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प्रेम कोई भी कर सकता है..लेकिन हर कोई निभा नहीं सकता..! क्योंकि, एक समय पर जब जन्म और कर्म से मिले संबंध और प्रेम में प्राथमिकता देने की बात आती है तो संबंधों को प्राथमिकता दी जाती है ना कि प्रेम को..! प्रेम बस त्याग और सामंजस्य का विषय बन जाता है..आप जितना त्याग कर सकते हैं, जितना सामंजस्य स्थापित कर पाते हैं उतना ही प्रेम निर्विवाद रूप से चलता जाएगा...अन्यथा प्रेम क्षीण होने लगता है..! दबाव और मानसिक द्वंद्व के मध्य प्रेम कभी पल्लवित हो ही नहीं सकता..!! निष्कर्ष में बस यह कहना है.... प्रेम है तो प्रेम दिखना चाहिए क्योंकि जहां प्रेम है वहां अधिकांशतः चीजें धुंधली हो जाती हैं..!!💞 #🧾 ਟੈਕਸਟ ਸ਼ਾਇਰੀ #📄 ਜੀਵਨ ਬਾਣੀ #👫ਮੈਂ ਤੇ ਓਹ #💓ਸਿਰਫ ਤੇਰੇ ਲਈ #📗ਸ਼ਾਇਰੀ ਅਤੇ ਕੋਟਸ 🧾
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पति का झूठा घमंड पति ने ताना मारते हुए कहा: "मेरे पैसों के बिना तुम एक दिन भी नहीं जी सकती ! तुम्हारी अपनी औकात ही क्या है?" पत्नी का करारा जवाब. "पैसों से आप बाल सामान खरीद सकते हैं, परिवार का सुकून नहीं। जिस दिन मैंने अपने 'फर्ज़' और 'ममता' से छुट्टी ले ली... उस दिन आपका यह पैसों का महल एक ही दिन में खंडहर बन जाएगा....!!😥💯 #💓ਸਿਰਫ ਤੇਰੇ ਲਈ #📄 ਜੀਵਨ ਬਾਣੀ #📗ਸ਼ਾਇਰੀ ਅਤੇ ਕੋਟਸ 🧾 #👫ਮੈਂ ਤੇ ਓਹ #🧾 ਟੈਕਸਟ ਸ਼ਾਇਰੀ
💓ਸਿਰਫ ਤੇਰੇ ਲਈ - पति का झूठा घमंड मारते हुए कहाः पति ने ताना "मेरे पैसों के बिना तुम एक दिन भी नहीं जी सकती ! ೯ अपनी औकात ही क्या है?" तुम्हारी पत्नी का करारा जवाब. క్తే "पैसों से आप बाल सामान खरीद सकते हैं, परिवार का सुकून नहीं| जिस दिन मैंने अपने 'फर्ज़' और 'ममता' से छुट्टी ले ली॰.. उस दिन आपका यह पैसों का महल एक ही दिन में खंडहर बन जाएगा.०००४४ uriter_mqhendrq पति का झूठा घमंड मारते हुए कहाः पति ने ताना "मेरे पैसों के बिना तुम एक दिन भी नहीं जी सकती ! ೯ अपनी औकात ही क्या है?" तुम्हारी पत्नी का करारा जवाब. క్తే "पैसों से आप बाल सामान खरीद सकते हैं, परिवार का सुकून नहीं| जिस दिन मैंने अपने 'फर्ज़' और 'ममता' से छुट्टी ले ली॰.. उस दिन आपका यह पैसों का महल एक ही दिन में खंडहर बन जाएगा.०००४४ uriter_mqhendrq - ShareChat
प्रेम विवाह के लिए जरूरी सिर्फ घरवालों को मनाना नहीं है, बल्कि इस बात का ध्यान रखना है कि दोनों में से किसी एक हाथ की पकड़ कमजोर न पड़े। क्योंकि सच्चा प्यार वही है, जिसमें भरोसा और समझदारी दोनों का संतुलन हो। जब मुश्किलें आएँ, तो एक-दूसरे का साथ न छूटे, और खुशी में भी हाथ कभी ढीला न हो। इसी मजबूती और समर्पण से रिश्ता पक्का होता है, और यही प्रेम विवाह की सबसे बड़ी ताकत है।😥💯 #👫ਮੈਂ ਤੇ ਓਹ #📄 ਜੀਵਨ ਬਾਣੀ #🧾 ਟੈਕਸਟ ਸ਼ਾਇਰੀ #📗ਸ਼ਾਇਰੀ ਅਤੇ ਕੋਟਸ 🧾 #💓ਸਿਰਫ ਤੇਰੇ ਲਈ
