ShareChatUser
ShareChat
click to see wallet page
@481322985
481322985
ShareChatUser
@481322985
मुझे ShareChat पर फॉलो करें!
#📰GK & करेंट अफेयर्स Students💡 #📚एजुकेशनल ज्ञान📝
📰GK & करेंट अफेयर्स Students💡 - GENERAL KNOWLEDGE ( सामान्य ज्ञान) मुगलसाम्राज्य की ओर से चंगेज खा का वंशज। पिता की ओर से तैमूर  সানা  बाबर १५१९ में भारत पर पहला आक्रमण किया। ಹ1 3179 १४९४ ई. में ११ वर्ष में फरगना (उज़्वेकिस्तान) की 71526-1530 गद्दी पर बैठा।  में कावुल " 1504 $ को जीता। मूल नामः जहीर उद्दीन मुहम्मद बावर राजधानीः आगरा  पानीपत की पिहली | युद्धभूमि में मारा गया)  विरोधीः इवाहीम लोदी (पहला शासक जो క్డీ लडाई युद्ध में पहली बार तोपों (Cannons) का उपयोग ~ युद्ध प्रणालीः "तुगमा " और उस्मानी  (१ अप्रैल १५२६) पद्धति वावर वनाम राणा सांगा (मालवा, मेवाड़ सहित राजपू्तों का गठबंधन) खलवाक युद्ध सागा की सैना मे महमूद लौदी ( इवाहीम लौदी का भाई) भी शामिल था।  राणा शक्ति को गहरा आघात  (1527 5) यह युद्ध बाबर की निर्णायक विजय थी जिससे " যাসপুলী কী : & पहुचा।  चंदेरी का युद्ध  मेदिनीराय (मालवा का शासक)  वावरवनाम चंदेरी किले को जीतकर वावर ने वहा की स्त्रियों द्वारा जोहर (self immolationl (5२8 ई ) की घटना का उल्लेख किया। घाथरा कायुद् वावर वनाम अफगान सेनाए ओर वंगाल के शासक नुसरत शाह यह बाबर का अंतिम युद्ध था और उसकी सत्ता की पूर्वी सीमा को सुरक्षित किया।  (15295) चंदेरी Trick  पानी घाघरा पहन मरगया पया खाया खाना का १५२८ चंदेरी १५२६ पानीपत १५२७ खानवा 1529 ঘাঘযা बाबर ने " चारयाग   शैली (फारसी उद्यान शली) को भारत मे आरभ किमा। (ಡ तुजुक ए॰्गाबरी ' तुर्की भाषा मे लियी (वाद मे फारसी मे  अपनी आत्मकभा  F3IT) |  अनवाद यायरनामा " की उपाथि दी। अद्दुल रहीम सान॰ए॰ खाना ने बाबर को శ్ల్ जैसे दो हिदू राज्गो का সধায गवर ने अपने सस्मरणो मे विजमनगर और तर्णन किमा। अब्दुल रहीम मृत्ुः २४ दिसंबर IS३० ई॰ को आगरा मे। खान एन्खाना पहले बहीं दफनामा गया, बाद मे काबुल मे पुनः समाधि बनाई ग्ई।  GENERAL KNOWLEDGE ( सामान्य ज्ञान) मुगलसाम्राज्य की ओर से चंगेज खा का वंशज। पिता की ओर से तैमूर  সানা  बाबर १५१९ में भारत पर पहला आक्रमण किया। ಹ1 3179 १४९४ ई. में ११ वर्ष में फरगना (उज़्वेकिस्तान) की 71526-1530 गद्दी पर बैठा।  