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#🌙इस्लाम धर्म🕌 #🕋❀◕❀मेरा प्यारा इस्लाम❀◕❀🕋 #🤲इस्लाम की प्यारी बातें #🕋सुन्नी इस्लामिक ग्रुप🕋 #🕋मक्का-मदीना🤲
🌙इस्लाम धर्म🕌 - मोहब्बत ये होती है कि एक बार हजरत फातिमा कुरान पाक की तिलावत कर रही थी , थोड़ा दूर हजरत अली बेठे हुए थे ! तो बीच में एक आयत आयी जो हजरत फातिमा ने आहिस्ता आवाज़ में पढ़ी ... उस आयत का तर्जुमा है कि मर्द चार शादी कर सकता है जब उन्होंने ये आयत आहिस्ता पढ़ी ... ! हजरत अली ने मुस्कुरा कर जवाब दिया फातिमा फ़िक्र मत करो में सिर्फ़ तुमसे ही मोहब्बत करता हूँ और मेरी जिंदगी में तुम एक ही रहोगी .... - ShareChat
#🕋जुम्मा मुबारक🤲 #🕋❀◕❀मेरा प्यारा इस्लाम❀◕❀🕋 #🕋सुन्नी इस्लामिक ग्रुप🕋 #🤲इस्लाम की प्यारी बातें #🕌 मक्का मदीना 🤲
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🕋जुम्मा मुबारक🤲 - आगे झुके खुदा के हुए सर ম #্মীথাা दुनिया ತಕತಳ रहते है. ( आगे झुके खुदा के हुए सर ম #্মীথাা दुनिया ತಕತಳ रहते है. ( - ShareChat
#🕋जुम्मा मुबारक🤲 #🕋❀◕❀मेरा प्यारा इस्लाम❀◕❀🕋 #🕋सुन्नी इस्लामिक ग्रुप🕋 #🤲इस्लाम की प्यारी बातें #🕌 मक्का मदीना 🤲
🕋जुम्मा मुबारक🤲 - रमज़ान में चार चीज़ों की पाबंदी रसूलुल्लाह #५l& ने फरमायाः "माहे रमज़ान में चार चीज़ों पर खूब अमल किया करो (क्योंकि) दो चीज़ों से अल्लाह राज़ी होंगे और (बाकी) दो चीज़ों से तुम बे॰नियाज़ (बेपरवाह ) नहीं हो सकते। रब को राज़ी करने वाली दो चीज़ें ये हैंः (१) ला इलाहा इल्लल्लाह पढ़ते रहना, (२) इस्तगफार करते रहना। और दूसरी दो चीज़ें जिनसे तुम बे नियाज़ नहीं हो सकते, ये हैंः (३) जन्नत का सवाल करना, (४) जहन्नुम से पनाह मांगना। " रमज़ान में चार चीज़ों की पाबंदी रसूलुल्लाह #५l& ने फरमायाः "माहे रमज़ान में चार चीज़ों पर खूब अमल किया करो (क्योंकि) दो चीज़ों से अल्लाह राज़ी होंगे और (बाकी) दो चीज़ों से तुम बे॰नियाज़ (बेपरवाह ) नहीं हो सकते। रब को राज़ी करने वाली दो चीज़ें ये हैंः (१) ला इलाहा इल्लल्लाह पढ़ते रहना, (२) इस्तगफार करते रहना। और दूसरी दो चीज़ें जिनसे तुम बे नियाज़ नहीं हो सकते, ये हैंः (३) जन्नत का सवाल करना, (४) जहन्नुम से पनाह मांगना। " - ShareChat
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🕋जुम्मा मुबारक🤲 - आप सभी को रमज़ान की मुबारकबाद मांग लो मेरे दोस्त अभी मगफिरत सस्ती है यक़ीनन माहे रमजान में रब की रहमत बरसती है..! आप सभी को रमज़ान की मुबारकबाद मांग लो मेरे दोस्त अभी मगफिरत सस्ती है यक़ीनन माहे रमजान में रब की रहमत बरसती है..! - ShareChat
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🕋जुम्मा मुबारक🤲 - अगर किसी व्यक्ति के बाल, आंखें, दांत और चेहरा सब एक ही रंग के होते, तो पहचानना मुश्किल होता, और अगर बहुत सारे रंग मिला दिए जाते, तो भी वह भद्दा लगता| लेकिन रंगों का ऐसा सुंदर संयोजन बनाया में एक गया है कि हर व्यक्ति अलग ही सुंदरता छिपी है। यह किसकी रचना 82 निःसंदेह, वह कलाकार, वह महान रचनाकार, केवल अल्लाह ही है। अगर किसी व्यक्ति के बाल, आंखें, दांत और चेहरा सब एक ही रंग के होते, तो पहचानना मुश्किल होता, और अगर बहुत सारे रंग मिला दिए जाते, तो भी वह भद्दा लगता| लेकिन रंगों का ऐसा सुंदर संयोजन बनाया में एक गया है कि हर व्यक्ति अलग ही सुंदरता छिपी है। यह किसकी रचना 82 निःसंदेह, वह कलाकार, वह महान रचनाकार, केवल अल्लाह ही है। - ShareChat
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🕋जुम्मा मुबारक🤲 - बाल चाहे कितने भी घने हों , हल्के तो होते ही हैं। अगर वे भारी होते, तो शायद सबको गंजा होना पडता | बाहर से चाहे कोई काला हो या सफेद, सबके अंग से एक जैसे ही होते हैं। अगर पेट में अंदर जगह न होती , तो इंसान दिन भर खाता रहता, लेकिन एक सीमा के बाद खाना बंद हो जाता है। मनुष्य के अस्तित्व की किसकी रचना है? बेशक, वह पूर्णता महान रचनाकार केवल अल्लाह ही है। ज़रूर सुभान अल्लाह बाल चाहे कितने भी घने हों , हल्के तो होते ही हैं। अगर वे भारी होते, तो शायद सबको गंजा होना पडता | बाहर से चाहे कोई काला हो या सफेद, सबके अंग से एक जैसे ही होते हैं। अगर पेट में अंदर जगह न होती , तो इंसान दिन भर खाता रहता, लेकिन एक सीमा के बाद खाना बंद हो जाता है। मनुष्य के अस्तित्व की किसकी रचना है? बेशक, वह पूर्णता महान रचनाकार केवल अल्लाह ही है। ज़रूर सुभान अल्लाह - ShareChat
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🕋जुम्मा मुबारक🤲 - बे ज़ुबान को जब वो ज़बान देता है पढ़ने को फिर वो कुरान देता है बख्शेने पे आए जब उम्मत के गुनाहों 0 तोहफ़े मैं गुनहगारों को रमज़ान देता है बे ज़ुबान को जब वो ज़बान देता है पढ़ने को फिर वो कुरान देता है बख्शेने पे आए जब उम्मत के गुनाहों 0 तोहफ़े मैं गुनहगारों को रमज़ान देता है - ShareChat