Harendra Singh Negi
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Harendra Singh Negi
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🙏 जय श्री राम 🙏 नमः सिद्धम ✨✨
#🚗🧗🏻भारत भ्रमण व सफर प्रेमी🚂⛰
🚗🧗🏻भारत भ्रमण व सफर प्रेमी🚂⛰ - Ukimat himalya range Ukimat himalya range - ShareChat
Kafal gharwal ka fal #🚗🧗🏻भारत भ्रमण व सफर प्रेमी🚂⛰
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#❤️प्यार वाले स्टेटस ❤️
❤️प्यार वाले स्टेटस ❤️ - d ಫ d ಫ - ShareChat
Garhwali culture #❤️प्यार वाले स्टेटस ❤️
❤️प्यार वाले स्टेटस ❤️ - BROTHER BHULLA (SISTER) GARHWALI BHULLI GARHWALI & BROTHER BHULLA (SISTER) GARHWALI BHULLI GARHWALI & - ShareChat
Nature #🚗🧗🏻भारत भ्रमण व सफर प्रेमी🚂⛰ today post
🚗🧗🏻भारत भ्रमण व सफर प्रेमी🚂⛰ - Himalaya range Himalaya range - ShareChat
Today pic #😍खूबसूरत पर्यटन स्थल🏝 lansdowne
😍खूबसूरत पर्यटन स्थल🏝 - ShareChat
#🌄 मेरी आज की सुबह
🌄 मेरी आज की सुबह - ज्नो वृक्ष पतझड़ सह लेता है वही बसंत देखता है, और जो इंसान संघर्ष कर लेता है वही सफलता पाता है! शुभ प्रभात ज्नो वृक्ष पतझड़ सह लेता है वही बसंत देखता है, और जो इंसान संघर्ष कर लेता है वही सफलता पाता है! शुभ प्रभात - ShareChat
#🙏माँ लक्ष्मी महामंत्र🌺
🙏माँ लक्ष्मी महामंत्र🌺 - जिय श्री लक्ष्मी नारायण विष्णुः मङ्गलमू भगवान मङ्गलम् गरुणध्वजः मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः मङ्गलाय तनो हरिः सुप्रभात, शुभ गुरुवार 8o0 जिय श्री लक्ष्मी नारायण विष्णुः मङ्गलमू भगवान मङ्गलम् गरुणध्वजः मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः मङ्गलाय तनो हरिः सुप्रभात, शुभ गुरुवार 8o0 - ShareChat
#🌄 मेरी आज की सुबह
🌄 मेरी आज की सुबह - झण्वाश्रम की पावन धरती पर मालिनी कोटद्वार गढ़वालका द्वार नदी के तट पर स्थित कण्वाश्रम भारतीय सभ्यता की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक तपोभूमि है॰ जिसकी स्थापना स्वयं महर्षि कण्व नेःकीःथी। यह आश्रम वैदिक काल से लेकर महाभारत काल तक निरंतर उल्लेखित रहा है॰जो इसकी प्राचीनता और महत्ता को प्रमाणित करता है। कण्वाश्रम वह पवित्र स्थल है जहाँ राजा दुष्यंत और शकुंतला के पुत्र भरत कुमार का जन्म हुआ , जिनके नाम पर आगे चलकर हमारे देश का नाम भारतवर्ष पड़ा। आदि काल सेचारधाम यात्रा को जाने वाले श्रद्धालुओं महत्वपूर्ण पडाव भी था। यह स्थान केवल एक आश्रम का यह एक ही नहीं बल्कि सनातन परंपरा , राष्ट्रबोध और भारतीय अस्मिता का जीवंत प्रतीक है, जहाँ धर्म ; तप , शिक्षा और प्रकृति का अद्भुत समन्वय दिखाई देता है। आज भी कण्वाश्रम हर भारतीय को अपनी पौराणिक धरोहरों से जुड़ने , अपने गौरशाली इतिहास को स्रमझने और भारत होने के अर्थ को आत्मसात करने की प्रेरणा देता है। झण्वाश्रम की पावन धरती पर मालिनी कोटद्वार गढ़वालका द्वार नदी के तट पर स्थित कण्वाश्रम भारतीय सभ्यता की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक तपोभूमि है॰ जिसकी स्थापना स्वयं महर्षि कण्व नेःकीःथी। यह आश्रम वैदिक काल से लेकर महाभारत काल तक निरंतर उल्लेखित रहा है॰जो इसकी प्राचीनता और महत्ता को प्रमाणित करता है। कण्वाश्रम वह पवित्र स्थल है जहाँ राजा दुष्यंत और शकुंतला के पुत्र भरत कुमार का जन्म हुआ , जिनके नाम पर आगे चलकर हमारे देश का नाम भारतवर्ष पड़ा। आदि काल सेचारधाम यात्रा को जाने वाले श्रद्धालुओं महत्वपूर्ण पडाव भी था। यह स्थान केवल एक आश्रम का यह एक ही नहीं बल्कि सनातन परंपरा , राष्ट्रबोध और भारतीय अस्मिता का जीवंत प्रतीक है, जहाँ धर्म ; तप , शिक्षा और प्रकृति का अद्भुत समन्वय दिखाई देता है। आज भी कण्वाश्रम हर भारतीय को अपनी पौराणिक धरोहरों से जुड़ने , अपने गौरशाली इतिहास को स्रमझने और भारत होने के अर्थ को आत्मसात करने की प्रेरणा देता है। - ShareChat
#🌄 मेरी आज की सुबह
🌄 मेरी आज की सुबह - Wkoruututuuu Autdids uLudr 'V Wkoruututuuu Autdids uLudr 'V - ShareChat