............✍️💕💞
#🌹प्यार के नगमे💖 #❤️ आई लव यू #💝 शायराना इश्क़ #💔पुराना प्यार 💔 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
"नादान दिल"
●●●●●●●
🌹🌱🌾
जलता है दिल तो जलने दे,
पर दुरियों को न रहने दे।
कुछ हम कहे कुछ तू कहे,
और नजरों को भी कहने दे।
नादानी का जो मुरत ये,
फर्क कुछ पड़ता नही।
आज यहाँ कल वहाँ,
जी कही लगता नही।
जी भटकता रहता है,
अजीब चाल ये चलता है।
कुछ समझ मे आए ना,
मुझसे क्या ये कहता है।
पंख लगा कर उड़ जाए,
कभी दुबक कर पछताए।
साँस रूके धड़कन रूके,
बदमास दिल ये मुसकाए।
आँवारा हूँ मैं पागल हूँ,
बस दिल को दिल मे रहने दे।
हंसता हूँ तो मुझको हँसने दे,
बस सरारत कुछ कुछ करने दे।
जलता है दिल तो जलने दे,
पर दुरियों को न रहने दे।
कुछ तू कहे बस तू कहे,
और दिल को दिल से कहने दे।।
और दिल को दिल से कहने दे......💕💞
.....✍️रवि प्रताप सिंह("पंकज")🍒
🌳🌳🌳🌳मनमोहन🌳🌳🌳🌳
#🌹प्यार के नगमे💖 #❤️ आई लव यू #💔पुराना प्यार 💔 #💝 शायराना इश्क़ #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
"अनजानी"
●●●●●●●
🌹🌱🌾
क्या बात है आज फिर से,
मन को तुम ही भाई हो।
मुझे छेड़ने को ही जैसे ,
चोरी-चोरी चुप-छुप कर आई हो।
देख तुम्हे यूँ सामने अपने,
मन फिर से ये बोल गया।
प्रीत तुम्हारा है ये कुछ ऐसा,
ये दिल तुमपे फिर डोल गया।
छुआ जब तुमने मुझको,
लगा सिहरने ये तन बदन।
सिकुर के तुम्हारे दामन मे,
ठहर गया ये मन चंचल।
समेट के जबसे दिल ये अपना
पास मे हमारे तुम लाई हो।
भूल गया मै अपना सबकुछ,
बस तुम ही तुम तो छाई हो।
गिरे हार जब बाँहों के तुम्हारे,
फिर हलचल दिल में हुआ नहीं।
जान ले लिया अनजान ही बनके,
अपना दिल भी अपना रहा नही।
बैठो मेरे बस आसपास तुम,
पास मै तुम्हरे बैठा रहूँ।
समा जाऊँ बस आँखों मे तुम्हरे,
बस प्यार की बातें करता रहूँ।
हो जाओ बस मेरी तुम,
बस तुम्हरा ही हो जाऊँ मै।
जान हमारी जो हो तुम तो,
अब जान तुमहारा हो जाऊँ मै।
ऐ ठंढी प्रीत सलोनी,
प्रीत जो इतना लाई हो।
मर मिटा ये दिल गया,
बस तुम ही दिल को भाई हो।
बस तुम ही तो दिल को भाई हो.....💕💞
........✍️रवि प्रताप सिंह("पंकज")🍒
🌳🌳🌳🌳🌳मनमोहन🌳🌳🌳🌳🌳
#🌹प्यार के नगमे💖 #❤️ आई लव यू #💝 शायराना इश्क़ #💔पुराना प्यार 💔 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
"Heart's Blankets"
●●●●●●●●●●●●
🌹🌱🌾
When the weather
Started troubling,
Then tell me,
What should heart do?
Let the light pass through
The eyes from far away,
After all, what should
The burning heart ask the question?
The lotus blossomed and smile
In the middle of the water,
What should the heart do
While sitting on the sidelines?
Merge their own feelings
And someone else's medicine,
The green path in the cycle
What to do with a patient heart?
The one who does not know
The skill of showing off,
So what should this
Empty heart restore charges?
The mole hidden in the heartbeat
On the colorful walk,
Then what should
The warm heart do with itself?
When someone ask else
And get angry with mind,
After all, what should
A drowning heart do?
If you get a bug, it blossoms,
If you don't get it, it withers.
