Shivani Yadav
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#🌹BK thoughts🌹 ❤om shanti ❤
🌹BK thoughts🌹 ❤om shanti ❤ - मुरली से 5 मुख्य पॉइंट्स आज की BRAHMA KUMARIS SakarMurliEssence Udlcaltlon ٥   मीठे बच्चे 22.04.2026 २. देहधारियों की बहुत बड़ी जाल है (चाचा , मामा , गुरु आदि) अब तुम्हे अपनी देह सहित यह सारी जाल हप करनी है अर्थात् सबको भूलकर बनने से तुम बाबा के पास आ जायेंगे।  अकेला देही बनना है। सोल कान्सेस " বরাণ নী নম্ভূন अच्छी मत देते हैं। उनके डायरेक्शन पर चलने का शौक होना चाहिए। तुम बच्चों को बाप का आह्वान नहीं करना बल्कि उनकी याद में रह 2. अपनी उन्नति करनी है। अगर तुम शिवबाबा को याद कर भोजन खाते हो तो गोया शिवबाबा के साथ ही खाते हो।जो कहते हम सारा समय बाप की याद अतीन्द्रिय सुख ]6<1` में रहते हैं, उनका जरूर खुशनुमः चमकता रहेगा। वह अभी तुम " में रहेंगे। मास्टर बीजरूप बनते हो। स्प्रीचुअल लाइट हाउस  ३. याद के साथ स्वदर्शन चक्र को भी फिराना है। जिन बच्चों ने कुछ समझा हुआ होगा, बन सबको घर का रास्ता बताना है। वह तो औरों का कल्याण अवश्य करेंगे। ईश्वरीय शान में स्थित रह हर कर्म शानदार बनाने वाले वरदानः- से मुक्त  सर्व परेशानियों भव ट्रस्टी वह है जो अपना सब कुछ बाप हवाले कर दे। स्लोगनः- मुरली से 5 मुख्य पॉइंट्स आज की BRAHMA KUMARIS SakarMurliEssence Udlcaltlon ٥   मीठे बच्चे 22.04.2026 २. देहधारियों की बहुत बड़ी जाल है (चाचा , मामा , गुरु आदि) अब तुम्हे अपनी देह सहित यह सारी जाल हप करनी है अर्थात् सबको भूलकर बनने से तुम बाबा के पास आ जायेंगे।  अकेला देही बनना है। सोल कान्सेस " বরাণ নী নম্ভূন अच्छी मत देते हैं। उनके डायरेक्शन पर चलने का शौक होना चाहिए। तुम बच्चों को बाप का आह्वान नहीं करना बल्कि उनकी याद में रह 2. अपनी उन्नति करनी है। अगर तुम शिवबाबा को याद कर भोजन खाते हो तो गोया शिवबाबा के साथ ही खाते हो।जो कहते हम सारा समय बाप की याद अतीन्द्रिय सुख ]6<1` में रहते हैं, उनका जरूर खुशनुमः चमकता रहेगा। वह अभी तुम " में रहेंगे। मास्टर बीजरूप बनते हो। स्प्रीचुअल लाइट हाउस  ३. याद के साथ स्वदर्शन चक्र को भी फिराना है। जिन बच्चों ने कुछ समझा हुआ होगा, बन सबको घर का रास्ता बताना है। वह तो औरों का कल्याण अवश्य करेंगे। ईश्वरीय शान में स्थित रह हर कर्म शानदार बनाने वाले वरदानः- से मुक्त  सर्व परेशानियों भव ट्रस्टी वह है जो अपना सब कुछ बाप हवाले कर दे। स्लोगनः- - ShareChat
#🌹BK thoughts🌹 ❤om shanti ❤
