RAJKUMAR NAAGVANSHI
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RAJKUMAR NAAGVANSHI
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❤️ दिल 🤲 मांगे 🦚 मोर
#🏞 पर्यटन फोटोग्राफी #🐦Bird लवर #🌼 मेरा बगीचा 🌸 #🎄हरे पेड़
🏞 पर्यटन फोटोग्राफी - तारीफ के पुल आज एक भिखारी को देखा जो कुछ रईस लोगों पर फेंँकता था धूल थे पुल हां हां हां ये वही रईस जादे हैं जो अपने बेटों के तारीफ के बांधते ये बात उस भिखारी की नहीं है बल्कि यह बात हम सब पर लागू होती हैं बेटों को इतनी छूट दे देते हैं कि उसके हांथो में सारी फैमिली काबू होती हैं वो गलत आदतों में दिन रात पडता जाता है घर वाले कहते हैं अरे वो अभी भोला भाला है हम उन की हर गलतियों पर पर्दा करते हैं हमारी औलाद बेजारू लड़कियों पे मरते हैं স ঘুল वो हमारी नजरों से छिप छिप कर कैसे खिलाते हैं होटलों : आज एक भिखारी को देखा जो कुछ रईस लोगों पर फेंकता था धूल हां हां हां ये वही रईस जादे हैं जो अपने बेटों के तारीफ के बांधते थे पुल करते हैं उन की शादी बड़े ही धूम धाम से बनवाते माल जेवर हम कर्ज लोन दान से आती हैं बहू उनकी तो हो जाते हैं उसके गुलाम मां बाप को ना खाना पानी पूछे भूल गए एहसान आंतें सूख पैर सब कमजोर हुए जब भूख से जाती हैं शरीर की हांथ ' को देखा जो कुछ रईस लोगों पर फेंकता था धूल आज एक भिखारी ` थे पुल हां हां हां ये वही रईस जादे हैं जो अपने बेटों के तारीफ के बांधते ### भाग २ के लिए राजकुमार नागवंशी की प्रेम कहानियां// फेसबुक खाता अवश्य खोलें तारीफ के पुल आज एक भिखारी को देखा जो कुछ रईस लोगों पर फेंँकता था धूल थे पुल हां हां हां ये वही रईस जादे हैं जो अपने बेटों के तारीफ के बांधते ये बात उस भिखारी की नहीं है बल्कि यह बात हम सब पर लागू होती हैं बेटों को इतनी छूट दे देते हैं कि उसके हांथो में सारी फैमिली काबू होती हैं वो गलत आदतों में दिन रात पडता जाता है घर वाले कहते हैं अरे वो अभी भोला भाला है हम उन की हर गलतियों पर पर्दा करते हैं हमारी औलाद बेजारू लड़कियों पे मरते हैं স ঘুল वो हमारी नजरों से छिप छिप कर कैसे खिलाते हैं होटलों : आज एक भिखारी को देखा जो कुछ रईस लोगों पर फेंकता था धूल हां हां हां ये वही रईस जादे हैं जो अपने बेटों के तारीफ के बांधते थे पुल करते हैं उन की शादी बड़े ही धूम धाम से बनवाते माल जेवर हम कर्ज लोन दान से आती हैं बहू उनकी तो हो जाते हैं उसके गुलाम मां बाप को ना खाना पानी पूछे भूल गए एहसान आंतें सूख पैर सब कमजोर हुए जब भूख से जाती हैं शरीर की हांथ ' को देखा जो कुछ रईस लोगों पर फेंकता था धूल आज एक भिखारी ` थे पुल हां हां हां ये वही रईस जादे हैं जो अपने बेटों के तारीफ के बांधते ### भाग २ के लिए राजकुमार नागवंशी की प्रेम कहानियां// फेसबुक खाता अवश्य खोलें - ShareChat
