Dharm   Nath
ShareChat
click to see wallet page
@328137247
328137247
Dharm Nath
@328137247
षड रस से जीवन चले।ओ क्षेत्री उर्ध्वरेती भव।
#🔊सुन्दर कांड🕉️ #🥰Express Emotion #🙏कर्म क्या है❓ #👩‍🎨WhatsApp प्रोफाइल DP #😉 और बताओ
🔊सुन्दर कांड🕉️ - When Russia withdrew working at Iran persons nuclear sites then only US & Ianbombed those siteskya??? If yes then] RussiaUSIsraelhave better cohesion than Russia Iran When Russia withdrew working at Iran persons nuclear sites then only US & Ianbombed those siteskya??? If yes then] RussiaUSIsraelhave better cohesion than Russia Iran - ShareChat
#👩‍🎨WhatsApp प्रोफाइल DP #😉 और बताओ #🙏कर्म क्या है❓ #🥰Express Emotion #🔊सुन्दर कांड🕉️
👩‍🎨WhatsApp प्रोफाइल DP - Sukhbir Singh Dadwal 1h *Narendra Modiji के आने के बाद आज देश को पहली बार पता चला है कि कश्मीर वैली की population ५३ लाख है। जम्मू रीजन की population ६९ लाख है, और लद्दाख की population 5 लाख हैI* *कश्मीर का एरिया, राज्य के टोटल Area का १६%, जम्मू का Area २५%, बाकी 59% Area লম্াম্র ব্া ট |* का *सोचने वाली बात ये है कि ना कश्मीर वैली एरिया के हिसाब से ज्यादा है, ना पोपुलेशन के हिसाब से, लेकिन नेहरू ने कश्मीर वैली को ४७ सीट विधान सभा में दे दी, तथा जम्मू व लद्दाख को मिलाकर ४३ सीट।* *मतलब अगर कोई जम्मू व लद्दाख की सारी सीट भी जीत ले, तब भी सत्ता नहीं पा सकता ।* *ऐसा घिनौना खेल देश के साथ खेला गया। चमचों को समर्पित *#कांग्रेस_ पर थकता है  भारत Sukhbir Singh Dadwal 1h *Narendra Modiji के आने के बाद आज देश को पहली बार पता चला है कि कश्मीर वैली की population ५३ लाख है। जम्मू रीजन की population ६९ लाख है, और लद्दाख की population 5 लाख हैI* *कश्मीर का एरिया, राज्य के टोटल Area का १६%, जम्मू का Area २५%, बाकी 59% Area লম্াম্র ব্া ট |* का *सोचने वाली बात ये है कि ना कश्मीर वैली एरिया के हिसाब से ज्यादा है, ना पोपुलेशन के हिसाब से, लेकिन नेहरू ने कश्मीर वैली को ४७ सीट विधान सभा में दे दी, तथा जम्मू व लद्दाख को मिलाकर ४३ सीट।* *मतलब अगर कोई जम्मू व लद्दाख की सारी सीट भी जीत ले, तब भी सत्ता नहीं पा सकता ।* *ऐसा घिनौना खेल देश के साथ खेला गया। चमचों को समर्पित *#कांग्रेस_ पर थकता है  भारत - ShareChat
#📰GK & करेंट अफेयर्स Students💡 #🙏कर्म क्या है❓ #🥰Express Emotion #😉 और बताओ #👩‍🎨WhatsApp प्रोफाइल DP
📰GK & करेंट अफेयर्स Students💡 - লীক্রিত यासीन में मसीहा दिखता है यासीन मलिक जाकिर Aatanki parast Cunning congess शांति दूत लगता है जाफिसनाइफ मसूद को '्जी' कहना अच्छा लगता है రCUI उमर खालिद सताया हुआ युवा लगता है Jra VPirEkfanrModisarkar फिर इन कांग्रेसियों को अ!तंक प्रेमी क्यों न कहें লীক্রিত यासीन में मसीहा दिखता है यासीन मलिक जाकिर Aatanki parast Cunning congess शांति दूत लगता है जाफिसनाइफ मसूद को '्जी' कहना अच्छा लगता है రCUI उमर खालिद सताया हुआ युवा लगता है Jra VPirEkfanrModisarkar फिर इन कांग्रेसियों को अ!तंक प्रेमी क्यों न कहें - ShareChat
