My Bite
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The Fun's Fire For Love Life & Lolmati. 😉😍
"दो-चार" ●●●●●● 🌹🌱🌾 उठ-उठके किसी का कहीं, इंतज़ार करके देखना! हद से ज्यादा कभी, किसी-से प्यार करके देखना !! सच कैसे छूट जाते हैं, यूँ ही महोब्बत मे दिल... जनाब गलतियाँ कभी, बस दो-चार करके देखना !! अगर समझना हो कभी, जिंदगी का हर फ़साना... तो बारिश में कभी यूँ भी, कच्ची दिवार बनकर देखना !! बहुत कुछ सिखोगे साहब, यूँ ही आप भी दुनिया से... महोब्बत किसी-से कभी, बस बेशुमार करके देखना !!💕💞 .....✍️रवि प्रताप सिंह("पंकज")🍒 🌳🌳🌳🌳मनमोहन🌳🌳🌳🌳 #💝 शायराना इश्क़ #❤️ आई लव यू #🌹प्यार के नगमे💖 #💔पुराना प्यार 💔 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
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"सरगर्मी" ●●●●●● 🌹🌱🌾 बात बिते हरबार बिते, फिर तुम्हारी याद आइ है! पता नही अब क्या हुआ जो, मन मे सरगर्मी सी है छाइ है! मित्र सहपाठी संग हैं मेरे, रंगे हैं आज चहक के रंग मे... हँसी ठिठोली भी भाई है। मेरी नजर तुम्हे ढूँढती, बस तुम्हारी याद ही आई है! वो सुरत जो तुम्हरी भोली सी, और थोड़ी-थोड़ी तुम गोली सी! सतरंगी सी हर चुंदरी तुम्हरी, तुम्हरी मुस्कान ही यूँ छाई है! तिरछी नजर जो दिल को छू गइ, फिर तुम्हारी याद ही आई है! दिल के मेरे हर भाव समझना, नजर मिले तब छन मे मुड़ना! तितली की तरह बलखाकर, पलट के भी जो शरमाई है! पता नही अब क्या हुआ जो, फिर तुम्हरी याद ही आई है! बस तुम्हरी याद ही आई है......💕💞 ....✍️रवि प्रताप सिंह("पंकज")🍒 🌳🌳🌳🌳मनमोहन🌳🌳🌳🌳 #🌹प्यार के नगमे💖 #❤️ आई लव यू #💔पुराना प्यार 💔 #💝 शायराना इश्क़ #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
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🌹🌱🌾 ●●●●●● रात गुज़र गई तेरी यादों के साये में, सुबह से तेरे ख्वाब में उलझा बैठा हूँ! अब और मत कर सवाल ऐ जिंदगी, मैं पिछले जवाब में उलझा बैठा हूँ! दिखे मिले व कैसे सामने से गुजर गए, उन्हीं लम्हों के हिसाब में उलझा बैठा हूँ! गजब बढ़ गए दो सफेद इश्क लिखकर, और मैं उसी खाली किताब में उलझा बैठा हूँ!💕💞 🌳🌳🌳🌳🌳मनमोहन🌳🌳🌳🌳🌳 #🌹प्यार के नगमे💖 #❤️ आई लव यू #💔पुराना प्यार 💔 #💝 शायराना इश्क़ #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
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"अबूझ " ●●●●●● 🌹🌱🌾 कभी कोमल पंखुरियों सी सब कुर्क तो, तो कहीं दिल को अपने से ही लाल भी कर दे! अजीब है ये जिंदगी कुछ न कहे और, पता नही किधर से फिर सवाल भी कर दे! तिनको के जोर पे लचककर ही अक्सर, सरककर कहीं से बड़बस ख्याल भी कर दे! सफर जिंदगी ही हमसफ़र सी हुई है, कभी शान्त दिखे तो फिर बेकरार भी कर दे! एक सोंच है जो थामे हुए है दिल को, खनक चाहतों के ही इजहार भी कर दे! क्या खोया क्या पाया सब कमसिन ही लगे, जब जब हमारे हसरतों पे यायूँ जो इकरार भी कर दे! चल रही जैसी भी चलने दे ऐ जिंदगी, कभी फलसफॉ तो कभी गुमनाम भी कर दे! भले कहे यूँ ही जो कुछ बार-बार ही हमसे, पर हसीन छूकर लबों को पूरे हमरे अरमान भी कर दे!💕💞 .......✍️रवि प्रताप सिंह("पंकज")🍒 🌳🌳🌳🌳मनमोहन🌳🌳🌳🌳 #🌹प्यार के नगमे💖 #❤️ आई लव यू #💝 शायराना इश्क़ #💔पुराना प्यार 💔 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