#👨‍👩‍👧 फोटोग्राफी हैक्स 📸 #🎄हरे पेड़ #🌼 मेरा बगीचा 🌸 #🏞 पर्यटन फोटोग्राफी #🐦Bird लवर
👨‍👩‍👧 फोटोग्राफी हैक्स 📸 - आखिरी सलाम (आपबीती) ये बात सन दो हजार छब्बीस तारीख सात जनवरी की है हिन्दू मुस्लिम का मजहबी है मकनपुर मेला जो लगता शुरु आती दौर में   मेले में उमड़ी थी भीड़ भारी तो हमने भी मेले में जानें की कर ली थी तैयारी मेले की रौनक बड़ी ही अलबेली थी बैठ कर पहले हमनें वहां जलेबी थी फिर देखने के लिए निकल पड़ा इधर से उधर यूं मेले में थोड़ा रुक गया वहां जहां ताजा लस्सी बन रही थी ठेले में हर तरफ दुकानों पर गमले में रंग बिरंगे फूले थे कहीं बच्चों के खिलौने तो कहीं पर ऊंचे झूले थे पर मेरे दिल में फिर भी क्यों इतनी मायूसी छाई थी वो रंगीन घडी मेरे लिए फिर क्यों ना रास आई थी लाखों की संख्या में लोगों की थी अनेकों वहां विशाल टोली उसी भीड़ में से कोई मेरे पीछे से मुझसे मधुर धुन में बोली मुड़ कर देखा तो दिखा जैसे निकला हो कोई आसमां से चांद हुस्न और इश्क के बीच में था हम दोनों का ये आखिरी सलाम ### भाग २ के लिए राजकुमार नागवंशी की प्रेम कहानियां // फेसबुक खाता अवश्य खोलें आखिरी सलाम (आपबीती) ये बात सन दो हजार छब्बीस तारीख सात जनवरी की है हिन्दू मुस्लिम का मजहबी है मकनपुर मेला जो लगता शुरु आती दौर में   मेले में उमड़ी थी भीड़ भारी तो हमने भी मेले में जानें की कर ली थी तैयारी मेले की रौनक बड़ी ही अलबेली थी बैठ कर पहले हमनें वहां जलेबी थी फिर देखने के लिए निकल पड़ा इधर से उधर यूं मेले में थोड़ा रुक गया वहां जहां ताजा लस्सी बन रही थी ठेले में हर तरफ दुकानों पर गमले में रंग बिरंगे फूले थे कहीं बच्चों के खिलौने तो कहीं पर ऊंचे झूले थे पर मेरे दिल में फिर भी क्यों इतनी मायूसी छाई थी वो रंगीन घडी मेरे लिए फिर क्यों ना रास आई थी लाखों की संख्या में लोगों की थी अनेकों वहां विशाल टोली उसी भीड़ में से कोई मेरे पीछे से मुझसे मधुर धुन में बोली मुड़ कर देखा तो दिखा जैसे निकला हो कोई आसमां से चांद हुस्न और इश्क के बीच में था हम दोनों का ये आखिरी सलाम ### भाग २ के लिए राजकुमार नागवंशी की प्रेम कहानियां // फेसबुक खाता अवश्य खोलें - ShareChat
#👨‍👩‍👧 फोटोग्राफी हैक्स 📸 #🌼 मेरा बगीचा 🌸 #🐦Bird लवर #🏞 पर्यटन फोटोग्राफी #🎄हरे पेड़