🌹BK thoughts🌹 ❤om shanti ❤ - की मुरली से 5 मुख्य पॉइंट्स 35 S SakaMu i ssence    [ मीठे बच्चे 21.04.2026 २. मैं ज्ञान सागर हूं, यहां ज्ञान डांस करने आता हूं| कोई अच्छे सर्विसएबल बच्चे सामने आते हैं तो ज्ञान डांस भी अच्छा चलता है। नॉलेज तो बड़ी सहज है॰ जब अंदर याद करने की हॉबी होनी चाहिए। फिर याद के साथ-साथ दिव्य तुम्हारे  अलौकिक कर्म भी करने चाहिए। २. मुख्य पॉइंट है मनमनाभव.. इसमें ही विघ्न पड़ते हैं। बाप धीरज देते हैं, बच्चे तूफान तो आएंगे.. तुम सर्विस करते रहो। अंत में सब कर्मातीत अवस्था को पा लेंगे। तुम जितना बाप से योग लगाएंगे उतना " बढ़ेगी और खाद भी g? परन्तु देह ्अभिमान आने से अनेक प्रकार के घुटके ऐसे आते निकलती जाएगी। जो योग में रहने नहीं देते। ३. यह तुम्हारा अंतिम जन्म है। अंत तक शरीर को कुछ ना कुछ होता ही रहेगा।  सदा यही स्मृति रहे॰. हमारे सुख के दिन आने वाले हैं। अभी तुम मूलवतन, सूक्ष्मवतन और स्थूलवतन को अच्छी रीति जान गए हो.. तो यह स्वदर्शन चक्र बुद्धि में फिरता रहना चाहिए। सदा एकरस स्थिति के तख्त़ पर विराजमान रहने वरदानः- वाले बापदादा के दिलतख्त नशीन भव शुभचिंतन द्वारा निगेटिव को पॉजिटिव में ললীযান:- परिवर्तन करो। की मुरली से 5 मुख्य पॉइंट्स 35 S SakaMu i ssence    [ मीठे बच्चे 21.04.2026 २. मैं ज्ञान सागर हूं, यहां ज्ञान डांस करने आता हूं| कोई अच्छे सर्विसएबल बच्चे सामने आते हैं तो ज्ञान डांस भी अच्छा चलता है। नॉलेज तो बड़ी सहज है॰ जब अंदर याद करने की हॉबी होनी चाहिए। फिर याद के साथ-साथ दिव्य तुम्हारे  अलौकिक कर्म भी करने चाहिए। २. मुख्य पॉइंट है मनमनाभव.. इसमें ही विघ्न पड़ते हैं। बाप धीरज देते हैं, बच्चे तूफान तो आएंगे.. तुम सर्विस करते रहो। अंत में सब कर्मातीत अवस्था को पा लेंगे। तुम जितना बाप से योग लगाएंगे उतना " बढ़ेगी और खाद भी g? परन्तु देह ्अभिमान आने से अनेक प्रकार के घुटके ऐसे आते निकलती जाएगी। जो योग में रहने नहीं देते। ३. यह तुम्हारा अंतिम जन्म है। अंत तक शरीर को कुछ ना कुछ होता ही रहेगा।  सदा यही स्मृति रहे॰. हमारे सुख के दिन आने वाले हैं। अभी तुम मूलवतन, सूक्ष्मवतन और स्थूलवतन को अच्छी रीति जान गए हो.. तो यह स्वदर्शन चक्र बुद्धि में फिरता रहना चाहिए। सदा एकरस स्थिति के तख्त़ पर विराजमान रहने वरदानः- वाले बापदादा के दिलतख्त नशीन भव शुभचिंतन द्वारा निगेटिव को पॉजिटिव में ললীযান:- परिवर्तन करो। - ShareChat
#🌹BK thoughts🌹 ❤om shanti ❤
🌹BK thoughts🌹 ❤om shanti ❤ - 3([6([7[) ~(TI ٢ ٢ 19-04-2026 (Ralsul 15-12-2009) . নাঁলতক্ুল " परिवार के साथ प्रीत निभाने के लिए बन बाप समान साक्षीपन की स्थिति में रहना है॰ बाप, स्व॰ ड्रामा और परिवार चारों में निश्चयबुद्धि बन विजयी बनना है" -बाप के साथ और भी निश्चय पक्का होना चाहिए - वह है स्व में निश्चय।  