बढ़ती मौतों ने बढ़ाई चिंता |
नई दिल्ली | 19-01-2026: जापान में पहली पहचान के डेढ़ दशक
बाद दवा-प्रतिरोधी फंगस कैंडिडा ऑरिस दुनियाभर के अस्पतालों के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है। भारतीय वैज्ञानिकों के नेतृत्व में हुए नए अध्ययन से स्पष्ट हुआ है कि यह फंगस न केवल तेजी से फैल रहा है, बल्कि समय के साथ और अधिक खतरनाक रूप ले रहा है।
कैंडिडा ऑरिस ऐसा फंगस है जो इंसानी त्वचा पर आसानी से बस जाता है और अस्पतालों के वातावरण में लंबे समय तक टिके रहने की क्षमता रखता है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि यह कई एंटीफंगल दवाओं को बेअसर कर देता है, जिससे इलाज जटिल हो जाता है और असर देर से दिखाई देता है। विश्व स्तर पर आक्रामक फंगल संक्रमण तेजी से बढ़ रहे हैं और हर वर्ष लगभग 65 लाख लोग गंभीर संक्रमण की चपेट में आते हैं।
एंटीफंगल इलाज उपलब्ध होने के बावजूद इन मामलों में मृत्यु दर कई बार 50 फीसदी से अधिक दर्ज की जाती है। कैंडिडा ऑरिस प्लास्टिक, धातु और अन्य निर्जीव सतहों पर लंबे समय तक जीवित रह सकता है। यही कारण है कि यह अस्पतालों और आईसीयू में तेजी से फैलता है और संक्रमण का खतरा लगातार बना रहता है।
फंगल संक्रमण के इलाज के लिए वर्तमान में एंटीफंगल दवाओं के चार वर्ग उपलब्ध हैं, जिन्हें बीसवीं सदी के दूसरे हिस्से में विकसित किया गया था। इनका प्रभाव अलग-अलग स्तर का है और कैंडिडा ऑरिस के मामलों में इनमें से कई दवाएं बेअसर भी साबित होती हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि तीन नई दवाएं परीक्षण के चरण में हैं या हाल ही में मंजूरी पा चुकी हैं, जिससे भविष्य में इलाज के विकल्प बढ़ने की उम्मीद जगी है। #🌐 राष्ट्रीय अपडेट #health
जर्जर सड़कों पर जनाक्रोश |
SA News Chhattisgarh
अम्बिकापुर | 16/1/26 शहर सहित पूरे सरगुजा संभाग में
जर्जर सड़कों को लेकर नागरिकों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। आए दिन विरोध प्रदर्शनों के बावजूद सड़क मरम्मत और नए निर्माण को लेकर जनप्रतिनिधियों व प्रशासन की उदासीनता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसी बीच शासन-प्रशासन तातापानी और मैनपाट महोत्सव की तैयारियों में व्यस्त है, जिस पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जबकि शहर की सड़कें बदहाल हालत में हैं।
इसी मुद्दे को लेकर मंगलवार को सामाजिक कार्यकर्ता कैलाश #cg ambikapur #छत्तीसगढ़ अंबिकापुर #अंबिकापुर मिश्रा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में नागरिकों ने अम्बिकापुर के घड़ी चौक में प्रदर्शन किया। हाथों में बैनर-पोस्टर लेकर प्रदर्शनकारियों ने सड़कों की तत्काल मरम्मत और नए निर्माण की मांग उठाई। नागरिकों का कहना था कि बरसात समाप्त होने के बाद सड़कों के सुधार का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
प्रदर्शन के दौरान देवीगंज रोड और सदर रोड जैसे प्रमुख मार्गों की जर्जर स्थिति को लेकर खास नाराजगी देखने को मिली। इन मार्गों पर गड्डों और टूटे हिस्सों के कारण रोजाना दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है और आमजन को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
इस अवसर पर कैलाश मिश्रा ने कहा, "महोत्सव तो लगातार मनाए जा रहे हैं, लेकिन सड़क महोत्सव कब मनाया जाएगा?" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बजट में जिन सड़कों को डिवाइडर सहित फोरलेन बनाने की घोषणा की गई थी, उनके लिए न तो पर्याप्त वित्तीय प्रावधान किया गया और न ही काम शुरू हुआ।
