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#नवतपा 2026 #moj_content #😝ट्रेंडिंग मीम्स
नवतपा 2026 - नैतपा द्वीक দৌীমন  पपर 44 2026 ಕ್ಕಿ 1 சிி চি క్డీ ೪ క్డీ 8 = @ नैतपा द्वीक দৌীমন  पपर 44 2026 ಕ್ಕಿ 1 சிி চি క్డీ ೪ క్డీ 8 = @ - ShareChat
गुरु या मजदूर? शिक्षा का सच | गोरखपुर | अब स्कूलों में टीचर नहीं, मजदूर चाहिए... वो मजदूर जो गधे की तरह लदता जाए। यह दर्द सिर्फ एक शिक्षिका का नहीं, बल्कि आज के पूरे शिक्षा तंत्र की कड़वी सच्चाई बन चुका है। युवा शिक्षिका अंकिता सिंह द्वारा टॉक्सिक एनवायरमेंट के कारण प्राइवेट स्कूल की नौकरी से इस्तीफा देने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया है। इस वीडियो ने लाखों शिक्षकों के दबे हुए दर्द को मानो जुबान दे दी है। वायरल वीडियो में अंकिता ने शिक्षा के नाम पर चल रहे गोरखधंधे और शोषण की सरेआम पोल खोली है। उन्होंने बताया कि कैसे एक टीचर की सैलरी में उनसे ग्रामर, कंप्यूटर, डांस टीचर के साथ-साथ वीडियो एडिटिंग और स्कूल के प्यून तक का काम लिया जाता था। चंद मिनट लेट होने पर 12-15 दिन की सैलरी काट ली जाती थी और स्कूल में मातृभाषा बोलने पर फाइन लगाया जाता था। अंकिता के इस बोल्ड कदम ने सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस छेड़ दी है। 13 लाख से ज्यादा व्यूज वाले इस वीडियो के कमेंट सेक्शन में हजारों शिक्षकों ने अपना दर्द बयां किया है। कमेंट्स में लोगों ने बताया कि कैसे प्राइवेट और यहां तक कि सरकारी स्कूलों में भी शिक्षकों को 'कोल्हू का बै #cg #छत्तीसगढ़ #📖छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल🖋️ #छत्तीसगढ़ शिक्षक #cg news ल' बना दिया गया है। मोटी फीस वसूलने वाले स्कूल अपने शिक्षकों को दिहाड़ी मजदूर से भी बदतर समझते हैं। तीन-तीन विषयों का बोझ, क्लेरिकल काम, और छुट्टी मांगने या बीमार पड़ने पर सीधे सैलरी काटना आज स्कूलों का अलिखित नियम बन गया है। बड़ा सवाल यह है कि जिस देश में गुरु को भगवान का दर्जा प्राप्त है, वहां शिक्षकों की इस बदहाली पर सिस्टम खामोश क्यों है?
cg - SAWEWS அ गोरखपुर  '(UP) 04 IBI NEWS UPDATE गुरू या मजदूरः शिक्षा का सच युवा शिक्षिका अंकिता सिंह द्वारा नौकरी छोड़ने का वायरल वीडियो खोल रहा स्कूलों की पोल Follow Us On: SANews chhattisgarh @SANewsChannelcG SANewsin SAWEWS அ गोरखपुर  '(UP) 04 IBI NEWS UPDATE गुरू या मजदूरः शिक्षा का सच युवा शिक्षिका अंकिता सिंह द्वारा नौकरी छोड़ने का वायरल वीडियो खोल रहा स्कूलों की पोल Follow Us On: SANews chhattisgarh @SANewsChannelcG SANewsin - ShareChat
#जड़ी बूटी #cg
जड़ी बूटी - SANEws छत्तीसगढ एकनग़र सेहंत की ओर प्राकृतिक बॉडी फिल्टर पुनर्नवा शरीर की अंदरूनी सफाई और नई ऊर्जा का आयुर्वेदिक रहस्य @SANewsChannelcG SANEWSIN SANews Chhattisgarh SANEws छत्तीसगढ एकनग़र सेहंत की ओर प्राकृतिक बॉडी फिल्टर पुनर्नवा शरीर की अंदरूनी सफाई और नई ऊर्जा का आयुर्वेदिक रहस्य @SANewsChannelcG SANEWSIN SANews Chhattisgarh - ShareChat
