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#GodMorningTuesday #2026_की_सबसे_बड़ी_भविष्यवाणी . अधम सुल्तान बलख बुखारे का बादशाह सब तज के निज लिया फकीरी, अल्लाह नाम प्यारे का। खाते जा मुख लुकमा उमदा, मिसरी कन्द छुहारे का। सो अब खाते रूखा सूखा, टुकड़ा शाम सकारे का। जिस तन पहने खासा मलमल, तीन टंक नौ तारे का। सो अब भार उठावन लागे, गुद्दर सेर दस भारे का। चुन चुन कलियां सेज बिछाई, फूलां न्यारे न्यारे का। सो अब शयन करें धरती पर, कंकर नहीं बुहारे का। जिनके संग कटक दल बादल, झंडा न्यारे - न्यारे का। कहें कबीर सुनो भाई साधो, फक्कड़ हुआ अखाड़े का। Factful Debates YouTube Channel #संत राम पाल जी भगवान
संत राम पाल जी भगवान - इब्राहिम अधम মুলান কী मिले परमात्मा इब्राहिम अधम মুলান কী मिले परमात्मा - ShareChat
#GodMorningFriday #TrueWorship_CuresCancer . धर्म दास व कबीर साहिब जी की ज्ञान चर्चा धर्म दास वचन हम वैष्णव बैरागी, धर्म में सदा रहाई। सुद्र न बैठें संग, कलप ऐसी मन मांही।। सुन जिंदा मम ज्ञान कूं, अधिक अचार बिचार। हमरी करनी जो करै, उतरे भवजल पार।। धर्मदास जी ने कहा कि मैं वैष्णव पंथ से दीक्षित हूँ। मेरे को अपने परमात्मा विष्णु के प्रति पूर्ण वैराग्य है। सदा अपने हिन्दू धर्म में पुण्य के कार्य करता हूँ। हम शुद्र को निकट नहीं बैठने देते, यह हमारे मन की कल्पना है। हम शुद्ध, स्वच्छ रहते हैं। हे जिन्दा! हमारा ज्ञान सुन। हम अधिक आचार विचार यानि कर्मकाण्ड करते हैं। हमारी क्रिया जो करेगा, वह भवजल से पार हो जाएगा। कबीर जी ने कहा कि बोलैं धनी कबीर, सुनौं वैष्णव बैरागी। कौन तुम्हारा नाम, गाम कहिये बड़भागी। कौन कौंम कुल जाति, कहां को गवन किया है। कौन तुम्हारी रहसि, किन्हें तुम नाम दिया है।। कौन तुम्हारा ज्ञान ध्यान, सुमरण है भाई। कौन पुरूषकी सेव, कहां समाधि लगाई।। को आसन को गुफा, के भ्रमत रहौ सदाई। शालिग सेवन कीन, बहुत अति भार उठाई।। झोली झंडा धूप दीप, तुम अधिक आचारी। बोलै धनी कबीर, भेद कहियौं ब्रह्मचारी।। दोहा-हम कूं पार लंघावही, पार उजागर रूप। जिंद कहै धर्मदास सैं, तुम हो मुक्ति स्वरूप। कुल के मालिक कबीर परमेश्वर जी ने धर्मदास जी को एक महात्मा, स्वामी जी कहकर संबोधित किया ताकि यह मेरी पूर्ण बात सुन सके। परमात्मा ने प्रश्न किया कि हे वैष्णव बैरागी! हे भाग्यवान! आप अपना नाम तथा गाँव का नाम बताने की कृपा करें। आप किस वर्ण में जन्में हैं? अब आपको कहाँ जाना है? आपका निवास यानि संत डेरा कहाँ है? आपको किस गुरू ने नाम दिया है?आप किस नाम का स्मरण करते हैं? आप किस प्रभु के पुजारी हैं? कहाँ पर समाधि लगाते हो? आप किसी गुफा में रहते हो या कोई स्थाई स्थान यानि डेरा बनाया है या सदा भ्रमण करते रहते हो? आपने शालिगराम यानि मूर्तियों की पूजा की है। यह बहुत भार उठाया हुआ है। हे ब्रह्मचारी! मुझे इस साधना का ज्ञान बताएँ। मैं भक्ति करने का इच्छुक हूँ। मुझे सच्ची साधना का ज्ञान बताने वाला कोई नहीं मिला है। आप धूप, दीप, झोली, झंडा आदि लिए हो। आप तो अधिक कर्मकांडी हो। आप बहुत भक्ति करने वाले लगते हो। सबके मालिक कुल धनी कबीर जी ने जिंदा बाबा के वेश में धर्मदास जी से निवेदन किया कि आप तो मुक्ति के दाता हैं। मेरे को भी पार करो। आपका चेहरा बताता है कि आप महान आत्मा हैं। धर्मदास ने बताया कि बांदौगढ़ है गाम, नाम धर्मदास कहीजै। वैश्य कुली कुल जाति, शुद्र की नहीं बात सुनीजै।। सिर्गुण ज्ञान स्वरूप, ध्यान शालिग की सेवा। मलागीर छिरकंत, संत सब पुजै देवा।। अठसठि तीरथ न्हांन, ध्यान करि करि हम आये। पुजै शालिगराम, तिलक गलि माल चढायै।। धूप दीप अधिकार, आरती करैं हमेशा। राम कृष्ण का जाप, रटत हैं शंकर शेषा। नेम धर्म सें नेह, सनेह दुनियां से नांहीं। आरूढं बैराग, औरकी मानौं नांहीं। सुनि जिंदे मम धर्म कूं, वैष्णव रूप हमार। अठसठि तीरथ हम किये, चीन्हा सिरजनहार।। धर्मदास जी अपनी प्रशंसा सुनकर मन-मन में हर्षित हुआ तथा अपना परिचय बताया। मेरा गाँव-बांधवगढ़ मध्यप्रदेश प्रान्त में है। मेरे को धर्मदास कहते हैं। मेरी कुल जाति वैश्य है। हम शुद्र से बात नहीं करते। मैं सर्गुण परमात्मा के स्वरूप शालिग की पूजा करता हूँ। चंदन छिड़कता हूँ। सब संत इसी प्रकार देवताओं की पूजा करते हैं। मैं अड़सठ तीर्थों के स्नान के लिए निकला हूँ। कुछ पर स्नान कर आया हूँ। वहाँ ध्यान व पूजा करके आया हूँ। हम शालिगराम की पूजा करते हैं, तिलक लगाते हैं। गले में माला डालते हैं। इस तरह सर्गुण परमात्मा रूप में मूर्ति की पूजा करते हैं। धूप लगाते हैं, देशी घी की ज्योति जलाते हैं। आरती प्रतिदिन सदा करते हैं। राम कृष्ण का जाप जपते हैं। शंकर भगवान तथा शेष नाग की पूजा करते हैं। मैं तो सदा अपने नित्य नियम यानि भक्ति कर्म में लगा रहता हूँ। मुझे संसार से कोई प्रेम नहीं है। मैं अपने वैष्णव धर्म पर पूर्ण रूप से आरूढ़ हूँ। अन्य किसी के धर्म के ज्ञान को नहीं मानता। हे जिन्दा! मेरे धर्म के विषय में सुन! मेरा वैष्णव धर्म है। मेरी वैष्णव वेशभूषा है। मैंने अड़सठ तीर्थों पर भ्रमण कर के सबके उत्पत्तिकर्ता परमात्मा को चिन्हा है यानि प्राप्त किया है। कबीर साहिब जी ने कहा कि बौलै जिन्दा बैंन, कहां सें शालिंग आये। को अठसठिका धाम, मुझैं ततकाल बताये।। राम कृष्ण कहां रहै, नगर वह कौन कहावै। ये जड़वत हैं देव, तास क्यौं घंट बजावै।। सुनहि गुनहि नहीं बात, धात पत्थर के स्वामी। कहां भरमें धर्मदास, चीन्ह निजपद निहकामी।। आवत जात न कोय, हम ही अलख अबिनाशी सांई। रहत सकल सरबंग, बोलि है जहाँ तहाँ सब मांही।। बोलत घट घट पूर्ण ब्रह्म, धर्म आदू नहीं जाना। चिदानंदकौं चीन्ह, डारि पत्थर पाषाणा।। राम कृष्ण कोट्यौं गये, धनी एक का एक। जिंद कहै धर्मदाससैं, बूझौं ज्ञान बिबेक।। बूझौं ज्ञान बिबेक, एक निज निश्चय आनं। दूजा दोजिख जात, कहा पूजो पाषानं।। शिला न शालिगराम, प्रतिमा पत्थर कहावै। पत्थर पीतल घात बूड़ जल दरीया जावै।। कूटि घड्या घनसार, लगी है टांकी ज्याकै। चितर्या बदन बनाय, ऐसी पूजा को राखै।। जलकी बूंद जिहान, गर्भ में साज बनाया। दश द्वार की देह, नेहसैं मनुष्य कहाया।। जठर अग्नि में राखि, साखि सुनियौं धर्मदासा। तजि पत्थर पाषान, छाडि़ यह बोदी आशा।। अनंत कोटि ब्रह्मांड रचि, सब तजि रहै नियार। जिंद कहैं धर्मदाससूं, जाका करो बिचार।। जाका करौ बिचार, सकल जिन सृष्टि रचाई। वार पार नहीं कोय, बोलता सब घट माहीं।। अजर आदि अनादि, समाधि स्वरूप बखाना। दम देही नहीं तास, अभय पद निरगुण जान्या।। सकल सुनि प्रवान, समानि रहै अनुरागी। तुम्हरी चीन्ह न परैं, सुनौं वैष्णव बैरागी।। अलख अछेद अभेद, सकल ज्यूनीसैं न्यारा। बाहरि भीतरि पूर्णब्रह्म, आश्रम अधरि अधारा।। अलख अबोल अडोल, संगि साथी नहीं