🍁ਪਰਮਜੀਤ ਸਿੰਘ🍁
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🍁ਪਰਮਜੀਤ ਸਿੰਘ🍁
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🙏੧ਓ ਕਾਰ ਸਤਿ ਨਾਮੁ ਸੀ੍ ਵਾਹਿਗੁਰੂ ਜੀ🙏cmt of 7 day
#☝ਸੱਚੀਆਂ ਗੱਲਾਂ💯 #💭 ਮੇਰੇ ਵਿਚਾਰ #💖ਦਿਲ ਦੀਆਂ ਗੱਲਾਂ💖 #💖ਦਿਲ ਦੇ ਜਜ਼ਬਾਤ' #💓ਸਿਰਫ ਤੇਰੇ ਲਈ
☝ਸੱਚੀਆਂ ਗੱਲਾਂ💯 - कहावत है कि पुरानी यह एक पैसे से खुशियां नहीं खरीदी जा सकतीं , लेकिन यह आंशिक रूप से सही है पैसा तनाव कम कर सकता है और जीवन स्तर सुधार सकता है, गहरे रिश्ते या लेकिन यह भावनात्मक खुशी , Paramjeet Singh स्वास्थ्य की गारंटी नहीं देता जबकि भौतिक साधन ( गाड़ी , घर) खरीदे जा सकते हैं, सच्ची अक्सर आंतरिक खुशी संतोष से आती है। कहावत है कि पुरानी यह एक पैसे से खुशियां नहीं खरीदी जा सकतीं , लेकिन यह आंशिक रूप से सही है पैसा तनाव कम कर सकता है और जीवन स्तर सुधार सकता है, गहरे रिश्ते या लेकिन यह भावनात्मक खुशी , Paramjeet Singh स्वास्थ्य की गारंटी नहीं देता जबकि भौतिक साधन ( गाड़ी , घर) खरीदे जा सकते हैं, सच्ची अक्सर आंतरिक खुशी संतोष से आती है। - ShareChat
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☝ਸੱਚੀਆਂ ਗੱਲਾਂ💯 - ae fH1 Hier & fac Hfamfi] वरे र्भग वे दी व३ भिल्र ठगीं प्टिग थेड ठमीप्वां री ्इभ्ा ग्ठ ढुॅफ्ल ग्ठ घग्ठा डिउ थिइर' ठगीं | वेष्टी भगिप्ला रे हिॅउ ठेंरा गै वेष्टी वॅल्ली टिर द्ी गॅमरा चै Paramjeet Singh प्टिग उं ठॅघ रीगा नग्टे ठॅघ् डग विग्ड्े र्ग हिॅउ हॅमरा गै। भिग्ठउं वठ्वे हे4 रुष्टीभा थठ Sபர்சffகசகசி Eds3பfsi3கHச3=q fdfஎfHசக்க ae fH1 Hier & fac Hfamfi] वरे र्भग वे दी व३ भिल्र ठगीं प्टिग थेड ठमीप्वां री ्इभ्ा ग्ठ ढुॅफ्ल ग्ठ घग्ठा डिउ थिइर' ठगीं | वेष्टी भगिप्ला रे हिॅउ ठेंरा गै वेष्टी वॅल्ली टिर द्ी गॅमरा चै Paramjeet Singh प्टिग उं ठॅघ रीगा नग्टे ठॅघ् डग विग्ड्े र्ग हिॅउ हॅमरा गै। भिग्ठउं वठ्वे हे4 रुष्टीभा थठ Sபர்சffகசகசி Eds3பfsi3கHச3=q fdfஎfHசக்க - ShareChat
#💖ਦਿਲ ਦੀਆਂ ਗੱਲਾਂ💖 #💖ਦਿਲ ਦੇ ਜਜ਼ਬਾਤ' #☝ਸੱਚੀਆਂ ਗੱਲਾਂ💯 #💭 ਮੇਰੇ ਵਿਚਾਰ #💓ਸਿਰਫ ਤੇਰੇ ਲਈ
💖ਦਿਲ ਦੀਆਂ ਗੱਲਾਂ💖 - दरिया का सारा नशा उतरता चला गया. ! मुझको डुबोया और मैं उभरता चलागया! पैरवी तो झूट की करता चला गया. ! वो लेकिन उसका चेहरा उतरता चलागया! ৪২ মাঁস তম্প মংক্ধী মফক্কম মী ব্রম ন থী! मैं जैसे कोई ज़ख्म था,बढ़ता चला गया! Paramjeei Singh हदसे बढी उड़ान ख़्वाहिश तोयूं लगा !! जैसे कोई परों को कुतरता चला गया. ! मंज़िल समझ बैठगये जिसे चंद लोग! मैं ऐसे रास्तों से गुजरता चला गया दुनिया समझ में आई मगर आई देर से! कच्चा बहुत था रंग उतरता चला गया !! दरिया का