Then what should
The lonely heart think and think?💕💞
.....✍️Ravi Pratap Singh("पंकज")🍒
🌳🌳🌳🌳🌳मनमोहन🌳🌳🌳🌳🌳
#💝 शायराना इश्क़ #❤️ आई लव यू #💔पुराना प्यार 💔 #🌹प्यार के नगमे💖 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
🌹🌱🌾
●●●●●●
दुनिया कुछ भी कहे कुछ भी नही,
पर तुम्हारे नजाकत पे बेहाल हो जाएगा।
इतनी मासूमियत से न मुस्कुराओ,
सच अंवारा दिल है परेशान हो जाएगा।
***
आसान नही है साहेब यूँ इश्क भी फरमाना...
किसी के हर ख्वाहिशों पे मुश्कुराना पड़ता है।
***
सिर्फ रातभर ही अब,
काफी नही है साहेब।
ये बहकता दिल....
हमे दिन में भी परेशान करता है।
***
कुछ लोग आँखों के
पानी से परेशान करते हैं,
जानबूझकर ही वो
नजरों से सवाल करते हैं।।
***
रहने दे मेरे सोने में खलल
मत डाल ऐ जिंदगी,
दिल मेरा सोया नही
और अभी कुछ रात बाकि है।
***
हजारो बार ली हैं तलाशियाँ
तुमने जिस दिल की,
बताओ कभी कुछ मिला है
किसी पगली के सिवा।😉
***
उफ्फ ये नौबत न आती,
इश्क के अगर वो जाम न होते।
न डूबकर पीते न नशा होता,
दिल के गलियों में यूँ तो बदनाम न होते।
***
हमने सोंचा न था......
जिंदगी इतनी भी हसीन होगी।
जबजब गुजरेगी सामने से,
पहले से ज्यादा ही कमसीन होगी।
***
आज फिर दिल जला है,
जो तुम याद आए।
सच बस गैर ही.......
हमे कहाँ कभी अपने ढूँढ पाए।
***
ये तरबूज नही है जो काट खाओगी,
पगली लाल दिल है सहम जाओगी।
***
गजब खुद से परेशान हूँ मै,
सिर्फ इस बात पे कि....
इश्क नजरों से गुजरकर,
कैसे दिल में उतर गया!
***
जरा पूछिये भी दिल से हाल क्या है,
है सामने भी नही अब सवाल क्या है।
***
बहुत सरारती है अब क्या कहें हम तुमसे,
आग लगा खुद ही दिल! परेशान रहता है।
***
सिर्फ डूबकर चाहने से दिल का क्या,
नजरों को नजरों में समाने पड़ते हैं।
पलक झुका के शर्मा के और फिर मुस्कुरा के...
लबों को इश्क के धुनों के प्याले पिलाने पड़ते हैं।
***
कम्बख्त एक कशीस और........
दिले-ए-जान निकल जाए।
हथियार बदल गए हैं अभी,
पर गलफुल्ली के अंदाज नही।💕💞
***
................✍रवि प्रताप सिंह("पंकज")🍒
🌳🌳🌳🌳🌳🌳मनमोहन🌳🌳🌳🌳🌳🌳
#💝 शायराना इश्क़ #❤️ आई लव यू #🌹प्यार के नगमे💖 #💔पुराना प्यार 💔 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
🌹🌱🌾
●●●●●●
ये चाल ही अजब है......
पहले जाल बिछाए जाते हैं।
जो पिंजरो में कभी कैद न हुए,
आराम से इश्क में फँसाए जाते हैं।
***
किस जगह रख दूँ मैं,
इन यादों के चिरागों को।
ये रोशन भी रहे......
और अपना दिल भी ना जले।।
***
धड़कन बढ़ाने के बाद,
और फिर दिल चुराने के बाद।
यहाँ कोई नही पूछता है,
प्रभु होश उड़ाने के बाद।
***
थाम लीजिए खुद एक सवाल होने से,
अपने हाथों ही अपने हलाल होने से।
कुछ तो कीजिये अब बचा लीजिए साहेब,
इन नजरों से बंधकर के फिर गुलाम होने से।
***
जरा संभाल कर राखिये,
अपने इस चेहरे के नूर को।
कहीं ये उतरता चाँद....
