Manvendra Kumar
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#😇 चाणक्य नीति #🌼 मेरा बगीचा 🌸 #🎄हरे पेड़
😇 चाणक्य नीति - लगता है कि,हम बिखराव के दौर में है पर्वत पानी बर्फ सब आग के दौर में है। क्या बंधन था,लगता था गाँव के जैसा आज हर कबीला टकराव के दौर में है। पाँच जने आते थे,एक सरपंच हुआ करता था जो खींची लकीरें लगता था छाँव के दौर में है। कौन सुने किसकी कहने वाला भी नहीं रहा सबको अपनी अपनी, अलगाव के दौर में हैं। LATESTUPDATES LIVE LIVE 18:00 IST LATEST UPDATES LATEST UPDATES LATESTUPDATES LATEST UPDATES LATESTUPI लगता है कि,हम बिखराव के दौर में है पर्वत पानी बर्फ सब आग के दौर में है। क्या बंधन था,लगता था गाँव के जैसा आज हर कबीला टकराव के दौर में है। पाँच जने आते थे,एक सरपंच हुआ करता था जो खींची लकीरें लगता था छाँव के दौर में है। कौन सुने किसकी कहने वाला भी नहीं रहा सबको अपनी अपनी, अलगाव के दौर में हैं। LATESTUPDATES LIVE LIVE 18:00 IST LATEST UPDATES LATEST UPDATES LATESTUPDATES LATEST UPDATES LATESTUPI - ShareChat
#🌼 मेरा बगीचा 🌸 #🎄हरे पेड़
🌼 मेरा बगीचा 🌸 - बिना चल सकती है दुनियाँ 5R जमी बर्फ चोटी से पिघल सकती है। हुआ क्या मुख्यधारा जो सूखी नदी नयी तो निकल सकती है। कितना धमंड इन लहरों में देखो किनारो पर चढ़ी उतर सकती है। वैशाखी बिन चल सकती है dr आगे भी निकल सकती है। तुमसे ये उबलना या कपकपी जो भी हो कोई हवा कितनी देर चल सकती है। बिना चल सकती है दुनियाँ 5R जमी बर्फ चोटी से पिघल सकती है। हुआ क्या मुख्यधारा जो सूखी नदी नयी तो निकल सकती है। कितना धमंड इन लहरों में देखो किनारो पर चढ़ी उतर सकती है। वैशाखी बिन चल सकती है dr आगे भी निकल सकती है। तुमसे ये उबलना या कपकपी जो भी हो कोई हवा कितनी देर चल सकती है। - ShareChat
#🌼 मेरा बगीचा 🌸 #😇 चाणक्य नीति #🎄हरे पेड़
🌼 मेरा बगीचा 🌸 - तुम्हारा मिजाज है एकदम बच्चों की तरह चाहिए हर देश 34} एक खिलौने की तरह। मरती रहे शांति पैरों तले उबल आये नोबेल की तरह कहीं हलचल समुद्र में खदोरे प्रस्तर लहर की तरह। भीत पर खड़ी महल है रेत की तरह ढ़हती ये कोहराम मचा है जंगल की आग की तरह। तुम्हारा मिजाज है एकदम बच्चों की तरह चाहिए हर देश 34} एक खिलौने की तरह। मरती रहे शांति पैरों तले उबल आये नोबेल की तरह कहीं हलचल समुद्र में खदोरे प्रस्तर लहर की तरह। भीत पर खड़ी महल है रेत की तरह ढ़हती ये कोहराम मचा है जंगल की आग की तरह। - ShareChat
#🎄हरे पेड़ #😇 चाणक्य नीति
