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#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - जीवन में हमेशा   एक दूसरे को. समझने का प्रयत्न करिए, परखने का नहीं... मौक़ा जितना छोटा शब्द है... उतनी ही देर के लिए आता है. इतनी सी बात समुंदर को खल गई... बस एक कागज़ की नाव कैसे चल गई.॰ मुझपे समझ से बाहर भी एक दुनिया होती है... जो हमेशा दुनिया की समझ से बाहर होती है... जीवन में हमेशा   एक दूसरे को. समझने का प्रयत्न करिए, परखने का नहीं... मौक़ा जितना छोटा शब्द है... उतनी ही देर के लिए आता है. इतनी सी बात समुंदर को खल गई... बस एक कागज़ की नाव कैसे चल गई.॰ मुझपे समझ से बाहर भी एक दुनिया होती है... जो हमेशा दुनिया की समझ से बाहर होती है... - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - कहना न कभी ज़िन्दगी आराम का घर है 9ತ भरी रेल में वेटिंग का सफ़र है इक वो इतने करम करने लगे मुझपे अचानक सजदे में न मरजाऊँ इसी बात का डर है जिसमें है महक़ फूलों की काँटों की चुभन भी ऐसा जिहां में सिर्फ़ मुहब्बत का सफ़र है छुप-छुप के मुझे देखना, फिर नज़रें चुराना  कहते वो रहें कुछ नहीं, कुछ बात मगर है इस पार तेरे जिस्म को चलना है क़दम चार आख़िर में सफ़र रूह का उस पार उधर है हर बार मुझे छूके बुरा   वक्त टला है में  मेरी ऐसा असर है की अम्माँ दुआओं पहुँचते ही मेरा सर झुक जाता हैजिस दर पे नहीं वो किसी दरवेश का दर है যাতা का कहना न कभी ज़िन्दगी आराम का घर है 9ತ भरी रेल में वेटिंग का सफ़र है इक वो इतने करम करने लगे मुझपे अचानक सजदे में न मरजाऊँ इसी बात का डर है जिसमें है महक़ फूलों की काँटों की चुभन भी ऐसा जिहां में सिर्फ़ मुहब्बत का सफ़र है छुप-छुप के मुझे देखना, फिर नज़रें चुराना  कहते वो रहें कुछ नहीं, कुछ बात मगर है इस पार तेरे जिस्म को चलना है क़दम चार आख़िर में सफ़र रूह का उस पार उधर है हर बार मुझे छूके बुरा   वक्त टला है में  मेरी ऐसा असर है की अम्माँ दुआओं पहुँचते ही मेरा सर झुक जाता हैजिस दर पे नहीं वो किसी दरवेश का दर है যাতা का - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - कोशिश करने वालों की लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती , कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है, बार बार फिसलती है। दीवारों पर चढ़ती विश्वास रगों में साहस भरता है, সন ৭া चढ़कर गिरना , गिरकर चढ़ना न अखरता है। आख़िर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। Rig में गोताखोर लगाता है॰ डुबकियां जा जा कर खाली हाथ लौटकर आता है। मिलते नहीं सहज ही मोती गहरे पानी में बढ़ता दुगना उत्साह इसी हैरानी में।  मुट्ठी उसकी खाली हर एक बार नहीं होती , कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। है, इसे स्वीकार करो, चुनौती असफलता एक क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो। जब तक न सफल हो, नींद चैन को त्यागो तुम, भागो तुम।  संघर्ष का मैदान छोड़ कर मत कुछ किये बिना ही जय जय कार नहीं होती , कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।  कोशिश करने वालों की लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती , कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है, बार बार फिसलती है। दीवारों पर चढ़ती विश्वास रगों में साहस भरता है, সন ৭া चढ़कर गिरना , गिरकर चढ़ना न अखरता है। आख़िर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। Rig में गोताखोर लगाता है॰ डुबकियां जा जा कर खाली हाथ लौटकर आता है। मिलते नहीं सहज ही मोती गहरे पानी में बढ़ता दुगना उत्साह इसी हैरानी में।  