में कावुल " 1504 $ को जीता। मूल नामः जहीर उद्दीन मुहम्मद बावर राजधानीः आगरा  पानीपत की पिहली | युद्धभूमि में मारा गया)  विरोधीः इवाहीम लोदी (पहला शासक जो క్డీ लडाई युद्ध में पहली बार तोपों (Cannons) का उपयोग ~ युद्ध प्रणालीः "तुगमा " और उस्मानी  (१ अप्रैल १५२६) पद्धति वावर वनाम राणा सांगा (मालवा, मेवाड़ सहित राजपू्तों का गठबंधन) खलवाक युद्ध सागा की सैना मे महमूद लौदी ( इवाहीम लौदी का भाई) भी शामिल था।  राणा शक्ति को गहरा आघात  (1527 5) यह युद्ध बाबर की निर्णायक विजय थी जिससे " যাসপুলী কী : & पहुचा।  चंदेरी का युद्ध  मेदिनीराय (मालवा का शासक)  वावरवनाम चंदेरी किले को जीतकर वावर ने वहा की स्त्रियों द्वारा जोहर (self immolationl (5२8 ई ) की घटना का उल्लेख किया। घाथरा कायुद् वावर वनाम अफगान सेनाए ओर वंगाल के शासक नुसरत शाह यह बाबर का अंतिम युद्ध था और उसकी सत्ता की पूर्वी सीमा को सुरक्षित किया।  (15295) चंदेरी Trick  पानी घाघरा पहन मरगया पया खाया खाना का १५२८ चंदेरी १५२६ पानीपत १५२७ खानवा 1529 ঘাঘযা बाबर ने " चारयाग   शैली (फारसी उद्यान शली) को भारत मे आरभ किमा। (ಡ तुजुक ए॰्गाबरी ' तुर्की भाषा मे लियी (वाद मे फारसी मे  अपनी आत्मकभा  F3IT) |  अनवाद यायरनामा " की उपाथि दी। अद्दुल रहीम सान॰ए॰ खाना ने बाबर को శ్ల్ जैसे दो हिदू राज्गो का সধায गवर ने अपने सस्मरणो मे विजमनगर और तर्णन किमा। अब्दुल रहीम मृत्ुः २४ दिसंबर IS३० ई॰ को आगरा मे। खान एन्खाना पहले बहीं दफनामा गया, बाद मे काबुल मे पुनः समाधि बनाई ग्ई। - ShareChat
#📚एजुकेशनल ज्ञान📝 #📰GK & करेंट अफेयर्स Students💡
📚एजुकेशनल ज्ञान📝 - ShareChat
#📚एजुकेशनल ज्ञान📝 #📰GK & करेंट अफेयर्स Students💡
📚एजुकेशनल ज्ञान📝 - ShareChat
#📚एजुकेशनल ज्ञान📝 #📰GK & करेंट अफेयर्स Students💡
📚एजुकेशनल ज्ञान📝 - गंगा नदी के उद्गम का नक्शा सतोपंथ ग्लेशियर धौली गंगा नदी (हिमनद) विष्णु गंगा नदी विष्णुप्रयाग संगम তীহীী সন नंदाकिनी नदी ೩ केदारनाथ नंदप्रयाग संगम मंदिर पिण्डार नदी मंदाकिनी नदी कर्णप्रयाग संगम रुद्रप्रयाग संगम गंगोत्री देवप्रयाग संगम ग्लेशियर भागीरथी नदी স্লীন ऋषिकेश टिहरी बांध »» नदी हरिद्वार भीलांगना नदी पंच प्रयागों की सूची महत्वपूर्ण तथ्य मिलने वाली नदियां #்Pஎ गंगा भारत की सबसे लंबी और विष्णु गंगा और धौली गंगा নিষ্সসযাযা पवित्र नदी है, जो हिमालय से नंदप्रयाग अलकनंदा और नंदाकिनी बंगाल की खाड़ी तक बहती है । पंच प्रयाग उत्तराखंड राज्य कर्णप्रयाग अलकनंदा और पिण्डार में स्थित हैं और हिंदू धर्म में अलकनंदा और मंदाकिनी रुद्रप्रयाग महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। अलकनंदा और भागीरथी देवप्रयाग गंगा नदी के उद्गम का नक्शा सतोपंथ ग्लेशियर धौली गंगा नदी (हिमनद) विष्णु गंगा नदी