साथ में ड्रामा में निश्चय और परिवार में निश्चय। इन चार प्रकार के निश्चय में पक्के होना अर्थात् निश्चयबुद्धि विजयन्ती बनना। -जैसे बाप में निश्चय है तो साथ में स्व में भी निश्चय आवश्यक है क्योंकि स्व में निश्चय है तो जहाँ निश्चय है वहाँ हर कर्म में निश्चयबुद्धि अर्थात् अगर स्वमानधारी विजयी है। -अगर ड्रामा में पक्का निश्चय है तो ड्रामा के निश्चय से जो निश्चयबुद्धि है वह स्वरूप में बदल देता है क्योंकि Raq अर्थात् विजय। समस्या को समाधान -परिवार में हर एक के संस्कार भिन्न-भिन्न हैं और होंगे। आपका यादगार माला है॰ माला में देखो कहाँ एक नम्बर और कहाँ १०८वां नम्बर क्योंकि परिवार में भिन्न-भिन्न संस्कार हैं। -परिवार में चलते संस्कारों को समझ एक दो में एक परिवार , एक बाप, एक राज्य , तो एक होके चलना है। -जो परिवार के निश्चय में नॉलेजफुल होके सदा बाप समान साक्षीपन की स्थिति में रह सम्बन्ध में आते हैं, रहते हैं वही नम्बरवन या नम्बरवन डिवीजन में आते हैं। -तो क्यों के बजाए, क्यों नहीं करना है, लेकिन हमें मिलकर चलना है, परिवार की प्रीत निभानी है क्योंकि यह बाप का परिवार है॰ भगवान का परिवार है। -संकल्प में आये भी कि ऐसे क्यों होता है, लेकिन मुझे वह क्यों वा क्या हिलावे नहीं , मूड नहीं बदली करे, इसको कहते हैं चार ही में पास।  भी कहती है कि मैं जानती हूँ कि मेरा पार्ट अभी जाने वाला है -I लेकिन ब्राह्मण परिवार में ऐसे भी बच्चे हैं जो छोटी बात में मेरे साथी बन जाते हैं। बिठा देते हैं मेरे को। "वरदानः- विधाता के साथ-साथ वरदाता बन सर्व आत्माओं में बल भरने वाले रहमदिल भव" यदि कोई आत्मा इच्छुक है लेकिन हिम्मत न होने के कारण चाहना होते भी प्राप्ति नहीं कर सकती तो ऐसी आत्माओं के लिए विधाता अर्थात् ज्ञान अपनी शुभ दाता बनने के साथनसाथ रहमदिल बन वरदाता बनो, उन्हें भावना का एक्स्ट्रा बल दो। लेकिन ऐसे वरदानी मूर्त तभी बन सकते, जब हो। हर समय , हर संकल्प, हर कर्म आपका हर संकल्प बाप के प्रति ತaf में वारी जाऊं का जो वचन लिया है, उसे पालन करो। स्लोगनः- अपने सत्य स्वरूप की स्मृति हो तो सत्यता की शक्ति आ जायेगी। 3([6([7[) ~(TI ٢ ٢ 19-04-2026 (Ralsul 15-12-2009) . নাঁলতক্ুল " परिवार के साथ प्रीत निभाने के लिए बन बाप समान साक्षीपन की स्थिति में रहना है॰ बाप, स्व॰ ड्रामा और परिवार चारों में निश्चयबुद्धि बन विजयी बनना है" -बाप के साथ और भी निश्चय पक्का होना चाहिए - वह है स्व में निश्चय।  साथ में ड्रामा में निश्चय और परिवार में निश्चय। इन चार प्रकार के निश्चय में पक्के होना अर्थात् निश्चयबुद्धि विजयन्ती बनना। -जैसे बाप में निश्चय है तो साथ में स्व में भी निश्चय आवश्यक है क्योंकि स्व में निश्चय है तो जहाँ निश्चय है वहाँ हर कर्म में निश्चयबुद्धि अर्थात् अगर स्वमानधारी विजयी है। -अगर ड्रामा में पक्का निश्चय है तो ड्रामा के निश्चय से जो निश्चयबुद्धि है वह स्वरूप में बदल देता है