👫ਮੈਂ ਤੇ ਓਹ - प्रेम विवाह के लिए जरूरी सिर्फ घरवालों को मनाना नहीं ह्ै॰ बल्कि इस बात का ध्यान रखना है कि दोनों में से किसी एक हाथ की पकड़ 1 कमजोर न पडे़े। क्योंकि सच्चा प्यार वही है॰ जिसमें भरोसा और समझदारी दोनों का संतुलन हो। క్తే  मुश्किलें आएँ तो एक-दूसरे का साथ न छूटे जब और खुशी में भी हाथ कभी ढीला न हो। इसी मजबूती और समर्पण से रिश्ता पक्का होता है, और यही प्रेम विवाह की सबसे बड़ी ताकत है। writer_mahendra प्रेम विवाह के लिए जरूरी सिर्फ घरवालों को मनाना नहीं ह्ै॰ बल्कि इस बात का ध्यान रखना है कि दोनों में से किसी एक हाथ की पकड़ 1 कमजोर न पडे़े। क्योंकि सच्चा प्यार वही है॰ जिसमें भरोसा और समझदारी दोनों का संतुलन हो। క్తే  मुश्किलें आएँ तो एक-दूसरे का साथ न छूटे जब और खुशी में भी हाथ कभी ढीला न हो। इसी मजबूती और समर्पण से रिश्ता पक्का होता है, और यही प्रेम विवाह की सबसे बड़ी ताकत है। writer_mahendra - ShareChat
जिस्म तो फिर भी., थक हार कर सो जाता है.....!!# ~×~ जहन का भी कोई., बिस्तर होना चाहिए......!!# #🧾 ਟੈਕਸਟ ਸ਼ਾਇਰੀ #👫ਮੈਂ ਤੇ ਓਹ #📗ਸ਼ਾਇਰੀ ਅਤੇ ਕੋਟਸ 🧾 #📄 ਜੀਵਨ ਬਾਣੀ #📃ਲਾਈਫ ਕੋਟਸ✒️
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बैठकर खुद से ये सवाल करो... अगर कल तुम इस दुनिया मे नही रहोगे, तो कितनो की ज़िन्दगी सच मे बदल जाएगी सच ये है, तुम्हारे होने या न होने से दुनिया का पहिया रुकने वाला नही है। तुम्हारी अर्थी उठेगी, कुछ पल आंसू बहेंगे, फिर सब कुछ पहले जैसा हो जाएगा। तुमने नही देखा? कितने लोग आए, कितने लोग चले गए, यहाँ किसी का किसी से रिश्ता बस तब तक है, जब तक अपना मकसद पूरा हो मतलब खत्म, तो रिश्ता भी खत्म... आखिर मे यहां सब भीड है... स्वार्थ की भीड.......!!😥💯 #📄 ਜੀਵਨ ਬਾਣੀ #📗ਸ਼ਾਇਰੀ ਅਤੇ ਕੋਟਸ 🧾 #👫ਮੈਂ ਤੇ ਓਹ #💓ਸਿਰਫ ਤੇਰੇ ਲਈ #🧾 ਟੈਕਸਟ ਸ਼ਾਇਰੀ
📄 ਜੀਵਨ ਬਾਣੀ - बैठकर खुद से ये सवाल करो... अगर कल तुम इस दुनिया मे नही रहोगे, तो कितनो की ज़िन्दगी सच मे बदल जाएगी सच ये है॰ तुम्हारे होने या न होने से दुनिया का पहिया रुकने वाला नही है। ६ अर्थी उठेगी , कुछ पल आंसू बहेंगे , फिर तुम्हारी सब कुछ पहले जैसा हो जाएगा| तुमने नही देखा? कितने लोग आए, कितने लोग चले गए, 3 यहाँ किसी का किसी से रिश्ता बस तब तक है, जब तक अपना मकसद पूरा हो मतलब खत्म , तो रिश्ता भी खत्म. आखिर मे यहा सब भीड है॰॰॰ स्वार्थकी भीडः writer_mahendra बैठकर खुद से ये सवाल करो... अगर कल