बगल में छोरा शहर में ढिंढोरा...
दुनिया भर की ताकत का भंडार आपके बगल में है और एक आप हैं कि दुनिया भर में तलाश कर रहे हैं...
गुलर,,
गुलर के बारे में बहुत सारी कहावते है उसमे एक ये है
'गूलर का फूल होना' ही क्यों कहा जाता है, गुलाब या चमेली का क्यों नहीं ?
गूलर पर फल तो लगता है, लेकिन इसपर कभी फूल दिखाई नहीं देता है. यही कारण है कि किसी दुर्लभ चीज या दिखाई न देने वाले की तुलना गूलर के फूल से की जाती है. यानी गूलर के फूल न दिखने का मतलब यह नहीं को वो अस्तित्व में ही नहीं हैं, बल्कि वो कभी किसी को दिखाई नहीं देते हैं
ये कमाल का पौधा आपके आसपास, बगल में लगा हुआ है लेकिन लोग ड्राई फ्रूट, दवाओं और छायादार वृक्षो के पीछे भाग रहे हैं। ये अकेला वृक्ष कॉम्बो पैक है साहब जो अपने आपमे एक इकोसिस्टम है।
बाकी की माथा पच्ची भी होगी, तब तक आप अपना अनुभव शेयर करें, जरा गैसिंग लगाइये कि मैं क्या कहने वाला हूँ। वैसे गूलर यानी उमर के विषय मे हमारे क्षेत्र में एक कहावत है...
आंखि देख के माखी न निगलि जाए!
सहगी ऊमर फोड़ खे न खाय!!
इस देशी कहावत के अनुसार अगर ऊमर/गूलर को फोड़ कर खाया जाये तो हवा लगते ही इसमे कीड़े पड़ जाते हैं। इसीलिये इसे बिना फोड़े ही खाया जाता है। लेकिन सच तो यह है, कि इसमें छोटे छोटे कीड़े (wasp) मौजूद रहते ही हैं। वनस्पति विज्ञान की भाषा मे गूलर का फल हायपेन्थोडीयम कहलाता है, जिसमे फूल/ पुष्पक्रम के आधारीय भाग मिलकर एक बड़े कटोरे या बॉल जैसी संरचना बना लेते हैं। और इस गोलाकार फल जैसी संरचना के भीतर कई नर और मादा पुष्प/ जननांग रहते है, जिनमें परागण और संयुग्मन के बाद बीज बन जाते हैं।
फल के परिपक्व होने के पहले उस पर विशेष प्रकार की मक्खी सहित कई कीट प्रवेश कर जाते हैं। कई बार वे अपना जीवन चक्र भी यहीं पूर्ण करते हैं। जैसे ही फल टूटकर जमीन से टकराता है, यह फट जाता है, और कीड़े मुक्त हो जाते हैं। ऐसा न भी हो तो कीट एक छिद्र करके बाहर निकल जाते हैं।
चलिये इन सबसे हटकर अब चर्चा करते हैं, इसके औषधीय महत्व की, हमारे गाँव के बुजुर्गों के अनुसार इसके फलो को खाने से गजब की ताकत मिलती है, और बुढापा थम से जाता है। मतलब अंजीर की तरह ही इसे भी प्रयोग किया जाता है।
मेरी दादी कहती थी कि ऊमर के पेड़ के नीचे से बिना इसे खाये नही गुजर सकते हैं। इसकी छाल को जलाकर राख को कंजी के तेल के साथ पाइल्स के उपचार में प्रयोग करते हैं। दूध का प्रयोग चर्म रोगों में रामवाण माना जाता है। दाद होने पर उस स्थान पर इसका ताजा दूध लगाने से आराम मिलता है। कच्चे फल मधुमेह को समाप्त करने की ताकत रखते हैं। पेट खराब हो जाने पर इसके 4 पके फल खा लेना इलाज की गारंटी माना जाता है।
वहीं एक ओर इसके पेड़ को घर पर या गाँव मे लगाना वर्जित है, शायद भूतों से इसे जोड़ते हैं, लेकिन वास्तव में यह दैत्य गुरु शुक्राचार्य का प्रतिनिधि है। वास्तु के अनुसार दूध और कांटे वाले पौधे घर पर लगाना उचित नही होता।
बुद्धिजीवियो का मानना है कि वास्तव में इसे पक्षियों और जनवरो के पोषण के लिये छोड़ने के लिए ऐसी मान्यताएँ बना दी गई होंगी, जिससे लोग इसके फलों और पेड़ का अत्यधिक दोहन न कर सकें। पक्षीयों के लिए तो यह वरदान है। और पक्षी ही इसे फैलाते भी हैं। व्यवहारिक रूप से यह पक्षियों का पसंदीदा है तो पक्षियों की स्वतंत्रता के उद्देश्य से भी इसे घर से दूर लगाना सही प्रतीत होता है।
इसकी कोमल फलियों को सब्जियों के लिए भी प्रयोग किया जाता है, जो चिकित्सा का एक अनुप्रयोग है।
ऐसा कहा जाता है, कि दुनिया मे किसी ने गूलर का फूल नही देखा है, इसका कारण और जबाब मैं पहले ही बता चुका हूं।
यह जानकारी आपको कैसी लगी, बताइयेगा जरूर..