क्योंकि Raq अर्थात् विजय। समस्या को समाधान -परिवार में हर एक के संस्कार भिन्न-भिन्न हैं और होंगे। आपका यादगार माला है॰ माला में देखो कहाँ एक नम्बर और कहाँ १०८वां नम्बर क्योंकि परिवार में भिन्न-भिन्न संस्कार हैं। -परिवार में चलते संस्कारों को समझ एक दो में एक परिवार , एक बाप, एक राज्य , तो एक होके चलना है। -जो परिवार के निश्चय में नॉलेजफुल होके सदा बाप समान साक्षीपन की स्थिति में रह सम्बन्ध में आते हैं, रहते हैं वही नम्बरवन या नम्बरवन डिवीजन में आते हैं। -तो क्यों के बजाए, क्यों नहीं करना है, लेकिन हमें मिलकर चलना है, परिवार की प्रीत निभानी है क्योंकि यह बाप का परिवार है॰ भगवान का परिवार है। -संकल्प में आये भी कि ऐसे क्यों होता है, लेकिन मुझे वह क्यों वा क्या हिलावे नहीं , मूड नहीं बदली करे, इसको कहते हैं चार ही में पास।  भी कहती है कि मैं जानती हूँ कि मेरा पार्ट अभी जाने वाला है -I लेकिन ब्राह्मण परिवार में ऐसे भी बच्चे हैं जो छोटी बात में मेरे साथी बन जाते हैं। बिठा देते हैं मेरे को। "वरदानः- विधाता के साथ-साथ वरदाता बन सर्व आत्माओं में बल भरने वाले रहमदिल भव" यदि कोई आत्मा इच्छुक है लेकिन हिम्मत न होने के कारण चाहना होते भी प्राप्ति नहीं कर सकती तो ऐसी आत्माओं के लिए विधाता अर्थात् ज्ञान अपनी शुभ दाता बनने के साथनसाथ रहमदिल बन वरदाता बनो, उन्हें भावना का एक्स्ट्रा बल दो। लेकिन ऐसे वरदानी मूर्त तभी बन सकते, जब हो। हर समय , हर संकल्प, हर कर्म आपका हर संकल्प बाप के प्रति ತaf में वारी जाऊं का जो वचन लिया है, उसे पालन करो। स्लोगनः- अपने सत्य स्वरूप की स्मृति हो तो सत्यता की शक्ति आ जायेगी। - ShareChat
#🌹BK thoughts🌹 ❤om shanti ❤
🌹BK thoughts🌹 ❤om shanti ❤ - मुरली से 5 मुख्य पॉइंट्स आज की BRAHMA KUMARIS ISakarMurliEssence TLULamlu Do"1 मीठे बच्चे 20.04.2026 तुम हो ईश्वरीय सैलवेशन आर्मी ।अभी तुम बच्चों पर बहुत बड़ी  1. रिस्पांसिबिलिटी है...तुम्हें सब को समझाना है कि सर्व का ஈர दाता एक शिवबाबा ही है। हर एक को पहले अपना कल्याण करना है फिर औरों को बुद्धि में सर्विस के ही ख्याल चलने भी बाप से वर्सा दिलाना है। तुम्हारी  चाहिए। २. जिस्मानी सेवा तो जन्म जन्मांतर बहुत की॰. अब इस अंतिम जन्म में यह रूहानी सेवा करनी है। इसमें ही कल्याण है, अलावा ओर कोई बात में इसके नहीं। फायदा ३. विचार करो- बाप तुम बच्चों को कितना ऊंचा बनाते हैं। तुम्हें तो सदा  हर्षित रहना है। इस ज्ञान मार्ग में अवस्था बड़ी फर्स्टक्लास होनी चाहिए। कभी होती नहीं, भारत तो अविनाशी खंड है। जब अंत समय आता है प्रलय तो सिर्फ ट्रांसफर हो जाते हैं। यह सब बातें तुम्हें बुद्धि में याद रखनी चाहिए। अपने श्रेष्ठ व्यवहार द्वारा सर्व आत्माओं को सुख देने वरदानः- वाली महान आत्मा भव करने के बाद सोचना ही पश्चाताप का रूप है। स्लोगनः- मुरली से 5 मुख्य पॉइंट्स आज की BRAHMA KUMARIS ISakarMurliEssence TLULamlu Do"1 मीठे बच्चे 20.04.2026 तुम हो ईश्वरीय सैलवेशन आर्मी ।