सारा नशा उतरता चला गया. ! मुझको डुबोया और मैं उभरता चलागया! पैरवी तो झूट की करता चला गया. ! वो लेकिन उसका चेहरा उतरता चलागया! ৪২ মাঁস তম্প মংক্ধী মফক্কম মী ব্রম ন থী! मैं जैसे कोई ज़ख्म था,बढ़ता चला गया! Paramjeei Singh हदसे बढी उड़ान ख़्वाहिश तोयूं लगा !! जैसे कोई परों को कुतरता चला गया. ! मंज़िल समझ बैठगये जिसे चंद लोग! मैं ऐसे रास्तों से गुजरता चला गया दुनिया समझ में आई मगर आई देर से! कच्चा बहुत था रंग उतरता चला गया !! - ShareChat
#😍ਪੰਜਾਬੀ ਗਾਣੇ 🎶 #😜ਪੁਰਾਣੇ ਗਾਣਿਆਂ ਦੀ ਮਸਤੀ🎶 #🎶ਪਿੰਡਾ ਵਾਲਿਆਂ ਦੇ ਗਾਣੇ🎤 #💘ਪਿਆਰ ਦੇ ਅੱਖਰ 💌 #💓ਸਿਰਫ ਤੇਰੇ ਲਈ
#☝ਸੱਚੀਆਂ ਗੱਲਾਂ💯 #💭 ਮੇਰੇ ਵਿਚਾਰ #💖ਦਿਲ ਦੀਆਂ ਗੱਲਾਂ💖 #💖ਦਿਲ ਦੇ ਜਜ਼ਬਾਤ' #💓ਸਿਰਫ ਤੇਰੇ ਲਈ
#💖ਦਿਲ ਦੀਆਂ ਗੱਲਾਂ💖 #💖ਦਿਲ ਦੇ ਜਜ਼ਬਾਤ' #💔ਤੇਰੀਆਂ ਯਾਦਾਂ #😘ਮਿਸ ਯੂ😘 #💓ਸਿਰਫ ਤੇਰੇ ਲਈ
💖ਦਿਲ ਦੀਆਂ ਗੱਲਾਂ💖 - ज़माने में कहीं दिल को लगाना भी ज़रूरी था ग़लत कुछ भी नहीं लेकिन छुपाना भी ज़रूरी था ज़माना क्या कहेगा ये नहीं सोचा कभी हम ने जो था दिल में हमारे वो बताना भी ज़रूरी था खानेव श्े हमें डपक्ली भी खानी थी हमें पत्थर भी मगर दुनिया को आईना दिखाना भी ज़रूरी था हमें हँसते हुए बस देखता तो रूठ जाता वो हमें हँसते हुए आँसू बहाना भी ज़रूरी था न हम सोए न वो सोए न आई नींद दोनों को मगर जलते चराग़ों को बुझाना भी ज़रूरी था ज़माने में कहीं दिल को लगाना भी ज़रूरी था ग़लत कुछ भी नहीं लेकिन छुपाना भी ज़रूरी था ज़माना क्या कहेगा ये नहीं सोचा कभी हम ने जो था दिल में हमारे वो बताना भी ज़रूरी था खानेव श्े हमें डपक्ली भी खानी थी हमें पत्थर भी मगर दुनिया को आईना दिखाना भी ज़रूरी था हमें हँसते हुए बस देखता तो रूठ जाता वो हमें हँसते हुए आँसू बहाना भी ज़रूरी था न हम सोए न वो सोए न आई नींद दोनों को मगर जलते चराग़ों को बुझाना भी ज़रूरी था - ShareChat
#🌾 ਖੇਤਾਂ ਦੇ ਨਜ਼ਾਰੇ #😜ਪੁਰਾਣੇ ਗਾਣਿਆਂ ਦੀ ਮਸਤੀ🎶 #🎶ਪਿੰਡਾ ਵਾਲਿਆਂ ਦੇ ਗਾਣੇ🎤 #😍ਪੰਜਾਬੀ ਗਾਣੇ 🎶 #💓ਸਿਰਫ ਤੇਰੇ ਲਈ
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☝ਸੱਚੀਆਂ ਗੱਲਾਂ💯 - चल ढूंड लेते है सुकून ऐ ज़िंदगी , बेचैनियों की कतार बहुत है मुस्कुरा लेते है दो पल रुक के, ज़िम्मेदारियो के पहाड़ बहुत है Paramjeet Singh कुछ दूर ही सही कुछ दोस्त कुछ हमसफ़र साथ तो चले जो कभी अपने थे अब गैर बन बैठे है, य बदलने वालो की भरमार बहत है। चल ढूंड लेते है सुकून ऐ ज़िंदगी , बेचैनियों की कतार बहुत है मुस्कुरा लेते है दो पल रुक के, ज़िम्मेदारियो के पहाड़ बहुत है Paramjeet Singh कुछ दूर ही सही कुछ दोस्त कुछ हमसफ़र साथ तो चले जो कभी अपने थे अब गैर बन बैठे है, य बदलने वालो की भरमार बहत है। - ShareChat