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#🌸शुभ शुक्रवार🙏 #📰GK & करेंट अफेयर्स Students💡 #🌞 Good Morning🌞 #👩‍🌾खान सर मोटिवेशन💡 #📢 ताज़ा खबर 🗞️
🌸शुभ शुक्रवार🙏 - 9 10 0) 8 4 5 जो भी करना है आज ही शुरू कर लो क्योंकि कल खुद भी कल के इंतजार #8..!! 9 10 0) 8 4 5 जो भी करना है आज ही शुरू कर लो क्योंकि कल खुद भी कल के इंतजार #8..!! - ShareChat
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📢 ताज़ा खबर 🗞️ - ল ব্রুনান  राज्य निर्वाचन आयोग : ओबीसी सीटों को सामान्य मान करा ಕರ್್ १५ अप्रेल तक चुनाव संपन्न नहीं अवमानना के लिए सरकार होगी पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क ओबीसी आयोग की रिपोर्ट नहीं आई है चुनाव १५ अप्रेल तो उन सीटों को सामान्य मानकर patrika com तॅक ही : सुप्रीम कोर्ट चुनाव कराए जा सकते हैं। वैसे भी॰ जयपुर . पंचायत निकाय  चुनाव में देरी के मामले में राज्य सरकार की सरकार  एससी एसटी की सीट तो सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव १५ अप्रेल  मुसीबत बढ़ती जा रही है। १५ निर्धारित कर सकती है। तक कराने का आदेश यथावत अप्रेल तक चुनाव नहीं होने को मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजेश रखा है। कोर्ट में कहा था कि वर्मा की ओर से यह चिट्ठी लिखी गई है। लेकर सरकार पर विपक्ष के हमलों में देरी हा रही है॰ जिस पर चुनाव  के बाद अब राज्य निर्वाचन आयोग आयोग ने कहा है कि १५ अप्रेल तक कोर्ट ने दखल से इंकार करते ने पंचायती राज विभाग को पत्र चुनाव कराने के अदालती आदेश हैं। हुए कहा कि मामला हाईकोर्ट या पंचायत राज विभाग की देरी के कारण लिखकर सख्त संदेश दिया है। अन्य उपयुक्त मंच पर उठाया आयोग ने पत्र में चेताया है कि तय आयोग चुनाव नहीं करवा पा रहा है। जाए। सीजेआइ सूर्यकांत  चुनाव नहीं हुए तो इधर सूत्रों के अनुसार चुनाव करवाने के न्यायाधीश जॉयमाल्या बागची व समय पर अदालती अवमानना की कार्रवाई लिए आयोग की तैयारी पूरी हो चुकी है। न्यायाधीश विपुल एम पंचोली की के लिए सरकार जिम्मेदार होगी। बेंच ने बिहारीलाल रणवा की मतदाता सूची २५ फरवरी तक फाइनल एसएलपी खारिज कर दी। साथ ही कहा कि आरक्षण को लेकर हा चुकी। पढ़़ें १५ अप्रेल @ पेज ०९ ল ব্রুনান  राज्य निर्वाचन आयोग : ओबीसी सीटों को सामान्य मान करा ಕರ್್ १५ अप्रेल तक चुनाव संपन्न नहीं अवमानना के लिए सरकार होगी पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क ओबीसी आयोग की रिपोर्ट नहीं आई है चुनाव १५ अप्रेल तो उन सीटों को सामान्य मानकर patrika com तॅक ही : सुप्रीम कोर्ट चुनाव कराए जा सकते हैं। वैसे भी॰ जयपुर . पंचायत निकाय  चुनाव में देरी के मामले में राज्य सरकार की सरकार  एससी एसटी की सीट तो सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव १५ अप्रेल  मुसीबत बढ़ती जा रही है। १५ निर्धारित कर सकती है। तक कराने का आदेश यथावत अप्रेल तक चुनाव नहीं होने को मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजेश रखा है। कोर्ट में कहा था कि वर्मा की ओर से यह चिट्ठी लिखी गई है। लेकर सरकार पर विपक्ष के हमलों में देरी हा रही है॰ जिस पर चुनाव  के बाद अब राज्य निर्वाचन आयोग आयोग ने कहा है कि १५ अप्रेल तक कोर्ट ने दखल से