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कौतूहल हरएक कोने में,
भरसक उमरा हुआ होगा!
दिल बार-बार धड़ककर,
चुपचाप बैठा हुआ होगा!
अनजान से फ़िक्रों में,
अक्सर तैरता हुआ होगा!
करवट बदल-बदल के,
उलझनों में लेटा हुआ होगा!
ये सारा शरीर दबकर,
बोझ से दुहरा हुआ होगा,!
मैं सजदे में नहीं था,
तुम्हे धोखा हुआ होगा!
यहाँ तक आते-आते,
सूख जाती हैं कई नदियाँ....
मुझे भी मालूम है पगली पानी,
कहाँ-कहाँँ ठहरा हुआ होगा!💕💞
.......✍️रवि प्रताप सिंह("पंकज")🍒
🌳🌳🌳🌳🌳मनमोहन🌳🌳🌳🌳🌳
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जिने का मजा तो तभी है जनाब,
इश्क किसी से हो जाए...
और कम्बख्त खुद को ही पता न चले।
***
खामोश धूनों पे वो,
सम्भलने का भी होश ना दे।
खुली जुल्फें झुकी नजरें,
साहब दिल को भी दोष ना दें।
***
चोरी से चूपके से यूँ
लेले दिल का चैन,
नयणों से घायल करे
और नयणों से बेचैन।
***
मासूमियत तो देखिए
हरएक गुलाब की,😅
यूँ खुशबू बिखेर हरपल
तड़पने की सजा देती हैं!!😍
***
बेचैन से इस दिल का भी
आजकल कोई जवाब नही,
सच कहें तो ये भी....
पुराना काला धन है साहेब।।
***
आँखें बंद करके ही पूछिये
जरा अँधेरे में यूँ हाल,
उजाले में कम्बखत दिल
अक्सर ही परेशान करते हैं।
***
बस मिलाइये नजर को
इस कदर के जनाब,
पलक उठे और फिर तुमसा ही
कोई जानलेवा सवाल कर बैठे!
***
ईमानदार होने की यही वजह है कि.....
हर बहकता कदम सवाल नही करता।
***
यही सोचकर कोई भी
सफाई नहीं दी हमने,
इल्जाम जैसे भी हैं पर
पगलीं लगाये तो तुमने हैं।
***
दिल-ए-मर्ज की कोई भी
एकमुश्त दवा नही है,
बस एक लोल दुआ ही है जो
समय-समय पे काम आती है।
***
काजल ये ओठलाली हरदिन,
यूँ इकट्ठे न हथियार करो।
निहथे इस दिल पे पगली,
अब तुम रोज ऐसे न वार करो।💕💞
***
....✍️रवि प्रताप सिंह("पंकज")🍒
🌳🌳🌳🌳मनमोहन🌳🌳🌳🌳
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"उफ्फ इश्क"
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बहुत ही खामोशी
और होशियारी से,
इस दिल को भी
चुराने लगा है कोई!
शख्स आह ही भरे
हर सांसों निगाहों में,
जानबूझकर ही यूं
मुस्कुराने लगा है कोई!
अलबत्ता कमबख्त उनकी
सफेद सी मासुमियत,
यूँ उल्टे सीधे छुअन से
बस तड़पाने लगा है कोई!
मैं गंवार सा शहर में
बस फूल गेंदे सा,
लाल गुलाब बन दिल
महकाने लगा है कोई!
रोज नीयत खराब
होती है उसे देख देख,
यूँ कमसिन हसीन हो
तरसाने लगा है कोई!
मैं जो होश में ना रहूं
तो दोष उसका ही है,
बस यूँ धड़कन को
जमकर बढ़ाने लगा है कोई!
नजाकत ऐसी कि दिल
बिन कहे गुलाम हो जाए,
इश्क की बाहों में यूँ
जबरन बहकाने लगा है कोई!
देवता ससुर सब गुनाह
मेरे माफ़ करे हरदिन ही,
जो कातिल अदाओं से
कयामत बरसाने लगा है कोई!💕💞
........✍️Mgr. Er.