तुम इस दुनिया मे नही रहोगे, तो कितनो की ज़िन्दगी सच मे बदल जाएगी सच ये है॰ तुम्हारे होने या न होने से दुनिया का पहिया रुकने वाला नही है। ६ अर्थी उठेगी , कुछ पल आंसू बहेंगे , फिर तुम्हारी सब कुछ पहले जैसा हो जाएगा| तुमने नही देखा? कितने लोग आए, कितने लोग चले गए, 3 यहाँ किसी का किसी से रिश्ता बस तब तक है, जब तक अपना मकसद पूरा हो मतलब खत्म , तो रिश्ता भी खत्म. आखिर मे यहा सब भीड है॰॰॰ स्वार्थकी भीडः writer_mahendra - ShareChat
क्या ख़रीदोगे ये बाज़ार बहुत महँगा है प्यार की ज़िद न करो प्यार बहुत महँगा है चाहने वालों की एक भीड़ लगी रहती है आजकल आपका दीदार बहुत महँगा है इश्क़ में वादा निभाना कोई आसान नहीं करके पछताओगे इक़रार बहुत महँगा है आज तक तुमने खिलौने ही खरीदे होंगे दिल है ये दिल मेरे सरकार बहुत महँगा है दे के ताज और हुकूमत भी खरीदा न गया आज मालूम हुआ प्यार बहुत महँगा है हम सुकूँ ढूँढने आये थे दुकानों में मगर फिर कभी देखेंगे इस बार बहुत महँगा है #💓ਸਿਰਫ ਤੇਰੇ ਲਈ #📗ਸ਼ਾਇਰੀ ਅਤੇ ਕੋਟਸ 🧾 #🧾 ਟੈਕਸਟ ਸ਼ਾਇਰੀ #👫ਮੈਂ ਤੇ ਓਹ #📄 ਜੀਵਨ ਬਾਣੀ
💓ਸਿਰਫ ਤੇਰੇ ਲਈ - Lafz) हम सुकूँ ढूँढने आये थे दुकानों में मगर फिर कभी देखेंगे इस बार बहुत महँगा है राहत इंदौरी Lafz) हम सुकूँ ढूँढने आये थे दुकानों में मगर फिर कभी देखेंगे इस बार बहुत महँगा है राहत इंदौरी - ShareChat
हर किसी को अपना समझना छोड़ दो ख़ुश रहोगे ... #🧾 ਟੈਕਸਟ ਸ਼ਾਇਰੀ #📗ਸ਼ਾਇਰੀ ਅਤੇ ਕੋਟਸ 🧾 #👫ਮੈਂ ਤੇ ਓਹ #💓ਸਿਰਫ ਤੇਰੇ ਲਈ #📄 ਜੀਵਨ ਬਾਣੀ
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पिता परदेस चला जाय, बच्चे को परवाह नहीं होती; लेकिन माँ तो बच्चे का सर्वस्व है। बालक एक मिनिट के लिए भी उसका वियोग नहीं सह सकता। पिता कोई हो, उसे परवाह नहीं, केवल एक उछलने-कूदनेवाला आदमी होना चाहिए; लेकिन माता तो अपनी ही होनी चाहिए, सोलहों आने अपनी; वही रूप, वही रंग, वही प्यार, वही सब कुछ। वह अगर नहीं है तो बालक के जीवन का स्रोत मानो सूख जाता है। #💓ਸਿਰਫ ਤੇਰੇ ਲਈ #📗ਸ਼ਾਇਰੀ ਅਤੇ ਕੋਟਸ 🧾 #📄 ਜੀਵਨ ਬਾਣੀ #👫ਮੈਂ ਤੇ ਓਹ #🧾 ਟੈਕਸਟ ਸ਼ਾਇਰੀ
💓ਸਿਰਫ ਤੇਰੇ ਲਈ - पिता परदेस चला जाय, बच्चे को परवाह नहीं होती; लेकिन माँ तो बच्चे का सर्वस्व है। बालक एक मिनिट के लिए भी उसका वियोग नहीं सह सकता। पिता कोई हो, उसे परवाह नहीं , केवल एक उछलने- कूदनेवाला आदमी होना चाहिए; लेकिन माता तो अपनी ही होनी चाहिए, सोलहों आने अपनी; वही रूप, वही रंग , वही प्यार, वही सब कुछ। वह अगर नहीं है तो बालक के जीवन का स्रोत मानो सूख जाता है। प्रेमचंद thepoetichouse  पिता परदेस चला जाय, बच्चे को परवाह नहीं होती; लेकिन माँ तो बच्चे का सर्वस्व है। बालक एक मिनिट के लिए भी उसका वियोग नहीं सह सकता। पिता कोई हो, उसे परवाह नहीं , केवल एक उछलने- कूदनेवाला आदमी होना चाहिए; लेकिन माता तो अपनी ही होनी चाहिए, सोलहों आने अपनी; वही रूप, वही रंग , वही प्यार, वही सब कुछ। वह अगर नहीं है तो बालक के जीवन का स्रोत मानो सूख जाता है। प्रेमचंद thepoetichouse - ShareChat