हमे भी अब पागल न बना दे।
***
भला नजर से ही पी लीजिये,
यहाँ हरचीज ही शराब नही है।
अब इतना भी मत सोंचिये जनाब,
सच में हर दिल ही इतना भी खराब नही है।
***
अँधेरे की तरफदारी करने वाले भी,
आजकल जुगनुओं के तलाश में हैं।
बस कर ऐ हसीन यूँ मुस्कुराना....
बेचारा एक ही ठो दिल हमारे भी पास में है।
***
कलतक जो इश्क पे,
मजे ले मुस्कुरा देते थे।
आज उन्हे भी...
धड़कते दिल को दबाते हुए देखा।
***
दिल धड़कन और भी,
हाँथों से सारे गए......
ना गोली ना बन्दुक,
जालिम आँखों से मारे गए।
***
पूछ लो आईने से हरबार सवाल न करे,
धड़कते हुए बेचारे से अब यूँ भी तकरार न करे।
भला कौन संभालेगा इस नाजुक से चीज को,
अक्सर यूँ छूप-छूप के कोई दिल भी बेकार न करे।💕💞
***
............✍️रवि प्रताप सिंह("पंकज")🍒
🌳🌳🌳🌳🌳🌳मनमोहन🌳🌳🌳🌳🌳🌳
#💝 शायराना इश्क़ #❤️ आई लव यू #💔पुराना प्यार 💔 #🌹प्यार के नगमे💖 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
"Hearts talk's"
●●●●●●●●●●
🌹🌱🌾
I think sometimes that,
You are in my way.
I smile softly-slowly,
In those long arms of the paths.
Just with little worried,
You Blush with blinking eyes.
I pranks like as beetle,
And you flaunt like a bud.
You shine sometimes clink,
And disappear in front of me.
Increase the breath by the talk's,
You come in front again.
You make steps slowly,
I come behind you.
In front of these intoxicants,
I get lost myself anywhere.
No any noise are there,
Neither have any friends.
There are only one wave in both,
And two visitors with a heart.
Theft and theft again and again,
We do it from heart to heart.
No one tells us anything,
We die like this on each other.
You look into my eyes,
Increase a pressure on my chest.
I keep thinking always,
Do you ever come from anywhere?
I keep thinking.........💕💞
....✍️Ravi Pratap Singh ("पंकज")🍒
🌳🌳🌳🌳🌳मनमोहन🌳🌳🌳🌳🌳
#💝 शायराना इश्क़ #❤️ आई लव यू #🌹प्यार के नगमे💖 #💔पुराना प्यार 💔 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
"श्वपन्निल"
●●●●●●
🌹🌱🌾
हमरे दिल के तार को,
दिल से ही बजाना तुम।
मधुर-मधुर अंदाज से,
फिर मंद मंद मुस्काना तुम।
कभी हवा के झोंके सा,
धड़कन भी बढ़ाना तुम।
कभी सागर के दामन सा,
शान्तचीत हो बतियाना तुम।
कभी कभी तुम धूम मचाना,
कभी कभी चुप जाना तुम।
कभी नजर मेरी ढूँढे तब,
शरारत मे छुप जाना तुम।
साथ साथ जब रहना तुम,
हृदय हार सजाना तुम।
थाम के हमरे सरस भाव को,
निर्मल चाह जगाना तुम।1।
कभी प्रभात की बेला मे,
मुखरा अपना दिखलाना तुम।
छेड़-छाड़ जो करे कभी तो,
थोड़ा ससा तो शर्माना तुम।
कभी कभी तो हमका भी,
थोड़ा सा लोल बनाना तुम।
कुछ समझ ना आए हमे जब,
फिर जोरों से खिलखिलाना तुम।
कभी बारिश के बूँदो सा,
टॉय-ठॉय बन जाना तुम।
और कभी नदी धारा सी,
मिठी सी हो जाना तुम।
कभी बाग की कलियों सी,
