R.S.shaikh💓💓💓💓💓💓💓💓💓💕💕💕💘💘💘💓💞💖
ShareChat
click to see wallet page
@442428759
442428759
R.S.shaikh💓💓💓💓💓💓💓💓💓💕💕💕💘💘💘💓💞💖
@442428759
मुझे ShareChat पर फॉलो करें!
#🌙इस्लाम धर्म🕌 #🕋❀◕❀मेरा प्यारा इस्लाम❀◕❀🕋 #🤲इस्लाम की प्यारी बातें #🕋सुन्नी इस्लामिक ग्रुप🕋 #🕋मक्का-मदीना🤲
🌙इस्लाम धर्म🕌 - मोहब्बत ये होती है कि एक बार हजरत फातिमा कुरान पाक की तिलावत कर रही थी , थोड़ा दूर हजरत अली बेठे हुए थे ! तो बीच में एक आयत आयी जो हजरत फातिमा ने आहिस्ता आवाज़ में पढ़ी ... उस आयत का तर्जुमा है कि मर्द चार शादी कर सकता है जब उन्होंने ये आयत आहिस्ता पढ़ी ... ! हजरत अली ने मुस्कुरा कर जवाब दिया फातिमा फ़िक्र मत करो में सिर्फ़ तुमसे ही मोहब्बत करता हूँ और मेरी जिंदगी में तुम एक ही रहोगी .... - ShareChat
#🕋सुन्नी इस्लामिक ग्रुप🕋 #🕋❀◕❀मेरा प्यारा इस्लाम❀◕❀🕋 #🤲इस्लाम की प्यारी बातें #🕋जुम्मा मुबारक🤲 #🕌 मक्का मदीना 🤲
🕋सुन्नी इस्लामिक ग्रुप🕋 - ShareChat
00:43
#🕋सुन्नी इस्लामिक ग्रुप🕋 #🕌 मक्का मदीना 🤲 #🕋❀◕❀मेरा प्यारा इस्लाम❀◕❀🕋 #🕋जुम्मा मुबारक🤲 #🤲इस्लाम की प्यारी बातें
🕋सुन्नी इस्लामिक ग्रुप🕋 - अल्लाह क़सम खाकर कहता है कि क़यामत का दिन ज़रूर आएगा| उस दिन हर इंसान को अपने अच्छेनबुरे कामों का हिसाब देना होगा। अल्लाह क़सम खाकर कहता है कि क़यामत का दिन ज़रूर आएगा| उस दिन हर इंसान को अपने अच्छेनबुरे कामों का हिसाब देना होगा। - ShareChat
#🕋सुन्नी इस्लामिक ग्रुप🕋 #🕋जुम्मा मुबारक🤲 #🕌 मक्का मदीना 🤲 #🕋❀◕❀मेरा प्यारा इस्लाम❀◕❀🕋 #🤲इस्लाम की प्यारी बातें
🕋सुन्नी इस्लामिक ग्रुप🕋 - अत्तहियात (तशहुद ) हिंदी में "अत्तहिय्यातु लिल्लाहि वस्सलवातु वत्तय्यिबातु अस्सलामु अलैक नबिय्यु ' वरमतुल्लाहि व अय्युहन कातुह अस्सलामु अलैना व QK अला इबादिल्लाहिस सालिहीन॰ अश्हद्रु अल्ला इलाह इल्लल्लाहु अश्हद्रु अन्न मुहम्मदन 7 00 अब्दुहू व रसूलुहू॰  बदनी   और   माली तमाम   ज़बानी , तर्जुमा इबादतें अल्लाह के लिए हैं॰ ऐ नबी g अप की और और U अल्लाह रहमत सलराम उसकी   बरकतें हों॰ हम सलाम हो और पर अल्लाह के नेक बंदों पर | मैं गवाही देता हूँ के अल्लाह के सिवा कोई इबादत के लाइक नहीं और मैं गवाही देता हूँ के बेशक मुहम्मद उसके बंदे और उसके रसूल हैं | अत्तहियात (तशहुद ) हिंदी में "अत्तहिय्यातु लिल्लाहि वस्सलवातु वत्तय्यिबातु अस्सलामु अलैक नबिय्यु ' वरमतुल्लाहि व अय्युहन कातुह अस्सलामु अलैना व QK अला इबादिल्लाहिस सालिहीन॰ अश्हद्रु अल्ला इलाह इल्लल्लाहु अश्हद्रु अन्न मुहम्मदन 7 00 अब्दुहू व रसूलुहू॰  बदनी   और   माली तमाम   ज़बानी , तर्जुमा इबादतें अल्लाह के लिए हैं॰ ऐ नबी g अप की और और U अल्लाह रहमत सलराम उसकी   बरकतें हों॰ हम सलाम हो और पर अल्लाह के नेक बंदों पर | मैं गवाही देता हूँ के अल्लाह के सिवा कोई इबादत के लाइक नहीं और मैं गवाही देता हूँ के बेशक मुहम्मद उसके बंदे और उसके रसूल हैं | - ShareChat
#🕋सुन्नी इस्लामिक ग्रुप🕋 #🤲इस्लाम की प्यारी बातें #🕋जुम्मा मुबारक🤲 #🕋❀◕❀मेरा प्यारा इस्लाम❀◕❀🕋 #🕌 मक्का मदीना 🤲
🕋सुन्नी इस्लामिक ग्रुप🕋 - का बोझ गुनाहों अल्लाह फ़रमाता हैः "ऐ मेरे बन्दो जिन्होंने अपनी जानों पर ज़ुल्म किया, अल्लाह की रहमत से मायूस न हो।" (३9:५३) कितने गुनाह हैं॰ जो सिर्फ तुम जानते हो... और वो। नहीं हुआ।  लेकिन दरवाज़ा अभी बंद नबी १६ ने फ़रमायाः "तौबा करने वाला ऐसा है जैसे उसने गुनाह किया ही नहीं। " (इब्न माजह) रमज़ान वो महीना है जिसमें बंदा टूट कर लौटे . और रब गले लगा ले। अगर आज भी दिल भारी है. तो देर मत करो। लिखो = या अल्लाह मुझे माफ़ कर दे का बोझ गुनाहों अल्लाह फ़रमाता हैः "ऐ मेरे बन्दो जिन्होंने अपनी जानों पर ज़ुल्म किया, अल्लाह की रहमत से मायूस न हो।" (३9:५३) कितने गुनाह हैं॰ जो सिर्फ तुम जानते हो... और वो। नहीं हुआ।  लेकिन दरवाज़ा अभी बंद नबी १६ ने फ़रमायाः "तौबा करने वाला ऐसा है जैसे उसने गुनाह किया ही नहीं। " (इब्न माजह) रमज़ान वो महीना है जिसमें बंदा टूट कर लौटे . और रब गले लगा ले। अगर आज भी दिल भारी है. तो देर मत करो। लिखो = या अल्लाह मुझे माफ़ कर दे - ShareChat
#🕋सुन्नी इस्लामिक ग्रुप🕋 #🕌 मक्का मदीना 🤲 #🤲इस्लाम की प्यारी बातें #🕋❀◕❀मेरा प्यारा इस्लाम❀◕❀🕋 #🕋जुम्मा मुबारक🤲
🕋सुन्नी इस्लामिक ग्रुप🕋 - कौन, कब किसके लिए महत्वपूर्ण हो जाए यह वक्त और परिस्थितियों पर निर्भर करता है..!! कौन, कब किसके लिए महत्वपूर्ण हो जाए यह वक्त और परिस्थितियों पर निर्भर करता है..!! - ShareChat
#🕋सुन्नी इस्लामिक ग्रुप🕋 #🕋जुम्मा मुबारक🤲 #🕋❀◕❀मेरा प्यारा इस्लाम❀◕❀🕋 #🤲इस्लाम की प्यारी बातें #🕌 मक्का मदीना 🤲