🎄हरे पेड़ - किसी को हरित भूमि किसी को गेहूँ कटोरा चाहिए किसी को सिल्क वन हमको कटे दोनों बाजू चाहिए। उसी का दिन उसी वार उसे युद्धरत संसार चाहिए झोँक को आग दुनियाँ बिके रथियार नरसंहार चाहिए। अबती अति हुग बहुत बड़ा क्षति हुः्षा समस्त शूखडशरधस उठी हलचल डोल गयीःघरा इस बढ रही विद्रूपता का अब तो उपचार चाहिए। किसी को हरित भूमि किसी को गेहूँ कटोरा चाहिए किसी को सिल्क वन हमको कटे दोनों बाजू चाहिए। उसी का दिन उसी वार उसे युद्धरत संसार चाहिए झोँक को आग दुनियाँ बिके रथियार नरसंहार चाहिए। अबती अति हुग बहुत बड़ा क्षति हुः्षा समस्त शूखडशरधस उठी हलचल डोल गयीःघरा इस बढ रही विद्रूपता का अब तो उपचार चाहिए। - ShareChat
#🎄हरे पेड़ #नीला आसमान 🌌 #🌼 मेरा बगीचा 🌸
🎄हरे पेड़ - ये टैंक पनडुब्बी परमाणु बम से दुनियाँ का भारी नुकसान हुआ है। ये सब खोज प्रगति के लिए थी पर,धरती का अपमान हुआ है। मानव ने खोजी मानवता हित मानवता का अपमान हुआ है। जिस हाथ लगी जितनी तकनीकें वो इस धरती पर भगवान हुआ है। कहाँ लोक और उसका तंत्र खडा पुर्जा लहूलुहान हुआ है। पुर्जा ' दुनियाँ,एक गाँव बनाने वालों से शहर को बड़ा नुकसान हुआ है। ये टैंक पनडुब्बी परमाणु बम से दुनियाँ का भारी नुकसान हुआ है। ये सब खोज प्रगति के लिए थी पर,धरती का अपमान हुआ है। मानव ने खोजी मानवता हित मानवता का अपमान हुआ है। जिस हाथ लगी जितनी तकनीकें वो इस धरती पर भगवान हुआ है। कहाँ लोक और उसका तंत्र खडा पुर्जा लहूलुहान हुआ है। पुर्जा ' दुनियाँ,एक गाँव बनाने वालों से शहर को बड़ा नुकसान हुआ है। - ShareChat
#🌼 मेरा बगीचा 🌸 #🌼फूलों के पौधे🌱
🌼 मेरा बगीचा 🌸 - नववर्ष में है कामना फूले फले उपजे चमन। हर हाथ को काम हा कोई विक्षिप्त मन। न नित आकाश में बढ़ते रहे लहराये तिरंगा चूमें गगन। त्वरित विकास दर हो चौथे अर्श से बढ़ते कदम। देशप्रेम की उपजे फसल कृषक मन झुमें मगन। विश्वमंच में शांति प्रतिष्ठित सर्वे भवन्तु हो सुखिन। LATESTUPDATES LIVE LIVE 18:00 IST LATEST UPDATES LATEST UPDATES LATESTUPDATES LATEST UPDATES LATESTUPI नववर्ष में है कामना फूले फले उपजे चमन। हर हाथ को काम हा कोई विक्षिप्त मन। न नित आकाश में बढ़ते रहे लहराये तिरंगा चूमें गगन। त्वरित विकास दर हो चौथे अर्श से बढ़ते कदम। देशप्रेम की उपजे फसल कृषक मन झुमें मगन। विश्वमंच में शांति प्रतिष्ठित सर्वे भवन्तु हो सुखिन। LATESTUPDATES LIVE LIVE 18:00 IST LATEST UPDATES LATEST UPDATES LATESTUPDATES LATEST UPDATES LATESTUPI - ShareChat
#📚कविता-कहानी संग्रह
📚कविता-कहानी संग्रह - किसको शोर शराबा अच्छा लगता है पर,कुत्तों से प्रेम सच्चा अच्छा लगता है काहे ये हो हंगामा, जैसे बच्चा लड़ता है खेल सत्ता का,जैसे खिलौना लगता है कब हो जाए हाथापाई अच्छा लगता है बात बड़ों की॰समय की बरबादी लगता है? जनादेश मानते आयी देश, अच्छा लगता है हाथ में ले,पाँव उल्लंघन किताब कैसा लगता है किसको शोर शराबा अच्छा लगता है पर,कुत्तों से प्रेम सच्चा अच्छा लगता है काहे ये हो हंगामा, जैसे बच्चा लड़ता है खेल सत्ता का,जैसे खिलौना लगता है कब हो जाए हाथापाई अच्छा लगता है बात बड़ों की॰समय की बरबादी लगता है? जनादेश मानते आयी देश, अच्छा लगता है हाथ में ले,पाँव उल्लंघन किताब कैसा लगता है - ShareChat