👨‍👩‍👧 फोटोग्राफी हैक्स 📸 - जिन्दगी झंड होइला केहू कै दोष का देवे ला जब आपन किस्मत रूठेला  किसी से होवेला तो रिश्ते में रिश्वत पूछेला जब प्यार नहिके ईश्क करब तो आदमी का नामर्द कोल सामझेला आशा की किरण में जब एक प्रेम का बीज बोइला सांची कहब तुमसे प्यार कर कै जिन्दगी झंड होइला जब से सियान भईल प्रदेशवा में दो कौड़ी कै खातिर उमरिया गवां दइल में इतना बिजी होवे ला कि सारा दिल का अरमा अब ता बुझा गइल IH मास बीतल साल भी बीतेला ना अपन घरे का दर्शन हो पाइल घर की जिम्मेदारी से घिरल जानै कब आपन वतन हौ जाइल सगे संबंधी सबै याद हम का सताइल हौ किन सै हाल बुझेला केहू कै दोष का देवे ला जब आपन किस्मत रूठेला किसी से होवेला तो रिश्ते में रिश्वत पूछेला जब प्यार ### भाग २ के लिए राजकुमार नागवंशी की प्रेम कहानियां// फेसबुक खाता अवश्य खोलें जिन्दगी झंड होइला केहू कै दोष का देवे ला जब आपन किस्मत रूठेला  किसी से होवेला तो रिश्ते में रिश्वत पूछेला जब प्यार नहिके ईश्क करब तो आदमी का नामर्द कोल सामझेला आशा की किरण में जब एक प्रेम का बीज बोइला सांची कहब तुमसे प्यार कर कै जिन्दगी झंड होइला जब से सियान भईल प्रदेशवा में दो कौड़ी कै खातिर उमरिया गवां दइल में इतना बिजी होवे ला कि सारा दिल का अरमा अब ता बुझा गइल IH मास बीतल साल भी बीतेला ना अपन घरे का दर्शन हो पाइल घर की जिम्मेदारी से घिरल जानै कब आपन वतन हौ जाइल सगे संबंधी सबै याद हम का सताइल हौ किन सै हाल बुझेला केहू कै दोष का देवे ला जब आपन किस्मत रूठेला किसी से होवेला तो रिश्ते में रिश्वत पूछेला जब प्यार ### भाग २ के लिए राजकुमार नागवंशी की प्रेम कहानियां// फेसबुक खाता अवश्य खोलें - ShareChat
#🐦Bird लवर #🌼 मेरा बगीचा 🌸 #🏞 पर्यटन फोटोग्राफी #👨‍👩‍👧 फोटोग्राफी हैक्स 📸
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#🏞 पर्यटन फोटोग्राफी #👨‍👩‍👧 फोटोग्राफी हैक्स 📸 #🎄हरे पेड़ #🌼 मेरा बगीचा 🌸 #🐦Bird लवर
🏞 पर्यटन फोटोग्राफी - फातिया ना पढ़ो मेरी अभी जिन्दा हे मेरे मरने की फातिया ना पढ़ो मेरी अभी हम जिन्दा है शिकवा नहीं आपसे बस अपनी रुसवाई से शर्मिन्दा है तुमने तो वफा की इस बात का हमें नाज है तेरे भोले चेहरे को देख कर जीता ये राज है बहुत हो चुका ये रोना धोना अब ये मगरमच्छ के आंसू ना बहाओ मेरी वफाओं में ऐसी  क्या कमी थी ये तो जरा हम को बतलाओ क्यों मेरे दिल के पिंजड़े से उड़ाया अपना परिंदा है मेरे मरने की फातिया ना पढ़ो मेरी अभी हम जिन्दा है शिकवा नहीं आपसे बस अपनी रुसवाई से शर्मिन्दा है किए कतल मेरे दिल के ऐसे जो मरहम ना हो पाई क्यों ऐसा किया मेरे दिल से तुम्हें लाज शर्म ना आई दिल को गहरे जख्म दिए घाव पर घाव लगाए हैं मेरी कुरबत पर झूठी दो फूल आए हैं चढ़ाने आज नकाब