Meenu Sharma
ShareChat
click to see wallet page
@3331056553
3331056553
Meenu Sharma
@3331056553
मुझे ShareChat पर फॉलो करें!
#शिक्षा एवं अन्य सेवाएं #भक्ति भावनाएं #ईश्वर आस्था #परमात्मा_चारों_युगमें_आतेहैं #GodKabir_In4Yugas #SantRampalJi_YouTubeChannel #KabirParmeshwar_PrakatDiwas #KabirisGod #kabir #god #incarnation ♦️ द्वापरयुग में कबीर साहेब 'करुणामय' ऋषि के रूप में प्रकट हुए थे। जब पांडवों का यज्ञ सफल नहीं हो रहा था, तब कबीर साहेब ने अपने भक्त सुपच सुदर्शन के रूप में आकर उस यज्ञ को सफल करवाया था। इसका प्रमाण संत गरीबदास जी की वाणी में मिलता है: सुपच रूप धर आईया, सतगुरु पुरुष कबीर। तीन लोक की मेदनी, सुर नर मुनि जन भीर।।
शिक्षा एवं अन्य सेवाएं - परमात्मा चारों 31d8 युगों  द्वापरयुग में कबीट साहेब ' करुणामय ऋषि के रूप में प्रकट हुए थे। जब पांडवों का यज्ञ सफल  नहींहोरहा तब कबीर साहेब ने अपने था सुदर्शन के रूप में आकर उस यज्ञ भक्त सुपच को सफल करवाया था। इसका प्रमाण संत गरीबदास जी की वाणी में मिलता है सुपच रूप धर आईया , सतगुरु पुरूष कबीर तीन लोक की मेदनी , सुर नर मुनि जन भीर।l बदीछोड सतगुरू रामपाल जी महाराज की पावन उपस्थिति में ६२९ वां दिवस सुश्वरप्रकट 00| 29 ডূল 2026 परमात्मा चारों 31d8 युगों  द्वापरयुग में कबीट साहेब ' करुणामय ऋषि के रूप में प्रकट हुए थे। जब पांडवों का यज्ञ सफल  नहींहोरहा तब कबीर साहेब ने अपने था सुदर्शन के रूप में आकर उस यज्ञ भक्त सुपच को सफल करवाया था। इसका प्रमाण संत गरीबदास जी की वाणी में मिलता है सुपच रूप धर आईया , सतगुरु पुरूष कबीर तीन लोक की मेदनी , सुर नर मुनि जन भीर।l बदीछोड सतगुरू रामपाल जी महाराज की पावन उपस्थिति में ६२९ वां दिवस सुश्वरप्रकट 00| 29 ডূল 2026 - ShareChat
#ईश्वर आस्था #भक्ति भावनाएं #शिक्षा एवं अन्य सेवाएं #krishna #Hanuman #rumi #moses #konya #trendingnow #SupremeGodKabir #reelsvideo #reelitfeelit #SantRampalJiMaharaj #trending #viral ♦️ 'कबीर सागर' (बोध सागर खंड) के अध्याय 'ज्ञान बोध', पृष्ठ 29 में कबीर परमात्मा ने अपनी जानकारी स्वयं दी है: सतयुग सतसुकृत कहलाये। त्रेता नाम मुनीन्द्र धराये। द्वापर में करुणामय कहाये। कलियुग नाम कबीर रखाये।।