विष्णुप्रयाग संगम তীহীী সন नंदाकिनी नदी ೩ केदारनाथ नंदप्रयाग संगम मंदिर पिण्डार नदी मंदाकिनी नदी कर्णप्रयाग संगम रुद्रप्रयाग संगम गंगोत्री देवप्रयाग संगम ग्लेशियर भागीरथी नदी স্লীন ऋषिकेश टिहरी बांध »» नदी हरिद्वार भीलांगना नदी पंच प्रयागों की सूची महत्वपूर्ण तथ्य मिलने वाली नदियां #்Pஎ गंगा भारत की सबसे लंबी और विष्णु गंगा और धौली गंगा নিষ্সসযাযা पवित्र नदी है, जो हिमालय से नंदप्रयाग अलकनंदा और नंदाकिनी बंगाल की खाड़ी तक बहती है । पंच प्रयाग उत्तराखंड राज्य कर्णप्रयाग अलकनंदा और पिण्डार में स्थित हैं और हिंदू धर्म में अलकनंदा और मंदाकिनी रुद्रप्रयाग महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। अलकनंदा और भागीरथी देवप्रयाग - ShareChat
#📚एजुकेशनल ज्ञान📝 #📰GK & करेंट अफेयर्स Students💡
📚एजुकेशनल ज्ञान📝 - प्राचीन भारत के १६ महाजनपद एवं उनकी राजधानियाँ - বক্ক হ্ালক गणतांत्रिक प्रणाली वाले क्षेत्र वज्जि और मल्ल, इन दोनों महाजनपदों में शासन व्यवस्था गणतांत्रिक थी। प्रमुख महाजनपद और उनके प्रमुख नगर = (चंपा, जिसे पहले मालिनी के नाम से जाना जाता था- मुंगेर क्षेत्र ) ( गिरिब्रज, जिसे भी कहते हैं) > नपरावजपुर्ह : [ #8) कुशीनारा और जो देवरिया-गोरखपुर इलाके वाराणसी नगरी ) (श्रावस्ती और अयोध्या, फैजाबाद क्षेत्र ) (उत्तरी भाग की राजधानी अहिच्छत्र और दक्षिणी भाग की काम्पिल्य ) हन्वैप्रहथऔरि समोंथम्लराठक्षेऔ्रैर दक्षिण पूर्व हरियाणा शामिल था)  कौैशामबी, इला्हयबुाद करा बादा के आसपास ) (सम्तथुवातीनग नगरी ) शुक्तिमती ) या अश्मक ( पोतन अथवा पोटली ) अवन्ति ( उत्तरी भाग की उज्जैन और दक्षिणी भाग की माहिष्मती ) गांधार ( तक्षशिला, वर्तमान पाकिस्तान् में ) ६ कम्बोज ( हाटक या राजपुर, कश्मीर क्षेत्र ) अतिरिक्त रोचक तथ्य ये महाजनपद छठी शताब्दी ईसा पूर्व के आसपास अस्तित्व में थे। में इन सोलह महाजनपदों का उल्लेख बौद्ध ग्रंथ अंगुत्तर निकाय' मिलता है प्राचीन भारत के १६ महाजनपद एवं उनकी राजधानियाँ - বক্ক হ্ালক गणतांत्रिक प्रणाली वाले क्षेत्र वज्जि और मल्ल, इन दोनों महाजनपदों में शासन व्यवस्था गणतांत्रिक थी। प्रमुख महाजनपद और उनके प्रमुख नगर = (चंपा, जिसे पहले मालिनी के नाम से जाना जाता था- मुंगेर क्षेत्र ) ( गिरिब्रज, जिसे भी कहते हैं) > नपरावजपुर्ह : [ #8) कुशीनारा और जो देवरिया-गोरखपुर इलाके वाराणसी नगरी ) (श्रावस्ती और अयोध्या, फैजाबाद क्षेत्र ) (उत्तरी भाग की राजधानी अहिच्छत्र और दक्षिणी भाग की काम्पिल्य ) हन्वैप्रहथऔरि समोंथम्लराठक्षेऔ्रैर दक्षिण पूर्व