साह-जू-चेरुआ("मोर्गन")🍒
🌳🌳🌳🌳🌳 मनमोहन 🌳🌳🌳🌳🌳
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"नजाकत"
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दिल पे धड़कन पे अब तेरा
कुछ यूँ भी नाम है,
आज से हर साँसें भी
बस तुम्हरे ही गुलाम हैं।
हकीकत के दुनिया मे
ख्वाबों का क्या काम है,
जब गुलाबों के पंखुरियों से
ये दिन है ये शाम है।
सुनहरे रंग और रूप जब
खिलते हो कली बनकर,
कसम भी कम सा है
फिर तो ये डोलता ईमान है।
सच हर सांसों में नजरबंद
कर लूँ बिना पुछे ही तुझे,
बढ़ते हर धड़कनों के ही
हुए कुछ इस कदर रफ्तार हैं।
तुझसे ही चोरी करके तुझे
बसा ले हर यादों में ऐसे,
जैसे समा में बिखर कर
हर खूसबू हुए यूँ तमाम हैं।
कामनाओं के वो देवता अब
माफ करे दें हमे भी,
कत्ल करती इन नजाकत पे
तो हर शख्स ही बेईमान है।
चंचल सोख़ हो और फिर
हर अदाएँ हसीन जिसकी,
हर मुस्कुराहट पे रोम रोम
इतराकर यूँ करते कमाल हैं।
जानबूझ कर ही आजकल
यूँ बिजली गिराते हैं बादल,
और बेचारा अनजाना जमीन
प्यासा रहकर ही बदनाम है।💕💞
.....✍️रवि प्रताप सिंह("पंकज")🍒
🌳🌳🌳🌳मनमोहन🌳🌳🌳🌳
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"मातृभवानी"
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करबद्ध खड़े हुए हैं अज्ञानी,
कृपासिंधु हमपे भी कर दो।
चित-चितवन चरण तुम्हारे,
रहे हमेशा यही हमे वर दो।
निपट मूढ़ अविवेकी हैं,
आशा अभिलाषा के संग।
और हृदय में एक विश्वास,
है तुम्हरे स्नेहवश ही उमंग।
अगाध कामनाएँ भी जहाँ,
पूरित हो हर्षित करते हैं।
उन्ही चरणों मे लेटे साष्टांग,
हम जड़ विनय करते हैं।
मूर्ख जान ही कृपादानी की,
कृपादृष्टि हम पे खिल जाए।
मातृवत्सल ममतामयी की,
आशीष हमे भी मिल जाए।
नही है ज्ञान-विज्ञान हमे,
जो तुम्हे पुलकित कर जाएँ।
जड़ चेतना है रूढ़ हृदय संग,
निर्बुद्धि सा विनय ही कर पाऍं।
पर कदाचित ही हे मातृके,
तुम्हे इन बातों का हो भाण।
हो पुत्र गँवाड़ भले ही...
पर माता रखती है सभी निदान।
हे परमेश्वरी हे भुवनेश्वरी,
हे गगन नायिका हे प्रेमवतस्ली।
हे समुन्द्रस्वामिनी हे पवन कांति,
हे दग्धसिन्धु हे आत्मज्योति।
सजल सरल संतोष समदृष्टि,
उन्नति प्रगति सद्गति आधार ले।
ये जीवन तन्मय सब कर दो...
प्रफुल्लित बाल्य यौवन आकार ले।।
अपने दिव्य दया दीपक से,
भर-भर अंजुली रस भर दो।
कमलनयण से पुलकित हो,
हे मातृभवानी हमे वर दो।
कृपा करो हो पूर्ण सकल मनोरथ,
सिंचित पूरित कौशल आदि से भर दो...
तुम्हरे पदचिन्हों के परिभाषा को जीवन,
पूजित हे मातृभवानी हमे ऐसा ही वर दो।
दयासिन्धु है मातृभवानी ऐसा ही वर दो।।💕💞
...…..........✍️रवि प्रताप सिंह("पंकज")🚩
🌳🌳🌳🌳🌳🌳रामाकृष्णा🌳🌳🌳🌳🌳🌳
#🛕मंदिर दर्शन🙏 #🙏माँ लक्ष्मी महामंत्र🌺 #👏भगवान विष्णु😇 #📝गणपति भक्ति स्टेटस🌺 #🙏 माँ वैष्णो देवी
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