कभी सोचा है, कितना डरावना होता है "हमेशा के लिए" बिछड़ जाना?
ना अगला जन्म, ना कोई और मुलाकात,
ना वही हँसी, ना वही आँखों की वो हल्की सी नमी...
बस एक अधूरी कहानी, जो वक्त के अँधेरे में खो जाएगी।
कहते हैं आत्माएँ लौटती हैं,
पर अगर वो बातें सिर्फ़ सांत्वना हों,
तो सोचो -
कितनी आत्माएँ यूँ ही दर-दर भटकती होंगी,
किसी अधूरी मोहब्बत का नाम लिए...
अगर पुनर्जन्म सच नहीं हुआ,
तो मेरे भीतर जो तुम्हारा हिस्सा है -
वो यहीं खत्म हो जाएगा, इसी जन्म की मिट्टी में।
मैं फिर किसी जन्म में तुम्हारा नाम नहीं लूँगा,
क्योंकि शायद नाम याद नहीं रहेगा,
पर वो दर्द, वो अधूरापन, शायद हर जन्म में रहेगा...
कभी-कभी लगता है,
हमारी किस्मत सिर्फ़ एक अधूरा मिलन थी,
जो बस इतना ही लिख पाया -
"मिलना तय था, निभाना नहीं..."
पर फिर भी,
हर रात जब आँखें बंद होती हैं,
मैं मन ही मन यही दुआ करता हूँ - #💓 मोहब्बत दिल से #मेरी जान #💞दिल की धड़कन
अगर पुनर्जन्म नाम की कोई चीज़ है,
तो मुझे फिर उसी आत्मा के पास भेज देना,
जिसके बिना मैं पूरा नहीं था।
क्योंकि अगर वो बातें झूठ निकलीं,
तो इस बार जो बिछड़ेंगे -
वो फिर कभी नहीं मिलेंगे...
ना वक़्त के पार, ना मौत के बाद।
बस याद रह जाएगा -
एक नाम, एक चेहरा,
और एक मोहब्बत -
जो ‘हमेशा के लिए’ अधूरी रह गई।