कोई। परलो कोटि अनंत, पलक में अनगिन होई।। अजर अमर पद अभय है, अबिगत आदि अनादि। जिंद कहै धर्मदास सैं, जा घर विद्या न बाद।। कबीर परमेश्वर वचन जिंदा रूप में परमेश्वर कबीर जी ने तर्क वितर्क करके यथार्थ अध्यात्म ज्ञान समझाया। प्रश्न किया कि जो शालिगराम लिए हुए हो, ये किस लोक से आए हैं? अड़सठ तीर्थ के स्नान व भ्रमण से किस लोक में साधक जाएगा? यह तत्काल बता। राम तथा कृष्ण कौन-से लोक में रहते हैं? जिनको आप शालिगराम कहते हो, ये तो जड़ हैं। इनके सामने घंटा बजाने का कोई लाभ नहीं। ये न सुन सकते हैं, न बोल सकते हैं। ये तो पत्थर या अन्य धातु से बने हैं। हे धर्मदास! कहाँ भटक रहे हो? सतलोक को पहचान। जिस परमेश्वर की शक्ति से प्रत्येक जीव बोलता है, हे धर्मदास! उसको नहीं जाना। चिदानंद परमेश्वर को पहचान। इन पत्थर व धातु को पटक दे। परमेश्वर कबीर जी जिंदा बाबा ने कहा कि हे धर्मदास! राम-कृष्ण तो करोड़ों जन्म लेकर मर लिए। मालिक सदा से एक ही है। वह कभी नहीं मरता। आप विवेक से काम लो। ये आपके पत्थर व पीतल धातु के भगवानों को दरिया में छोड़कर देखो, डूब जाएँगे तो ये आपकी क्या मदद करेंगे? इनको मूर्तिकार ने काट-पीट, कूटकर इनकी छाती पर पैर रखकर काटकर रूप दिया। इनका रचनहार तो कारीगर है। ये जगत के उत्पत्तिकर्ता व दुःख हरता कैसे हैं? ऐसी पूजा कौन करे? जिस परमेश्वर ने माता के गर्भ में रक्षा की, खान-पान दिया, सुरक्षित जन्म दिया, उसकी भक्ति कर। यह पत्थर-पीतल तथा तीर्थ के जल की पूजा की कमजोर आशा त्याग दे। जिंदा बाबा ने कहा कि जो पूर्ण परमात्मा सब सृष्टि की रचना करके इससे भिन्न रहता है। अपनी शक्ति से सब ब्रह्माण्डों को चला व संभाल रहा है, उसका विचार कर।उसका शरीर श्वांस से नहीं चलता। वह सबसे ऊपर के लोक में रहता है। आपकी समझ में नहीं आता है। उसकी शक्ति सर्वव्यापक है। उसका आश्रम अधर अधार यानि सबसे ऊपर है। वह अजर अमर अविनाशी है। Sa TrueStory YouTube Savior of the World Sant Rampal Ji Maharaj #संत राम पाल जी भगवान
संत राम पाल जी भगवान - शतू ঐরনিষ हम वैष्णव बैरागी , धर्म में सदा रहाई। सद्र न बैठें संग . कलप ऐसी मन मांही। | शतू ঐরনিষ हम वैष्णव बैरागी , धर्म में सदा रहाई। सद्र न बैठें संग . कलप ऐसी मन मांही। | - ShareChat
#GodMorningFriday #TrueWorship_CuresCancer . कबीर, मौत बिसारी बावरे, अचरज किया कौन। तन माटी मे मिल जाएगा, जो आटे में लोन।। कबीर साहेब जी कहते हैं कि मानव अपनी मौत को भूले बैठा है। इससे बड़ा आश्चर्य और क्या होगा। यह शरीर इस प्रकार इस माटी में मिल जायेगा जै आटे में नमक डालकर मिलाया जाता है। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज Sa TrueStory YouTube Savior of the World Sant Rampal Ji Maharaj #संत राम पाल जी भगवान
संत राम पाल जी भगवान - बेत मक्त డ్డీ संदेश ६ মীল নিমাহী अचरज किया कौन। मूर्खा, मिट्टी में मिल जाएगा , ज्यों आटे में लौन।। নন हे मूर्ख मानव! तूने कैसा आश्चर्य कर रखा है कि मृत्यु को भूला है। तेरा शरीर एक ढिन मृत्यु को प्राप्त होकर मिट्टी में मिल जाएगा। तेरा [೯೯' भी दिखाई नही ढेगा। जैसे आटे में नमक নাম-নিংান যানি मिलने पर दिखाई नही ढेता। है कि मृत्यु का दिन भूलकर ही मनुष्य ( स्त्री - पुरूष )  भावार्थ  स्वार्थवश गलतियाँ करता है और संसार में बेफिक रहता है। यढि मृत्यु याढ है तो