#Aayurved #nature #health
Aayurved - LEIS छत्तीसगढ एकस्नहंत की ओर प्रकृति का अनमोल उपहार अलसी ُ छोटी सी बीज में छुपा , सेहत का बडा खजाना নিল, दिमाग और शरीर को ताकत वाला सुपरफूड @SANewsChannelcG SA News Chhattisgarh SANEWSIN LEIS छत्तीसगढ एकस्नहंत की ओर प्रकृति का अनमोल उपहार अलसी ُ छोटी सी बीज में छुपा , सेहत का बडा खजाना নিল, दिमाग और शरीर को ताकत वाला सुपरफूड @SANewsChannelcG SA News Chhattisgarh SANEWSIN - ShareChat
https://youtube.com/shorts/0gqdqH9U4jk?si=nAdS33Pa5E3Htp0s #गौ माता #जय गौ माता #गौ माता #जय गौ माता #जय गौ माता
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #spotlight #share #sharechat #spotlight vk
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - सबकी सुनें और सभी से सीखें, क्योंकि किसी को भी सबकुछ नहीं पता है, मगर हर कोई कुछ ना कुछ नया जानता है। ^ Congratulations puran On successfully completing the ShareChat Spotlight program Sharechat SPOILOHT सबकी सुनें और सभी से सीखें, क्योंकि किसी को भी सबकुछ नहीं पता है, मगर हर कोई कुछ ना कुछ नया जानता है। ^ Congratulations puran On successfully completing the ShareChat Spotlight program Sharechat SPOILOHT - ShareChat
#Suvichar #सुविचार
Suvichar - Today SANEWS हिमाचल प्रदेश Quote हर नया सवेरा कहता है कल की थकान छोड़ो , आज फिर शुरू करो। Folow us on: SANews Channel SANEWS.in SA Newa Himachal Pradesh Today SANEWS हिमाचल प्रदेश Quote हर नया सवेरा कहता है कल की थकान छोड़ो , आज फिर शुरू करो। Folow us on: SANews Channel SANEWS.in SA Newa Himachal Pradesh - ShareChat
#🌴पेड़ लगाएं🌍 #🌴🌴पेड़ लगाओ हरियाली लाओ🌴🌴 #मेरे गाँव का पेड़
🌴पेड़ लगाएं🌍 - मॉडल बना जिले के नाहरगढ़ में जंगली जानवर और पक्षी आने लगे গ্ীলবাভা যসথ্ান ক किसानने 5 साल में बंजर चरागाह पर जंगल उगा दिया जगदीश विजयवर्गीय | जयपुर ढाई साल में 5 लाख रुपए का पानी दिया जैविक जंगल... केवल देसी कहानी यह ऐसे बुजुर्ग   किसान बीज- खाद का प्रयोग किया राणावत ने बताया, चरागाह में की है जिसने सरकार को बंजर पानी नहीं था। हर १५ दिन पर किसान राणावत ने बताया , चरागाह पड़ी चरागाह पर ஈ 5 ಭF १६ टैंकर पानी देना पड़ता था। में भी केवल देसी बीजों और भरा   जिंगल एक टैंकर ५०० रु॰ का था। पानी देसी खाद का ही उपयोग किया। নিমা| देने में ही करीब 5 लाख रुपए ज्यादातर पौधे अब पेड़ बन चुके खेत की तरह ళ్ఞే खचं हुए। तब करीब २५०० पौधे हैं। पक्षी चहचहाते 31r ೯l नजर चरागाह   की लगाए थे। जो पौधा नष्ट होता, खरगोश, लोमड़ी जैसे वन्यजीव उन्होंने   दिन-्रात ५० बीघे में २५०० से ज्यादा पौधे रोपे। उसकी जगह दूसरा लगा देता। आने लगे हैं। देखभाल की। भगवत सिंह पंचायत प्रेरित हो रहींः " दूसरी इसो का नतीजा జ सिंह   राणावत। वे बताते हैं- किया। लेकिन चिंता थी कि पौधों की ನ बंजर चरागाह को आबाद होते देख है कि पहले जहां पथरीली उजाड़ मैं सड़क किनारे चरागाह की बंजर कैसे