Dharm   Nath
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Dharm Nath
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षड रस से जीवन चले।ओ क्षेत्री उर्ध्वरेती भव।
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📰GK & करेंट अफेयर्स Students💡 - Judge and Lawers may be The criminals and kept in a Jail] Giribala &her son actions proved [ This could be possible due to BJP rulel AUR KITNE ACHCHEY DIN DIN CHAHIE Judge and Lawers may be The criminals and kept in a Jail] Giribala &her son actions proved [ This could be possible due to BJP rulel AUR KITNE ACHCHEY DIN DIN CHAHIE - ShareChat
कुछ दिन पहले भाजपा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने सुप्रीम कोर्ट में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा: "अगर इस देश में धार्मिक हिंसा भड़काने के लिए कोई जिम्मेदार है, तो वह सुप्रीम कोर्ट और उसके जज हैं!" उनके इस बयान से बड़ा विवाद खड़ा हो गया और विपक्षी दलों ने उनकी कड़ी आलोचना की। हालांकि, जाने-माने वैज्ञानिक, लेखक और वक्ता आनंद रंगनाथन ने दुबे का पूरा समर्थन करते हुए एक वीडियो बयान जारी किया। धाराप्रवाह अंग्रेजी में रंगनाथन ने सुप्रीम कोर्ट से 9 शक्तिशाली सवाल पूछे। ये सवाल बहुत महत्वपूर्ण हैं। नीचे हिंदी में एक संक्षिप्त सारांश दिया गया है, जिसे अब सभी के समझने के लिए अंग्रेजी में अनुवादित किया गया है: आनंद रंगनाथन के सुप्रीम कोर्ट से 9 सवाल: 1. 'कश्मीर मुद्दे पर दोहरे मापदंड:' सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को हटाने के खिलाफ विपक्षी दलों की याचिकाओं पर तुरंत विचार किया। लेकिन जब 1990 के दशक में कश्मीरी हिंदुओं के खिलाफ़ अत्याचारों के बारे में याचिकाएँ दायर की गईं - जैसे जबरन विस्थापन, घरों पर कब्ज़ा, मंदिरों को तोड़ना, हत्याएँ, बलात्कार और सामूहिक पलायन - तो उन्हें कोर्ट ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि, "यह बहुत पहले हुआ था।" *क्या यह दोहरा मापदंड नहीं है? क्या इससे हिंदुओं में गुस्सा नहीं पैदा होता? क्या यह धार्मिक संघर्ष का कारण नहीं बनता? 2. 'वक्फ बोर्ड के दुरुपयोग पर चुप्पी:` सुप्रीम कोर्ट अब वक्फ बोर्ड के सुधारों को लेकर चिंतित है। लेकिन पिछले 30 वर्षों में, वक्फ बोर्ड ने अवैध रूप से संपत्ति जब्त की, करों से परहेज किया और एक समानांतर न्यायिक प्रणाली संचालित की - फिर भी कोर्ट चुप रहा। यदि सुधारों को इस्लाम के लिए खतरा माना जाता है, तो हिंदू भूमि पर मस्जिद और दरगाह बनाना कैसे स्वीकार्य था? वक्फ बोर्ड ने 2 मिलियन से अधिक हिंदुओं की संपत्ति जब्त की। सुप्रीम कोर्ट चुप रहा। अगर यह धार्मिक पक्षपात नहीं है, तो क्या है? 3. `मंदिरों का धन कहीं और खर्च किया जाता है, हिंदुओं पर प्रतिबंध:` हिंदू मंदिरों पर सरकार का नियंत्रण है। उनकी आय का उपयोग मदरसों, हज यात्राओं, वक्फ बोर्ड, इफ्तार दावतों और ऋणों के लिए किया जाता है। लेकिन हिंदू धार्मिक गतिविधियों पर प्रतिबंध हैं। हिंदू अधिकारों से संबंधित याचिकाएँ अक्सर खारिज कर दी जाती हैं। अल्पसंख्यकों को हमेशा विशेष प्राथमिकता दी जाती है। *क्या यह उचित है? या यह हिंदुओं के गुस्से को भड़काने का एक तरीका है? 4. `हिंदुओं के खिलाफ शिक्षा में भेदभाव:` शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत, हिंदू स्कूलों को अल्पसंख्यकों के लिए 25% सीटें आरक्षित करनी चाहिए। लेकिन मुस्लिम और ईसाई संस्थानों को इस नियम से छूट दी गई है। हजारों हिंदू स्कूलों को बंद करना पड़ा, और हिंदू बच्चे अब गैर-हिंदू संस्थानों में पढ़ते हैं। *क्या यह धर्म परिवर्तन को बढ़ावा नहीं दे रहा है? सुप्रीम कोर्ट इस एकतरफा नियम को क्यों नहीं देखता? 