हरियाणा शामिल था)  कौैशामबी, इला्हयबुाद करा बादा के आसपास ) (सम्तथुवातीनग नगरी ) शुक्तिमती ) या अश्मक ( पोतन अथवा पोटली ) अवन्ति ( उत्तरी भाग की उज्जैन और दक्षिणी भाग की माहिष्मती ) गांधार ( तक्षशिला, वर्तमान पाकिस्तान् में ) ६ कम्बोज ( हाटक या राजपुर, कश्मीर क्षेत्र ) अतिरिक्त रोचक तथ्य ये महाजनपद छठी शताब्दी ईसा पूर्व के आसपास अस्तित्व में थे। में इन सोलह महाजनपदों का उल्लेख बौद्ध ग्रंथ अंगुत्तर निकाय' मिलता है - ShareChat
#📚एजुकेशनल ज्ञान📝 #📰GK & करेंट अफेयर्स Students💡
📚एजुकेशनल ज्ञान📝 - भारत में प्रथम महिलाएं - प्रमुख हस्तियाँ लोकसभा अध्यक्ष के रूप में पहली महिला कौन थीं? उत्तरः श्रीमती मीरा कुमार अशोक चक्र से सम्मानित पहली महिला कौन थीं? उत्तरः नीरजा भनोट मिस वर्ल्ड का खिताब जीतने वाली प्रथम भारतीय महिलाः उत्तरः रीता फारिया मिस यूनिवर्स बनने वाली पहली भारतीय महिला कौन थीं? # মুস্সিনা  37: भारत की पहली मृहिला सांसद कौन बनीं ? उत्तरः राधाबाई सुबारायन दिल्ली की गदद्दी पर बैठने वाली प्रथम महिला शासिकाः रज़िया सुल्तान उत्तरः भारतीय महिला आई॰ए॰एस. अधिकारीः पहली उत्तरः अन्ना जॉर्ज किसी भारतीय राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्रीः सुचेता कृपलानी उत्तरः নালী সথম মকিলা: रत्न प्राप्त करने भारत उत्तरः इंदिरा गांधी अतिरिक्त जानकारीः भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी थीं। भारत की पहली राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल थीं। মাচলা भारत में प्रथम महिलाएं - प्रमुख हस्तियाँ लोकसभा अध्यक्ष के रूप में पहली महिला कौन थीं? उत्तरः श्रीमती मीरा कुमार अशोक चक्र से सम्मानित पहली महिला कौन थीं? उत्तरः नीरजा भनोट मिस वर्ल्ड का खिताब जीतने वाली प्रथम भारतीय महिलाः उत्तरः रीता फारिया मिस यूनिवर्स बनने वाली पहली भारतीय महिला कौन थीं? # মুস্সিনা  37: भारत की पहली मृहिला सांसद कौन बनीं ? उत्तरः राधाबाई सुबारायन दिल्ली की गदद्दी पर बैठने वाली प्रथम महिला शासिकाः रज़िया सुल्तान उत्तरः भारतीय महिला आई॰ए॰एस. अधिकारीः पहली उत्तरः अन्ना जॉर्ज किसी भारतीय राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्रीः सुचेता कृपलानी उत्तरः নালী সথম মকিলা: रत्न प्राप्त करने भारत उत्तरः इंदिरा गांधी अतिरिक्त जानकारीः भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी थीं। भारत की पहली राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल थीं। মাচলা - ShareChat
#📚एजुकेशनल ज्ञान📝 #📰GK & करेंट अफेयर्स Students💡