समुँरक्षन होगी। इसके लिए पास ग्रामीण भी आगे आए। जमीन थी राणावत वहां अब हजारों पेड- जमीन देखता थो तो मन में टीस बनास नदी में जिस व्यक्ति के के साथ जुटे। सिंचाई के लिए पौधे खडे हैं। थी। फिर मैंने साल २०२१ में उठती पास बजरी की लीज विधायक ঠন্দা) থা मद से बोरिंग और मोटर ये किसान हैं राजस्थान के भीलवाड़ा ಇ कंकड़ पत्थर हटाकर जमीन सही उससे आग्रह किया। उससे ५० बीघा सिंचाई्ीक् संस्त्रा लुर्गवाब्यंा बंसरस जिले 4 w पंचायत के की। गड्ढे खोदकर नीम, बड़़, पीपल जमीन पर तारबंदी कराई। इससे पौधे प्राम का संयंत्र लगवाया। इससे नाहरगढ़ निवासी ६० वर्षीय भगवत अमरूद आदि के पौधे लगाना शुरू सुरक्षित बढ़ने लगे। दूसरी पंचायत प्रेरित हो रहीं। इसद मॉडल बना जिले के नाहरगढ़ में जंगली जानवर और पक्षी आने लगे গ্ীলবাভা যসথ্ান ক किसानने 5 साल में बंजर चरागाह पर जंगल उगा दिया जगदीश विजयवर्गीय | जयपुर ढाई साल में 5 लाख रुपए का पानी दिया जैविक जंगल... केवल देसी कहानी यह ऐसे बुजुर्ग   किसान बीज- खाद का प्रयोग किया राणावत ने बताया, चरागाह में की है जिसने सरकार को बंजर पानी नहीं था। हर १५ दिन पर किसान राणावत ने बताया , चरागाह पड़ी चरागाह पर ஈ 5 ಭF १६ टैंकर पानी देना पड़ता था। में भी केवल देसी बीजों और भरा   जिंगल एक टैंकर ५०० रु॰ का था। पानी देसी खाद का ही उपयोग किया। নিমা| देने में ही करीब 5 लाख रुपए ज्यादातर पौधे अब पेड़ बन चुके खेत की तरह ళ్ఞే खचं हुए। तब करीब २५०० पौधे हैं। पक्षी चहचहाते 31r ೯l नजर चरागाह   की लगाए थे। जो पौधा नष्ट होता, खरगोश, लोमड़ी जैसे वन्यजीव उन्होंने   दिन-्रात ५० बीघे में २५०० से ज्यादा पौधे रोपे। उसकी जगह दूसरा लगा देता। आने लगे हैं। देखभाल की। भगवत सिंह पंचायत प्रेरित हो रहींः " दूसरी इसो का नतीजा జ सिंह   राणावत। वे बताते हैं- किया। लेकिन चिंता थी कि पौधों की ನ बंजर चरागाह को आबाद होते देख है कि पहले जहां पथरीली उजाड़ मैं सड़क किनारे चरागाह की बंजर कैसे समुँरक्षन होगी। इसके लिए पास ग्रामीण भी आगे आए। जमीन थी राणावत वहां अब हजारों पेड- जमीन देखता थो तो मन में टीस बनास नदी में जिस व्यक्ति के के साथ जुटे। सिंचाई के लिए पौधे खडे हैं। थी। फिर मैंने साल २०२१ में उठती पास बजरी की लीज विधायक ঠন্দা) থা मद से बोरिंग और मोटर ये किसान हैं राजस्थान के भीलवाड़ा ಇ कंकड़ पत्थर हटाकर जमीन सही उससे आग्रह किया। उससे ५० बीघा सिंचाई्ीक् संस्त्रा लुर्गवाब्यंा बंसरस जिले 4 w पंचायत के की। गड्ढे खोदकर नीम, बड़़, पीपल जमीन पर तारबंदी कराई। इससे पौधे प्राम का संयंत्र लगवाया। इससे नाहरगढ़ निवासी ६० वर्षीय भगवत अमरूद आदि के पौधे लगाना शुरू सुरक्षित बढ़ने लगे। दूसरी पंचायत प्रेरित हो रहीं। इसद - ShareChat
#🙏सुविचार📿 #❤️जीवन की सीख
🙏सुविचार📿 - QUOTE SA NEWS हिमाचल प्रदेश OFTHBDAY ٍ कदम छोटे हों तो भी चलना मत छोड़ो, मंज़िल दूरी से नहीं , हिम्मत से मिलती है। QUOTE SA NEWS हिमाचल प्रदेश OFTHBDAY ٍ कदम छोटे हों तो भी चलना मत छोड़ो, मंज़िल दूरी से नहीं , हिम्मत से मिलती है। - ShareChat