इंकार करते ने पंचायती राज विभाग को पत्र चुनाव कराने के अदालती आदेश हैं। हुए कहा कि मामला हाईकोर्ट या पंचायत राज विभाग की देरी के कारण लिखकर सख्त संदेश दिया है। अन्य उपयुक्त मंच पर उठाया आयोग ने पत्र में चेताया है कि तय आयोग चुनाव नहीं करवा पा रहा है। जाए। सीजेआइ सूर्यकांत  चुनाव नहीं हुए तो इधर सूत्रों के अनुसार चुनाव करवाने के न्यायाधीश जॉयमाल्या बागची व समय पर अदालती अवमानना की कार्रवाई लिए आयोग की तैयारी पूरी हो चुकी है। न्यायाधीश विपुल एम पंचोली की के लिए सरकार जिम्मेदार होगी। बेंच ने बिहारीलाल रणवा की मतदाता सूची २५ फरवरी तक फाइनल एसएलपी खारिज कर दी। साथ ही कहा कि आरक्षण को लेकर हा चुकी। पढ़़ें १५ अप्रेल @ पेज ०९ - ShareChat
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🌞 Good Morning🌞 - ११वीं -१२वीं के विशेष शिक्षा के १० हजार छात्रों को फायदा प्रदेश में पहली बार विशेष शिक्षा के लेक्चरर के २४२ पदों पर भर्ती होगी प्रदेश में ११वीं और १२वीं कहां कितने पद सृजित हुए जयपुर कक्षा में पढ़ाई कर रहे विशेष बच्चों के लिए शिक्षा विभाग ने अहम आदेश पदों की संख्या कहां जारी  किया है। आजादी के संभाग मॉडल संदर्भ केंद्र 9 बाद पहली बार विशेष बच्चों की पढ़ाई के जिला मॉडल संदर्भ केंद्र 31 लिए विशेष शिक्षा के व्याख्याताओं विशेष शिक्षा जिला समन्वयक   ३३ के पद सृजित किए गए हैं। इनके विशेष शिक्षा के स्कूल २३ सीबीईओ संदर्भ केंद्र २४२ नए पद सृजित किए गए हैं। 41 इनमें से आधे १२१ पद पदोन्नति से যতন্কীয ওসা ক্কুল 87 भरे जाएंगे और १२१ पद सीधी भर्ती माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम से भरे जाएंगे। लंबे समय से विशेष शिक्षा के व्याख्याताओं के पद सृजित जाट की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि व्याख्याता विशेष शिक्षा करने की मांग उठ रही थी। विशेष शिक्षा का व्याख्याता नहीं होने के के पद सृजित कर दिए गए हैं। इससे कारण सामान्य शिक्षकों के भरोसे ही सीडब्ल्यूएसएन केटेगरी के बच्चों को शैक्षिक संबलन मिल सकेगा। विशेष बच्चों की पढाई हो रही थी। ११वीं -१२वीं के विशेष शिक्षा के १० हजार छात्रों को फायदा प्रदेश में पहली बार विशेष शिक्षा के लेक्चरर के २४२ पदों पर भर्ती होगी प्रदेश में ११वीं और १२वीं कहां कितने पद सृजित हुए जयपुर कक्षा में पढ़ाई कर रहे विशेष बच्चों के लिए शिक्षा विभाग ने अहम आदेश पदों की संख्या कहां जारी  किया है। आजादी के संभाग मॉडल संदर्भ केंद्र 9 बाद पहली बार विशेष बच्चों की पढ़ाई के जिला मॉडल संदर्भ केंद्र 31 लिए विशेष शिक्षा के व्याख्याताओं विशेष शिक्षा जिला समन्वयक   ३३ के पद सृजित किए गए हैं। इनके विशेष शिक्षा के स्कूल २३ सीबीईओ संदर्भ केंद्र २४२ नए पद सृजित किए गए हैं। 41 इनमें से आधे १२१ पद पदोन्नति से যতন্কীয ওসা ক্কুল 87 भरे जाएंगे और १२१ पद सीधी भर्ती माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम से भरे जाएंगे। लंबे समय से विशेष शिक्षा के व्याख्याताओं के पद सृजित जाट की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि व्याख्याता विशेष शिक्षा करने की मांग उठ रही थी। विशेष शिक्षा का व्याख्याता नहीं होने के के पद सृजित कर दिए गए हैं। इससे कारण सामान्य शिक्षकों के भरोसे ही सीडब्ल्यूएसएन केटेगरी के बच्चों को शैक्षिक संबलन मिल सकेगा। विशेष बच्चों की पढाई हो रही थी। - ShareChat