में आए हैं साथ में खंजर भी ये लाए हैं ऐसी काली   मौत होगी मेरी ये सोच घबराए हें বরতযী না সাং কযালী ঐ ল দ্ামী কা দ্ন 6 अभी हम मेरे मरने की फातिया ना पढ़ो मेरी जिन्दा है शिकवा नहीं आपसे बस अपनी रुसवाई से शर्मिन्दा है ### भाग २ के लिए राजकुमार नागवंशी की फेसबुक प्रेम कहानियां// खाता अवश्य खोलें फातिया ना पढ़ो मेरी अभी जिन्दा हे मेरे मरने की फातिया ना पढ़ो मेरी अभी हम जिन्दा है शिकवा नहीं आपसे बस अपनी रुसवाई से शर्मिन्दा है तुमने तो वफा की इस बात का हमें नाज है तेरे भोले चेहरे को देख कर जीता ये राज है बहुत हो चुका ये रोना धोना अब ये मगरमच्छ के आंसू ना बहाओ मेरी वफाओं में ऐसी  क्या कमी थी ये तो जरा हम को बतलाओ क्यों मेरे दिल के पिंजड़े से उड़ाया अपना परिंदा है मेरे मरने की फातिया ना पढ़ो मेरी अभी हम जिन्दा है शिकवा नहीं आपसे बस अपनी रुसवाई से शर्मिन्दा है किए कतल मेरे दिल के ऐसे जो मरहम ना हो पाई क्यों ऐसा किया मेरे दिल से तुम्हें लाज शर्म ना आई दिल को गहरे जख्म दिए घाव पर घाव लगाए हैं मेरी कुरबत पर झूठी दो फूल आए हैं चढ़ाने आज नकाब में आए हैं साथ में खंजर भी ये लाए हैं ऐसी काली   मौत होगी मेरी ये सोच घबराए हें বরতযী না সাং কযালী ঐ ল দ্ামী কা দ্ন 6 अभी हम मेरे मरने की फातिया ना पढ़ो मेरी जिन्दा है शिकवा नहीं आपसे बस अपनी रुसवाई से शर्मिन्दा है ### भाग २ के लिए राजकुमार नागवंशी की फेसबुक प्रेम कहानियां// खाता अवश्य खोलें - ShareChat
#🌼 मेरा बगीचा 🌸 #🏞 पर्यटन फोटोग्राफी #🎄हरे पेड़ #🐦Bird लवर
🌼 मेरा बगीचा 🌸 - मेरी प्रमुख २४ रचनाएं १ आखिर उस रात ( आपबीती) २ बदनाम गली ( आपबीती) ३ फातिया ना पढ़ो मेरी अभी जिन्दा हैं ४ आज फिर मिलने का वादा किया ५ जिन्दगी झंड होइला आखिरी सलाम ( आपबीती) 6 ७ तारीफ के पुल 8 लड़कियों तुम सुधर जाओ ९ मेरी पहली भूल १० वो मेरी पहली गलती थी बेटी के आंसू ११ गरीब १२ जवानी की चाल १३ मेरी कलम मेरे कड़वे बोल १४ भारत का दुर्भाग्य १५ मेरे सपने अधूरे जानें कब होंगे पूरे १६ अधूरे सपने घातक होते हैं १७ हम लड़कों की जिन्दगी १८ लड़कियों की जिन्दगी १९ जब हम बच्चे थे २० मां मुझे मत मारो फनी न्यूज  21 २२ भूतों का शहर २३ आ गए मेरी मौत का तमाशा देखने वालों २४ तेरी मोहब्बत रास ना आई मेरी फेसबुक  मेरी अन्य रचनाओं के लिए प्रोफाइल राजकमार नांगवशी की की प्रेम कहानियां को फॉलो करें मेरी प्रमुख २४ रचनाएं १ आखिर उस रात ( आपबीती) २ बदनाम गली ( आपबीती) ३ फातिया ना पढ़ो मेरी अभी जिन्दा हैं ४ आज फिर मिलने का वादा किया ५ जिन्दगी झंड होइला आखिरी सलाम ( आपबीती) 6 ७ तारीफ के पुल 8 