She is anti kafir & promuslims The worldterror.simdif.com #🌾बैसाखी की शुभकामनाएं 🤗 https://www.facebook.com/share/v/1BC1YjYmhr/ #🥰Express Emotion #😉 और बताओ #🙏कर्म क्या है❓ #📰GK & करेंट अफेयर्स Students💡
#📰GK & करेंट अफेयर्स Students💡 #🥰Express Emotion #😂पहेलियाँ ❓ #😉 और बताओ #👩‍🎨WhatsApp प्रोफाइल DP
📰GK & करेंट अफेयर्स Students💡 - Touching Message 3 shares Heart +78 Heart Touching Message 2h _Author श्रीगंगानगरः ' ईरान की सेना ने फायरिंग शुरू कर दी है, हम सब अपनी जान बचाने के लिए जहाज में छिप गए हैं ये आखिरी शब्द थे रिद्धि-सिद्धि कॉलोनी 7 निवासी ३८ वर्षीय वाइस कैप्टन संजय माहर के। जो उन्होंने अपने परिवार से संपर्क टूटने से पहले कहे।इसके बाद से जहाज  कम्युनिकेशन सिस्टम पूरी तरह बंद हो गया और का परिवार का संपर्क भी टूट गया। मर्चेंट नेवी में तैनात इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) की हिरासत में बताए जा रहे हैं।दुबई से भारत आ रहे लाइबेरियाई ध्वज वाले कंटेनर शिप ' एपामिनोडेस' को होर्मुज स्ट्रेट ईरानी बलों फायरिंग कर अपने कब्जे में ले लिया। जहाज पर सवार २१ क्रू मेंबर्स में संजय इकलौते भारतीय हैं।माहर की पत्नी रेखा ने सरकार से गुहार लगाते हुए कहा कि उनके पति को सुरक्षित वापस लाया जाए, बच्चे उनका इंतजार कर रहे हैं। परिवार ने केंद्र सरकार से सभी क्रू मेंबर्स की सुरक्षित रिहाई की मांग की है।संजय माहर जिस जहाज पर तैनात थे, वह गुजरात के मुंद्रा पोर्ट की ओर आ रहा था। करीब २० दिन पहले संजय दुबई गए थे और चार दिन पहले ही जहाज के साथ भारत के लिए रवाना हुए थे। जहाज को गुरुवार तक मुंद्रा पहुंचना लेकिन होर्मुज स्ट्रेट में अनुमति नहीं मिलने से यह बीच था, रास्ते में ही रुक गया। दौरान ईरानी बलों ने घेराबंदी इसी कर ली।परिजनों के अनुसार, जहाज पर भारत के अलावा फिलीपींस, यूक्रेन और श्रीलंका के नागरिक भी सवार हैं। संजय ने घ!टना से पहले जहाज के अंदर का एक वीडियो भी भेजा था, जिसमें क्रू मेंबर्स डरे और चिंतित नजर आ रहे थे। फिलहाल, इंटरनेट सेवाएं बंद होने से संपर्क पूरी तरह टूट चुका है, जिससे परिवार की चिंता लगातार बढ Touching Message 3 shares Heart +78 Heart Touching Message 2h _Author श्रीगंगानगरः ' ईरान की सेना ने फायरिंग शुरू कर दी है, हम सब अपनी जान बचाने के लिए जहाज में छिप गए हैं ये आखिरी शब्द थे रिद्धि-सिद्धि कॉलोनी 7 निवासी ३८ वर्षीय वाइस कैप्टन संजय माहर के। जो उन्होंने अपने परिवार से संपर्क टूटने से पहले कहे।इसके बाद से जहाज  कम्युनिकेशन सिस्टम पूरी तरह बंद हो गया और का परिवार का संपर्क भी टूट गया। मर्चेंट नेवी में तैनात इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) की हिरासत में बताए जा रहे हैं।दुबई से भारत आ रहे लाइबेरियाई ध्वज वाले कंटेनर शिप ' एपामिनोडेस' को होर्मुज स्ट्रेट ईरानी बलों फायरिंग कर अपने कब्जे में ले लिया। जहाज पर सवार २१ क्रू मेंबर्स में संजय इकलौते भारतीय हैं।