📚एजुकेशनल ज्ञान📝 - भारत में प्रमुख शिक्षा सुधार व आयोग (British Era) प्रारंभिक आधारशिला (Early Foundations) (ೊqql चार्ल्स वुड डिस्पैच भारतीय शिक्षा का मैग्ना कार्टा' कहा जाता ಕ 1854 (Governor  General: लॉर्ड डलहौजी ) प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षा के प्रसार पर जोर। हंटर आयोग 1882 (Viceroy : लॉर्ड रिपन) इन आयोगों का मुख्य उद्देश्य भारतीय शिक्षा को आधुनिक बनाना था २०वीं सदी के सुधार (२oth Century Reforms) उच्च शिक्षा में सुधारों के लिए गठित १९०२ : रैले आयोग (विश्वविद्यालय)  (Viceroy : लॉर्ड कर्जन) विश्वविद्यालय शिक्षा की समस्याओं का अध्ययन। १९१७ : सैडलर आयोग (Viceroy: लॉर्ड चेम्सफोर्ड) शिक्षा व्यय में कटौती के सुझाव 1923 : ಕೌಹ೯ 3ಾm (Viceroy: लॉर्ड रीडिंग) स्वतंत्रता पूर्व समितियाँ (Pre - Independence Committees)  प्राथमिक शिक्षा के स्तर में सुधार पर केंद्रित १९२९ : हार्टोग समिति (Viceroy : =IS 5<f4z प्रौढ़ शिक्षा के विकास हेतु HRa # १९२९ : लिंडसे आयोग (Viceroy : लॉर्ड इरविन) सार्जेंट आयोग - युद्धोपरांत शिक्षा विकास योजना _ 1944 (Viceroy : लॉर्ड वेवेल) अंग्रेजी माध्यम शिक्षा को बढ़ावा मिला  भारत में प्रमुख शिक्षा सुधार व आयोग (British Era) प्रारंभिक आधारशिला (Early Foundations) (ೊqql चार्ल्स वुड डिस्पैच भारतीय शिक्षा का मैग्ना कार्टा' कहा जाता ಕ 1854 (Governor  General: लॉर्ड डलहौजी ) प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षा के प्रसार पर जोर। हंटर आयोग 1882 (Viceroy : लॉर्ड रिपन) इन आयोगों का मुख्य उद्देश्य भारतीय शिक्षा को आधुनिक बनाना था २०वीं सदी के सुधार (२oth Century Reforms) उच्च शिक्षा में सुधारों के लिए गठित १९०२ : रैले आयोग (विश्वविद्यालय)  (Viceroy : लॉर्ड कर्जन) विश्वविद्यालय शिक्षा की समस्याओं का अध्ययन। १९१७ : सैडलर आयोग (Viceroy: लॉर्ड चेम्सफोर्ड) शिक्षा व्यय में कटौती के सुझाव 1923 : ಕೌಹ೯ 3ಾm (Viceroy: लॉर्ड रीडिंग) स्वतंत्रता पूर्व समितियाँ (Pre - Independence Committees)  प्राथमिक शिक्षा के स्तर में सुधार पर केंद्रित १९२९ : हार्टोग समिति (Viceroy : =IS 5<f4z प्रौढ़ शिक्षा के विकास हेतु HRa # १९२९ : लिंडसे आयोग (Viceroy : लॉर्ड इरविन) सार्जेंट आयोग - युद्धोपरांत शिक्षा विकास योजना _ 1944 (Viceroy : लॉर्ड वेवेल) अंग्रेजी माध्यम शिक्षा को बढ़ावा मिला - ShareChat
#📚एजुकेशनल ज्ञान📝 #📰GK & करेंट अफेयर्स Students💡