अभी तुम बच्चों पर बहुत बड़ी  1. रिस्पांसिबिलिटी है...तुम्हें सब को समझाना है कि सर्व का ஈர दाता एक शिवबाबा ही है। हर एक को पहले अपना कल्याण करना है फिर औरों को बुद्धि में सर्विस के ही ख्याल चलने भी बाप से वर्सा दिलाना है। तुम्हारी  चाहिए। २. जिस्मानी सेवा तो जन्म जन्मांतर बहुत की॰. अब इस अंतिम जन्म में यह रूहानी सेवा करनी है। इसमें ही कल्याण है, अलावा ओर कोई बात में इसके नहीं। फायदा ३. विचार करो- बाप तुम बच्चों को कितना ऊंचा बनाते हैं। तुम्हें तो सदा  हर्षित रहना है। इस ज्ञान मार्ग में अवस्था बड़ी फर्स्टक्लास होनी चाहिए। कभी होती नहीं, भारत तो अविनाशी खंड है। जब अंत समय आता है प्रलय तो सिर्फ ट्रांसफर हो जाते हैं। यह सब बातें तुम्हें बुद्धि में याद रखनी चाहिए। अपने श्रेष्ठ व्यवहार द्वारा सर्व आत्माओं को सुख देने वरदानः- वाली महान आत्मा भव करने के बाद सोचना ही पश्चाताप का रूप है। स्लोगनः- - ShareChat
#🌹BK thoughts🌹 ❤om shanti ❤
🌹BK thoughts🌹 ❤om shanti ❤ - की मुरली से 5 मुख्य पॉइंट्स 35 ORAIIMA KUMARIS । SakarMurhassence a a निश्चयबुद्धि बन विजयी बनना है 11  9) 19.04.2026 { निश्चय। 7 निश्चय  बाप में तो हर एक बच्चे का अटूट १. ज्ञान के फाउंडेशन का आधार है- ड्रामा में और परिवार में भी पूरा निश्चय होना  है लेकिन बाप के साथ-साथ स्वयं में, चाहिए। इन 4 प्रकार के निश्चय में पक्के होना अर्थात् निश्चयबुद्धि विजयंती बनना। নিখরব बाप में है तो देखो सिर्फ मेरा बाबा कहा और सर्व खजानों के अधिकारी  पहला बन गए। निश्चय 7 रहे मैं बाप द्वारा स्वराज्य अधिकारी , २. दूसरा स्वयं में भी सदा  का इतना नशा Aqu स्वमान अधिकारी कोटों में कोई आत्मा हूं। तीसरा.. ड्रामा में पक्का  ই নী समस्या को भी सेकंड में समाधान स्वरूप में बदल लेेंगे , हलचल में नही आएंगे। क्योंकि ड्रामा के ज्ञान से अडोल, अचल बन जाते हैं। चौथा.. परिवार में भी हर एक के शुभ कामना की 'स्थिति में स्थित हो चलना है क्योंकि परिवार के प्रति शुभ भावना बीच ही संस्कार स्वभाव निकलकर आता है। ३. ऐसे नहीं कहना कि मेरा तो बाप से ही कार्य है, नही। २१ जन्म भिन्न-भिन्न रूप से परिवार के साथ ही रहना है, परिवार को छोड़ कहां जा नहीं सकते। जो सदा बाप साक्षीपन की स्थिति में रह परिवार के संबंध में आते हैं वही नंबरवन में जाते हैं। समान चाहिए वाह बाबा, वाह ड्रामा , वाह मैं और वाह मेरा परिवार। नशा रहना विधाता के साथ  साथ वरदाता बन सर्व आत्माओं में वरदानः- बल भरने वाले रहमदिल भव अपने सत्य स्वरूप की स्मृति हो तो सत्यता की स्लोगनः- शक्ति आ जायेगी। की मुरली से 5 मुख्य पॉइंट्स 35 ORAIIMA KUMARIS । SakarMurhassence a a निश्चयबुद्धि बन विजयी बनना है 11  9) 19.04.2026 { निश्चय। 