Sarita Mishra
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#🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏गुरु महिमा😇
🙏गीता ज्ञान🛕 - ShareChat OSantosh HPatwa शुभ मर्गलवार जये सियाराम रम रामजी औम ह हनुमते नमः हरन मंगल मूर्ति रूप राम पवन तनय संकट सहित हृदय बसै सुर भूप! लखन सीता '  रम रामजी ShareChat OSantosh HPatwa शुभ मर्गलवार जये सियाराम रम रामजी औम ह हनुमते नमः हरन मंगल मूर्ति रूप राम पवन तनय संकट सहित हृदय बसै सुर भूप! लखन सीता '  रम रामजी - ShareChat
#🙏गुरु महिमा😇 #🙏गीता ज्ञान🛕
🙏गुरु महिमा😇 - ShareChat
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#🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏गुरु महिमा😇
🙏गीता ज्ञान🛕 - रं ण्माय नमः !! !! श्रीरामचरितमानस !! हरि शरणं हरि अनंत हरि कथा अनंता, कहहिं सुनहिं सब संता, रामचंद्र के चरित सुहाए बहुबिधि कोटि लगि जाहिं न गाए कलप हरि अनंत हैं उनका कोई पार नहीं पा सकता है॰ उनकी कथा भी अनंत ही हे॰ सभी संत लोग उस कथा को बहुत प्रकार से कहते सुनते हें साथ ही भगवान श्री रामचंद्र के सुंदर चरित्र का कोई बखान नहीं कर सकता क्योंकि सुंदर चरित्र करोड़ों कल्पों में भी गाए नहीं जा सकते श्रीराम मोहता रं ण्माय नमः !! !! श्रीरामचरितमानस !! हरि शरणं हरि अनंत हरि कथा अनंता, कहहिं सुनहिं सब संता, रामचंद्र के चरित सुहाए बहुबिधि कोटि लगि जाहिं न गाए कलप हरि अनंत हैं उनका कोई पार नहीं पा सकता है॰ उनकी कथा भी अनंत ही हे॰ सभी संत लोग उस कथा को बहुत प्रकार से कहते सुनते हें साथ ही भगवान श्री रामचंद्र के सुंदर चरित्र का कोई बखान नहीं कर सकता क्योंकि सुंदर चरित्र करोड़ों कल्पों में भी गाए नहीं जा सकते श्रीराम मोहता - ShareChat
#🙏गुरु महिमा😇 #🙏गीता ज्ञान🛕
🙏गुरु महिमा😇 - !!जय श्रीराम! !जय हनुमान! ! बार-बार विनती करँ, धरँ चरण पर शीश। भक्ति दान मोहे दीजिये, हे कपीश जगदीश। | भावार्थः हे कपिराज (वानरश्रेड) और जगदीश (जगत् के स्वामी)! मैं आपसे बार-बार विनती करता हूँ और आपके चरणों पर अपना हँ कृपा ` करके मुझे शीश (सिर) धरकर (रखकर) प्रणाम करता भक्ति का दान दीजिये, यही मेरी एकमात्र इच्छा है। पूर्ण समर्पणः चरणों में सिर झुकाना धरना ) अहंकार के त्याग (शीश और प्रभु के प्रति पूर्ण समर्पण का प्रतीक है। भक्ति ही सबसे बड़ा वरदानः भक्त मानता है कि सांसारिक वस्तुएं नश्वर हैं, इसलिए वह प्रभु से केवल उनकी भक्ति (स्मरण और प्रेम ) मांग रहा है, जो भवसागर से पार लगाने का एकमात्र साधन है। !!जय श्रीराम! !जय हनुमान! ! बार-बार विनती करँ, धरँ चरण पर शीश। भक्ति दान मोहे दीजिये, हे कपीश जगदीश।। !!जय श्रीराम! !जय हनुमान! ! बार-बार विनती करँ, धरँ चरण पर शीश। भक्ति दान मोहे दीजिये, हे कपीश जगदीश। | भावार्थः हे कपिराज (वानरश्रेड) और जगदीश (जगत् के स्वामी)! मैं आपसे बार-बार विनती करता हूँ और आपके चरणों पर अपना हँ कृपा ` करके मुझे शीश (सिर) धरकर (रखकर) प्रणाम करता भक्ति का दान दीजिये, यही मेरी एकमात्र इच्छा है। पूर्ण समर्पणः चरणों में सिर झुकाना धरना ) अहंकार के त्याग (शीश और प्रभु के प्रति पूर्ण समर्पण का प्रतीक है। भक्ति ही सबसे बड़ा वरदानः भक्त मानता है कि सांसारिक वस्तुएं नश्वर हैं, इसलिए वह प्रभु से केवल उनकी भक्ति (स्मरण और प्रेम ) मांग रहा है, जो भवसागर से पार लगाने का एकमात्र साधन है। !!जय श्रीराम! !जय हनुमान! ! बार-बार विनती करँ, धरँ चरण पर शीश। भक्ति दान मोहे दीजिये, हे कपीश जगदीश।। - ShareChat
#🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏गुरु महिमा😇
🙏गीता ज्ञान🛕 - हर समय नाम जप करना बहुत कठिन है में रहते हुए ' मन को पूरी तरह नाम में लगाना संसार बहुत कठिन लगता है। काम , परिवार, जिममेदारियाँ, विचार और परिस्थितियाँ बार-बार मन को बाहर की ओर खींच लेती हैं। मन चंचल है॰ वह इधर उधर भागता है। इसलिए हर समय नाम जप करना आसान नहीं , बहुत कठिन है। लेकिन असंभव नहीं है कठिन है, पर नाम की महिमा इतनी है कि वह धीरे ्धीरे मन को आप खींच लेता है। अपने और सुख | जितनी सच्चाई और प्रेम से नाम जप करेंगे , उतना ही मन को शांति मिलेगा | समय निकालकर नाम जप करें, फिर धीरे धीरे नाम अपने आप मन में चलता रहेगा| शुरआत नाम जप से मन पवित्र होता है, विचार अच्छे बनते हैं और जीवन में आनंद आता है। भगवान का स्वरूप है॰ नाम से बड़ा कोई सहारा नहीं हैे। नाम सब कुछ छोड़कर नहीं, सब कुछ करते हुए भी नाम जप सकते हैं ~ यही असली साधना है। क्या करें ? 0~9 प्रतिदिन निश्वित समय निकालें सुबह, शाम या सोने से पहले। हुए मन ही मन नाम जप करते रहें। काम करते मोबाइल , टीवी , व्यर्थ की बातें कम करें और नाम पर ध्यान बढ़ाएं। सत्संग करें , भजन सुनें और संतों ` बातें सुनकर प्रेरणा लें। धैर्य रखें , मन बार-बार भटकेगा , लेकिन बार-बार नाम की ओर लौटाएं। स्मरण रखें हर समय नाम जप करना कठिन जरूर है॰ लेकिन यही जीवन का सबसे बड़ा उदेश्य है। नाम ही सच्चा मित्र है, नाम ही सच्चा धन हे और नाम ही सच्चा सुख है। आओ , हम धीरे ्धीरे कदम बढ़ाएं और नाम को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। हर समय नाम जप करना बहुत कठिन है में रहते हुए ' मन को पूरी तरह नाम में लगाना संसार बहुत कठिन लगता है। काम , परिवार, जिममेदारियाँ, विचार और परिस्थितियाँ बार-बार मन को बाहर की ओर खींच लेती हैं। मन चंचल है॰ वह इधर उधर भागता है। इसलिए हर समय नाम जप करना आसान नहीं , बहुत कठिन है। लेकिन असंभव नहीं है कठिन है, पर नाम की महिमा इतनी है कि वह धीरे ्धीरे मन को आप खींच लेता है। अपने और सुख | जितनी सच्चाई और प्रेम से नाम जप करेंगे , उतना ही मन को शांति मिलेगा | समय निकालकर नाम जप करें, फिर धीरे धीरे नाम अपने आप मन में चलता रहेगा| शुरआत नाम जप से मन पवित्र होता है, विचार अच्छे बनते हैं और जीवन में आनंद आता है। भगवान का स्वरूप है॰ नाम से बड़ा कोई सहारा नहीं हैे। नाम सब कुछ छोड़कर नहीं, सब कुछ करते हुए भी नाम जप सकते हैं ~ यही असली साधना है। क्या करें ? 0~9 प्रतिदिन निश्वित समय निकालें सुबह, शाम या सोने से पहले। हुए मन ही मन नाम जप करते रहें। काम करते मोबाइल , टीवी , व्यर्थ की बातें कम करें और नाम पर ध्यान बढ़ाएं। सत्संग करें , भजन सुनें और संतों ` बातें सुनकर प्रेरणा लें। धैर्य रखें , मन बार-बार भटकेगा , लेकिन बार-बार नाम की ओर लौटाएं। स्मरण रखें हर समय नाम जप करना कठिन जरूर है॰ लेकिन यही जीवन का सबसे बड़ा उदेश्य है। नाम ही सच्चा मित्र है, नाम ही सच्चा धन हे और नाम ही सच्चा सुख है। आओ , हम धीरे ्धीरे कदम बढ़ाएं और नाम को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। - ShareChat
