दीपक कुमार
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#हरिद्वार_की_खबरें
हरिद्वार_की_खबरें - हिंदुओं के सबसे पवित्र स्थलों में से एक हिंगलाज माता मंदिर पाकिस्तान में स्थित है। मान्यता है कि यहाँ माता सती का सिर गिरा था, इसलिए यह ५१ शक्तिपीठों में बेहद खास है। यह मंदिर एक छोटी गुफा में स्थित है, जहाँ एक पवित्र शिला की पूजा होती है। खास ঝন यह है कि स्थानीय मुसलमान इसे 'बीबी नानी का मंदिर' कहते हैं और पूरी श्रद्धा से दर्शन करते हैं। हिंदुओं के सबसे पवित्र स्थलों में से एक हिंगलाज माता मंदिर पाकिस्तान में स्थित है। मान्यता है कि यहाँ माता सती का सिर गिरा था, इसलिए यह ५१ शक्तिपीठों में बेहद खास है। यह मंदिर एक छोटी गुफा में स्थित है, जहाँ एक पवित्र शिला की पूजा होती है। खास ঝন यह है कि स्थानीय मुसलमान इसे 'बीबी नानी का मंदिर' कहते हैं और पूरी श्रद्धा से दर्शन करते हैं। - ShareChat
जय हिंद जय भारत /स्वच्छ भारत #हरिद्वार_की_खबरें
हरिद्वार_की_खबरें - PWOO MANSH ONLS L स्वच्छ भारत अभियान जो लाखों रुपए का पोस्टर नहीं कर पाया वो अब ये कैमरा करेगा | दरअसल भारत सरकार जगह जगह कैमरा लगा रही है और जो लोग भी Public Place में मूत्रदान करेगा उसकी फोटो का पोस्टर बनाकर चौराहे में लगा दिया जाएगा| फिर चाहे वो बिजनेसमैन हो या कबाड़़ी वाला। PWOO MANSH ONLS L स्वच्छ भारत अभियान जो लाखों रुपए का पोस्टर नहीं कर पाया वो अब ये कैमरा करेगा | दरअसल भारत सरकार जगह जगह कैमरा लगा रही है और जो लोग भी Public Place में मूत्रदान करेगा उसकी फोटो का पोस्टर बनाकर चौराहे में लगा दिया जाएगा| फिर चाहे वो बिजनेसमैन हो या कबाड़़ी वाला। - ShareChat
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हरिद्वार_की_खबरें - Tiranga  Anu Dubey Hm सभी देशवासियों को सभी क्षेत्रवासियों को सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं जय भारत माता की चाहे जाए मेरी आन, बान, शान और जान मेरा भारत महान जनवरी १९५० को गुरुवार भारत का संविधान २६ के दिन हआ था लाग्र सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा सारे जहां से अच्छा हिंदुंस्तान हमारा Tiranga  Anu Dubey Hm सभी देशवासियों को सभी क्षेत्रवासियों को सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं जय भारत माता की चाहे जाए मेरी आन, बान, शान और जान मेरा भारत महान जनवरी १९५० को गुरुवार भारत का संविधान २६ के दिन हआ था लाग्र सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा सारे जहां से अच्छा हिंदुंस्तान हमारा - ShareChat
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हरिद्वार_की_खबरें - जय महाकाल हरकी पौड़ी हरिद्वार २५ जनवरी २०२६ जय महाकाल हरकी पौड़ी हरिद्वार २५ जनवरी २०२६ - ShareChat
सभी देशवासियों कोसभी क्षेत्रवासियों कोगणतंत्र की हार्दिक शुभकामनाएं26 जनवरी 2026 कोहमारा आज के दिन संविधान लागू हुआ था 1950 कोदिन था गुरुवार /जय सनातन धर्म की #हरिद्वार_की_खबरें
हरिद्वार_की_खबरें - जय भारत माता का४ी 1111111111 सभी देशवासियों कोसभी क्षेत्रवासियों कोगणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं /गणतंत्र दिवस का ७६वसाल /२६ जनवरी२०२६ को /दीपक कुमार रस्तोगी हरिद्वार /मुखिया गली २६ जनवरी १९५० कोभारत का संविधान लागू हुआ था जय चाहे जाए मेरी आन, बान, शान और जान मेरा भारत महान २६ जनवरी १९५० कोदिन गुरुवार जय भारत माता का४ी 1111111111 सभी देशवासियों कोसभी क्षेत्रवासियों कोगणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं /गणतंत्र दिवस का ७६वसाल /२६ जनवरी२०२६ को /दीपक कुमार रस्तोगी हरिद्वार /मुखिया गली २६ जनवरी १९५० कोभारत का संविधान लागू हुआ था जय चाहे जाए मेरी आन, बान, शान और जान मेरा भारत महान २६ जनवरी १९५० कोदिन गुरुवार - ShareChat