ईश्वर आस्था - कलियुग  द्वापर युग  ক্লিব্রশ  4 द्वापर मे करुणामय कहाये।  नाम कवीर रखाये। शिवम सन्दख कबीर परात्मा पृष्ठ २९ में कवीर सागर' (वोध सागर खंड ) के अध्याय ' ज्ञान वोध  कवीर परमात्मा ने अपनी जानकारी स्वयं दी हः सतजुग सतसुकृत कहलाये। त्रेता नाम मुनीन्द्र धराये।  कलियुग = द्वापर में करुणामय  नाम कबीर रखाये।।  कहाये।  कलियुग  द्वापर युग  ক্লিব্রশ  4 द्वापर मे करुणामय कहाये।  नाम कवीर रखाये। शिवम सन्दख कबीर परात्मा पृष्ठ २९ में कवीर सागर' (वोध सागर खंड ) के अध्याय ' ज्ञान वोध  कवीर परमात्मा ने अपनी जानकारी स्वयं दी हः सतजुग सतसुकृत कहलाये। त्रेता नाम मुनीन्द्र धराये।  कलियुग = द्वापर में करुणामय  नाम कबीर रखाये।।  कहाये। - ShareChat
#शिक्षा एवं अन्य सेवाएं #भक्ति भावनाएं #ईश्वर आस्था #krishna #Hanuman #rumi #moses #konya #trendingnow #SupremeGodKabir #reelsvideo #reelitfeelit #SantRampalJiMaharaj #trending #viral ♦️ द्वापरयुग में 'करुणामय' रूप में आए कबीर साहेब ने रानी इन्द्रमती और उनके पति चंद्रविजय को अपनी शरण में लिया था। जब सर्प ने रानी इन्द्रमती को डसा, तब कबीर साहेब ने उनके गुरु रूप में प्रकट होकर उनकी रक्षा की थी: डसी सर्प नै जब जाय, पुकारी इन्द्रमति अकुलाय। आप ने तुरंत करी सहाय, बहरूली मंत्र सुनाने वाले।। धन-धन सतगुरु सत कबीर, भक्त की पीर मिटाने वाले।।
शिक्षा एवं अन्य सेवाएं - 3d8 ব্রাহী కాా द्वापरयुग में 'करुणामय' रूप में आए कबीर साहेब ने रानी इन्द्रमती और उनके पति चंद्रविजय को अपनी शरण में लिया था। जब सर्पने रानी इन्द्रमती को डसा, तब कबीर साहेब ने उनके गुरु रूप में प्रकट होकर उनकी रक्षा की थीः इन्द्रमति अकुलाय।  डसी सर्प नै जब जाय पुकारी आप ने तुरंत करी सहाय, बहरूली मंत्र वाले।। মুনান  धन सतगुरु सत कबीर भक्त की पीर मिटाने वाले   San Rampal J YOUTUBE Maharal CHANNEL 3d8 ব্রাহী కాా द्वापरयुग में 'करुणामय' रूप में आए कबीर साहेब ने रानी इन्द्रमती और उनके पति चंद्रविजय को अपनी शरण में लिया था। जब सर्पने रानी इन्द्रमती को डसा, तब कबीर साहेब ने उनके गुरु रूप में प्रकट होकर उनकी रक्षा की थीः इन्द्रमति अकुलाय।  डसी सर्प नै जब जाय पुकारी आप ने तुरंत करी सहाय, बहरूली मंत्र वाले।। মুনান  धन सतगुरु सत कबीर भक्त की पीर मिटाने वाले   San Rampal J YOUTUBE Maharal CHANNEL - ShareChat
#ईश्वर आस्था #भक्ति भावनाएं #शिक्षा एवं अन्य सेवाएं #परमात्मा_चारों_युगमें_आतेहैं #GodKabir_In4Yugas #SantRampalJi_YouTubeChannel #KabirParmeshwar_PrakatDiwas #KabirisGod #kabir #god #incarnation ♦️ कबीर परमात्मा के चारों युगों में आने के ऐतिहासिक व आध्यात्मिक प्रमाण मिलते हैं। सतयुग में कबीर जी 'सतसुकृत' नाम से आकर पक्षीराज गरुड़, कागभुशुंडि और मनु आदि ऋषियों से मिले। त्रेतायुग में 'मुनीन्द्र' ऋषि के रूप में उन्होंने रानी मंदोदरी, विभीषण, नल-नील और हनुमान जी आदि को दर्शन दिए। द्वापरयुग में 'करुणामय' रूप में वे सुपच सुदर्शन और रानी इन्द्रमती से मिले, तथा कलियुग में 'कबीर' नाम से प्रकट होकर गुरु नानक देव जी और आदरणीय धर्मदास जी आदि महापुरुषों से मिले।