मुट्ठी उसकी खाली हर एक बार नहीं होती , कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। है, इसे स्वीकार करो, चुनौती असफलता एक क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो। जब तक न सफल हो, नींद चैन को त्यागो तुम, भागो तुम।  संघर्ष का मैदान छोड़ कर मत कुछ किये बिना ही जय जय कार नहीं होती , कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - काम तमाशा तुम तो मेरे अपने थे, दुनिया का है भी नही तुम कैसे हो। कतरा कतरा दिल ये जला , पूछा तुमने ही था वार किया, अपनी ढाल कहा था, 379} खंजर बन के उभरे हो तुम, फूल के वादों जैसे हो। रिश्ते की डोरी हाथों में, बोझ  सी लगती है, मुझको तुम भी बहलाते हो यानी तुम भी दुनिया जैसे हो। जर्सी का मैं इक धागा , बंध कर खिंचता ही गया, 377 सोचूँ गम की चादर ओढ़े तुम क्या मेरे लगते हो। खुद   ही मैंने दे डाली, मेरी हर कमज़ोरियाँ तुमको मुझको खो कर मेरे अंदर अब क्या ढूँढते रहते हो। कहने को तो हम चलते हो, साया हो , संग గTT दिल के अंदर  झाँक के देखो, किस दुनिया में रहते हो। सारा शहर ही दीवाना है काली ज़ुल्फ़ के साये का, अब भी अपनी बातों से क्या सब को ज़ख़्मी करते हो। मेरे हाल पे रो पड़ती है शबनम भी @TT # अब तुम्हीं बस पत्थर दिल जो देखके मुझको हँसते हो। বব্ধ काम तमाशा तुम तो मेरे अपने थे, दुनिया का है भी नही तुम कैसे हो। कतरा कतरा दिल ये जला , पूछा तुमने ही था वार किया, अपनी ढाल कहा था, 379} खंजर बन के उभरे हो तुम, फूल के वादों जैसे हो। रिश्ते की डोरी हाथों में, बोझ  सी लगती है, मुझको तुम भी बहलाते हो यानी तुम भी दुनिया जैसे हो। जर्सी का मैं इक धागा , बंध कर खिंचता ही गया, 377 सोचूँ गम की चादर ओढ़े तुम क्या मेरे लगते हो। खुद   ही मैंने दे डाली, मेरी हर कमज़ोरियाँ तुमको मुझको खो कर मेरे अंदर अब क्या ढूँढते रहते हो। कहने को तो हम चलते हो, साया हो , संग గTT दिल के अंदर  झाँक के देखो, किस दुनिया में रहते हो। सारा शहर ही दीवाना है काली ज़ुल्फ़ के साये का, अब भी अपनी बातों से क्या सब को ज़ख़्मी करते हो। मेरे हाल पे रो पड़ती है शबनम भी @TT # अब तुम्हीं बस पत्थर दिल जो देखके मुझको हँसते हो। বব্ধ - ShareChat
#💓 मोहब्बत दिल से
💓 मोहब्बत दिल से - हर शाम आँखों पर तेरा आँचल लहराए हर रात यादों की बारात ले आए मैं साँस लेता हूँ, तेरी खुशबू आती है इक महका महका सा पैगाम लाती है मेरे दिल की धड़कन भी तेरे गीत गाती है पल-्पल दिल के पास तुम रहती हो देखा था, मैंने अपने आँगन में तुझको कल जैसे कह रही थी तुम, मुझे बाँध लो बंधन में यह कैसा रिश्ता है, ये कैसे सपने हैं बेगाने हो कर भी, क्यों लगते अपने हैं मैं सोच में रहता हूँ, डर-्डर के कहता हूँ पल-्पल दिल के पास तुम रहती हो तुम सोचोगी क्यों इतना, मैं तुमसे प्यार करूँ तुम समझोगी दीवाना मैं भी इकरार करूँ दीवानों की ये बातें दीवाने जानते हैं जलने में क्या मज़ा है परवाने जानते हैं तुम यूँ ही जलाते रहना, आ-आ कर ख़्वाबों में पल-्पल दिल के पास तुम रहती हो जीवन मीठी प्यास ये कहती हो पास तुम रहती हो. পল-পল িল ক हर शाम आँखों पर तेरा आँचल लहराए हर रात यादों की बारात ले आए मैं साँस लेता हूँ, तेरी खुशबू आती है इक महका महका सा पैगाम लाती है मेरे दिल की धड़कन भी तेरे गीत गाती है पल-्पल दिल के पास तुम रहती हो देखा था, मैंने अपने आँगन में तुझको कल जैसे कह रही थी तुम, मुझे बाँध लो बंधन में यह कैसा रिश्ता है, ये कैसे सपने हैं बेगाने हो कर भी, क्यों लगते अपने हैं मैं सोच में रहता हूँ, डर-्डर के कहता हूँ पल-्पल दिल के पास तुम रहती हो तुम सोचोगी क्यों इतना, मैं तुमसे प्यार करूँ तुम समझोगी दीवाना मैं भी इकरार करूँ दीवानों की ये बातें दीवाने जानते हैं जलने में क्या मज़ा है परवाने जानते हैं तुम यूँ ही जलाते रहना, आ-आ कर ख़्वाबों में पल-्पल दिल के पास तुम रहती हो जीवन मीठी प्यास ये कहती हो पास तुम रहती हो. পল-পল িল ক - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - कभी अकेले बैठकर विचार करें, और चिंतन करें की, हमारे नही रहने पर किसे ज्यादा फर्क पडेगा| और जिसे ज्यादा फर्क पडेगा, उसके लिए जिंदगी जीयें। बाकी सभी को उनके नसीब, दीजिए। पर छोड यकीन करे आप के इस निर्णय से आप सुखी होंगे [ कभी अकेले बैठकर विचार करें, और चिंतन करें की, हमारे नही रहने पर किसे ज्यादा फर्क पडेगा| और जिसे ज्यादा फर्क पडेगा, उसके लिए जिंदगी जीयें। बाकी सभी को उनके नसीब, दीजिए। पर छोड यकीन करे आप के इस निर्णय से आप सुखी होंगे [ - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - जिंदगी में कभी भी किसी को कम मत समझो, पूरी दुनिया को डुबोने की ताकत रखने वाला समंदर तेल की एक बूंद को नहीं  सकता। डूबो अपनी कमज़ोरियों को जब आप पहचानना शुरू कर देंगे , दिमाग पूरी तरह से तब आपका साकारात्मक हो जाएगा जिंदगी में कभी भी किसी को कम मत समझो, पूरी दुनिया को डुबोने की ताकत रखने वाला समंदर तेल की एक बूंद को नहीं  सकता। डूबो अपनी कमज़ोरियों को जब आप पहचानना शुरू कर देंगे , दिमाग पूरी तरह से तब आपका साकारात्मक हो जाएगा - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - कभी कभी नियति दो अनजाने लोगों को मिलवाती है दोनों में जान पहचान होती है धीरे धीरे रिश्ता प्रगाढ़ होने लगता है और ओ अनजान शख्स चुपके से कब दिल में बस जाता है ये पता ही नहीं चलता और ओ शख्स हमारी जिंदगी बन जाता है अजब खेल है नियति का दुनिया के दो लोग लाखों संभावनाओं के अलग अलग होते हुए  भी एक दूसरे की जिंदगी बन जाते है कमाल है ये नियति जैसे कोई जादू _ कभी कभी नियति दो अनजाने लोगों को मिलवाती है दोनों में जान पहचान होती है धीरे धीरे रिश्ता प्रगाढ़ होने लगता है और ओ अनजान शख्स चुपके से कब दिल में बस जाता है ये पता ही नहीं चलता और ओ शख्स हमारी जिंदगी बन जाता है अजब खेल है नियति का दुनिया के दो लोग लाखों संभावनाओं के अलग अलग होते हुए  भी एक दूसरे की जिंदगी बन जाते है कमाल है ये नियति जैसे कोई जादू _ - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - चाँदी जैसा रंग है तेरा सोने जैसे बाल धनवान है गोरी बाक़ी सब कंगाल तू ही इक हर आँगन में आए तेरे उजले रूप की धूप छैल छबेली रानी थोड़ा घूँघट और निकाल भर भर नज़रें देखें तुझ को आते-्जाते लोग देख तुझे बदनाम न कर दे ये हिरनी सी चाल कितनी सुंदर नार हो कोई मैं आवाज़ न दूँ तुझ सा जिस का नाम नहीं है वो जी का जंजाल সামন নু आए तो धड़कें मिल कर लाखों दिल अब जाना धरती पर कैसे आते हैं भौंचाल बीच में रंग-्महल है तेरा खाई चारों ओर हम से मिलने की अब गोरी  राह निकाल तू ही चाँदी जैसा रंग है तेरा सोने जैसे बाल धनवान है गोरी बाक़ी सब कंगाल तू ही इक हर आँगन में आए तेरे उजले रूप की धूप छैल छबेली रानी थोड़ा घूँघट और निकाल भर भर नज़रें देखें तुझ को आते-्जाते लोग देख तुझे बदनाम न कर दे ये हिरनी सी चाल कितनी सुंदर नार हो कोई मैं आवाज़ न दूँ तुझ सा जिस का नाम नहीं है वो जी का जंजाल সামন নু आए तो धड़कें मिल कर लाखों दिल अब जाना धरती पर कैसे आते हैं भौंचाल बीच में रंग-्महल है तेरा खाई चारों ओर हम से मिलने की अब गोरी  राह निकाल तू ही - ShareChat