vikas kushwaha
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Satlok ashram #satlok aashram
satlok aashram - 3 ALCANERA 207 030/921 Shonov Povidio Doto 3 ALCANERA 207 030/921 Shonov Povidio Doto - ShareChat
Sant Rampal Ji Maharaj ##saint #true
#saint - बारहा और सरपंच एसोसिएशन जलाना जुलाना द्वारा ब्लाक जगतगुरु तत्वदशी संत रामपाल जी महाराज जी का किआान जीवन க सम्मान से 28 2 DEC सम्मानित किया जाएगा| د 0600 AN शादीपुर स्टेडियम , नजदीक करसोला रोड़, जुलाना থাল :- शादीपुर (जुलाना ) जिला जींद बाईपास , ग्राम जुलाना , र्जीद SA News Haryana बारहा और सरपंच एसोसिएशन जलाना जुलाना द्वारा ब्लाक जगतगुरु तत्वदशी संत रामपाल जी महाराज जी का किआान जीवन க सम्मान से 28 2 DEC सम्मानित किया जाएगा| د 0600 AN शादीपुर स्टेडियम , नजदीक करसोला रोड़, जुलाना থাল :- शादीपुर (जुलाना ) जिला जींद बाईपास , ग्राम जुलाना , र्जीद SA News Haryana - ShareChat
#सच्चा_सतगुरु_कौन Sant Rampal Ji YouTube #true
true - हैं पूर्ण गुरु संत रामपाल जी महाराज जी गीता अध्याय १५ श्लोक 1 में वर्णित उल्टे लटके हुए वृक्ष का भेद वर्तमान समय में सतगुरु रामपाल जी द्वारा दिया जा रहा है जिन्होंने अपने सत्संगों में बताया हैः कबीर, अक्षर पुरूष एक पेड़ है, क्षर पुरूष वाकि डार। దl చాని ? 1  a तीनों देवा शाखा हैं, पात रूप संसार| 94স 17   ٧ Ho71 जोकि पूर्णगुरु की पहचान है। अधिक जानकारी के लिए देखिए যুযুেল ঐনল | SANT RAMPAL JI MAHARAJ 1ೆ संत रामपाल जी महाराज जी से Sant Rampal Ji Maharaj App Download कीजिये निःशुल्क नामदीक्षा व निःशुल्क संपर्क सूत्र : GErIrON +91 7496801823 पुस्तक प्राप्त करने के लिये ' Google Play SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL JI 15 @SAINTRAMPALJIM SUPREMEGOD.ORG SAINT RAMPAL JI MAHARAJ हैं पूर्ण गुरु संत रामपाल जी महाराज जी गीता अध्याय १५ श्लोक 1 में वर्णित उल्टे लटके हुए वृक्ष का भेद वर्तमान समय में सतगुरु रामपाल जी द्वारा दिया जा रहा है जिन्होंने अपने सत्संगों में बताया हैः कबीर, अक्षर पुरूष एक पेड़ है, क्षर पुरूष वाकि डार। దl చాని ? 1  a तीनों देवा शाखा हैं, पात रूप संसार| 94স 17   ٧ Ho71 जोकि पूर्णगुरु की पहचान है। अधिक जानकारी के लिए देखिए যুযুেল ঐনল | SANT RAMPAL JI MAHARAJ 1ೆ संत रामपाल जी महाराज जी से Sant Rampal Ji Maharaj App Download कीजिये निःशुल्क नामदीक्षा व निःशुल्क संपर्क सूत्र : GErIrON +91 7496801823 पुस्तक प्राप्त करने के लिये ' Google Play SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL JI 15 @SAINTRAMPALJIM SUPREMEGOD.ORG SAINT RAMPAL JI MAHARAJ - ShareChat
#सच्चा_सतगुरु_कौन Sant Rampal Ji YouTube ##saint #true