5. `स्वतंत्र भाषण का पाखंड:` जब हिंदू बोलते हैं, तो इसे “घृणास्पद भाषण” कहा जाता है। जब दूसरे बोलते हैं, तो इसे "अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता" कहा जाता है। नुपुर शर्मा ने केवल हदीस से उद्धरण दिया, और न्यायालय ने इसे घृणास्पद भाषण कहा। लेकिन जब स्टालिन और अन्य नेताओं ने सनातन धर्म को "बीमारी" कहा, तो न्यायालय चुप रहा। *क्या यह न्याय है? 6. `हिंदू परंपराओं पर पक्षपातपूर्ण प्रतिबंध:` सर्वोच्च न्यायालय ने दशहरा पशु बलि जैसी हिंदू प्रथाओं पर प्रतिबंध लगा दिया। लेकिन ईद के दौरान सामूहिक हलाल पशु वध के बारे में कोई सवाल नहीं उठाया गया। जन्माष्टमी के दौरान, दही हांडी समारोह में ऊंचाई प्रतिबंध का सामना करना पड़ता है। लेकिन मुहर्रम से संबंधित हिंसा के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। दिवाली के पटाखों को पर्यावरण के लिए हानिकारक कहा जाता है, लेकिन क्रिसमस की आतिशबाजी की कोई आलोचना नहीं होती। *क्या यह भेदभाव नहीं है? 7. `पूजा स्थल अधिनियम हिंदू पुनर्स्थापना को रोकता है:` 1991 के पूजा स्थल अधिनियम में यह अनिवार्य किया गया है कि 15 अगस्त, 1947 तक के स्थानों के धार्मिक चरित्र को नहीं बदला जाना चाहिए। यह कानून हिंदुओं को उन प्राचीन मंदिरों को पुनः प्राप्त करने से रोकता है जिन्हें नष्ट कर दिया गया था या परिवर्तित कर दिया गया था। राम मंदिर के लिए कई दशकों तक लड़ाई लड़नी पड़ी। कई अन्य मंदिरों पर अतिक्रमण जारी है। *क्या यह ऐतिहासिक अन्याय नहीं है? 8. `केवल हिंदू परंपराओं को निशाना बनाना:` सबरीमाला मामले में, न्यायालय ने हिंदू भावनाओं को ठेस पहुँचाई। कुछ हिंदू मंदिरों में केवल पुरुषों या केवल महिलाओं के रीति-रिवाजों का पालन किया जाता है। लेकिन न्यायालय ने केवल हिंदू परंपराओं पर सवाल उठाया। इस्लाम में, महिलाएँ मस्जिदों में प्रवेश नहीं कर सकती हैं या कुछ खास परिस्थितियों में कुरान नहीं पढ़ सकती हैं। ईसाई धर्म में, महिलाएँ पुजारी नहीं बन सकती हैं। न्यायालय ने उन धर्मों पर सवाल क्यों नहीं उठाया? 9. `सीएए विरोधी प्रदर्शनों के दौरान निष्क्रियता:` शाहीन बाग़ विरोध और सीएए विरोधी दंगों के दौरान, सुप्रीम कोर्ट ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। प्रदर्शनकारियों ने सार्वजनिक सड़कें जाम कर दीं, लेकिन न्यायालय ने इसे नहीं रोका। *क्या यह कानून का मज़ाक नहीं है? क्या इससे भी हिंदुओं का गुस्सा नहीं बढ़ा? क्या यह बहुसंख्यक वर्ग के साथ भेदभाव उन्हीं के देश के नहीं हो रहा है आप सभी अपना विचार व्यक्त करें! #📰GK & करेंट अफेयर्स Students💡 #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏कर्म क्या है❓ #🥰Express Emotion
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🥰Express Emotion - X Follow NBT Uttar Pradesh Nbm ٥٧٢ ٧٥٧٢ 2d उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के खोड़ा कॉलोनी में सूर्या चौहान की पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। दोस्ती हत्या का मामला में बुलाकर  चाकू से वार कर गंभीर रूप से घायल कर देना और फिर मौत की घटना ने हर किसी को झकझोड़ दिया है। इस मामले में अब प्रतापगढ के कुंडा से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के बेटे शिवराज प्रताप सिंह का गुस्सा सामने आया है। उन्होंने इस पूरे मामले पर एक वर्ग की चुप्पी पर सवाल खड़े किए हैं। शिवराज ने कहा कि अगर इस प्रकार के दृश्य फिल्मों में दिखाए जाएं तो एक