स्त्री इसलिए ठगी जाती है कि उसके लिए सही पुरुष की पहचान करना बहुत मुश्किल है।। क्योंकि उसे हर पुरुष अच्छा ही दिखता है। वो इसलिए कि हर पुरुष पराई स्त्री के सामने आदर्शवाद का छदम चोला पहन लेता है। अच्छी अच्छी बातें करता है। लम्बी लम्बी फेंकने लगता है। स्त्री भ्रमित हो जाती है। ये हर पुरुष की फितरत है। स्त्री को प्राप्त करने से पहले हर पुरुष देवता जैसा है। उसका असली रूप स्त्री को प्राप्त करने के बाद उजागर होता है। तभी तो स्त्रियों को अपने पतियों में कमियां नजर आती है दूसरे पुरुषो मे नही.........!!😥💯 #🧾 ਟੈਕਸਟ ਸ਼ਾਇਰੀ #👫ਮੈਂ ਤੇ ਓਹ #📗ਸ਼ਾਇਰੀ ਅਤੇ ਕੋਟਸ 🧾 #💓ਸਿਰਫ ਤੇਰੇ ਲਈ #📃ਲਾਈਫ ਕੋਟਸ✒️
🧾 ਟੈਕਸਟ ਸ਼ਾਇਰੀ - स्त्री इसलिए ठगी जाती है कि उसके लिए सही पुरुष की पहचान करना बहुत मुश्किल है।। क्योंकि उसे हर पुरुष अच्छा ही दिखता है। वो इसलिए कि हर पुरुष पराई स्त्री के सामने आदर्शवाद का छदम चोला पहन लेता है। ६ अच्छी अच्छी बातें करता है। लम्बी फेंकने लगता है। लम्बी स्त्री भ्रमित हो जाती है। ये हर पुरुष की फितरत है। 3 स्त्री को प्राप्त करने से पहले हर पुरुष देवता जैसा है। उसका असली रूप स्त्री को प्राप्त कर्ने के बाद उजागर होता है। तभी तो स्त्रियों को अपने पतियों में कमियां नजर आती है दूसरे 1 मे नही.........!! पुरुषो ' writer_mahendra स्त्री इसलिए ठगी जाती है कि उसके लिए सही पुरुष की पहचान करना बहुत मुश्किल है।। क्योंकि उसे हर पुरुष अच्छा ही दिखता है। वो इसलिए कि हर पुरुष पराई स्त्री के सामने आदर्शवाद का छदम चोला पहन लेता है। ६ अच्छी अच्छी बातें करता है। लम्बी फेंकने लगता है। लम्बी स्त्री भ्रमित हो जाती है। ये हर पुरुष की फितरत है। 3 स्त्री को प्राप्त करने से पहले हर पुरुष देवता जैसा है। उसका असली रूप स्त्री को प्राप्त कर्ने के बाद उजागर होता है। तभी तो स्त्रियों को अपने पतियों में कमियां नजर आती है दूसरे 1 मे नही.........!! पुरुषो ' writer_mahendra - ShareChat
