nashir jilani
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#✍️ જીવન કોટ્સ #📱વ્હોટ્સએપ સ્ટેટ્સ📱 #☀️હેપ્પી ઉત્તરાયણ🪁 #🤩ઉત્તરાયણ સ્ટેટ્સ🪁 #🕊️ઉત્તરાયણમાં જીવદયા🐦
✍️ જીવન કોટ્સ - Vulst 1 dti ~(uI uuld aIuol २५i८ पक्षी नI %व नी (२ २८u%ो Gsldl ಅ[ uriol ~ೊ[SL9I 1i ಗI 2[8-[2ಎ El?l 1 u2Go 2luo[ २{भा२८ २४ISIश भा Qटे तभारी 4त२ नी GSIन २I५%ो Gत२व न। नाभे खभा२ ५२ २त्थाथI२ न। थाय थेनुं ध्थान ২[৬% खभे ४र्ध ४२ नथी शSत तभा२ं पएI थI६ २I५%४ो Se?d பg %iq/ ೩t2c[ uol? ?[uoal शैथ६ट नाशी२ %८ानी Vulst 1 dti ~(uI uuld aIuol २५i८ पक्षी नI %व नी (२ २८u%ो Gsldl ಅ[ uriol ~ೊ[SL9I 1i ಗI 2[8-[2ಎ El?l 1 u2Go 2luo[ २{भा२८ २४ISIश भा Qटे तभारी 4त२ नी GSIन २I५%ो Gत२व न। नाभे खभा२ ५२ २त्थाथI२ न। थाय थेनुं ध्थान ২[৬% खभे ४र्ध ४२ नथी शSत तभा२ं पएI थI६ २I५%४ो Se?d பg %iq/ ೩t2c[ uol? ?[uoal शैथ६ट नाशी२ %८ानी - ShareChat
#📖 कविता और कोट्स✒️ #✍️ साहित्य एवं शायरी #✍मेरे पसंदीदा लेखक #☝आज का ज्ञान #🗞️17 जुलाई के अपडेट 🔴
📖 कविता और कोट्स✒️ - निकले थे कमाने भूल कर घर को अब घर याद आता है हालातों के कशमकश घिर गए थे अपने आप को भी भूल गए थे अब घर याद आता है शकुन की तलाश में भटक रहे थे अपना कीमती सामान को छोड़ कर अब घर याद आता है मंजिल पाने के लिए मंजिलों को ही भूल गए इक्कठी कर के चेहरे पर मुस्कान सवारी अब घर కరే gf?ri याद आता है चेन से सोने नहीं देती वोह यादें जो बिताई है अपने के साथ वो हर पल याद आता है अब घर याद आता है सैयद नासीर जिलानी निकले थे कमाने भूल कर घर को अब घर याद आता है हालातों के कशमकश घिर गए थे अपने आप को भी भूल गए थे अब घर याद आता है शकुन की तलाश में भटक रहे थे अपना कीमती सामान को छोड़ कर अब घर याद आता है मंजिल पाने के लिए मंजिलों को ही भूल गए इक्कठी कर के चेहरे पर मुस्कान सवारी अब घर కరే gf?ri याद आता है चेन से सोने नहीं देती वोह यादें जो बिताई है अपने के साथ वो हर पल याद आता है अब घर याद आता है सैयद नासीर जिलानी - ShareChat