ग्रीन टैक्स पर बड़ा सवाल वन क्षेत्र घटा, 2009 करोड़ के उपयोग पर NGT सख्त #🌐 राष्ट्रीय अपडेट #पर्यावरण संरक्षण ग्रुप BHSM #environment
तौल प्रक्रिया में हेराफेरी |
सूरजपुर | जयनगर स्थित कृषि उपज मंडी में धान खरीदी के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। किसानों का कहना है कि तौल प्रक्रिया में जानबूझकर गड़बड़ी कर उन्हें आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा रहा है, जबकि इसका लाभ कथित तौर पर कुछ अपात्र लोग उठा रहे हैं। इस मामले ने मंडी व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
किसानों के अनुसार, धान तौलते समय बोरी का मानक वजन घटाने की प्रक्रिया का पालन नहीं किया जा रहा। जहां नियमों के मुताबिक बोरी का वजन काटकर शुद्ध धान का वजन दर्ज होना चाहिए, वहीं आरोप है कि 40.300 किलोग्राम की जगह 41.700 किलोग्राम तक तौल दर्शाई जा रही है। इससे प्रति बोरी #Surajpur _news करीब 1 किलो या उससे अधिक धान किसानों से अतिरिक्त लिया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि यह गड़बड़ी केवल जयनगर मंडी तक सीमित नहीं है। आसपास के गांवों, विशेषकर कंन्द्रई और अन्य क्षेत्रों से आने वाले किसान भी इससे प्रभावित हैं। यदि इस कथित कटौती को कुल खरीदी से जोड़ा जाए, तो लाखों किलोग्राम धान और करोड़ों रुपये के संभावित नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
एक स्थानीय नागरिक द्वारा मंडी का मुआयना किए जाने के बाद यह मामला उजागर हुआ। किसानों का आरोप है कि मंडी प्रबंधन और कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से यह खेल लंबे समय से चल रहा है। उनका कहना है कि कुर्सी पर बैठे कुछ लोग अपनी मनमानी से अन्नदाताओं की मेहनत की कमाई पर डाका डाल रहे हैं। #सारसोरो सूरजपुर छ ग#
sarasoro dev dham #सूरजपुर थाना प्रभारी
रोहतास बिहार
एफआईआर करने का धमकी देते हुए पुलिस अधिकारी #cg news #छत्तीसगढ़
तकनीक से आगे, सोच और जिम्मेदारी की परीक्षा |
SA News Chhattisgarh
16-01-25 : भारत में Startup Day केवल एक तारीख नहीं, बल्कि देश के भविष्य को दिशा देने का अवसर है। यह दिन उत्सव से अधिक आत्ममंथन और तैयारी का प्रतीक है। इसका उद्देश्य युवाओं को यह समझाना है कि स्टार्टअप का अर्थ सिर्फ़ नया बिज़नेस शुरू करना नहीं, बल्कि समाज की वास्तविक समस्याओं को पहचानकर उनके प्रभावी और स्थायी समाधान प्रस्तुत करना है। जब सोच समाधान-केंद्रित होती है, तभी नवाचार का सही मूल्य सामने आता है।
समाधान सही मार्गदर्शन से ही निकलता है। यही नेक मार्गदर्शन आज पूरे मानव समाज को संत रामपाल जी महाराज जी के ज्ञान से प्राप्त होता है, जो स्पष्ट करता है कि आंतरिक सुधार के बिना बाहरी प्रगति अधूरी रहती है। यदि उद्यमिता, तकनीक और नवाचार को नैतिकता, करुणा और मानवीय मूल्यों से जोड़ा जाए, तो स्टार्टअप केवल आर्थिक सफलता तक सीमित नहीं रहते, बल्कि सामाजिक संतुलन और विश्वास का आधार बनते हैं।
यही दृष्टि Startup Day के मूल उद्देश्य को गहराई देती है। जहाँ भविष्य की तैयारी केवल तकनीक से नहीं, बल्कि मानवता, ज़िम्मेदारी और सेवा-भाव से होती है। सच्चा विकास वही है जो इंसान को इंसान बनाए और समाज को जोड़कर आगे बढ़ाए। स्वच्छता, नशामुक्ति, सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जागरूकता, आपदा के समय सहायता, भूखों को भोजन, जरूरतमंदों को समय पर निःशुल्क इलाज व रक्तदान-देहदान जैसे सभी कार्य उनके सानिध्य में निरंतर हो रहे हैं l ## National start up day #start-up #start#up#ideas #startup #national startup
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