ईश्वर आस्था - सतसुकृत नाम से मुनीन्द्र नाम से करुणामय नाम से कवीरनाम से 0009 विष्णु " सत्ययुग में कबीर परमेश्वर,  जी के वाहन पक्षीराज गरुड़ से मिले और उन्हें वास्तविक ज्ञान से परिचित करायाः ज्ञानी गरुड़ है दास तुम्हारा, तुम बिन नाहीं जीव निस्तारा। इतना कह गरुड़ चरण लिपटाया, लेवो शरण !9 अविगत राया।। _u N ' 29 ಹune 2026 सतसुकृत नाम से मुनीन्द्र नाम से करुणामय नाम से कवीरनाम से 0009 विष्णु " सत्ययुग में कबीर परमेश्वर,  जी के वाहन पक्षीराज गरुड़ से मिले और उन्हें वास्तविक ज्ञान से परिचित करायाः ज्ञानी गरुड़ है दास तुम्हारा, तुम बिन नाहीं जीव निस्तारा। इतना कह गरुड़ चरण लिपटाया, लेवो शरण !9 अविगत राया।। _u N ' 29 ಹune 2026 - ShareChat
#शिक्षा एवं अन्य सेवाएं #भक्ति भावनाएं #ईश्वर आस्था #krishna #Hanuman #rumi #moses #konya #trendingnow #SupremeGodKabir #reelsvideo #reelitfeelit #SantRampalJiMaharaj #trending #viral ♦️ कबीर साहेब चारों युगों में अलग-अलग नामों से प्रकट होते हैं। सतयुग में कबीर परमेश्वर, विष्णु जी के वाहन पक्षीराज गरुड़ से मिले और उन्हें वास्तविक ज्ञान से परिचित कराया: ज्ञानी गरुड़ है दास तुम्हारा, तुम बिन नाहीं जीव निस्तारा। इतना कह गरुड़ चरण लिपटाया, शरण लेवो अविगत राया।।
शिक्षा एवं अन्य सेवाएं - कबीर साहेब चारों युगों में अलग-्अलग नामों से प्रकट faw] होते हैं। सतयुग में कबीर परमेश्वर , जी के वाहन पक्षीराज गरुड़ से मिले और उन्हें वास्तविक ज्ञान से परिचित करायाः ज्ञानी गरूड़ है दास तुम्हारा, নাম্ী সীন নিমাযা] বুস নিন इतना कह गरूड़ चरण लिपटाया , कबीर साहेब चारों युगों में अलग-्अलग नामों से प्रकट faw] होते हैं। सतयुग में कबीर परमेश्वर , जी के वाहन पक्षीराज गरुड़ से मिले और उन्हें वास्तविक ज्ञान से परिचित करायाः ज्ञानी गरूड़ है दास तुम्हारा, নাম্ী সীন নিমাযা] বুস নিন इतना कह गरूड़ चरण लिपटाया , - ShareChat
#ईश्वर आस्था #भक्ति भावनाएं #शिक्षा एवं अन्य सेवाएं #परमात्मा_चारों_युगमें_आतेहैं #GodKabir_In4Yugas #SantRampalJi_YouTubeChannel #KabirParmeshwar_PrakatDiwas #KabirisGod #kabir #god #incarnation ♦️ कबीर साहेब चारों युगों में अलग-अलग नामों से प्रकट होते हैं। सतयुग में कबीर परमेश्वर, विष्णु जी के वाहन पक्षीराज गरुड़ से मिले और उन्हें वास्तविक ज्ञान से परिचित कराया: ज्ञानी गरुड़ है दास तुम्हारा, तुम बिन नाहीं जीव निस्तारा। इतना कह गरुड़ चरण लिपटाया, शरण लेवो अविगत राया।।