सुन्दर सी खिल जाना तुम।
दूर नही होना फिर तुम,
सिने से लग जाना तुम।2।
गुस्सा जो होना कभी तो,
दया भी कुछ दिखलाना तुम।
नही तो अपने पड़ोसी जैसा,
कही फुलझड़ियाँ नही चलाना तुम।
डर-डर कर रहने लगुँ,
भाव ऐसा नही चढाना तुम।
सतरंगी रूप मे आकरके,
हमसे खाना नही बनवाना तुम।
कभी स्पंदन के तेवर मे,
हमे नही उलझाना तुम।
अंग्रेजी ज्ञाण मे अंग्रेजन बन,
हमे मुर्गा नही बनाना तुम।
कभी रूठकर हमसे भी,
थोड़ी सी नटखट बनजाना तुम।
मधूर सुमधुर सी बनकर के,
एग्जेक्ट प्रित छलकाना तुम।3।
ऐसी भाव फिर दिखे हमेशा,
हमपे प्रित लूटाना तुम।
मै अकेला जो लगुँ कभी तो,
दूर नही फिर जाना तुम।
डीप मिसिंग फ्लेवर विसिंग,
हरबार यही जतलाना तुम।
हमरी न कही बदनामी हो सो,
कछु गड़बड़ ना करजाना तुम।
बस चढ़े उमंग सब अपने रंग,
कुछ भोली सी बन जाना तुम।
दिल मिले फिर दिल लाग से,
हृदय बीच यूँ बस जाना तुम।
मधुर-मधुर अंदाज से,
निर्मल प्रित बरसाना तुम।
हमरे दिल के तार को,
दिल से ही बजाना तुम।4।
दिल को दिल से ही बजाना तुम....💕💞
........✍️रवि प्रताप सिंह("पंकज")🍒
🌳🌳🌳🌳🌳मनमोहन🌳🌳🌳🌳🌳
#💝 शायराना इश्क़ #❤️ आई लव यू #💔पुराना प्यार 💔 #🌹प्यार के नगमे💖 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
🌹🌱🌾
●●●●●●
मुक्कदर मे यही है कि तेरी आँखें,
जुगनुओं के राहों मे निसार रहे!
तू न खिले तो बस सब पतझर,
तु मुस्कुराए तो हरपल बहार रहे!
जो कुछ न बोले तो फिर मायूसी,
जो कुछ भी बोले तो मिठा बयार रहे!
बस तुझे पता नही अपने ही हुनर,
सच तो यही है तुझपे ही ऐतवार रहे!
तेरी नर्म हसीन सी हर पंखुरियाँ,
बस मेरे नाम पे ही बेकरार रहे!
मेरा क्या आनाड़ी ही समझ ले,
बस इस कदर तुम्हरा ही ख्याल रहे!
पगली दो पल भले ही रूठो बहक जाओ,
पर ताउम्र हमरे नादानियों पे तुम्हे प्यार रहे!💕💞
...... ✍️रवि प्रताप सिंह ("पंकज") 🍒
🌳🌳🌳🌳🌳मनमोहन🌳🌳🌳🌳🌳
#💝 शायराना इश्क़ #❤️ आई लव यू #💔पुराना प्यार 💔 #🌹प्यार के नगमे💖 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
"दिल-ए-बहार"
●●●●●●●●●
🌹🌱🌾
एक दिन सँवरकर के,
निकले जो बाहर को...
और ऐसे ही फिर,
यूँ दिख आया कोई!
कभी-कभी साथ हुए,
तो कभी पास हुए...
कुछ हौले से ही,
फिर समझ आया कोई!
कुछ दूर जाकर ही,
कुछ ऐसी बात हुई...
पलटकर के देख यूँ,
फिर से शर्माया कोई!
फिर कुछ फसाने हुए,
और कुछ इशारे हुए...
समझकर बात फिर,
अपनेआप में इतराया कोई!
कभी नजाकत दिखे,
तो कभी अदावत दिखे...
उलझाकर बेखुदी मे ही,
फिर से इठलाया कोई!
कदम-कदम चलने लगे,
यूँ ही नासमझ बन....
चोरी-चोरी ही फिर से,
पीछे-पीछे आया कोई!
बहुत गौर से देखा जब,
कोई नजर ना आया...
बड़े धीमे से ही फिर,
कहीं से मुस्कुराया कोई!
समझे की शायद वही,
अनजानी सी बात है...
तभी सामने जोरों से ही,
एकाएक खिलखिलाया कोई!
सच इस दिल को भी...
गुदगुदा यूँ भाया कोई!!💕💞
...........✍️रवि प्रताप सिंह("पंकज")🍒
🌳🌳🌳🌳🌳मनमोहन🌳🌳🌳🌳🌳
#🌹प्यार के नगमे💖 #❤️ आई लव यू #💔पुराना प्यार 💔 #💝 शायराना इश्क़ #❤️Love You ज़िंदगी ❤️