लड़कियों तुम सुधर जाओ ९ मेरी पहली भूल १० वो मेरी पहली गलती थी बेटी के आंसू ११ गरीब १२ जवानी की चाल १३ मेरी कलम मेरे कड़वे बोल १४ भारत का दुर्भाग्य १५ मेरे सपने अधूरे जानें कब होंगे पूरे १६ अधूरे सपने घातक होते हैं १७ हम लड़कों की जिन्दगी १८ लड़कियों की जिन्दगी १९ जब हम बच्चे थे २० मां मुझे मत मारो फनी न्यूज  21 २२ भूतों का शहर २३ आ गए मेरी मौत का तमाशा देखने वालों २४ तेरी मोहब्बत रास ना आई मेरी फेसबुक  मेरी अन्य रचनाओं के लिए प्रोफाइल राजकमार नांगवशी की की प्रेम कहानियां को फॉलो करें - ShareChat
#👨‍👩‍👧 फोटोग्राफी हैक्स 📸 #🎄हरे पेड़ #🏞 पर्यटन फोटोग्राफी #🐦Bird लवर #🌼 मेरा बगीचा 🌸
👨‍👩‍👧 फोटोग्राफी हैक्स 📸 - बदनाम गली ( उपन्यास) राजू अभी तक नहीं आया रात के ग्यारह बज गए विनोद कमरे से निकल कर बोला आज फिर किसी के साथ रात रंगीन कर रहा होगा रोहित बालकनी से बोला, दसों उंगलियां घी में हैं इस समय रजुआ की दीपक बरामदे से बोला चलो ढूढ़ के लाते हैं विनोद ने कहा फिर चारों राजू को खोजने निकल पडे़ विनोद रोहित दीपक ये चारों लड़के और कोई नहीं बल्कि राजू पीसीएम कॉलेज के स्टूडेंट थे और ये ममता हास्टल सरायमीरा कन्नौज में रह कर पढ़ाई करते हैं पर चारों के चारों मंदबुद्धि के इंसान हैं और अमीर लोगों के लड़के है उन्होंने हर गली को बदनाम है जहां से गुजरते हैं बस इन्हीं के चरचे है पूरा हास्टल कररखा इनकी करतूतों की वजह से परेशान है किन्तु ये अपने में मस्त रहते हैं इन्हें किसी भी बात का भय नहीं है क्यों कि ये अमीर लोगों की संताने है के लिए राजकुमार नागवंशी की ### भाग २ फेसबुक प्रेम कहानियां// खाता अवश्य खोलें बदनाम गली ( उपन्यास) राजू अभी तक नहीं आया रात के ग्यारह बज गए विनोद कमरे से निकल कर बोला आज फिर किसी के साथ रात रंगीन कर रहा होगा रोहित बालकनी से बोला, दसों उंगलियां घी में हैं इस समय रजुआ की दीपक बरामदे से बोला चलो ढूढ़ के लाते हैं विनोद ने कहा फिर चारों राजू को खोजने निकल पडे़ विनोद रोहित दीपक ये चारों लड़के और कोई नहीं बल्कि राजू पीसीएम कॉलेज के स्टूडेंट थे और ये ममता हास्टल सरायमीरा कन्नौज में रह कर पढ़ाई करते हैं पर चारों के चारों मंदबुद्धि के इंसान हैं और अमीर लोगों के लड़के है उन्होंने हर गली को बदनाम है जहां से गुजरते हैं बस इन्हीं के चरचे है पूरा हास्टल कररखा इनकी करतूतों की वजह से परेशान है किन्तु ये अपने में मस्त रहते हैं इन्हें किसी भी बात का भय नहीं है क्यों कि ये अमीर लोगों की संताने है के लिए राजकुमार नागवंशी की ### भाग २ फेसबुक प्रेम कहानियां// खाता अवश्य खोलें - ShareChat