ईश्वर आस्था - युगा म आत ह कबीर साहेब चारों युगों में अलग ्अलग नामों से प्रकट होते ह। fawj ' जी के वाहन पक्षीराज सतयुग में कवीर परमेश्वर से मिले आर उन्हें वास्तविक ज्ञान से परिचित करायाः ज्ञानी गरुड़ है दास तुम्हारा, तुम बिन नाहीं जीव निस्तारा। इतना कह गरुड़ चरण लिपटाया, शरण लेवो अविगत राया।। னபட4 T3aanncau दिवस७ कबीरपणेशरपकट At z06 युगा म आत ह कबीर साहेब चारों युगों में अलग ्अलग नामों से प्रकट होते ह। fawj ' जी के वाहन पक्षीराज सतयुग में कवीर परमेश्वर से मिले आर उन्हें वास्तविक ज्ञान से परिचित करायाः ज्ञानी गरुड़ है दास तुम्हारा, तुम बिन नाहीं जीव निस्तारा। इतना कह गरुड़ चरण लिपटाया, शरण लेवो अविगत राया।। னபட4 T3aanncau दिवस७ कबीरपणेशरपकट At z06 - ShareChat
#शिक्षा एवं अन्य सेवाएं #भक्ति भावनाएं #ईश्वर आस्था #परमात्मा_चारों_युगमें_आतेहैं #GodKabir_In4Yugas #SantRampalJi_YouTubeChannel #KabirParmeshwar_PrakatDiwas #KabirisGod #kabir #god #incarnation #sanatandharma #bhagavadgita #santravidas #prophetmuhammad #ali #AlKhidr #gurunanakdevji #hinduism #krishna #Hanuman #rumi #moses #konya #trendingnow #SupremeGodKabir #reelsvideo #reelitfeelit #SantRampalJiMaharaj #trending #viral ♦️ त्रेतायुग में कबीर परमेश्वर 'मुनीन्द्र' ऋषि के रूप में प्रकट हुए और नल-नील को अपनी शरण में लिया। जब रामचंद्र जी को सीता जी को रावण की कैद से मुक्त कराने के लिए समुद्र पर पुल बनाना था, तब मुनीन्द्र ऋषि के रूप में कबीर जी ने ही वह पुल बनवाया था: धन-धन सतगुरु सत कबीर, भक्त की पीर मिटाने वाले। रहे नल-नील यत्न कर हार, तब सतगुरु से करी पुकार। जा सत रेखा लिखी अपार, सिंधु पर शिला तिराने वाले।।
शिक्षा एवं अन्य सेवाएं - 31d8 चारों युगों  n ಯa1 रनीरणपरपकट दिवण F त्रेतायुग में कबीर परमेश्वर ' मुनीन्द्र ऋषि के रूप में प्रकट हुए ओर नल नील को अपनी शरण में लिया। जब रामचंदर 3f| কী মীনা fী কী যবতা কী ক৫ ম সুক কমন ক লিu ऋषि करूप में कवीर था  समुद्र पर पुल बनाना সুনীন तव जी ने ही वह पुल बनवाया थाः धनन्धन सतगुरु सत कबीट , भक्त की पीर मिटाने वाले। रहे नल नील यत्न कर हाट , तब सतगुरु से करी पुकाट। जा सत रेखा लिखी अपार , सिंधु पर शिला  तियने वाले।। 31d8 चारों युगों  n ಯa1 रनीरणपरपकट दिवण F त्रेतायुग में कबीर परमेश्वर ' मुनीन्द्र ऋषि के रूप में प्रकट हुए ओर नल नील को अपनी शरण में लिया। जब रामचंदर 3f| কী মীনা fী কী যবতা কী ক৫ ম সুক কমন ক লিu ऋषि करूप में कवीर था  समुद्र पर पुल बनाना সুনীন तव जी ने ही वह पुल बनवाया थाः धनन्धन सतगुरु सत कबीट , भक्त की पीर मिटाने वाले। रहे नल नील यत्न कर हाट , तब सतगुरु से करी पुकाट। जा सत रेखा लिखी अपार , सिंधु पर शिला  तियने वाले।। - ShareChat