वर्ग इसे प्रोपेगेंडा मूवी करार देकर हंगामा शुरू कर I X Follow NBT Uttar Pradesh Nbm ٥٧٢ ٧٥٧٢ 2d उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के खोड़ा कॉलोनी में सूर्या चौहान की पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। दोस्ती हत्या का मामला में बुलाकर  चाकू से वार कर गंभीर रूप से घायल कर देना और फिर मौत की घटना ने हर किसी को झकझोड़ दिया है। इस मामले में अब प्रतापगढ के कुंडा से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के बेटे शिवराज प्रताप सिंह का गुस्सा सामने आया है। उन्होंने इस पूरे मामले पर एक वर्ग की चुप्पी पर सवाल खड़े किए हैं। शिवराज ने कहा कि अगर इस प्रकार के दृश्य फिल्मों में दिखाए जाएं तो एक वर्ग इसे प्रोपेगेंडा मूवी करार देकर हंगामा शुरू कर I - ShareChat
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📰GK & करेंट अफेयर्स Students💡 - Dharm Nath Just now 88 6 Before POK east Bengal must be taken over by Dharm Rakshak so as to save Kafrs frst Dharm Nath Just now 88 6 Before POK east Bengal must be taken over by Dharm Rakshak so as to save Kafrs frst - ShareChat
If it is right then Yogiji must look into.& also Asad father be hanged till death for ordering Asad to Murder Surya #🙏कर्म क्या है❓ #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #👩‍🌾खान सर मोटिवेशन💡 #🧮 सरल गणित / Reasoning
🙏कर्म क्या है❓ - विश्वब्राह्मण शिवम विश्वकर्मा Follow 4d ये पवन शर्मा है अभी 9क्लास में पढ रहा था जिस तरह गाजियाबाद के सूर्या चौहान को बकरीद के दिन हत्या किए ऐसे ही पवन शर्मा को घर से नहला कर बुला कर ले जा कर कई मुस्लिम मिलकर बकरीद के दिन १८/०६/२४को उसके भाई बहन के सामने बलि के इरादे से हत्या किए और जो घर से बुला कर ले गए उनको कसया थाना में एक सप्ताह बैठा कर छोड़ दिए और पुलिस और पुलिस प्रशासन ने अभी तक हत्या का भी खुलासा नहीं किए ने हत्यारे से मिलकर रुपया लेकर सब हत्या को दबा दिए और पवन शर्मा के घर वाले मुस्लिमो के डर से अपना घर छोड़ कर पलायन भी हो गए हैं और पवन शर्मा का घर शाहपुर  তিলা कुर्मोटा  कुशीनगर थाना कसया है और काश पवन शर्मा को भी न्याय के लिए आगे आए होते तो शायद पवन शर्मा को भी न्याय मिल गया होता और सभी हत्यारे को इनकाउंटर और उनके घर पर भी बुलडोजर चल गया होता लेकिन केवल बड़े लोगो को न्याय मिल रहा है और गरीब की बात को हर जगह दबा दिया जा रहा है विश्वब्राह्मण शिवम विश्वकर्मा Follow 4d ये पवन शर्मा है अभी 9क्लास में पढ रहा था जिस तरह गाजियाबाद के सूर्या चौहान को बकरीद के दिन हत्या किए ऐसे ही पवन शर्मा को घर से नहला कर बुला कर ले जा कर कई मुस्लिम मिलकर बकरीद के दिन १८/०६/२४को उसके भाई बहन के सामने बलि के इरादे से हत्या किए और जो घर से बुला कर ले गए उनको कसया थाना में एक सप्ताह बैठा कर छोड़ दिए और पुलिस और पुलिस प्रशासन ने अभी तक हत्या का भी खुलासा नहीं किए ने हत्यारे से मिलकर रुपया लेकर सब हत्या को दबा दिए और पवन शर्मा के घर वाले मुस्लिमो के डर से अपना घर छोड़ कर पलायन भी हो गए हैं और पवन शर्मा का घर शाहपुर  তিলা कुर्मोटा  कुशीनगर थाना कसया है और काश पवन शर्मा को भी न्याय के लिए आगे आए होते तो शायद पवन शर्मा को भी न्याय मिल गया होता और सभी हत्यारे को इनकाउंटर और उनके घर पर भी बुलडोजर चल गया होता लेकिन केवल बड़े लोगो को न्याय मिल रहा है और गरीब की बात को हर जगह दबा दिया जा रहा है - ShareChat