📚एजुकेशनल ज्ञान📝 - महत्वपूर्ण रसायनः नाम और उनके सूत्र और सूत्र प्रमुख यौगिक और उनके सूत्र रासायनिक नाम सामान्य = (मार्श गैस) = पानी (जल) CH4 H20 NaCl C2H6 नमक कास्टिक सोडा = NaOH C3H8 (रसोई गैस) : धावन सोडा = NazCO3 1OHzO C4H1o  LPG बेकिंग सोडा (खाने का सोडा) : NaHC03 CzHz विरंजक चूर्ण CaOClz ग्लूकोज C6H1206 चीनी / सुक्रोज ٩ CaS04 2H20 C12H22011 प्लास्टर ऑफ पेरिस = CaSO4 = Hzo स्टार्च = (CH1005)n चॉक / संगमरमर सिरका ( एसिटिक एसिड) : Cac03 CHzCOOH 7171 बिना बुझा चूना अल्कोहल = CzHsOH Ca0 बुझा हुआ चूना = Ca(OH)2 क्लोरोफॉर्म CHC3 नीला थोथा (कॉपर सल्फेट) यूरिया (उर्वरक) NHzCONH2 CuS04 5H20  ঐতীন C6H6 हरा कसीस = FeSO4  7HzO लाफिंग गैस N20 सफेद कसीस = ZnSO4  7HzO अमोनिया (तीखी गंध)  NH3 भारी जल तथ्यः कार्बनिक यौगिकों में कार्बन D20 तथ्यः अकार्बनिक यौगिकों में आमतौर मुख्य तत्व होता है। कार्बन-्हाइड्रोजन बंध नहीं होते। पर महत्वपूर्ण रसायनः नाम और उनके सूत्र और सूत्र प्रमुख यौगिक और उनके सूत्र रासायनिक नाम सामान्य = (मार्श गैस) = पानी (जल) CH4 H20 NaCl C2H6 नमक कास्टिक सोडा = NaOH C3H8 (रसोई गैस) : धावन सोडा = NazCO3 1OHzO C4H1o  LPG बेकिंग सोडा (खाने का सोडा) : NaHC03 CzHz विरंजक चूर्ण CaOClz ग्लूकोज C6H1206 चीनी / सुक्रोज ٩ CaS04 2H20 C12H22011 प्लास्टर ऑफ पेरिस = CaSO4 = Hzo स्टार्च = (CH1005)n चॉक / संगमरमर सिरका ( एसिटिक एसिड) : Cac03 CHzCOOH 7171 बिना बुझा चूना अल्कोहल = CzHsOH Ca0 बुझा हुआ चूना = Ca(OH)2 क्लोरोफॉर्म CHC3 नीला थोथा (कॉपर सल्फेट) यूरिया (उर्वरक) NHzCONH2 CuS04 5H20  ঐতীন C6H6 हरा कसीस = FeSO4  7HzO लाफिंग गैस N20 सफेद कसीस = ZnSO4  7HzO अमोनिया (तीखी गंध)  NH3 भारी जल तथ्यः कार्बनिक यौगिकों में कार्बन D20 तथ्यः अकार्बनिक यौगिकों में आमतौर मुख्य तत्व होता है। कार्बन-्हाइड्रोजन बंध नहीं होते। पर - ShareChat
#📚एजुकेशनल ज्ञान📝 #📰GK & करेंट अफेयर्स Students💡
📚एजुकेशनल ज्ञान📝 - बंगाल के शासकों का ऐतिहासिक क्रमः नवाबों का शासन अठारहवीं शताब्दी में बंगाल प्रांत, मुग़ल साम्राज्य के कमजोर होने के बाद, स्वतंत्र रूप से विकसित हुआ। यहाँ के शासकों को ` नवाब' कहा जाता था, जिन्होंने क्षेत्र की राजनीति और अर्थव्यवस्था को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित किया। प्रमुख नवाबों और उनके शासनकाल का अवलोकन मुर्शिद कुली खाँः (१७१७ - १७२७ ई. ) बंगाल की स्वतंत्रता के प्रणेता। शुजाउद्दद्दीन : (१७२७ 1739 క్ే ) शासन का विस्तार और सुदृढ़ीकरण| सरफ़राज खाँ: (१७३९ ~ १७४० ई. ) संक्षिप्त शासन काल अलीवर्दी खाँः (१७४० - १७५६ ई॰) + मराठा आक्रमणों का सामना किया। ಹ ಶಣ ` सिराजुद्ददौला : (१७५६ - १७५७ ई. ) प्लासी में अंग्रेजों से संघर्ष। अंग्रेजों के प्रभाव और हस्तक्षेप का काल ब्रिटिश समर्थन से गद्दी प्राप्त। 