#ईश्वर आस्था #भक्ति भावनाएं #शिक्षा एवं अन्य सेवाएं #परमात्मा_चारों_युगमें_आतेहैं #GodKabir_In4Yugas #SantRampalJi_YouTubeChannel #KabirParmeshwar_PrakatDiwas #KabirisGod #kabir #god #incarnation #sanatandharma #bhagavadgita #santravidas #prophetmuhammad #ali #AlKhidr #gurunanakdevji #hinduism #krishna #Hanuman #rumi #moses #konya #trendingnow #SupremeGodKabir #reelsvideo #reelitfeelit #SantRampalJiMaharaj #trending #viral ♦️कबीर परमात्मा चारों युगों में अलग-अलग नामों से आते हैं। 'कबीर सागर' (बोध सागर खंड) के अध्याय 'भवतारण बोध', पृष्ठ 55 में कबीर जी ने स्वयं बताया है: सतयुग में सतसुकृत कह टेरा, त्रेता नाम मुनीन्द्र मेरा। द्वापर में करुणामय कहाया, कलयुग नाम कबीर धराया।।
ईश्वर आस्था - எ ೫u ri3an862ತ al ry कबीरपसेश्वरप्रकट 29'೯2026 कबीर परमात्मा चारों युगों में अलग-्अलग नामों से आते हैं। कबीर सागर' (बोध सागर खंड) के अध्याय 'भवतारण बोध , पृष्ठ ५५ में कबीर जी ने स्वयं बताया हैः नाम मुनीन्द्र मेरा।  सतयुग में सतसुकृत कह टेरा, त्रेता 1 द्वापर में करुणामय कहाया, कलयुग नाम कबीर धराया।। எ ೫u ri3an862ತ al ry कबीरपसेश्वरप्रकट 29'೯2026 कबीर परमात्मा चारों युगों में अलग-्अलग नामों से आते हैं। कबीर सागर' (बोध सागर खंड) के अध्याय 'भवतारण बोध , पृष्ठ ५५ में कबीर जी ने स्वयं बताया हैः नाम मुनीन्द्र मेरा।  सतयुग में सतसुकृत कह टेरा, त्रेता 1 द्वापर में करुणामय कहाया, कलयुग नाम कबीर धराया।। - ShareChat
#शिक्षा एवं अन्य सेवाएं #भक्ति भावनाएं #ईश्वर आस्था #परमात्मा_चारों_युगमें_आतेहैं #GodKabir_In4Yugas #SantRampalJi_YouTubeChannel #KabirParmeshwar_PrakatDiwas #KabirisGod #kabir #god #incarnation #sanatandharma #bhagavadgita #santravidas #prophetmuhammad #ali #AlKhidr #gurunanakdevji #hinduism #krishna #Hanuman #rumi #moses #konya #trendingnow #SupremeGodKabir #reelsvideo #reelitfeelit #SantRampalJiMaharaj #trending #viral ♦️ त्रेतायुग में कबीर परमेश्वर 'मुनीन्द्र' ऋषि के रूप में प्रकट हुए और नल-नील को अपनी शरण में लिया। जब रामचंद्र जी को सीता जी को रावण की कैद से मुक्त कराने के लिए समुद्र पर पुल बनाना था, तब मुनीन्द्र ऋषि के रूप में कबीर जी ने ही वह पुल बनवाया था: धन-धन सतगुरु सत कबीर, भक्त की पीर मिटाने वाले। रहे नल-नील यत्न कर हार, तब सतगुरु से करी पुकार। जा सत रेखा लिखी अपार, सिंधु पर शिला तिराने वाले।।
