कर्म के विचार
1. कर्म ही मनुव्य की असली पहचान है, नाम और पद सी क्षणिक हैं।
2. जैसा कर्म करेमे, वैसा ही फल अवश्य मिलेगा।
3. अच्छे कर्म विना किसी दिखावे के करनें चाहिए।
4. भाग्य भी उन्हीं का साय देता है, जो कर्म में दिसास रखते हैं।
5. कर्म ही पूजा है, कर्म ही सव्वौं अक्ति है।
6. समय वदल सकता है, पर कर्मी का हिसाव नहीं वदलता।
7. बुरे कर्म आया की तरह पर्पोछे चलते हैं। #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏गीता ज्ञान🛕 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🌺राधा कृष्ण💞
8. सव्ये कर्म से आल्मा को साति मिलती हैं।