🌹प्यार के नगमे💖 - উদয়ণ পাষ Al উদয়ণ পাষ Al - ShareChat
"कसमकस" ●●●●●●● 🌹🌱🌾 थोड़ी हँसी फिर थोड़ी ठिठोली, और थोड़ी प्यारी सी मुस्कान... एक डाल और दो फूल, इस हसीन जिंदगी मे रखा क्या है? थोड़ा सा गुस्सा और थोड़ा सा प्यार, तुम्हारे नखरे अदाएँ और तुम... सब दिलों के अलबेले से खेल, बाकी अब जहाँ मे बचा ही क्या है? उतरते हुए हरएक ही फ़साने, और चढ़ते हुए प्यारे से अफ़साने.. तुम्हारे दिलों के बूँदीयों के लड्डू, और दिनभर में भला दिखा क्या है? एक कसमकस भरी ठंढी बर्फ़ी, पराठे साम्भर चटनी पकौड़ी... प्यारी सी चाय की चुस्कियों संग, अब आखिर उसने हमसे कहा क्या है? बारबार बहकते हुए ये बेजुबान लब, आसमान में धड़कते हुए दो दिल... वैसे तो और कुछ भी सुना नही है, वैसे भी खुद को बहलाने को चखा क्या है? चलें उतर कर उनके खेतों में हम भी, अपने कुछ शब्दों को चमका लें... कहीं कोई फुर्सत में ही दिख जाए, बाकी हसीन वादियों में खिला क्या है? सुबह से शाम हुए और शाम से रात, गुजरती शमाँ फिर बैठी है प्याला लिए... चलो तस्वीरों के सहारे ही नजरों से पी लें, और वैसे भी जिंदगी में इश्क की दवा क्या है?💕💞 .............✍️रवि प्रताप सिंह("पंकज")🍒 🌳🌳🌳🌳🌳🌳मनमोहन🌳🌳🌳🌳🌳🌳 #🌹प्यार के नगमे💖 #❤️ आई लव यू #💔पुराना प्यार 💔 #💝 शायराना इश्क़ #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
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दिल-ए-डगर" ●●●●●●●● 🌹🌱🌾 इश्क के इस डगरी में तुम, सुन लो भी एक आवाज! मन चाहता है खोल भी दूँ, मै दिल के अपने कुछ राज! देखो तुम कुछ ऐसे जैसे, मदहोश सी हो नजरें... छा जाओ तुम फिर मन पे, जैसे हो कोई खड़ी शराब! खनके तुम्हारी कँगना कभी, कहीं छमके तुम्हारी पायल... रुनझुन बजता तब दिल हो, कुछ ऐसे भी करो तुम बात! ना बंदिशें हो कोई फिर, ना ही हो कोई बहाना... ये दिन अपनी बाँहों में, और सुंदर सी हो ये रात! छेड़ो भी तुम कुछ ऐसे जैसे, बजता प्यारा सा कोई धुन... बढ़ता हुआ धड़कन हो और, फिर चढ़ती हुई हो हर साँस! एक सुन्दर तुम कली सी, बन जाओ अब कुछ ऐसे... मन को मोह लो फिर यूँ, जैसे खिलता हुआ गुलाब! सपने आजाद हैं मेरे भी, कुछ ख्वाहिशों के संग... आसमान के तले पंछी मै, और तुम रहो फिर मेरे यूँ साथ!💕💞 .....✍️रवि प्रताप सिंह("पंकज")🍒 🌳🌳🌳🌳मनमोहन🌳🌳🌳🌳 #🌹प्यार के नगमे💖 #❤️ आई लव यू #💝 शायराना इश्क़ #💔पुराना प्यार 💔 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
🌹प्यार के नगमे💖 - ^ 7 KMK ^ 7 KMK - ShareChat