#📚कविता-कहानी संग्रह #🇮🇳 देशभक्ति #☝ मेरे विचार
📚कविता-कहानी संग्रह - पिछले, साठ साल बहुत खला लोकतंत्र में परिवार परिवार से लोकतंत्र बहुत चला। जैसे कि,ये माटी उर्वर नहीं गिरते गए मुरझा के बाग के फूल गमले के फूल बहुत खिला। उस त्याग बलिदान की पेड़ से दर्जे दोयम का यही फल मिला है,बहुत गिला। हर उस दरख्त से कहना नहीं कुछ उन बादलों से हमको न वो सुबह मिली पर,उनको दिन मिला| LATESTUPDATES LIVE LIVE 18:00 IST LATEST UPDATES LATEST UPDATES LATESTUPDATES LATEST UPDATES LATESTUPI पिछले, साठ साल बहुत खला लोकतंत्र में परिवार परिवार से लोकतंत्र बहुत चला। जैसे कि,ये माटी उर्वर नहीं गिरते गए मुरझा के बाग के फूल गमले के फूल बहुत खिला। उस त्याग बलिदान की पेड़ से दर्जे दोयम का यही फल मिला है,बहुत गिला। हर उस दरख्त से कहना नहीं कुछ उन बादलों से हमको न वो सुबह मिली पर,उनको दिन मिला| LATESTUPDATES LIVE LIVE 18:00 IST LATEST UPDATES LATEST UPDATES LATESTUPDATES LATEST UPDATES LATESTUPI - ShareChat
#☝ मेरे विचार
☝ मेरे विचार - बधाई हो,फिर आप लोग ही जीते हैं। भूलियेगा किस ओस में जीते हैं। बहा हम कहीं भी बाहरी नहीं बिहारी ही कहलाना चाहते है यदि सब घर में मिले सुविधा గాగెT EI6 जाना भी नहीं चाहते हैं आर्यभट्ट चाणक्य है हम सब को नालंदा बुलाना चाहते हैं। हम उस शून्य को दशमलव में दिखाना चाहते हैं। आप वो आकाश दें जिस पर क्षितिज हम बिहार को ले जाना चाहते हैं। बधाई हो,फिर आप लोग ही जीते हैं। भूलियेगा किस ओस में जीते हैं। बहा हम कहीं भी बाहरी नहीं बिहारी ही कहलाना चाहते है यदि सब घर में मिले सुविधा గాగెT EI6 जाना भी नहीं चाहते हैं आर्यभट्ट चाणक्य है हम सब को नालंदा बुलाना चाहते हैं। हम उस शून्य को दशमलव में दिखाना चाहते हैं। आप वो आकाश दें जिस पर क्षितिज हम बिहार को ले जाना चाहते हैं। - ShareChat
#❤️जीवन की सीख #📚कविता-कहानी संग्रह #🇮🇳 देशभक्ति #☝ मेरे विचार
❤️जीवन की सीख - अबकी टूटी हर दीवार टूटी उड़ी अब बिहार ऊँची। वंशवाद पर पहाड़ टूटी तुष्टि की दरार टूटी। ऐसी हवा की फुहार फूटी महकी फूल बहार फूटी। एक ही सूत से माला गूँथी चहकी बिहार रफ्तार फूटी। अबकी टूटी हर दीवार टूटी उड़ी अब बिहार ऊँची। वंशवाद पर पहाड़ टूटी तुष्टि की दरार टूटी। ऐसी हवा की फुहार फूटी महकी फूल बहार फूटी। एक ही सूत से माला गूँथी चहकी बिहार रफ्तार फूटी। - ShareChat