११५ प्रतिक्रिया · ४ कमेंट | माया देवी मंदिर हरिद्वार, उत्तराखंड में स्थित एक अत्यंत प्राचीन और पवित्र सिद्धपीठ है, जो देवी सती को समर्पित है। यह 11वीं सदी का मंदिर माना जाता है, जहाँ देवी सती का हृदय और नाभि गिरी थी, इसलिए इसे शक्तिपीठ माना जाता है। माँ माया देवी को हरिद्वार की अधिष्ठात्री देवी कहा जाता है। [1, 2, 3, 4] माया देवी मंदिर के मुख्य विवरण: • स्थान: हरिद्वार (हर की पौड़ी से लगभग 1.5 किमी दूर)। • विशेषता: यह तीन मुख्य सिद्धपीठों में से एक है (मनसा देवी और चंडी देवी के साथ)। • मूर्ति: मंदिर के गर्भगृह में तीन मूर्तियाँ हैं- बीच में देवी माया (तीन सिर और चार हाथ), बाईं ओर काली देवी और दाईं ओर कामाख्या देवी। • समय: सुबह 6:00 से दोपहर 12:00 बजे तक और दोपहर 3:00 से रात 8:00 बजे तक (समय में थोड़ा बदलाव संभव है)। • महत्व: यहाँ दर्शन करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। [1, 3, 4, 5, 6, 7] इतिहास और मान्यता: • यह मंदिर 11वीं शताब्दी में बना था और भारत के सबसे प्राचीन मंदिरों में से एक है। • मान्यता के अनुसार, जब भगवान शिव सती के शरीर को ले जा रहे थे, तब उनका हृदय और नाभि यहाँ गिरे थे। • हरिद्वार का प्राचीन नाम 'मायापुरी' इन्हीं के नाम पर पड़ा था। • नवरात्रि और कुंभ मेले के दौरान यहाँ भक्तों की भारी भीड़ होती है। | हरिद्वार हर की पौड़ी मां गंगा आरती दर्शन
माया देवी मंदिर हरिद्वार, उत्तराखंड में स्थित एक अत्यंत प्राचीन और पवित्र सिद्धपीठ है, जो देवी सती को समर्पित है। यह 11वीं सदी का मंदिर माना जाता है,...