#💝 शायराना इश्क़ #❤️ आई लव यू #💔पुराना प्यार 💔 #i miss you💞 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
💝 शायराना इश्क़ - भगवन गुलाब दें कि गुलाबजामुन गलफूल्ली यूँ तनिक चटोर है प्रभू! भगवन गुलाब दें कि गुलाबजामुन गलफूल्ली यूँ तनिक चटोर है प्रभू! - ShareChat
"आँखें" >●●●< 🌹🌱🌾 छेर ना हमको ऐसे कि, घायल हो जाएँ तेरी बातों से। दिल बहुत बेताब हो जाए, तेरी नशीली सी इन आँखों से। घबराहट सी हो जाती है, तेरी मदहोसी भरी इन साँसो से। बेचैनी सी भी होती है हमको, तेरी उछलती कूदती यादों से। होश ना रहता एकदम से ही, तेरी आँखों के इन काजल से। पागल सा हो जाता हूँ अकसर, तेरी सुनहरी सी इन आँचल से। कानों के ये झूमके तेरी, लहराते हुए तेरे बालों से। जान निकल जाते है हमरे, तेरी खूबसूरत गहरी गालों से। नाक की ये नथिया तेरी, बिंदिये के छोटे दानों से। मर ना जाएँ कही किसी दिन, तेरी थिरकते होठो के चालों से। धकधक धकधक धड़कन करते, तेरी उलट-फेर के साथो से। राहत भी नही मिलती है हमको, इन काली काली रातों से। मिठी-मिठी मुस्कानोँ से, तेरी प्यारी-प्यारी बातों से। छेर ना हमको ऐसे की हम, घायल हो जाएँ तेरी आँखों से। पगली पागल हो जाएँ तेरी....💕💞 ......✍️ रवि प्रताप सिंह("पंकज")🍒 🌳🌳🌳🌳मनमोहन🌳🌳🌳🌳 #🌹प्यार के नगमे💖 #❤️ आई लव यू #💔पुराना प्यार 💔 #💝 शायराना इश्क़ #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
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"गुलनाड़" ●●●●● 🌹🌱🌾 वो आई सड़ककर पास भी, पर मुस्कुराई और गुजर गई.... हम सोचते रहे अब बात बनी और, उसने पूछा ही लिया अब चाल कैसा है? नाजुक सी हरएक कशिश, और मन पागल हुए बैठे... खूबसूरत से कली गुलजार रहे, बस समझ न आया ये सवाल कैसा हैं? गुलाबी मौशम में दिखने लगे, खिलते हुए चमेली के फूल... धड़कन धकधक करते रफ्तार में रहे, आखिर ये जज्बाती ख्याल कैसा है? जो मिल जाओ तो भी बेहाल, और न मिलो तो भी बेहाल... बदमाश हुआ ये दिल नासमझ, आखिर पगले ये मलाल कैसा है? साँझ के आड़े छुपी हुई हर भोर, आसमान के उड़ते हुए परिंदे... अनायास बड़बस ही पूछ बैठे, सच-सच बताओ ये कमाल कैसा है? बीते पतझर बारिस भी बीते, गुजरती रही ठंढी सरद सलोनी... पूरा नही तो कोई कुछ ही बता दे, मौशम में फैलता ये गुलाल कैसा है? टपकते आंखों के नूर चढ़े सर पे, मन दौड़कर फिर दिल से पूछे.... गुड़ कुछ पिघले भी मीठे हुए, ये बीतता हुआ साल-दर-साल कैसा है? ख्वाबो के बारिश ख्वाबो में हुए, फिर वही टूट गई कमसिन नींद.... पगली फिर खिलखिलाई जोरों से, बताओ साहेब दिल का हाल कैसा है? और बताओ.... साहेब दिल का अब हाल कैसा है?💕💞 ........✍️रवि प्रताप सिंह("पंकज")🍒 🌳🌳🌳🌳🌳🌳मनमोहन🌳🌳🌳🌳🌳🌳 #🌹प्यार के नगमे💖 #❤️ आई लव यू #💝 शायराना इश्क़ #💔पुराना प्यार 💔 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
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