🕋सुन्नी इस्लामिक ग्रुप🕋 - हज़रत बिलाल हबशी (रज़ि ) पहला मुआज़्ज़िन। को बहुत उनकी आवाज़ पसंद किया गया। एक गुलाम थे, लेकिन इस्लाम ने सम्मान दिया। इस्लाम में सबसे पहले अज़ान देने वाले व्यक्ति हज़रत बिलाल थे, क्योंकि हब्शी उनकी आवाज बहुत बुलंद और सुरीली थी। हज़रत बिलाल हबशी (रज़ि ) पहला मुआज़्ज़िन। को बहुत उनकी आवाज़ पसंद किया गया। एक गुलाम थे, लेकिन इस्लाम ने सम्मान दिया। इस्लाम में सबसे पहले अज़ान देने वाले व्यक्ति हज़रत बिलाल थे, क्योंकि हब्शी उनकी आवाज बहुत बुलंद और सुरीली थी। - ShareChat
#🕋सुन्नी इस्लामिक ग्रुप🕋 #🕌 मक्का मदीना 🤲 #🕋जुम्मा मुबारक🤲 #🤲इस्लाम की प्यारी बातें #🕋❀◕❀मेरा प्यारा इस्लाम❀◕❀🕋
🕋सुन्नी इस्लामिक ग्रुप🕋 - मस्जिद में जाने का तुम्हारा मन हो या न हो लेकिन याद खखना एक दिन क़ब्रिस्तान में ज़़रूर जाना पडेगा इसलिए मौत की तैयारी रखिए नेक आमाल कीजिए मस्जिद में जाने का तुम्हारा मन हो या न हो लेकिन याद खखना एक दिन क़ब्रिस्तान में ज़़रूर जाना पडेगा इसलिए मौत की तैयारी रखिए नेक आमाल कीजिए - ShareChat
#🕋सुन्नी इस्लामिक ग्रुप🕋 #🕋❀◕❀मेरा प्यारा इस्लाम❀◕❀🕋 #🕌 मक्का मदीना 🤲 #🤲इस्लाम की प्यारी बातें #🕋जुम्मा मुबारक🤲
🕋सुन्नी इस्लामिक ग्रुप🕋 - फास्किकूनल खैरात लिहाज़ा नेक कामों में एक  दुसरे से आगे बढ़ने की कोशिश करो  सूरह आल इमरान 148 फास्किकूनल खैरात लिहाज़ा नेक कामों में एक  दुसरे से आगे बढ़ने की कोशिश करो  सूरह आल इमरान 148 - ShareChat
#🕋सुन्नी इस्लामिक ग्रुप🕋 #🕋जुम्मा मुबारक🤲 #🕋❀◕❀मेरा प्यारा इस्लाम❀◕❀🕋 #🤲इस्लाम की प्यारी बातें #🕌 मक्का मदीना 🤲
🕋सुन्नी इस्लामिक ग्रुप🕋 - नेकी और गुनाह वजह से गुनाह करने की किसी आदत मत डालो क्योंकि वजह तो एक दिन खत्म होे जाती है मगर गुनाह बाकी रह जाता है। a और हर नेकी के लिए अगर थोड़ी तकलीफ़ भी उठानी पडे़े सब्र कर लिया करो a होती है क्योंकि तकलीफ़ কূানী लेकिन नेकी का सवाब हमेशा बाकी रहता है। नेकी और गुनाह वजह से गुनाह करने की किसी आदत मत डालो क्योंकि वजह तो एक दिन खत्म होे जाती है मगर गुनाह बाकी रह जाता है। a और हर नेकी के लिए अगर थोड़ी तकलीफ़ भी उठानी पडे़े सब्र कर लिया करो a होती है क्योंकि तकलीफ़ কূানী लेकिन नेकी का सवाब हमेशा बाकी रहता है। - ShareChat