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🌸शुभ शुक्रवार🙏 - सुप्रीम कोर्ट ॰ प्राइवेट पीएसयू कर्मचारियों को बराबरी का हक. क्रीमी लेयर : निर्धारण आय से ही नहीं, पैरेंट्स का पदभी देखना होगा कोर्ट ने तीन अधिकार गिनाए भास्कर न्यूज | नई दिल्ली ने एक संवैधानिक अनिवार्यता है। उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट अहम फैसले में 3= মমাননা उद्देश्य से सार्वजनिक क्षेत्र के स्पष्ट किया है कि अन्य पिछड़ा वर्ग यह तय करना है कि आरक्षण का लाभ वास्तव में उन लोगों को (ओबीसी ) के लिए क्रीमी लेयर उपक्रमों और निजी संस्थाओं मिले जो सामाजिक और शैक्षिक का दर्जा केवल उनके माता-पिता की के कर्मचारियों के साथ सरकारी रूप से पिछड़े हैं। आय के आधार पर तय नहीं किया कर्मचारियों की तुलना में अलग  समृद्ध वर्गों पर रोक : इस व्यवहार भेदभावपूर्ण' है। जा सकता। जस्टिस पीएस नरसिम्हा संवैधानिक अनिवार्यता और जस्टिस आर महादेवन की पीठ सिद्धांत का उद्देश्य पिछड़ी जातियों ने केंद्र की अपील खारिज करते পিত্তভী পণিমী সঁ ম ক্মীপী के भीतर अपेक्षाकृत समृद्ध वर्गों मद्रास और केरल हाई दिल्ली लेयर को बाहर करना केवल को आरक्षण का लाभ हड़पने से ক্কাীৎ नीतिगत प्राथमिकता नहीं, बल्कि के पिछले फैसलों को बरकरार रोकना है। रखा। ये मामले सिविल सेवा परीक्षा বিবান : 1993 কা মমীভম বরনাম 2004 কা এতস में   ओबीसी (নাঁন-ব্ধীদী ) का लाभ लेने वाले उम्मीदवारों की मामले में 8 सितंबर १९९३ के केंद्र सरकार के कार्यालय ज्ञापन ( ओएम ) और १४ अक्टूबर २००४ के स्पष्टीकरण पत्र की व्याख्या भी अहम रही। पात्रता से जुड़े थे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इन मामलों १९९३ के ओएम में क्रीमी लेयर तय करने के लिए आय परीक्षण में वेतन की परिस्थितियों को देखते हुए हाई और कृषि आय को शामिल नहीं किया गया था, जबकि २००४ के पत्र में पीएसयू और निजी क्षेत्र के कर्मचारियों की वेतन आय को शामिल  कोर्ट का यह तर्क सही है कि समान स्थिति वाले निजी  कंपनियों और करने का निर्देश दिया गया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि १९९३ के ज्ञापन पीएसयू  कर्मचारियों तथा उनके बच्चों और २००४ के स्पष्टीकरण पत्र को समग्र रूप से पढने पर यह साफ है के साथ सरकारी कर्मचारियों से अलग कि केवल वेतन से होने वाली आय ही एकमात्र मानदंड नहीं हो सकती| व्यवहार भेदभावपूर्ण होगा। कोर्ट ने उम्मीदवार के माता-पिता का पद और श्रेणी भी अत्यंत आवश्यक है। यह भी कहा कि जाति ऐतिहासिक रूप से वंचित होने का संकेतक हो सकती प्रशासनिक अधिकरण ( कैट ) का उन्हें मिलता है जो   नॉनन्क्रीमी लेयर ' में आते हैं। केंद्र के नियमों लेकिन   पिछड़ेपन रुख किया था। अधिकरण ने केंद्र है  ப4HI7 निर्धारक मानी सकती। को उनके ओबीसी दर्जे के आधार के अनुसार , क्रीमी लेयर में वे लोग नहीं = दरअसल   सिविल सेवा परोक्षा के आते हॅ जिनके माता-पिता की आय पर सेवाओं का पुनः आवंटन का कई अभ्यर्थियों ने ओबीसी  नॉन- निर्देश दिया था। बता दें कि ओबीसी 8 लाख रुपए प्रति वर्ष या उससे ज्यादा है। क्रीमी लेयर का लाभ मांगते हुए