R.S.shaikh💓💓💓💓💓💓💓💓💓💕💕💕💘💘💘💓💞💖
ShareChat
click to see wallet page
@442428759
442428759
R.S.shaikh💓💓💓💓💓💓💓💓💓💕💕💕💘💘💘💓💞💖
@442428759
मुझे ShareChat पर फॉलो करें!
#🌙इस्लाम धर्म🕌 #🕋❀◕❀मेरा प्यारा इस्लाम❀◕❀🕋 #🤲इस्लाम की प्यारी बातें #🕋सुन्नी इस्लामिक ग्रुप🕋 #🕋मक्का-मदीना🤲
🌙इस्लाम धर्म🕌 - मोहब्बत ये होती है कि एक बार हजरत फातिमा कुरान पाक की तिलावत कर रही थी , थोड़ा दूर हजरत अली बेठे हुए थे ! तो बीच में एक आयत आयी जो हजरत फातिमा ने आहिस्ता आवाज़ में पढ़ी ... उस आयत का तर्जुमा है कि मर्द चार शादी कर सकता है जब उन्होंने ये आयत आहिस्ता पढ़ी ... ! हजरत अली ने मुस्कुरा कर जवाब दिया फातिमा फ़िक्र मत करो में सिर्फ़ तुमसे ही मोहब्बत करता हूँ और मेरी जिंदगी में तुम एक ही रहोगी .... - ShareChat
#🕋❀◕❀मेरा प्यारा इस्लाम❀◕❀🕋 #🤲इस्लाम की प्यारी बातें #🕋जुम्मा मुबारक🤲 #🕋सुन्नी इस्लामिक ग्रुप🕋 #🕌 मक्का मदीना 🤲
🕋❀◕❀मेरा प्यारा इस्लाम❀◕❀🕋 - अल्लाह हू अकबर देखना हो तो दुनिया बड़ी है, खोजना हो तो बड़ी है, कुछ करना हो तो बड़ी दुनिया दुनिया अपने मन में कुछ ऐसी _ है, लेकिन हमने परेशानियां डाल ली हैं, जिनकी वजह से सोच की चौड़ाई खो गई है और हम अल्लाह की बड़ी दुनिया के बड़े कॉन्सेप्ट से दूर हो गए इस इतनी बड़ी है, हैं। जिस अल्लाह की दुनिया वह कितना महान होगा... ? बेशक, अल्लाहु अकबर अल्लाह हू अकबर देखना हो तो दुनिया बड़ी है, खोजना हो तो बड़ी है, कुछ करना हो तो बड़ी दुनिया दुनिया अपने मन में कुछ ऐसी _ है, लेकिन हमने परेशानियां डाल ली हैं, जिनकी वजह से सोच की चौड़ाई खो गई है और हम अल्लाह की बड़ी दुनिया के बड़े कॉन्सेप्ट से दूर हो गए इस इतनी बड़ी है, हैं। जिस अल्लाह की दुनिया वह कितना महान होगा... ? बेशक, अल्लाहु अकबर - ShareChat
#🕋❀◕❀मेरा प्यारा इस्लाम❀◕❀🕋 #🕌 मक्का मदीना 🤲 #🤲इस्लाम की प्यारी बातें #🕋सुन्नी इस्लामिक ग्रुप🕋 #🕋जुम्मा मुबारक🤲
🕋❀◕❀मेरा प्यारा इस्लाम❀◕❀🕋 - अल्लाह हू अकबर अल्लाह जानता था कि ये हाथी, ये शेर, ये रोज़ खाना मछलियाँ , ये पक्षी मुझसे समुद्र की माँगेंगे , ल और उसने बनाई, लाखों दुनिया साल बीत गए और वह सबको खाना खिला रहा है। पता चला कि वही अकेला ऐसा बादशाह है जिसके खज़ानों में कोई कमी नहीं है और वही अकेला ऐसा है जो हर कमी , हर कमी और हर डर से आज़ाद है। बेशक, सुभान अल्लाह अल्लाह हू अकबर अल्लाह जानता था कि ये हाथी, ये शेर, ये रोज़ खाना मछलियाँ , ये पक्षी मुझसे समुद्र की माँगेंगे , ल और उसने बनाई, लाखों दुनिया साल बीत गए और वह सबको खाना खिला रहा है। पता चला कि वही अकेला ऐसा बादशाह है जिसके खज़ानों में कोई कमी नहीं है और वही अकेला ऐसा है जो हर कमी , हर कमी और हर डर से आज़ाद है। बेशक, सुभान अल्लाह - ShareChat