माहर की पत्नी रेखा ने सरकार से गुहार लगाते हुए कहा कि उनके पति को सुरक्षित वापस लाया जाए, बच्चे उनका इंतजार कर रहे हैं। परिवार ने केंद्र सरकार से सभी क्रू मेंबर्स की सुरक्षित रिहाई की मांग की है।संजय माहर जिस जहाज पर तैनात थे, वह गुजरात के मुंद्रा पोर्ट की ओर आ रहा था। करीब २० दिन पहले संजय दुबई गए थे और चार दिन पहले ही जहाज के साथ भारत के लिए रवाना हुए थे। जहाज को गुरुवार तक मुंद्रा पहुंचना लेकिन होर्मुज स्ट्रेट में अनुमति नहीं मिलने से यह बीच था, रास्ते में ही रुक गया। दौरान ईरानी बलों ने घेराबंदी इसी कर ली।परिजनों के अनुसार, जहाज पर भारत के अलावा फिलीपींस, यूक्रेन और श्रीलंका के नागरिक भी सवार हैं। संजय ने घ!टना से पहले जहाज के अंदर का एक वीडियो भी भेजा था, जिसमें क्रू मेंबर्स डरे और चिंतित नजर आ रहे थे। फिलहाल, इंटरनेट सेवाएं बंद होने से संपर्क पूरी तरह टूट चुका है, जिससे परिवार की चिंता लगातार बढ - ShareChat
#😂पहेलियाँ ❓ #😉 और बताओ #👩‍🎨WhatsApp प्रोफाइल DP #🥰Express Emotion #📰GK & करेंट अफेयर्स Students💡
😂पहेलियाँ ❓ - इंडिया मिडिल इस्ट इकोनॉमिक कॉरिडोर ఇాTా గే? इस कॉरिडोर में समुद्री रास्ते और रेल मार्ग दोनों शामिल हैं। यह भारत के पश्चिमी तट से यूएई तक समुद्री मार्ग, फिर सऊदी अरब, जॉर्डन और इजरायल के माध्यम से रेल मार्ग और अंत में इजरायल से यूरोप तक फिर से समुद्री मार्ग का उपयोग करेगा | इसके दो हिस्से हैं। पूर्वी गलियारा भारत को अरब की खाड़ी से जोड़ेगा और उत्तरी गलियारा खाड़ी देशों को यूरोप से जोड़ेगा। इस कॉरिडोर प्रोजेक्ट में भारत अमेरिका, यूएः सऊदी अरब, फ्रांस, जर्मनी, इटली और यूरोपीय সঘ থাামিল ৯1 इंडिया मिडिल इस्ट इकोनॉमिक कॉरिडोर ఇాTా గే? इस कॉरिडोर में समुद्री रास्ते और रेल मार्ग दोनों शामिल हैं। यह भारत के पश्चिमी तट से यूएई तक समुद्री मार्ग, फिर सऊदी अरब, जॉर्डन और इजरायल के माध्यम से रेल मार्ग और अंत में इजरायल से यूरोप तक फिर से समुद्री मार्ग का उपयोग करेगा | इसके दो हिस्से हैं। पूर्वी गलियारा भारत को अरब की खाड़ी से जोड़ेगा और उत्तरी गलियारा खाड़ी देशों को यूरोप से जोड़ेगा। इस कॉरिडोर प्रोजेक्ट में भारत अमेरिका, यूएः सऊदी अरब, फ्रांस, जर्मनी, इटली और यूरोपीय সঘ থাামিল ৯1 - ShareChat
#🥰Express Emotion #👩‍🎨WhatsApp प्रोफाइल DP #😉 और बताओ #😂पहेलियाँ ❓ #👩‍🌾खान सर मोटिवेशन💡
🥰Express Emotion - X Munir Ahmad Follow Al info 4d कभी कभी मैं इन विशाल ऑयल , गैस और पेट्रोकेमिकल प्लांट में खड़े होकर सोचता हूं॰ तो मन में एक गहरा विचार आता है, क्या ने जमीन के सीने से क्रूड हमने कभी सोचा है कि अगर पश्चिमी देशों ऑयल निकालने की तकनीक विकसित न की होती, तो आज इन खाड़ी देशों की स्थिति क्या होती? तेल संपन्न फारस और शायद आज भी वही धूल भरी सड़कें होतीं और वही पारंपरिक ऊंटों और गधों की सवारी। हकीकत यह है कि आज जो अरबों खरबों के पेट्रोडॉलर की चमक दिखती है, उसके पीछे इन देशों का अपना कोई तकनीकी योगदान नहीं है। यह सब ' हाई-्टेक' देन किसकी है? एक इंजीनियर या इस इंडस्ट्री से जुड़े