केंद्रोय  সাম্েতা ( 27% . का लाभ कवल सुप्रीम कोर्ट ॰ प्राइवेट पीएसयू कर्मचारियों को बराबरी का हक. क्रीमी लेयर : निर्धारण आय से ही नहीं, पैरेंट्स का पदभी देखना होगा कोर्ट ने तीन अधिकार गिनाए भास्कर न्यूज | नई दिल्ली ने एक संवैधानिक अनिवार्यता है। उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट अहम फैसले में 3= মমাননা उद्देश्य से सार्वजनिक क्षेत्र के स्पष्ट किया है कि अन्य पिछड़ा वर्ग यह तय करना है कि आरक्षण का लाभ वास्तव में उन लोगों को (ओबीसी ) के लिए क्रीमी लेयर उपक्रमों और निजी संस्थाओं मिले जो सामाजिक और शैक्षिक का दर्जा केवल उनके माता-पिता की के कर्मचारियों के साथ सरकारी रूप से पिछड़े हैं। आय के आधार पर तय नहीं किया कर्मचारियों की तुलना में अलग  समृद्ध वर्गों पर रोक : इस व्यवहार भेदभावपूर्ण' है। जा सकता। जस्टिस पीएस नरसिम्हा संवैधानिक अनिवार्यता और जस्टिस आर महादेवन की पीठ सिद्धांत का उद्देश्य पिछड़ी जातियों ने केंद्र की अपील खारिज करते পিত্তভী পণিমী সঁ ম ক্মীপী के भीतर अपेक्षाकृत समृद्ध वर्गों मद्रास और केरल हाई दिल्ली लेयर को बाहर करना केवल को आरक्षण का लाभ हड़पने से ক্কাীৎ नीतिगत प्राथमिकता नहीं, बल्कि के पिछले फैसलों को बरकरार रोकना है। रखा। ये मामले सिविल सेवा परीक्षा বিবান : 1993 কা মমীভম বরনাম 2004 কা এতস में   ओबीसी (নাঁন-ব্ধীদী ) का लाभ लेने वाले उम्मीदवारों की मामले में 8 सितंबर १९९३ के केंद्र सरकार के कार्यालय ज्ञापन ( ओएम ) और १४ अक्टूबर २००४ के स्पष्टीकरण पत्र की व्याख्या भी अहम रही। पात्रता से जुड़े थे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इन मामलों १९९३ के ओएम में क्रीमी लेयर तय करने के लिए आय परीक्षण में वेतन की परिस्थितियों को देखते हुए हाई और कृषि आय को शामिल नहीं किया गया था, जबकि २००४ के पत्र में पीएसयू और निजी क्षेत्र के कर्मचारियों की वेतन आय को शामिल  कोर्ट का यह तर्क सही है कि समान स्थिति वाले निजी  कंपनियों और करने का निर्देश दिया गया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि १९९३ के ज्ञापन पीएसयू  कर्मचारियों तथा उनके बच्चों और २००४ के स्पष्टीकरण पत्र को समग्र रूप से पढने पर यह साफ है के साथ सरकारी कर्मचारियों से अलग कि केवल वेतन से होने वाली आय ही एकमात्र मानदंड नहीं हो सकती| व्यवहार भेदभावपूर्ण होगा। कोर्ट ने उम्मीदवार के माता-पिता का पद और श्रेणी भी अत्यंत आवश्यक है। यह भी कहा कि जाति ऐतिहासिक रूप से वंचित होने का संकेतक हो सकती प्रशासनिक अधिकरण ( कैट ) का उन्हें मिलता है जो   नॉनन्क्रीमी लेयर ' में आते हैं। केंद्र के नियमों लेकिन   पिछड़ेपन रुख किया था। अधिकरण ने केंद्र है  ப4HI7 निर्धारक मानी सकती। को उनके ओबीसी दर्जे के आधार के अनुसार , क्रीमी लेयर में वे लोग नहीं = दरअसल   सिविल सेवा परोक्षा के आते हॅ जिनके माता-पिता की आय पर सेवाओं का पुनः आवंटन का कई अभ्यर्थियों ने ओबीसी  नॉन- निर्देश दिया था। बता दें कि ओबीसी 8 लाख रुपए प्रति वर्ष या उससे ज्यादा है। क्रीमी लेयर का लाभ मांगते हुए केंद्रोय  সাম্েতা ( 27% . का लाभ कवल - ShareChat
#🌞 Good Morning🌞 #📢 ताज़ा खबर 🗞️ #📰GK & करेंट अफेयर्स Students💡 #🧮 सरल गणित / Reasoning #🌸शुभ शुक्रवार🙏