1760 క్షే )  मीर जाफ़रः (१७५७ मीर कासिमः (१७६० - १७६३ ई॰) + प्रशासनिक सुधारों का प्रयास| मुर्शिदाबाद दरबार मीर जाफ़र (पुनः): (१७६३ - १७६५ ई. ) बार शासन। दूसरी नज्मुद्ददौलाः (१७६५ - १७६६ ई॰) + कम उम्र में नवाब बने। में से एक।  १७७० ई॰) < अंतिम प्रमुख नवाबों शैफ़ उद् ्दौला: (१७६६  प्लासी का युद्ध, १७५७ अतिरिक्त महत्वपूर्ण जानकारी (तथ्य) : कुली खाँ के मुर्शिदाबाद शहर, जो नवाबों की राजधानी बना, का नाम मुर्शिद नाम पर रखा गया था। प्लासी का युद्ध (१७५७) भारतीय इतिहास में एक निर्णायक मोड़ था, जिसने बंगाल में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के प्रभुत्व की नींव रखी। बंगाल के शासकों का ऐतिहासिक क्रमः नवाबों का शासन अठारहवीं शताब्दी में बंगाल प्रांत, मुग़ल साम्राज्य के कमजोर होने के बाद, स्वतंत्र रूप से विकसित हुआ। यहाँ के शासकों को ` नवाब' कहा जाता था, जिन्होंने क्षेत्र की राजनीति और अर्थव्यवस्था को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित किया। प्रमुख नवाबों और उनके शासनकाल का अवलोकन मुर्शिद कुली खाँः (१७१७ - १७२७ ई. ) बंगाल की स्वतंत्रता के प्रणेता। शुजाउद्दद्दीन : (१७२७ 1739 క్ే ) शासन का विस्तार और सुदृढ़ीकरण| सरफ़राज खाँ: (१७३९ ~ १७४० ई. ) संक्षिप्त शासन काल अलीवर्दी खाँः (१७४० - १७५६ ई॰) + मराठा आक्रमणों का सामना किया। ಹ ಶಣ ` सिराजुद्ददौला : (१७५६ - १७५७ ई. ) प्लासी में अंग्रेजों से संघर्ष। अंग्रेजों के प्रभाव और हस्तक्षेप का काल ब्रिटिश समर्थन से गद्दी प्राप्त। 1760 క్షే )  मीर जाफ़रः (१७५७ मीर कासिमः (१७६० - १७६३ ई॰) + प्रशासनिक सुधारों का प्रयास| मुर्शिदाबाद दरबार मीर जाफ़र (पुनः): (१७६३ - १७६५ ई. ) बार शासन। दूसरी नज्मुद्ददौलाः (१७६५ - १७६६ ई॰) + कम उम्र में नवाब बने। में से एक।  १७७० ई॰) < अंतिम प्रमुख नवाबों शैफ़ उद् ्दौला: (१७६६  प्लासी का युद्ध, १७५७ अतिरिक्त महत्वपूर्ण जानकारी (तथ्य) : कुली खाँ के मुर्शिदाबाद शहर, जो नवाबों की राजधानी बना, का नाम मुर्शिद नाम पर रखा गया था। प्लासी का युद्ध (१७५७) भारतीय इतिहास में एक निर्णायक मोड़ था, जिसने बंगाल में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के प्रभुत्व की नींव रखी। - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - ShareChat