक परिवार A सर्वश्रेष्ठ रचनाकार दिनांक २9/1/२०२६ !17 VARCLL प्रशस्ति पत्र अमृत धारा। नमन मंच। दिनांक २९ जनवरी २०२६| दैनिक काव्य प्रतियोगिता। स्व रचित रचना। शीर्षक आभार तेरा। आभारतेरा आभार तेरा सरकार मेरे आभार तेरा। दिया हे जीवन हमारा तुमने সাপ্া নযা সাপা নযা ! तेरी दया का जो सहारा न होता। तो दुनियां में मेरा गुजारा न होता। तेरी दया से है औकात HTI 3TI IIMTATTI7 आभार तेरा आभार तेरा। धन भी तुम्हारा है मन भी तुम्हारा। जो कुछ मिला है सब है तुम्हारा| दिए तेरे सेघर रौशन हमारा। आभारतेरा आभार तेरा। है मन मंदिर में तेरा ही मूरत। तूने निभाये मेरी सारी जरूरत। दयावान तेरी दया बड़ा न्यारा। आभार तेरा आभार तेरा। प्रिय रंजन किशोर प्रसाद मल्हीपुर बरौनी थर्मल, बेगूसराय, बिहार। ADMIN ADMIN ADMIN श्रीमती मीनू द्विवेदी  श्रीमती मीना खन्ना श्रीमती रूबी मनोज झा ^11 अमृत दारा साहित्यिक परिवार A सर्वश्रेष्ठ रचनाकार दिनांक २9/1/२०२६ !17 VARCLL प्रशस्ति पत्र अमृत धारा। नमन मंच। दिनांक २९ जनवरी २०२६| दैनिक काव्य प्रतियोगिता। स्व रचित रचना। शीर्षक आभार तेरा। आभारतेरा आभार तेरा सरकार मेरे आभार तेरा। दिया हे जीवन हमारा तुमने সাপ্া নযা সাপা নযা ! तेरी दया का जो सहारा न होता। तो दुनियां में मेरा गुजारा न होता। तेरी दया से है औकात HTI 3TI IIMTATTI7 आभार तेरा आभार तेरा। धन भी तुम्हारा है मन भी तुम्हारा। जो कुछ मिला है सब है तुम्हारा| दिए तेरे सेघर रौशन हमारा। आभारतेरा आभार तेरा। है मन मंदिर में तेरा ही मूरत। तूने निभाये मेरी सारी जरूरत। दयावान तेरी दया बड़ा न्यारा। आभार तेरा आभार तेरा। प्रिय रंजन किशोर प्रसाद मल्हीपुर बरौनी थर्मल, बेगूसराय, बिहार। ADMIN ADMIN ADMIN श्रीमती मीनू द्विवेदी  श्रीमती मीना खन्ना श्रीमती रूबी मनोज झा - ShareChat
मंच को धन्यवाद #📚कविता-कहानी संग्रह #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #💓 मोहब्बत दिल से
📚कविता-कहानी संग्रह - कवि संसार साहित्य राष्ट्रीय मंच उत्तराखंड पंजीकृत " संसार कवि क्रमांकःUDYAM _UK_01_0006२98 दैनिक आपोजन साहित्य के मोती कवि संसार साहित्य राष्ट्रीय मंच বিলাক্র: नमन मंच। दिनांक २९ जनवरी २०२६| दिनांक291/२०२६ दनिक काव्य प्रतियोगिता। स्व रचित रचना। शीर्षक आभार तेरा। आभार तेरा आभार तेरा सरकार मेरेआभारतेरा। दिया हःजीवन हमारा নুসন সাপানযা সাপা নযা Mmmmhnmi तेरी दया काजो सहारा न होता। तो दुनियां में मेरा गुजारा न होता। तेरी दया से हे ओकात मेरा। आभार तेरा आभार तेरा। धन भी तुम्हारा हे मन भी तुम्हारा। जो कुछ मिला हःसब ह तुम्हारा। तेरे दिएसेघर रोशन हमारा। आभारतेरा आभारतेरा। ह मन मंदिर में तेरा ही मूरत। तूने निभाये मेरी सारी जरूरत। दयावान तेरी दया बड़ा न्यारा। आभार तेरा आभारतेरा। प्रिय रंजन किशोर प्रसाद मल्हीपुर, बरौनी थर्मल, बेगूसराय, बिहार। 0 बी नेगी कृष्णा eಡs कचिता साच #ಗಾ সাশীতিন্া कवि संसार साहित्य राष्ट्रीय मंच उत्तराखंड पंजीकृत " संसार कवि क्रमांकःUDYAM _UK_01_0006२98 दैनिक आपोजन साहित्य के मोती कवि संसार साहित्य राष्ट्रीय मंच বিলাক্র: नमन मंच। दिनांक २९ जनवरी २०२६| दिनांक291/२०२६ दनिक काव्य प्रतियोगिता। स्व रचित रचना। शीर्षक आभार तेरा। आभार तेरा आभार तेरा सरकार मेरेआभारतेरा। दिया हःजीवन हमारा নুসন সাপানযা সাপা নযা Mmmmhnmi तेरी दया काजो सहारा न होता। तो दुनियां में मेरा गुजारा न होता। तेरी दया से हे ओकात मेरा। आभार तेरा आभार तेरा। धन भी तुम्हारा हे मन भी तुम्हारा। जो कुछ मिला हःसब ह तुम्हारा। तेरे दिएसेघर रोशन हमारा। आभारतेरा आभारतेरा। ह मन मंदिर में तेरा ही मूरत। तूने निभाये मेरी सारी जरूरत। दयावान तेरी दया बड़ा न्यारा। आभार तेरा आभारतेरा। प्रिय रंजन किशोर प्रसाद मल्हीपुर, बरौनी थर्मल, बेगूसराय, बिहार। 0 बी नेगी कृष्णा eಡs कचिता साच #ಗಾ সাশীতিন্া - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #📚कविता-कहानी संग्रह #😉 और बताओ #😛 व्यंग्य 😛
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - कौन कहता है कि ब्यक्ति की और प्रकृति हस्ताक्षर कभी नहीं बदलते पाते हैं। बस एक चोट की दरकार है दिल पर लगे तो और प्रकृति अंगूठे में लगे तो हस्ताक्षर बदल ही जाते हैं। कन्हैया श्री रंजन uotein Your कौन कहता है कि ब्यक्ति की और प्रकृति हस्ताक्षर कभी नहीं बदलते पाते हैं। बस एक चोट की दरकार है दिल पर लगे तो और प्रकृति अंगूठे में लगे तो हस्ताक्षर बदल ही जाते हैं। कन्हैया श्री रंजन uotein Your - ShareChat
जय गणतंत्र। स्व रचित रचना। #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान #I ❤️️ इंडियन आर्मी 🇮🇳 #✍🏻भारतीय संविधान📕 #🇮🇳 देशभक्ति
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स्व रचित रचना #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
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#📚कविता-कहानी संग्रह #💝 शायराना इश्क़ #💓 मोहब्बत दिल से #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
📚कविता-कहानी संग्रह - आंख छलक आए तो फिर मुस्कुराना मुश्किल है। जख्म दिल के गहरे हो तो दर्द छुपाना मुश्किल है। प्रिय रंजन किशोर प्रसाद uotein Your आंख छलक आए तो फिर मुस्कुराना मुश्किल है। जख्म दिल के गहरे हो तो दर्द छुपाना मुश्किल है। प्रिय रंजन किशोर प्रसाद uotein Your - ShareChat