#हरिद्वार_की_खबरें का नीलेश्वर महादेव मंदिर एक प्राचीन और महत्वपूर्ण स्थल है, जिसका इतिहास समुद्र मंथन और भगवान शिव से जुड़ा है, जहाँ शिव ने हलाहल विष पिया था, जिससे पर्वत और गंगा (नील गंगा) का रंग नीला पड़ गया; यह मंदिर स्कंद पुराण और शिव पुराण में वर्णित है और यहाँ एक स्वयंभू शिवलिंग है, जहाँ बारात रुकने और दक्ष के यज्ञ विध्वंस से संबंधित कथाएँ भी प्रचलित हैं, औरंगज़ेब के हमलों के निशान भी शिवलिंग पर देखे जा सकते हैं, और इसे मनोकामना पूर्ति के लिए पवित्र माना जाता है।  ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व: विषपान और नील पर्वत: मान्यता है कि समुद्र मंथन से निकले विष को भगवान शिव ने इसी स्थान पर पिया था। विष के प्रभाव से पूरा पर्वत और गंगा नदी नीली पड़ गई, इसलिए इसे 'नील पर्वत' और 'नील गंगा' कहा जाता है। स्वयंभू शिवलिंग: मंदिर में एक स्वयंभू (स्वयं प्रकट) शिवलिंग है, जिसे औरंगज़ेब के सैनिकों ने तोड़ने की कोशिश की थी, लेकिन असफल रहे; शिवलिंग पर आज भी भालों के निशान देखे जा सकते हैं। शिव-पार्वती का निवास: विवाह के बाद भगवान शिव और माता पार्वती का बारात इसी स्थान पर रुका था और वे यहाँ कुछ वर्षों तक रहे थे, इसलिए इसे 'गौरी शंकर जनवासा' भी कहते हैं। दक्ष यज्ञ विध्वंस: माता सती के आत्मदाह के बाद भगवान शिव ने इसी नील पर्वत से खड़े होकर दक्ष प्रजापति के यज्ञ का विध्वंस किया था, जिससे यह स्थान और भी महत्वपूर्ण हो गया। प्राचीन उल्लेख: इस मंदिर का वर्णन स्कंद पुराण और शिव पुराण जैसे प्राचीन ग्रंथों में मिलता है।  स्थान और संरचना: यह मंदिर हरिद्वार में नील पर्वत पर स्थित है, जहाँ से चंडी देवी मंदिर भी दिखता है। यह मुख्य सड़क से लगभग 200-250 मीटर की चढ़ाई पर है और आसपास का वातावरण शांत और शुद्ध है।  पूजा और मान्यताएँ: सावन के महीने में यहाँ जलाभिषेक करने से सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। एक लोटा गंगाजल चढ़ाने से हज़ार गुना फल मिलता है। कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी और सोमवार को यहाँ पूजा करना विशेष फलदायी माना जाता है।  आधुनिक समय में: यह मंदिर श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है, जहाँ भक्त शांति और आध्यात्मिक अनुभव के लिए आते हैं।
सभी देशवासियों कोसभी क्षेत्रवासियों कोराम दीपावली कीहार्दिक शुभकामनाएं22 जनवरी 2026 को /अपने घर मेंघी के दीए जलाए /जय सनातन धर्म कीजय हिंदू राष्ट्र की #हरिद्वार_की_खबरें
हरिद्वार_की_खबरें - श्री राम जन्मभूमि की हार्दिक शुभकामनाएं / अयोध्या २२जनवर  २०२६ सामदीवाली कीहार्दिकशुभकामनाएं aceApp श्री राम जन्मभूमि की हार्दिक शुभकामनाएं / अयोध्या २२जनवर  २०२६ सामदीवाली कीहार्दिकशुभकामनाएं aceApp - ShareChat
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हरिद्वार_की_खबरें - चाहे जाएमेरी आन, बान, शान और जान मेरा भारत महात दीपक कुमार यह कीडा कॉकरोच को डंक मारकर उसके दिमाग को कंट्रोल कर लेता है। इसके बाद कॉकरोच जॉम्बी की तरह वॉस्प के बिल में चला जाता है। इसका नाम है पिस्टल वॉस्प चाहे जाएमेरी आन, बान, शान और जान मेरा भारत महात दीपक कुमार यह कीडा कॉकरोच को डंक मारकर उसके दिमाग को कंट्रोल कर लेता है। इसके बाद कॉकरोच जॉम्बी की तरह वॉस्प के बिल में चला जाता है। इसका नाम है पिस्टल वॉस्प - ShareChat