7 निश्चय  बाप में तो हर एक बच्चे का अटूट १. ज्ञान के फाउंडेशन का आधार है- ड्रामा में और परिवार में भी पूरा निश्चय होना  है लेकिन बाप के साथ-साथ स्वयं में, चाहिए। इन 4 प्रकार के निश्चय में पक्के होना अर्थात् निश्चयबुद्धि विजयंती बनना। নিখরব बाप में है तो देखो सिर्फ मेरा बाबा कहा और सर्व खजानों के अधिकारी  पहला बन गए। निश्चय 7 रहे मैं बाप द्वारा स्वराज्य अधिकारी , २. दूसरा स्वयं में भी सदा  का इतना नशा Aqu स्वमान अधिकारी कोटों में कोई आत्मा हूं। तीसरा.. ड्रामा में पक्का  ই নী समस्या को भी सेकंड में समाधान स्वरूप में बदल लेेंगे , हलचल में नही आएंगे। क्योंकि ड्रामा के ज्ञान से अडोल, अचल बन जाते हैं। चौथा.. परिवार में भी हर एक के शुभ कामना की 'स्थिति में स्थित हो चलना है क्योंकि परिवार के प्रति शुभ भावना बीच ही संस्कार स्वभाव निकलकर आता है। ३. ऐसे नहीं कहना कि मेरा तो बाप से ही कार्य है, नही। २१ जन्म भिन्न-भिन्न रूप से परिवार के साथ ही रहना है, परिवार को छोड़ कहां जा नहीं सकते। जो सदा बाप साक्षीपन की स्थिति में रह परिवार के संबंध में आते हैं वही नंबरवन में जाते हैं। समान चाहिए वाह बाबा, वाह ड्रामा , वाह मैं और वाह मेरा परिवार। नशा रहना विधाता के साथ  साथ वरदाता बन सर्व आत्माओं में वरदानः- बल भरने वाले रहमदिल भव अपने सत्य स्वरूप की स्मृति हो तो सत्यता की स्लोगनः- शक्ति आ जायेगी। - ShareChat
#🌹BK thoughts🌹 ❤om shanti ❤
🌹BK thoughts🌹 ❤om shanti ❤ - मुरली से 5 मुख्य पॉइंट्स आज की BRAHMA KUMARIS ISakar MurliEssence LVCanor मीठे बच्चे 18.04.2026 नंबर वन भूत है देह-्अभिमान का। सतयुग में यह विष होता नही, 1. तभी तो मनुष्य २१ जन्म सुख भोगते हैं। यह विकार ही तुम्हें आदि अंत दुःख देते हैं, इसलिए अब एक॰दो पर काम कटारी नहीं मध्य छोड़ तुम घर चले जाएंगे। चलानी | यह नाटक पूरा हुआ, अब शरीर तुम्हें याद की यात्रा में जरूर रहना है। 2. তী তিননা करेंगे उतना उच्च पद पाएंगे। अभी का पुरुषार्थ ही कल्प-कल्प चलेगा। guTభ विशश से वाइसलेस बनना है।इसलिए बाप से पवित्र तुमको ३. अब बनने की प्रतिज्ञा करो। विकारी दुनिया को निर्विकारी बनाना यह एक बाप का ही काम है। उनको ही सर्वशक्तिमान , ज्ञान का सागर, पतितनपावन कहा जाता है। सर्व खजानों से भरपूर बन अपने चेहरे द्वारा सेवा  वरदानः- करने वाले सच्चे सेवाधारी भव समय और संकल्प के खजाने की बचतकर जमा स्लागनः- का खाता बढ़ाओ। मुरली से 5 मुख्य पॉइंट्स आज की BRAHMA KUMARIS ISakar MurliEssence LVCanor मीठे बच्चे 18.04.2026 नंबर वन भूत है देह-्अभिमान का। सतयुग में यह विष होता नही, 1. तभी तो मनुष्य २१ जन्म सुख भोगते हैं। यह विकार ही तुम्हें आदि अंत दुःख देते हैं, इसलिए अब एक॰दो पर काम कटारी नहीं मध्य छोड़ तुम घर चले जाएंगे। चलानी | यह नाटक पूरा हुआ, अब शरीर तुम्हें याद की यात्रा में जरूर रहना है। 