#saint - गुरु कामहत्व गीता अध्याय 7 श्लोक १९ में कहा गया है कि यह बताने वाला महात्मा तो बहुत दुर्लभ है कि केवल वासुदेव अर्थात् सर्वगतम् ब्रह्म ( पूर्ण ब्रह्म ) ही सब कुछ है। दुर्लभ महात्मा यानि पूर्णगुरु के विषय में जानने के लिए देखिए उस Sant Rampal Ji Maharaj यूट्यूब चैनल Sant Rampal Ji Maharaj YouTubel YouTuba @SaintRampalJiMaharaj Channel 2,29M subscribers SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL JI @SAINTRAMPALJIM SUPREMEGODORG SAINT RAMPAL JI MAHARAJ गुरु कामहत्व गीता अध्याय 7 श्लोक १९ में कहा गया है कि यह बताने वाला महात्मा तो बहुत दुर्लभ है कि केवल वासुदेव अर्थात् सर्वगतम् ब्रह्म ( पूर्ण ब्रह्म ) ही सब कुछ है। दुर्लभ महात्मा यानि पूर्णगुरु के विषय में जानने के लिए देखिए उस Sant Rampal Ji Maharaj यूट्यूब चैनल Sant Rampal Ji Maharaj YouTubel YouTuba @SaintRampalJiMaharaj Channel 2,29M subscribers SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL JI @SAINTRAMPALJIM SUPREMEGODORG SAINT RAMPAL JI MAHARAJ - ShareChat
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#saint - गीता अध्याय 4 श्लोक ३४ मेंगीता ज्ञानदाता ने कहा है कि तत्वज्ञान की प्राप्ति के लिए तत्वदर्शी संत की गीता अध्याय 4 श्लोक ३४ शरण में जाओ। यानि बिना गुरु के प्रणिपातेन, परिप्रश्नेन, विद्धि, सेवया, , ज्ञान और भक्ति उपदेक्ष्यन्ति,  ते, ज्ञानम्, ज्ञानिनः, तत्त्वदर्शिनः Il ३४ II अधूरी है। सरलतापूर्वक  उस ज्ञानको परिप्रश्नेन ( तू तत्त्वदर्शी प्रश्न करनेसे वर्तमान में ज्ञानियोंके वे पास जाकर ) परमात्मतत्त्व  संत रामपाल जी समझ, ( उनको ) तत्त्वदर्शिनः ffa को भली- महाराज ही वह पूर्ण भलीभाँति भाँति जाननेवाले गुरु हैं। cugdd- प्रणिपातेन करनेसे,  বানী সঙ্কান্সা प्रणाम ज्ञानिनः ( उनकी ) ( तुझे उस ) মনা কনেম सेवया  और कपट সানস तत्त्वज्ञानका छोड़कर उपदेक्ष्यन्ति उपदेश करेंगे  संत रामपाल जी महाराज जी से Sant Rampal Ji Maharaj निःशुल्क नामदीक्षा व निःशुल्क App Download ಫ15ಶ पुस्तक प्राप्त करने के लिये संपर्क सूत्र : 91 7496801823 Google Play 11 SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL JI @SAINTRAMPALJIM SUPREMEGODORG  SAINT RAMPAL Ji MAHARAJ गीता अध्याय 4 श्लोक ३४ मेंगीता ज्ञानदाता ने कहा है कि तत्वज्ञान की प्राप्ति के लिए तत्वदर्शी संत की गीता अध्याय 4 श्लोक ३४ शरण में जाओ। यानि बिना गुरु के प्रणिपातेन, परिप्रश्नेन, विद्धि, सेवया, , ज्ञान और भक्ति उपदेक्ष्यन्ति,  ते, ज्ञानम्, ज्ञानिनः, तत्त्वदर्शिनः Il ३४ II अधूरी है। सरलतापूर्वक  उस ज्ञानको परिप्रश्नेन ( तू तत्त्वदर्शी प्रश्न करनेसे वर्तमान में ज्ञानियोंके वे पास जाकर ) परमात्मतत्त्व  संत रामपाल जी समझ, ( उनको ) तत्त्वदर्शिनः ffa को भली- महाराज ही वह पूर्ण भलीभाँति भाँति जाननेवाले गुरु हैं। cugdd- प्रणिपातेन करनेसे,  বানী সঙ্কান্সা प्रणाम ज्ञानिनः ( उनकी ) ( तुझे उस ) মনা কনেম सेवया  और कपट সানস तत्त्वज्ञानका छोड़कर उपदेक्ष्यन्ति उपदेश करेंगे  संत रामपाल जी महाराज जी से Sant Rampal Ji Maharaj निःशुल्क नामदीक्षा व निःशुल्क App Download ಫ15ಶ पुस्तक प्राप्त करने के लिये संपर्क सूत्र : 91 7496801823 Google Play 11 SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL JI @SAINTRAMPALJIM SUPREMEGODORG  SAINT RAMPAL Ji MAHARAJ - ShareChat