#🙏गुरु महिमा😇 #🙏गीता ज्ञान🛕
🙏गुरु महिमा😇 - Oshivtattv देव देवता बड़े सुने, महादेव एक भूमंडल में। क्या दान करूं मेरी क्या औकात, ब्रह्मांड है तेरे कमंडल में। Oshivtattv देव देवता बड़े सुने, महादेव एक भूमंडल में। क्या दान करूं मेरी क्या औकात, ब्रह्मांड है तेरे कमंडल में। - ShareChat
#🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏गुरु महिमा😇
🙏गीता ज्ञान🛕 - चौपाई सुमिरि महेसहि कहइ निहोरी। बिनती सुनहु सदासिव मोरी।l  तुम्ह अवढर दानी| आरति हरहु दीन जनु जानी।।  आसुतोष  भावार्थ फिर महादेवजी का स्मरण करके उनसे निहोरा करते हुए कहते हैं- हे सदाशिव!  आप मेरी विनती सुनिए। आप आशुतोष (शीघ्र प्रसन्न होने वाले) और अवढरदानी ( मुॅहर्मॉगा दे डालने वाले) हैं। अतः मुझे अपना दीन सेवक जानकर #5:<` को दूर कीजिए।।  जय शिव शंकर चौपाई सुमिरि महेसहि कहइ निहोरी। बिनती सुनहु सदासिव मोरी।l  तुम्ह अवढर दानी| आरति हरहु दीन जनु जानी।।  आसुतोष  भावार्थ फिर महादेवजी का स्मरण करके उनसे निहोरा करते हुए कहते हैं- हे सदाशिव!  आप मेरी विनती सुनिए। आप आशुतोष (शीघ्र प्रसन्न होने वाले) और अवढरदानी ( मुॅहर्मॉगा दे डालने वाले) हैं। अतः मुझे अपना दीन सेवक जानकर #5:<` को दूर कीजिए।।  जय शिव शंकर - ShareChat
#🙏गुरु महिमा😇 #🙏गीता ज्ञान🛕
🙏गुरु महिमा😇 - हरि शरणं दिश / भवानीशंकरौ वन्दे श्रद्धाविश्वासरूपिणौ | याभ्यां विना न पश्यन्ति सिद्धाः स्वान्तःस्थमीश्वरम् I। २II भावार्थ विश्वास के स्वरूप श्रीपार्वतीजी और श्रीशंकरजी श्रद्धा और की मैं वन्दना करता हूँ, जिनके बिना सिद्धजन अपने अन्तःकरण में स्थित ईश्वर को नहीं देख सकते I। २ ।। ೧c೦) हरि शरणं दिश / भवानीशंकरौ वन्दे श्रद्धाविश्वासरूपिणौ | याभ्यां विना न पश्यन्ति सिद्धाः स्वान्तःस्थमीश्वरम् I। २II भावार्थ विश्वास के स्वरूप श्रीपार्वतीजी और श्रीशंकरजी श्रद्धा और की मैं वन्दना करता हूँ, जिनके बिना सिद्धजन अपने अन्तःकरण में स्थित ईश्वर को नहीं देख सकते I। २ ।। ೧c೦) - ShareChat
#🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏गुरु महिमा😇
🙏गीता ज्ञान🛕 - राम का नाम वह सहारा है, जो सबसे कठिन समय में भी हिम्मत देता है। राम का नाम वह सहारा है, जो सबसे कठिन समय में भी हिम्मत देता है। - ShareChat
#🙏गुरु महिमा😇 #🙏गीता ज्ञान🛕
🙏गुरु महिमा😇 - जीवन में कभी आस मत छोड़े़. राधा कृष्णा लव पेज जीवन में कभी आस मत छोड़े क्योंकि आप कभी ये नहीं जान सकते , की आने वाला कल आपके लिए, क्या लाने वाला है..!! जीवन में कभी आस मत छोड़े़. राधा कृष्णा लव पेज जीवन में कभी आस मत छोड़े क्योंकि आप कभी ये नहीं जान सकते , की आने वाला कल आपके लिए, क्या लाने वाला है..!! - ShareChat