2. তী তিননা करेंगे उतना उच्च पद पाएंगे। अभी का पुरुषार्थ ही कल्प-कल्प चलेगा। guTభ विशश से वाइसलेस बनना है।इसलिए बाप से पवित्र तुमको ३. अब बनने की प्रतिज्ञा करो। विकारी दुनिया को निर्विकारी बनाना यह एक बाप का ही काम है। उनको ही सर्वशक्तिमान , ज्ञान का सागर, पतितनपावन कहा जाता है। सर्व खजानों से भरपूर बन अपने चेहरे द्वारा सेवा  वरदानः- करने वाले सच्चे सेवाधारी भव समय और संकल्प के खजाने की बचतकर जमा स्लागनः- का खाता बढ़ाओ। - ShareChat
#🌹BK thoughts🌹 ❤om shanti ❤
🌹BK thoughts🌹 ❤om shanti ❤ - मुरली चित्र 16-04-2026 योग से शुद्धि ८४ जन्मों का चक्र सतयुग - पवित्रता सतोप्रधान सतो रजो तमो तमोप्रधान बाप की याद से आत्मा सतोप्रधान से तमोप्रधान , लक्ष्मी नारायण का पावन , की खाद निकलती है। ८४ जन्मों का खेल। धनवान राज्य। तीन लोक और सृष्टि चक्र आत्मा की यात्रा सुखधाम और दुःखधाम निराकारी सूक्ष्म साकारी आत्मा एक शरीर छोड़ बाप सृष्टि के आदि॰मध्य- आधाकल्प रामराज्य दूसरा लेती है।  अन्त का राज़ बताते हैं। आधाकल्प रावण राज्य। योगबल से वर्सा निराकारी वृक्ष যান কী 3মি ర गाय याद।योग जितना योगबल, सभी आत्माओं का मामेकम् याद करो, विकर्म विनाश होंगे। उतना ऊंच पद का वर्सा। মিসয (বথানলী)l स्वर्ग का द्वार स्लोगन वरदान स्वर्ग पवित्रता SIi शक्ति नॉलेजफुल, बाप स्वर्ग के गेट खोलते हैं पवित्रता ही नवीनता और मास्टर रावण नर्क के। ज्ञान का फाउण्डेशन है। पावरफुल भव। मुरली चित्र 16-04-2026 योग से शुद्धि ८४ जन्मों का चक्र सतयुग - पवित्रता सतोप्रधान सतो रजो तमो तमोप्रधान बाप की याद से आत्मा सतोप्रधान से तमोप्रधान , लक्ष्मी नारायण का पावन , की खाद निकलती है। ८४ जन्मों का खेल। धनवान राज्य। तीन लोक और सृष्टि चक्र आत्मा की यात्रा सुखधाम और दुःखधाम निराकारी सूक्ष्म साकारी आत्मा एक शरीर छोड़ बाप सृष्टि के आदि॰मध्य- आधाकल्प रामराज्य दूसरा लेती है।  अन्त का राज़ बताते हैं। आधाकल्प रावण राज्य। योगबल से वर्सा निराकारी वृक्ष যান কী 3মি ర गाय याद।योग जितना योगबल, सभी आत्माओं का मामेकम् याद करो, विकर्म विनाश होंगे। उतना ऊंच पद का वर्सा। মিসয (বথানলী)l स्वर्ग का द्वार स्लोगन वरदान स्वर्ग पवित्रता SIi शक्ति नॉलेजफुल, बाप स्वर्ग के गेट खोलते हैं पवित्रता ही नवीनता और मास्टर रावण नर्क के। ज्ञान का फाउण्डेशन है। पावरफुल भव। - ShareChat
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