#🕋❀◕❀मेरा प्यारा इस्लाम❀◕❀🕋 #🕋जुम्मा मुबारक🤲 #🕌 मक्का मदीना 🤲 #🕋सुन्नी इस्लामिक ग्रुप🕋 #🤲इस्लाम की प्यारी बातें
🕋❀◕❀मेरा प्यारा इस्लाम❀◕❀🕋 - अल्लाह हू अकबर बारिश आती है, तूफ़ान आते हैं, हवाएँ चलती हैं, मौसम बदलते हैं। लेकिन থরন # নী जब भी पक्षी तैयार होकर आते हैं, न तो उनका रंग बदलता है उनके पैटर्न। उन्हें सुंदर कपड़ कौन पहनाता है? बेशक, वह सिर्फ़ अल्लाह है। बेशक, सुभान अल्लाह अल्लाह हू अकबर बारिश आती है, तूफ़ान आते हैं, हवाएँ चलती हैं, मौसम बदलते हैं। लेकिन থরন # নী जब भी पक्षी तैयार होकर आते हैं, न तो उनका रंग बदलता है उनके पैटर्न। उन्हें सुंदर कपड़ कौन पहनाता है? बेशक, वह सिर्फ़ अल्लाह है। बेशक, सुभान अल्लाह - ShareChat
#🕋❀◕❀मेरा प्यारा इस्लाम❀◕❀🕋 #🤲इस्लाम की प्यारी बातें #🕋जुम्मा मुबारक🤲 #🕋सुन्नी इस्लामिक ग्रुप🕋 #🕌 मक्का मदीना 🤲
🕋❀◕❀मेरा प्यारा इस्लाम❀◕❀🕋 - अल्लाह हू अकबर का सबसे कमज़ोर जीव भी বুনিয়া अपना घर खुद बनाता है। मकड़ी को भी इंसानों की ज़रूरत नहीं होती।  बही कौन खिला रहा है? बेशक, खाना का रब है, अल्लाह| दुनिया इस बेशक, सुभान अल्लाह। अल्लाह हू अकबर का सबसे कमज़ोर जीव भी বুনিয়া अपना घर खुद बनाता है। मकड़ी को भी इंसानों की ज़रूरत नहीं होती।  बही कौन खिला रहा है? बेशक, खाना का रब है, अल्लाह| दुनिया इस बेशक, सुभान अल्लाह। - ShareChat
#🕋❀◕❀मेरा प्यारा इस्लाम❀◕❀🕋 #🕌 मक्का मदीना 🤲 #🤲इस्लाम की प्यारी बातें #🕋सुन्नी इस्लामिक ग्रुप🕋 #🕋जुम्मा मुबारक🤲
🕋❀◕❀मेरा प्यारा इस्लाम❀◕❀🕋 - अल्लाह हू अकबर में ऐसे मुर्गे हैं जिनके पंख नहीं दुनिया होते, ऐसे जिराफ़ हैं जो सफ़ेद होते हैं, ऐसे साँप हैं जो उड़ सकते हैं, और ऐसे पेड़ हैं जो कीड़े खाते हैं। इस अनोखी को बनाने वाला कौन है? दुनिया बेशक, वह सिर्फ़ अल्लाह है। बेशक, सुभान अल्लाह अल्लाह हू अकबर में ऐसे मुर्गे हैं जिनके पंख नहीं दुनिया होते, ऐसे जिराफ़ हैं जो सफ़ेद होते हैं, ऐसे साँप हैं जो उड़ सकते हैं, और ऐसे पेड़ हैं जो कीड़े खाते हैं। इस अनोखी को बनाने वाला कौन है? दुनिया बेशक, वह सिर्फ़ अल्लाह है। बेशक, सुभान अल्लाह - ShareChat
#🕋❀◕❀मेरा प्यारा इस्लाम❀◕❀🕋 #🕋जुम्मा मुबारक🤲 #🕌 मक्का मदीना 🤲 #🕋सुन्नी इस्लामिक ग्रुप🕋 #🤲इस्लाम की प्यारी बातें