#ghareluupchar #freshfood #energydrink #health #healthtips #ayurveda #gharelunuskhe #education #conversation #kitchenhacks #GrocerySavings #food #love #💚नेचर लवर🌿 #🏞️ प्रकृति की सुंदरता #🌴पेड़ लगाएं🌍 #🍱 भारतीय खान-पान
यहाँ पान के अलग-अलग प्रकार और उनके मसाले की पूरी रेसिपी हिंदी में दी गई है 👇
🌿 1. मीठा पान मसाला
सामग्री:
गुलकंद – 2 बड़े चम्मच
सौंफ (भुनी) – 1 बड़ा चम्मच
नारियल बूरा – 1 बड़ा चम्मच
चेरी/टूटी फ्रूटी – 1 बड़ा चम्मच
इलायची पाउडर – ½ छोटा चम्मच
कत्था व चूना – थोड़ा सा
विधि:
पान के पत्ते पर कत्था-चूना लगाएँ। सभी सामग्री डालें, मोड़कर सर्व करें।
🌿 2. सादा पान मसाला
सामग्री:
सौंफ – 1 बड़ा चम्मच
सुपारी कटी – 1 बड़ा चम्मच
इलायची – ½ छोटा चम्मच
कत्था व चूना
विधि:
पान पर कत्था-चूना लगाकर मसाला डालें और फोल्ड करें।
🌿 3. पुकिकट / स्पेशल पान मसाला
सामग्री:
मीठी सुपारी – 1 बड़ा चम्मच
गुलकंद – 1 बड़ा चम्मच
सौंफ – 1 बड़ा चम्मच
चॉकलेट सिरप – थोड़ा सा
विधि:
सभी सामग्री मिलाकर पान में भरें।
🌿 4. सिल्वर कोटेड पान
सामग्री:
मीठा पान मसाला
चांदी वर्क
विधि:
मीठा पान तैयार करें, ऊपर से चांदी वर्क लगाएँ।
🌿 5. चॉकलेट पान
सामग्री:
चॉकलेट सिरप – 1 बड़ा चम्मच
चॉकलेट चिप्स – 1 बड़ा चम्मच
गुलकंद – 1 बड़ा चम्मच
विधि:
सभी सामग्री डालकर पान मोड़ें।
🌿 6. मिंट पान
सामग्री:
पुदीना पेस्ट – 1 छोटा चम्मच
सौंफ – 1 बड़ा चम्मच
मिश्री – 1 छोटा चम्मच
विधि:
पुदीना पेस्ट लगाकर बाकी सामग्री भरें।
🌿 7. रॉयल पान
सामग्री:
गुलकंद – 1 बड़ा चम्मच
सूखे मेवे कटे – 1 बड़ा चम्मच
इलायची – ½ छोटा चम्मच
चांदी वर्क
विधि:
सभी सामग्री डालकर सजाएँ।
🌿 8. बनारसी पान
सामग्री:
कत्था, चूना
सुपारी
सौंफ
गुलकंद
इलायची
विधि:
पारंपरिक तरीके से पान लगाकर त्रिकोण आकार में मोड़ें।
🌿 9. पाइनएप्पल पान
सामग्री:
पाइनएप्पल जैम – 1 बड़ा चम्मच
टूटी फ्रूटी – 1 बड़ा चम्मच
सौंफ
🌿 10. आइस पान
सामग्री:
मिश्री दाना – 1 बड़ा चम्मच
गुलकंद – 1 बड़ा चम्मच
🌿 11. टूटी फ्रूटी पान
सामग्री:
टूटी फ्रूटी – 2 बड़े चम्मच
सौंफ – 1 बड़ा चम्मच
नारियल बूरा
🌿 12. ड्राय फ्रूट पान
सामग्री:
बादाम, काजू, पिस्ता – 2 बड़े चम्मच
गुलकंद
सौंफ
🌿 13. हनी पान
सामग्री:
शहद – 1 बड़ा चम्मच
सौंफ
गुलकंद
🌿 14. खुशबूदार पान
सामग्री:
गुलाब की पंखुड़ी
इलायची
सौंफ
गुलकंद
🌿 15. खजूर पान
सामग्री:
बीज निकाला खजूर – 2-3
सूखे मेवे
गुलकंद
🌿 16. रोस्टेड पान मसाला
सामग्री:
भुनी सौंफ
भुनी सुपारी
इलायची
विधि:
सभी सामग्री भूनकर ठंडी करें, पान में भरें।
✅ पान बनाने का सामान्य तरीका
ताजा पान का पत्ता लें, डंठल हटा दें।
हल्का सा कत्था और चूना लगाएँ।
मनपसंद मसाला रखें।
त्रिकोण या रोल शेप में मोड़ें।
टूथपिक से फिक्स करें और सर्व करें।
#cooking #food #foodie #MasalaMagic #😊होली स्पेशल 🤘 #🤗होली Coming Soon 😊 #🤗होली Coming Soon 😊 #🎨होली सेलिब्रेशन 🤗 #🎨होली सेलिब्रेशन 🤗 #पान #पान मसाला