व्यक्ति के नजरिए से देखें तो इंसान दंग रह जाता है, मीलों नीचे तेल का पता लगाना, समंदर के रास्ते दुनिया भर में सप्लाई चेन बनाना, कच्चे तेल से हजारों बाय-प्रोडक्ट्स तैयार करना । आईना देखना जरूरी है - उन्होंने सिर्फ तेल नहीं निकाला, बल्कि इन देशों को ' इंसान' और ' अमीर' बनाने का जरिया दिया। जिस दौलत पर आज ईरान जैसे देश बदमाशी करते हैं या जो अरब ऐश ओ-आराम की जिंदगी जीते हैं , वह पूरी तरह से ईसाइयों और यहूदियों की वैज्ञानिक खोजों और इंजीनियरिंग का कमाल है। Gratitude सभ्यता का हिस्सा होनी चाहिए। बिना उनके विजन और टेक्नोलॉजी के, ये बेशकीमती संसाधन आज भी जमीन के नीचे दबे पडे़े होते और ऊपर की दुनिया सदियों पीछे होती। तुम यहूदियों ईसाइयों की किन किन मेहनतों को झुठलाओगे . . X Munir Ahmad Follow Al info 4d कभी कभी मैं इन विशाल ऑयल , गैस और पेट्रोकेमिकल प्लांट में खड़े होकर सोचता हूं॰ तो मन में एक गहरा विचार आता है, क्या ने जमीन के सीने से क्रूड हमने कभी सोचा है कि अगर पश्चिमी देशों ऑयल निकालने की तकनीक विकसित न की होती, तो आज इन खाड़ी देशों की स्थिति क्या होती? तेल संपन्न फारस और शायद आज भी वही धूल भरी सड़कें होतीं और वही पारंपरिक ऊंटों और गधों की सवारी। हकीकत यह है कि आज जो अरबों खरबों के पेट्रोडॉलर की चमक दिखती है, उसके पीछे इन देशों का अपना कोई तकनीकी योगदान नहीं है। यह सब ' हाई-्टेक' देन किसकी है? एक इंजीनियर या इस इंडस्ट्री से जुड़े व्यक्ति के नजरिए से देखें तो इंसान दंग रह जाता है, मीलों नीचे तेल का पता लगाना, समंदर के रास्ते दुनिया भर में सप्लाई चेन बनाना, कच्चे तेल से हजारों बाय-प्रोडक्ट्स तैयार करना । आईना देखना जरूरी है - उन्होंने सिर्फ तेल नहीं निकाला, बल्कि इन देशों को ' इंसान' और ' अमीर' बनाने का जरिया दिया। जिस दौलत पर आज ईरान जैसे देश बदमाशी करते हैं या जो अरब ऐश ओ-आराम की जिंदगी जीते हैं , वह पूरी तरह से ईसाइयों और यहूदियों की वैज्ञानिक खोजों और इंजीनियरिंग का कमाल है। Gratitude सभ्यता का हिस्सा होनी चाहिए। बिना उनके विजन और टेक्नोलॉजी के, ये बेशकीमती संसाधन आज भी जमीन के नीचे दबे पडे़े होते और ऊपर की दुनिया सदियों पीछे होती। तुम यहूदियों ईसाइयों की किन किन मेहनतों को झुठलाओगे . . - ShareChat
#❤️सैड व्हाट्सएप स्टेटस #👩‍🎨WhatsApp प्रोफाइल DP #🥰Express Emotion #😂पहेलियाँ ❓ #😉 और बताओ
❤️सैड व्हाट्सएप स्टेटस - यदि समझौता करके वह पीछे हट गया तो मध्य एशिया में ईरानी दादागिरी बढ T तरह तरह के उचित எரரிI अनुचित को लेकर रोज ही हॉर्मूज बन्द होगा , रोज ही गोलीबारी होगी, रोज ही नखरे होंगे। अमेरिका के प्रतिद्वंदी देश ईरान का इस्तेमाल हथियार के रूप में करेंगे। अमेरिका को हमेशा खाड़ी में उलझे रहना पड़ेगा। विश्व का कोई भी देश इससे अछूता नहीं होगा। भारत की भी धार्मिक समस्या बढ़ेगी। धर्मांतरण जोर पकड़ेगा | इसलिए कि यहां की सामाजिक संरचना ऐसी है कि वित्त पोषित, दूषित और अनैतिक बौद्धिकों से भारत पटा पड़ा है। आज विश्व की सर्वाधिक मुस्लिम आबादी भारत में ही  है।