🕋❀◕❀मेरा प्यारा इस्लाम❀◕❀🕋 - इंसान के अंदर खून होता है और वह ব্রীভনা रहता है लेकिन इंसान को कोई आवाज़ महसूस नहीं होती। अगर ऐसा होता तो इंसान अपने ही खून की आवाज़़ से मर जाता। किसने इस पूरे सिस्टम को से बनाया है? बेशक, वह इतनी खूबी महान बनाने वाला सिर्फ़ अल्लाह है। बेशक, सूभान अल्लाह इंसान के अंदर खून होता है और वह ব্রীভনা रहता है लेकिन इंसान को कोई आवाज़ महसूस नहीं होती। अगर ऐसा होता तो इंसान अपने ही खून की आवाज़़ से मर जाता। किसने इस पूरे सिस्टम को से बनाया है? बेशक, वह इतनी खूबी महान बनाने वाला सिर्फ़ अल्लाह है। बेशक, सूभान अल्लाह - ShareChat
#🕋❀◕❀मेरा प्यारा इस्लाम❀◕❀🕋 #🤲इस्लाम की प्यारी बातें #🕋जुम्मा मुबारक🤲 #🕋सुन्नी इस्लामिक ग्रुप🕋 #🕌 मक्का मदीना 🤲
🕋❀◕❀मेरा प्यारा इस्लाम❀◕❀🕋 - मेरा घर अपने आप या अचानक नहीं बना है। फिर, इतना जटिल इंसान, जिसमें हर খ্রীত  एक एकदम सही और परफेक्ट 734583 है, क्या यह इंसान यूनिवर्स और पह्ी अपने आप अचानक बने? नहीं। उनका एक बनाने वाला है कौनऔैर और वह पैगंबर आए हमें बताया कि वह अल्लाह है। मेरा घर अपने आप या अचानक नहीं बना है। फिर, इतना जटिल इंसान, जिसमें हर খ্রীত  एक एकदम सही और परफेक्ट 734583 है, क्या यह इंसान यूनिवर्स और पह्ी अपने आप अचानक बने? नहीं। उनका एक बनाने वाला है कौनऔैर और वह पैगंबर आए हमें बताया कि वह अल्लाह है। - ShareChat
#🕋❀◕❀मेरा प्यारा इस्लाम❀◕❀🕋 #🕌 मक्का मदीना 🤲 #🤲इस्लाम की प्यारी बातें #🕋सुन्नी इस्लामिक ग्रुप🕋 #🕋जुम्मा मुबारक🤲
🕋❀◕❀मेरा प्यारा इस्लाम❀◕❀🕋 - मंजिल उन्हीं को मिलती है जो ठोकरो से डरते नहीं बल्कि उसी को सीढ़ी बना लेते हैं। मंजिल उन्हीं को मिलती है जो ठोकरो से डरते नहीं बल्कि उसी को सीढ़ी बना लेते हैं। - ShareChat
#🕋❀◕❀मेरा प्यारा इस्लाम❀◕❀🕋 #🕋जुम्मा मुबारक🤲 #🕌 मक्का मदीना 🤲 #🕋सुन्नी इस्लामिक ग्रुप🕋 #🤲इस्लाम की प्यारी बातें
🕋❀◕❀मेरा प्यारा इस्लाम❀◕❀🕋 - अगर गाय की सिर्फ़ एक नस्ल होती, तो मीट या दूध के ೩೯ लिए बेहतर होती, लेकिन अगर कई नस्लें बनाई जातीं, तो कुछ मीट के लिए बेहतर होतीं , कुछ दूध के लिए, कुछ बैलगाड़ी और हल लिए  چ इस्तेमाल होतीं, जबकि दूसरी खेल के लिए इस्तेमाल होतीं| गाय को किसने बनाया और उसे इंसानों के लिए इतना फ़ायदेमंद बनाया? बेशक वह रब सिर्फ़ अल्लाह 81 अगर गाय की सिर्फ़ एक नस्ल होती, तो मीट या दूध के ೩೯ लिए बेहतर होती, लेकिन अगर कई नस्लें बनाई जातीं, तो कुछ मीट के लिए बेहतर होतीं , कुछ दूध के लिए, कुछ बैलगाड़ी और हल लिए  چ इस्तेमाल होतीं, जबकि दूसरी खेल के लिए इस्तेमाल होतीं| गाय को किसने बनाया और उसे इंसानों के लिए इतना फ़ायदेमंद बनाया? बेशक वह रब सिर्फ़ अल्लाह 81 - ShareChat