वो लड़का अब किसी से कुछ नहीं कहता। जैसे उसके भीतर शब्दों का एक पूरा शहर था, जो एक दिन अचानक उजड़ गया हो। अब उसकी खामोशी में कोई शोर नहीं बचा, कोई शिकायत नहीं, कोई आग्रह नहीं, बस एक गहरी, स्थिर झील-सी निस्तब्धता है, जिसमें कभी-कभी यादों के कंकड़ गिरते हैं और लहरें उठती भी हैं, पर वो उन्हें भी बिना हलचल के अपने भीतर समेट लेता है। पहले वो बहुत कहता था, छोटी-छोटी बातों में अपनी पूरी दुनिया उकेर देता था, जैसे हर वाक्य उसके दिल का एक टुकड़ा हो। लेकिन अब..अब उसके शब्द जैसे थक गए हैं, या शायद उसने समझ लिया है कि हर भावना को आवाज़ देना ज़रूरी नहीं होता। कुछ एहसास ऐसे होते हैं, जो जितना कहे जाएं, उतना ही अपने अर्थ खो देते हैं और वो अब अपने एहसासों को खोना नहीं चाहता। उसकी आँखों में अब भी कहानियाँ हैं, पर वो जानता है कि उन्हें पढ़ने का हुनर हर किसी में नहीं रहा। वो अब मुस्कुराता है, पर वो मुस्कान पहले जैसी बेफिक्र नहीं होती। उसमें एक सधी हुई दूरी है, एक अजीब-सी परिपक्वता, जैसे उसने अपने ही भीतर एक लंबा सफर तय कर लिया हो। अब वो किसी को रोकता नहीं, किसी से उम्मीद नहीं रखता, किसी के लौटने का इंतज़ार नहीं करता, क्योंकि उसने जाना है कि जो सच में अपना होता है, वो बिना कहे भी साथ रहता है और जो चला जाता है, उसे रोकने के लिए शब्द भी कम पड़ जाते हैं। वो लड़का अब भीतर से शांत हो चुका है, लेकिन ये शांति कोई सुकून नहीं, ये एक स्वीकार है हर उस दर्द का, हर अधूरेपन का, हर टूटे हुए विश्वास का, जिसे उसने बिना आवाज़ किए अपने भीतर जगह दी है। उसने अब सीख लिया है कि हर सवाल का जवाब ज़रूरी नहीं होता, और हर रिश्ते का अंत समझना भी ज़रूरी नहीं, कुछ बातें बस यूं ही अधूरी रह जाती हैं, और वही अधूरापन इंसान को पूरा बना देता है। अब वो रातों को जागता तो है, पर बेचैनी में नहीं, बस अपने ख्यालों के साथ, जैसे कोई पुराना दोस्त हो, जिससे बातें करने के लिए शब्दों की जरूरत नहीं पड़ती। वो अपने ही भीतर बैठकर खुद को सुनता है…समझता है…और हर दिन थोड़ा-थोड़ा खुद को माफ़ भी करता है। वो अब किसी से कुछ नहीं कहता क्योंकि उसने जाना है कि हर किसी के पास सुनने का वक्त नहीं होता, और हर कोई समझने की कोशिश भी नहीं करता। इसलिए उसने अपनी बातों को अपने भीतर ही एक सुरक्षित जगह दे दी है, जहाँ कोई उन्हें तोड़ नहीं सकता, कोई उन्हें गलत नहीं समझ सकता। और सच कहूँ, उसकी ये खामोशी अब बोझ नहीं लगती, बल्कि एक अजीब-सी गरिमा लिए हुए है, जैसे कोई टूटा हुआ इंसान नहीं, बल्कि एक ऐसा इंसान हो जो टूटकर भी बिखरा नहीं,बल्कि खुद को समेटकर एक नई शक्ल में ढाल चुका है। वो लड़का अब शांत है, पर उसकी ये शांति, उसकी हार नहीं…ये उसके भीतर की सबसे गहरी जीत है। #👫ਮੈਂ ਤੇ ਓਹ #🧾 ਟੈਕਸਟ ਸ਼ਾਇਰੀ #📗ਸ਼ਾਇਰੀ ਅਤੇ ਕੋਟਸ 🧾 #📃ਲਾਈਫ ਕੋਟਸ✒️ #📄 ਜੀਵਨ ਬਾਣੀ
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