शिक्षा एवं अन्य सेवाएं - 7 में आते हैं चारों युगों ; Eads Fr -rrrತP-umu की पावन उपस्यत फ ६२७ या ry कबीर पसश्वर प्रकट 29 gat 2026 में कबीर परमेश्वर ' मुनीन्द्र' ऋषि के रूप में ArgT प्रकट हुए और नल नील को अपनी शरण में लिया। = की कैद से मुक्त रामचंद्र जी को सीता जी को रावण  সন कराने के लिए समुद्र पर पुल बनाना था, तब मुनीन्द्र  ऋषि के रूप में कबीर जी ने ही वह पुल बनवाया " थाः धन-्धन सतगुरु सत कबीर, भक्त की पीर मिटाने वाले। रहे नल- नील यत्न कर हार, तब सतगुरु से करी पुकार। जा सत रेखा लिखी अपार, सिंधु पर शिला तिराने वाले।। 7 में आते हैं चारों युगों ; Eads Fr -rrrತP-umu की पावन उपस्यत फ ६२७ या ry कबीर पसश्वर प्रकट 29 gat 2026 में कबीर परमेश्वर ' मुनीन्द्र' ऋषि के रूप में ArgT प्रकट हुए और नल नील को अपनी शरण में लिया। = की कैद से मुक्त रामचंद्र जी को सीता जी को रावण  সন कराने के लिए समुद्र पर पुल बनाना था, तब मुनीन्द्र  ऋषि के रूप में कबीर जी ने ही वह पुल बनवाया " थाः धन-्धन सतगुरु सत कबीर, भक्त की पीर मिटाने वाले। रहे नल- नील यत्न कर हार, तब सतगुरु से करी पुकार। जा सत रेखा लिखी अपार, सिंधु पर शिला तिराने वाले।। - ShareChat
#भक्ति भावनाएं #ईश्वर आस्था #शिक्षा एवं अन्य सेवाएं #परमात्मा_चारों_युगमें_आतेहैं #GodKabir_In4Yugas #SantRampalJi_YouTubeChannel #KabirParmeshwar_PrakatDiwas #KabirisGod #kabir #god #incarnation #sanatandharma #bhagavadgita #santravidas #prophetmuhammad #ali #AlKhidr #gurunanakdevji #hinduism #krishna #Hanuman #rumi #moses #konya #trendingnow #SupremeGodKabir #reelsvideo #reelitfeelit #SantRampalJiMaharaj #trending #viral ♦️ कबीर परमात्मा सतयुग में 'सतसुकृत', त्रेतायुग में 'मुनीन्द्र', द्वापरयुग में 'करुणामय' तथा कलियुग में वास्तविक नाम 'कविर्देव' (कबीर प्रभु) से प्रकट हुए।
भक्ति भावनाएं - परमात्मा कलियुग चारों में त्रेतायुग gj कबिदेव मुनिन्द्र 3d8 @ m) कगीर परमात्मा सनयुग मे सनसुकृन , hlalta T 'T ilu , Tir:zr T 'mour ' तया कलियग मे चारतविक नाम कविदेच  (कचार प्भ से प्कट हुए।  द्वापरयुग करूणामय ا M3mnnಬm दिवण कबीरपणघरपरकट 294 2026 परमात्मा कलियुग चारों में त्रेतायुग gj कबिदेव मुनिन्द्र 3d8 @ m) कगीर परमात्मा सनयुग मे सनसुकृन , hlalta T 'T ilu , Tir:zr T 'mour ' तया कलियग मे चारतविक नाम कविदेच  (कचार प्भ से प्कट हुए।  द्वापरयुग करूणामय ا M3mnnಬm दिवण कबीरपणघरपरकट 294 2026 - ShareChat