#💗माना के हम यार नहीं 🤗 #💿पुराने गाने #🤴 Girls Vs Boys Group 👸 #💑पति पत्नी का रिश्ता #😍लव यू ब्रो 👦
#🍪पराठा रेसिपी #🥗फूड प्रेजेंटेशन #🍜ब्रेकफास्ट रेसिपी🥣 #🍱 भारतीय खान-पान #🥗शुद्ध शाकाहारी भोजन
कांग्रेस के सबसे बड़े मालिक चचा नेहरू द्वारा किए गए कार्यो की चर्चा करते हैं।
1. सन 1950-51 में नेपाल के राजा त्रिभुवन ने नेपाल को भारत में विलय करने की प्रस्ताव दिया था। चाचा ने इन्कार कर दिया था।
2. 1948 में बलुचिस्तान के नवाब खान ने चाचा को पत्र लिखकर बाकायदा अनुरोध किया था कि बलुचिस्तान को भारत के साथ शामिल करने की कृपा करें। हम भारत के साथ रहना चाहते हैं। चचा ने इन्कार कर दिया।
नतीजा पाकिस्तान ने बंदुक के बल पर बलुचिस्तान को कब्जा कर लिया। सोचिए कितनी बड़ी कीमत चुकानी पड़ी हमें।
3. सन् 1947 में ओमान देश ने ग्वादर पोर्ट को भारत देश को लेने के लिए ऑफर दिया था। चाचा नेहरू ने यह ऑफर को ठुकरा दिया था। नतीजा पाकिस्तान ने ले लिया, फिर चीन को दे दिया।
4. सन् 1950 में चाचा नेहरू ने कोको आइलैंड को बर्मा को दान में दे दिया। जैसे कि उसके पिता की सम्पत्ति है। बर्मा ने चीन को बेच दिया। नतीजा आज चीन हमारे नौसेना की जासूसी करता है।
5. 1952 में चाचा ने अपने स्वार्थ में 22327 वर्ग किलोमीटर का एरिया वर्मा को दान कर दिया था। इस स्थान का नाम है कावाओ वैली। ये कश्मीर के जैसा ही सुंदर और रमणीक स्थल था। बाद में वर्मा ने चीन को बेच दिया। नतीजा आज चीन वहां से हमारे ऊपर जासूसी करता है।
6. सन् 1962 के चीन के साथ युद्ध में भारत के वायुसेना के प्लान के मुताबिक युद्ध लड़ने के लिए मना कर दिया और आत्मसमर्पण कर दिया और चीन को 14000 वर्ग किलोमीटर का एरिया चीन को सौंप दिया भेंट स्वरूप। इस युद्ध में 3000 से अधिक भारत के जवान शहीद हुए थे।
इसी एरिया को अक्साई चिन कहते हैं। सोचिए इस नेहरू ने हमारे देश को कितना क्षतिग्रस्त किया है।
7. देश की आजादी के तुरंत बाद में अमेरिका के राष्ट्रपति ने चाचा नेहरू को कहा था कि आप न्युक्लियर पावर का देश बनने के लिए प्लांट लगाए पर चाचा ने इन्कार कर दिया।
8. भारत को UN सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बनने के अवसर मिले लेकिन चचा ने इन्कार कर दिया और चीन को सदस्य बनाया। कितनी बड़ी क्षति हुई है अंदाजा लगाइए।
इसने केवल भारत को क्षतिग्रस्त ही किया है। ये हमारा प्रधानमंत्री था या पाकिस्तान का एक बार सोचिये और यह भी सोचिये की सोशल मीडिया पर बैठे जितने भी देश की चिंता में मोदी जी को भला बुरा कहता है वे कभी भी इस पर चर्चा नही करेगा...
"राष्ट्रहित सर्वोपरि" 💪💪
जय श्री राम 🙏
हर हर महादेव # #story #rememberingjayashreegadkar #viralreelsシ #foryouシpage #viralvideoシ #ViralStoryTime #foryoupageシ #foryouシ #reels #🌷भाजपा 🟠 #✋कांग्रेस 🔵 #✋राहुल गांधी 🔵 #✋प्रियंका गांधी 🧑🦰 #🌷नरेन्द्र मोदी