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#नीला आसमान 🌌 #🏞 पर्यटन फोटोग्राफी #🌼 मेरा बगीचा 🌸 #👨‍👩‍👧 फोटोग्राफी हैक्स 📸
नीला आसमान 🌌 - मुझे छोड़ करना जाओ( आपबीती ) अरावली पर्वतमाला पर एक अनोखा दृश्य था सजस्थान मनको शांत करने वालावही तो एक अच्छा खासा रहस्य था तो यही सोच करहिम भी निकल पड़े थे उस तलहटियों में सुबहु से चलते चलते फस गए थे हम उन बीच पहाड़ियों में चि़ड़ियोंकी चहचहाहुट हिंसक जानवरों कीथी दौड़़ भाग सुबहु के सुहाने मौसम की झड़ी उषाकी किरणों का था प्रताप जिधर देखो उधरही थी सुन्दर सुन्दर वनों की छाव ऐ परदेशी मुझे छोड़ करना अब जाओ কংনীলী कुछदूरी परझरने की झरझरसी आवाज अबआ रही थी पास जाकर देखा तो एकनव कन्या भधुरगीत घा रही थी थी विरह वेदना सा स्वरजो मुझे उसकी ओर खींचे ले जा रही थी जा करदेखा तोचो बड़ी बड़ी आंखों से आंसू बहा रही थी UIS' हिम एकटक होके बस उसके कोमल अंगों को देखे जा रहाथा उसकी चितवन नजरों से मै अपना सब कुछलुटाए जा रहा था वो कबआ करमुझे अपनी बाहुों में भरलिया इसका हरमें आभास ना हुआ होश आयातो एक दम अलग हो गए क्यों किमेरे दिल को ये रास नाहुआ ज्यों ही मैंने लौटने के लिएबढ़ाए अपने लंबे लंबे पांव वो गिरपड़ी मेरे चरणों में बोली परदेशी मुझे छोड़ करना अब जाओ ### भाग २ के लिए राजकुमार नागवशी की ক্বন্তব্ধ प्रेम कहानिया/ खाता अवश्य खोलें मुझे छोड़ करना जाओ( आपबीती ) अरावली पर्वतमाला पर एक अनोखा दृश्य था सजस्थान मनको शांत करने वालावही तो एक अच्छा खासा रहस्य था तो यही सोच करहिम भी निकल पड़े थे उस तलहटियों में सुबहु से चलते चलते फस गए थे हम उन बीच पहाड़ियों में चि़ड़ियोंकी चहचहाहुट हिंसक जानवरों कीथी दौड़़ भाग सुबहु के सुहाने मौसम की झड़ी उषाकी किरणों का था प्रताप जिधर देखो उधरही थी सुन्दर सुन्दर वनों की छाव ऐ परदेशी मुझे छोड़ करना अब जाओ কংনীলী कुछदूरी परझरने की झरझरसी आवाज अबआ रही थी पास जाकर देखा तो एकनव कन्या भधुरगीत घा रही थी थी विरह वेदना सा स्वरजो मुझे उसकी ओर खींचे ले जा रही थी जा करदेखा तोचो बड़ी बड़ी आंखों से आंसू बहा रही थी UIS' हिम एकटक होके बस उसके कोमल अंगों को देखे जा रहाथा उसकी चितवन नजरों से मै अपना सब कुछलुटाए जा रहा था वो कबआ करमुझे अपनी बाहुों में भरलिया इसका हरमें आभास ना हुआ होश आयातो एक दम अलग हो गए क्यों किमेरे दिल को ये रास नाहुआ ज्यों ही मैंने लौटने के लिएबढ़ाए अपने लंबे लंबे पांव वो गिरपड़ी मेरे चरणों में बोली परदेशी मुझे छोड़ करना अब जाओ ### भाग २ के लिए राजकुमार नागवशी की ক্বন্তব্ধ प्रेम कहानिया/ खाता अवश्य खोलें - ShareChat