वे हमेशा गजवा ए रहती हिन्द के लिए कुचक्र रचते रहते। आज भी कई मुस्लिम देश उन लोगों को चोरी छुपे फंडिंग करते हैं। जबकि ईरानी सह पाते ही खुलेआम फंडिंग होने लगेगी। हथियार आने लगेंगे , जो सनातन के होगा। दलित और पिछड़ावाद अपने निजी स्वार्थ के { मुसीबत लिए देश बांटने से भी नहीं हिचकेगा| हजारों योगेंद्रनाथ मण्डल पैदा होंगे। समझौते से युद्ध रुका तो अपने अस्तित्व के लिए भारत uడ को या तो इजरायल बनना पड़ेगा , नहीं तो चीन। इजरायल जो से निर्ममता पूर्वक निपटता है और चीन जो आंतरिक बाहरी दुश्मनों  का निर्ममता पूर्वक दमन करता। ऐसा भी हो सकता है कि दुश्मनों भारत को एक साथ इजरायल और चीन दोनों बनना पड़े। लेकिन लिए युद्ध भारत जैसे वृहद जनसंख्या वाले देश के फंड जुटाना आसान ना होगा। जहां कमाने वाले सीमित हैं जबकि खाने वाले हजारों | उसमें भी तुर्रा यह कि हमारी आबादी सर्वाधिक है, इसलिए हमें ही सबकुछ चाहिए। कमाने वाले जाएं भांड़ में। चूल्हे सत्य प्रकाश शुक्ल बाबा यदि समझौता करके वह पीछे हट गया तो मध्य एशिया में ईरानी दादागिरी बढ T तरह तरह के उचित எரரிI अनुचित को लेकर रोज ही हॉर्मूज बन्द होगा , रोज ही गोलीबारी होगी, रोज ही नखरे होंगे। अमेरिका के प्रतिद्वंदी देश ईरान का इस्तेमाल हथियार के रूप में करेंगे। अमेरिका को हमेशा खाड़ी में उलझे रहना पड़ेगा। विश्व का कोई भी देश इससे अछूता नहीं होगा। भारत की भी धार्मिक समस्या बढ़ेगी। धर्मांतरण जोर पकड़ेगा | इसलिए कि यहां की सामाजिक संरचना ऐसी है कि वित्त पोषित, दूषित और अनैतिक बौद्धिकों से भारत पटा पड़ा है। आज विश्व की सर्वाधिक मुस्लिम आबादी भारत में ही  है।वे हमेशा गजवा ए रहती हिन्द के लिए कुचक्र रचते रहते। आज भी कई मुस्लिम देश उन लोगों को चोरी छुपे फंडिंग करते हैं। जबकि ईरानी सह पाते ही खुलेआम फंडिंग होने लगेगी। हथियार आने लगेंगे , जो सनातन के होगा। दलित और पिछड़ावाद अपने निजी स्वार्थ के { मुसीबत लिए देश बांटने से भी नहीं हिचकेगा| हजारों योगेंद्रनाथ मण्डल पैदा होंगे। समझौते से युद्ध रुका तो अपने अस्तित्व के लिए भारत uడ को या तो इजरायल बनना पड़ेगा , नहीं तो चीन। इजरायल जो से निर्ममता पूर्वक निपटता है और चीन जो आंतरिक बाहरी दुश्मनों  का निर्ममता पूर्वक दमन करता। ऐसा भी हो सकता है कि दुश्मनों भारत को एक साथ इजरायल और चीन दोनों बनना पड़े। लेकिन लिए युद्ध भारत जैसे वृहद जनसंख्या वाले देश के फंड जुटाना आसान ना होगा। जहां कमाने वाले सीमित हैं जबकि खाने वाले हजारों | उसमें भी तुर्रा यह कि हमारी आबादी सर्वाधिक है, इसलिए हमें ही सबकुछ चाहिए। कमाने वाले जाएं भांड़ में। चूल्हे सत्य प्रकाश शुक्ल बाबा - ShareChat
See banladesh umbrella with TMC voter #🥰Express Emotion #😂पहेलियाँ ❓ #😉 और बताओ #👩‍🎨WhatsApp प्रोफाइल DP #❤️सैड व्हाट्सएप स्टेटस https://www.facebook.com/share/14bPH6NtyrS/
https://www.facebook.com/share/p/18PUtC7K5V/ #📰GK & करेंट अफेयर्स Students💡 #👩‍🎨WhatsApp प्रोफाइल DP #😉 और बताओ #😂पहेलियाँ ❓ #🥰Express Emotion
📰GK & करेंट अफेयर्स Students💡 - ShareChat
Facebook