🌞 Good Morning🌞 - आरटीई : 3287 स्कूलों में एक भी आवेदन नहीं 6.25 लाख अभ्यर्थियों ने प्रदेश के 33137 निजी स्कूलों में भरा विकल्प एजुकेशन रिपोर्टर | बीकानेर आरटीई के तहत निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश के लिए आवेदन करने वाले राज्य के 6.25 लाख अभ्यर्थियों का वरीयता क्रम राज्य स्तर पर गुरुवार को निकाली गई लॉटरी से निर्धारित किया गया । शिक्षा सत्र 2026-27 के तहत प्रदेश के 33 हजार 137 निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए 329165 छात्र व 295970 छात्राएं तथा 11 थर्ड जेंडर ने आवेदन किया था । प्रदेश के 3287 स्कूलों में एक भी आवेदन नहीं हालांकि , लॉटरी जारी होने के बाद अभिभावक अपने विद्यालय चयन क्रम में 16 मार्च तक बदलाव कर सकेंगे । इसके बाद 17 मार्च को रिक्त सीटों के आधार पर विद्यार्थियों को स्कूल आवंटित किए जाएंगे । है । अभ्यर्थियों को निजी स्कूलों में सीट आवंटन तीन चरणों में होगा । प्रथम चरण के बाद रिक्त सीटों पर 7 अप्रैल को द्वितीय चरण में स्कूलों का आवंटन किया जाएगा । इसके बाद भी सीट होने पर 22 अप्रैल को तीसरे चरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी । दरअसल , शिक्षा विभाग ने नर्सरी से पहली कक्षा में निशुल्क प्रवेश के लिए इस बार 18 फरवरी से 10 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन मांगे थे । नियमों के मुताबिक एक अभ्यर्थी अधिकतम पांच स्कूलों का विकल्प डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन 25 मार्च तक , दो अप्रैल तक दर्ज होगी परिवेदना : विद्यालयों द्वारा आवेदकों के दस्तावेजों का सत्यापन 25 मार्च 2026 तक किया जाएगा । यदि किसी आवेदनकर्ता की प्रवेश संबंधी कोई परिवेदना हो तो वह अपने लॉग - इन के माध्यम से 2 अप्रैल 2026 तक आरटीई पोर्टल पर दर्ज करा सकता है । इन परिवेदनाओं का निस्तारण संबंधित मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी , जिला शिक्षा अधिका तथा संयुक्त निदेशक स्कूल शिक्षा संभाग स्तर पर किया जाएगा । सीटों का आवंटन 17 मार्च को , एक अप्रैल से नया सत्र निशुल्क प्रवेश के लिए लॉटरी में चयनित अभ्यर्थियों को निजी स्कूलों में सीटों के प्रथम चरण का आवंटन 17 मार्च को होगा । वहीं , एक अप्रैल से नया शिक्षा सत्र शुरू हो जाएगा । आरटीई के तहत सशुल्क बालकों के प्रवेश के आधार पर वरीयता में चयनित निशुल्क प्रवेश के अंतिम चरण का आवंटन 22 अप्रैल तक चलेगा । भर सकता था । ऐसे में लगभग 19.92 लाख विकल्प दिए गए हैं । शिक्षा मंत्री मदन दिलावर 12 मार्च को ऑनलाइन लॉटरी के जरिए इन 6.25 लाख अभ्यर्थियों का वरीयता क्रम निर्धारण किया । - ShareChat
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🌷शुभ गुरुवार - संसद सवाल-्जवाब ॰ ५ साल में सीएपीएफ में इस्तीफे ८६%बढ़़े केंद्रीय बलों में ९३ हजार पद खाली , सबसे ज्यादा २७ हजार सीआरपीएफ मेंः सरकार भारत टैक्सी से 4 लाख से ज्यादा ड्राइवर जुड़े, नई दिल्ली  भास्कर न्यूज  अगले दोन्तीन साल में पूरे देश में विस्तार होगा केंद्र सरकार ने संसद में बताया कि केंद्रीय सहकारी क्षेत्र की भारत टैक्सी राइड - हेलिंग सेवा को अगले 2 से 3 सशस्त्र पुलिस बलों ( सीएपीएफ ) और वर्षों में सभी बड़े शहरों तक विस्तार दिया जाएगा। सहकारिता राज्य মক্ল্ ৭ ক্রুল 93,139 असम पट खाली हैं। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने मंत्री कृष्ण पाल ने कहा कि यह सेवा फिलहाल दिल्ली एनसीआर লিবিন অনান স बताया कि सबसे ज्यादा और गुजरात के अहमदाबाद राजकोट, सोमनाथ और द्वारका में रिक्तियां सीआईएसएफ में २८ ३४२ है संचालित हो रही है। अब तक 4 लाख ड्राइवर जुड़ चुके है। वरिष्ठ पदों पर एससी।एसटी प्रतिनिधित्व का डेटा नहींः केंद्रीय रिजर्व पलिस बल ( सीआरपीएफ স 27,400, সীপা মুপনো লল ( নীৎসবক্চ  केंद्र सरकार ने बुधबार को संसद में बताया कि संयुक्त सचिव স   14,531, और उससे ऊपर के पदों पर एससी।एसटी प्रतिनिधित्व का अलग  भारतनतिब्बत सोमा पुलिस ( आईटीबीपी ) में १२ ३३३, सशस्त्र सीमा डेटा नहीं रखा जाता। पदोन्नति में ग्रुप-ए की श्रेणी तक शुरुआती  एसएसबी ) में 6७८४ और असम १५% एससी और 7 ५% एसटी आरक्षण है। तल राइफल्स में 3 ७४९ पद खाली हैं। - टीवी विज्ञापनों में चमत्कारी दावे नहीं कर सकतेः सरकार  सरकार ने कहा कि निजी टीवी चैनलों के सभी विज्ञापन केबल राय ने कहा कि रिक्तियों के बावजूट टीवी नेटवर्क एक्ट, १९९५ के एडवरटाइजिंग कोड के तहत होँगे। उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग নল से अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे है। चमत्कारी गुणों के दावे प्रतिबंधित हैं, उल्लंघन पर कार्रवाई होती है। भर्ती प्रक्रिया तेज करने के लिए कई कदम सूरत से कुरनूल तक ग्रीन एक्सप्रेसवे बनेगा,  उठाए गए हैं। इनमें कर्मचारी चयन आयोग दिल्ली - चेन्नई दूरी ३२० किमी घटेगीः गडकरी के जरिए हर साल कांस्टेबल भर्ती॰ प्रमुख होते हुए रैंकों के लिए नोडल बल की व्यवस्था और  सरकार सूरत से नासिक, अहमदनगर और सोलापुर " शारीरिक परीक्षण में रेडियो फ्रीव्वेंसी पहचान कुरनूल तक ग्रीन एक्सप्रेसवे बनाएगी। इससे दिल्ली चेन्नई दूरी  तकनीक का उपयोग शामिल है। ३२० किमी घटेगी। गडकरी ने कहा, दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे पूरा सीएपीएफ  होने पर दिल्ली मुंबई यात्रा भी लगभग १२ घंटे में संभव होगी।  ಕ   317 सरकार इस्तीफों की संख्या बढी है। २०२१ २०२५ में एक लाख से ज्यादा पेंशन शिकायतें दर्ज 1,255 # सरकार ने लोकसभा में बताया कि पोर्टल पर २०२५ में १.०७ 2025 T 2,333 मुकाबले कर्मियों ने इस्तीफा दिया, यानी करीब ८६ लाख पेंशन शिकायतें मिली। औसत निपटान समय १९ दिन रहा। फीसदी वृद्धि हुई। वहीं आत्महत्या, आपसी  पीएम सूर्य घर योजना से ३१ लाख लोग लाभान्वितः  पीएम  हत्या और स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के मामलों মন্মো ন ননায়া ক্ি सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के में कमी दर्ज की गई है। सीएपीएफ के लिए तहत 6 मार्च २०२६ तक ३१ १२ लाख घरों में रूफटॉप सोलर पेशन   योजना बहालो लगे। लक्ष्य २०२७ तक एक करोड़ घरों का है। पुरानी  বা मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। संसद सवाल-्जवाब ॰ ५ साल में सीएपीएफ में इस्तीफे ८६%बढ़़े केंद्रीय बलों में ९३ हजार पद खाली , सबसे ज्यादा २७ हजार सीआरपीएफ मेंः सरकार भारत टैक्सी से 4 लाख से ज्यादा ड्राइवर जुड़े, नई दिल्ली  भास्कर न्यूज  अगले दोन्तीन साल में पूरे देश में विस्तार होगा केंद्र सरकार ने संसद में बताया कि केंद्रीय सहकारी क्षेत्र की भारत टैक्सी राइड - हेलिंग सेवा को अगले 2 से 3 सशस्त्र पुलिस बलों ( सीएपीएफ ) और वर्षों में सभी बड़े शहरों तक विस्तार दिया जाएगा। सहकारिता राज्य মক্ল্ ৭ ক্রুল 93,139 असम पट खाली हैं। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने मंत्री कृष्ण पाल ने कहा कि यह सेवा फिलहाल दिल्ली एनसीआर লিবিন অনান স बताया कि सबसे ज्यादा और गुजरात के अहमदाबाद राजकोट, सोमनाथ और द्वारका में रिक्तियां सीआईएसएफ में २८ ३४२ है संचालित हो रही है। अब तक 4 लाख ड्राइवर जुड़ चुके है। वरिष्ठ पदों पर एससी।एसटी प्रतिनिधित्व का डेटा नहींः केंद्रीय रिजर्व पलिस बल ( सीआरपीएफ স 27,400, সীপা মুপনো লল ( নীৎসবক্চ  केंद्र सरकार ने बुधबार को संसद में बताया कि संयुक्त सचिव স   14,531, और उससे ऊपर के पदों पर एससी।एसटी प्रतिनिधित्व का अलग  भारतनतिब्बत सोमा पुलिस ( आईटीबीपी ) में १२ ३३३, सशस्त्र सीमा डेटा नहीं रखा जाता। पदोन्नति में ग्रुप-ए की श्रेणी तक शुरुआती  एसएसबी ) में 6७८४ और असम १५% एससी और 7 ५% एसटी आरक्षण है। तल राइफल्स में 3 ७४९ पद खाली हैं। - टीवी विज्ञापनों में चमत्कारी दावे नहीं कर सकतेः सरकार  सरकार ने कहा कि निजी टीवी चैनलों के सभी विज्ञापन केबल राय ने कहा कि रिक्तियों के बावजूट टीवी नेटवर्क एक्ट, १९९५ के एडवरटाइजिंग कोड के तहत होँगे। उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग নল से अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे है। चमत्कारी गुणों के दावे प्रतिबंधित हैं, उल्लंघन पर कार्रवाई होती है। भर्ती प्रक्रिया तेज करने के लिए कई कदम सूरत से कुरनूल तक ग्रीन एक्सप्रेसवे बनेगा,  उठाए गए हैं। इनमें कर्मचारी चयन आयोग दिल्ली - चेन्नई दूरी ३२० किमी घटेगीः गडकरी के जरिए हर साल कांस्टेबल भर्ती॰ प्रमुख होते हुए रैंकों के लिए नोडल बल की व्यवस्था और  सरकार सूरत से नासिक, अहमदनगर और सोलापुर " शारीरिक परीक्षण में रेडियो फ्रीव्वेंसी पहचान कुरनूल तक ग्रीन एक्सप्रेसवे बनाएगी। इससे दिल्ली चेन्नई दूरी  तकनीक का उपयोग शामिल है। ३२० किमी घटेगी। गडकरी ने कहा, दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे पूरा सीएपीएफ  होने पर दिल्ली मुंबई यात्रा भी लगभग १२ घंटे में संभव होगी।  ಕ   317 सरकार इस्तीफों की संख्या बढी है। २०२१ २०२५ में एक लाख से ज्यादा पेंशन शिकायतें दर्ज 1,255 # सरकार ने लोकसभा में बताया कि पोर्टल पर २०२५ में १.०७ 2025 T 2,333 मुकाबले कर्मियों ने इस्तीफा दिया, यानी करीब ८६ लाख पेंशन शिकायतें मिली। औसत निपटान समय १९ दिन रहा। फीसदी वृद्धि हुई। वहीं आत्महत्या, आपसी  पीएम सूर्य घर योजना से ३१ लाख लोग लाभान्वितः  पीएम  हत्या और स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के मामलों মন্মো ন ননায়া ক্ি सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के में कमी दर्ज की गई है। सीएपीएफ के लिए तहत 6 मार्च २०२६ तक ३१ १२ लाख घरों में रूफटॉप सोलर पेशन   योजना बहालो लगे। लक्ष्य २०२७ तक एक करोड़ घरों का है। पुरानी  বা मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। - 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