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👩‍🌾खान सर मोटिवेशन💡 - सरकार चाहे तो एक झटके में गाय काटने पर रोक लगा सकती है, लेकिन फिर वोट मांगने के लिए कुछ बचेगा नहीं... खान सर stop to want they MusLims but 11 tero it do world wont be wont therel their in Because left anything aim 11fe Send a gift  सरकार चाहे तो एक झटके में गाय काटने पर रोक लगा सकती है, लेकिन फिर वोट मांगने के लिए कुछ बचेगा नहीं... खान सर stop to want they MusLims but 11 tero it do world wont be wont therel their in Because left anything aim 11fe Send a gift - ShareChat
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📰GK & करेंट अफेयर्स Students💡 - Dainik Jagran Subscribe दनिय जागरण  1h विज्ञानी दुनिया का पहला ऐसा डस्टबिन बनाने के करीब पहुंच गए हैं, जहां परमाणु कचरा डाला जाएगा और फिर उसे लगभग एक वर्षों के लिए सील कर दिया जाएगा। इस अवधि में क्षरण लाख होकर रेडियोएक्टिव पदार्थ लगभग उसी स्थिति में पहुंच जाएगा, जिस स्थिति में जमीन के अंदर मौजूद यूरेनियम अयस्क प्राकृतिक होता है। यह परमाणु डस्टबिन दक्षिण पश्चिम फिनलैंड के स्थित यूराजोकी जंगलों में जमीन से ४३३ मीटर की गहराई में बनाया गया है। यहां में सुरंगें बनाकर रास्ता बनाया गया है। इस अरबों वर्ष  पुरानी  चट्टानों  के बाद बचे हुए डस्टबिन में दशकों से परमाणु बिजली बनाने रेडियोएक्टिव कचरे को दफनाने की तैयारी है। हर परमाणु संयंत्र से ऐसा कचरा निकलता है जो हजारों वर्षों तक रेडियोएक्टिव बना रहता है। पिछली सदी के छठे दशक में जब परमाणु संयंत्र शुरू हुए थे, तब से अलग-्अलग देश परमाणु कचरे को ठिकाने लगाने की समस्या से जझ रहे हैं। Dainik Jagran Subscribe दनिय जागरण  1h विज्ञानी दुनिया का पहला ऐसा डस्टबिन बनाने के करीब पहुंच गए हैं, जहां परमाणु कचरा डाला जाएगा और फिर उसे लगभग एक वर्षों के लिए सील कर दिया जाएगा। इस अवधि में क्षरण लाख होकर रेडियोएक्टिव पदार्थ लगभग उसी स्थिति में पहुंच जाएगा, जिस स्थिति में जमीन के अंदर मौजूद यूरेनियम अयस्क प्राकृतिक होता है। यह परमाणु डस्टबिन दक्षिण पश्चिम फिनलैंड के स्थित यूराजोकी जंगलों में जमीन से ४३३ मीटर की गहराई में बनाया गया है। यहां में सुरंगें बनाकर रास्ता बनाया गया है। इस अरबों वर्ष  पुरानी  चट्टानों  के बाद बचे हुए डस्टबिन में दशकों से परमाणु बिजली बनाने रेडियोएक्टिव कचरे को दफनाने की तैयारी है। हर परमाणु संयंत्र से ऐसा कचरा निकलता है जो हजारों वर्षों तक रेडियोएक्टिव बना रहता है। पिछली सदी के छठे दशक में जब परमाणु संयंत्र शुरू हुए थे, तब से अलग-्अलग देश परमाणु कचरे को ठिकाने लगाने की समस्या से जझ रहे हैं। - ShareChat
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🥰Express Emotion - फ़one 0 = Advertisement One person has died and several others have been injured in an Iranian drone hit on Kuwaits international airport the emirate says, as the US and Iran trade strikes in one of the biggest volleys of attacks in weeks: Todays hostilities were one of the most dramatic since the ceasefire began in April negotiations were already and hit as peace on rockv around फ़one 0 = Advertisement One person has died and several others have been injured in an Iranian drone hit on Kuwaits international airport the emirate says, as the US and Iran trade strikes in one of the biggest volleys of attacks in weeks: Todays hostilities were one of the most dramatic since the ceasefire began in April negotiations were already and hit as peace on rockv around - ShareChat