मानव कभी पाप व गफलत नही कर सकता। तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज SPIRITUAL LEADER SANT RAMPALJI @SAINTRAMPALJIM SUPREMEGODORG SAINT RAMPAL Ji MAHARAJ बेत मक्त డ్డీ संदेश ६ মীল নিমাহী अचरज किया कौन। मूर्खा, मिट्टी में मिल जाएगा , ज्यों आटे में लौन।। নন हे मूर्ख मानव! तूने कैसा आश्चर्य कर रखा है कि मृत्यु को भूला है। तेरा शरीर एक ढिन मृत्यु को प्राप्त होकर मिट्टी में मिल जाएगा। तेरा [೯೯' भी दिखाई नही ढेगा। जैसे आटे में नमक নাম-নিংান যানি मिलने पर दिखाई नही ढेता। है कि मृत्यु का दिन भूलकर ही मनुष्य ( स्त्री - पुरूष )  भावार्थ  स्वार्थवश गलतियाँ करता है और संसार में बेफिक रहता है। यढि मृत्यु याढ है तो मानव कभी पाप व गफलत नही कर सकता। तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज SPIRITUAL LEADER SANT RAMPALJI @SAINTRAMPALJIM SUPREMEGODORG SAINT RAMPAL Ji MAHARAJ - ShareChat
#GodMorningFriday #TrueWorship_CuresCancer . गरीब, पिंड परे पक्षी उड्या, मन सूवा सति भाय। तन त्रिगुण तीनौं तजे, कहौ कहां रहे समाय।। गरीब दास जी महाराज ने बताया कि शरीर का समय समाप्त होने पर जीवात्मा पक्षी की तरह उड़ जाता है। मन रूपी (सूवा) तोता शरीर से निकलकर चला जाता है। फिर कहाँ जाता है? भक्त सतलोक चला जाता है। पामर प्राणी नरक चला जाता है। फिर अपने कर्मों के अनुसार भरमता भटकता रहता है। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज Sa TrueStory YouTube Savior of the World Sant Rampal Ji Maharaj #संत राम पाल जी भगवान
संत राम पाल जी भगवान - गरीब , पिंड परे पक्षी उड्या , मन सूवा सति भाय। तीनौं तजे , त्रिगुण नन என்சப शरीर का समय समाप्त होने पर जीवात्मा पक्षी की तरह उड़ जाता है। मन रुपी (सूवा ) तोता शरीर से निकलकर चला जाता है। फिर कहाँ जाता है? भक्त सतलोक चला जाता है। पामर प्राणी नरक चला जाता है। फिर कर्मों के अनुसार भ्रमता - भटकता है। जगतगुरु तत्वदर्शी सत रापपल जी महाराज SANT RAMPAL Jl SPIRITUAL LEADER SUPREMEGOD.OR6 @SAINTRAMPALIM SAINT RAMPAL Jl MAHAPAJ गरीब , पिंड परे पक्षी उड्या , मन सूवा सति भाय। तीनौं तजे , त्रिगुण नन என்சப शरीर का समय समाप्त होने पर जीवात्मा पक्षी की तरह उड़ जाता है। मन रुपी (सूवा ) तोता शरीर से निकलकर चला जाता है। फिर कहाँ जाता है? भक्त सतलोक चला जाता है। पामर प्राणी नरक चला जाता है। फिर कर्मों के अनुसार भ्रमता - भटकता है। जगतगुरु तत्वदर्शी सत रापपल जी महाराज SANT RAMPAL Jl SPIRITUAL LEADER SUPREMEGOD.OR6 @SAINTRAMPALIM SAINT RAMPAL Jl MAHAPAJ - ShareChat
#संत राम पाल जी भगवान आस्था है कि सच्ची भक्ति से मन, तन और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है। https://youtu.be/20Tti8OQM4Y?si=kgLcKTQ4GJdzP25B Sa TrueStory YouTube
संत राम पाल जी भगवान - a छुटकारा संत रामपाल जी महाराज जी से नाम उपदेश लेने से सभी रोग नाश हो जाते हैं। True जानकारी YouTube अधक Story के लिए देखें Channel Mincles e 41 f SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL JI SUPREMEGODORG @SAINTRAMPALJIM SAINT RAMPAL Jl MAHARAJ a छुटकारा संत रामपाल जी महाराज जी से नाम उपदेश लेने से सभी रोग नाश हो जाते हैं। True जानकारी YouTube अधक Story के लिए देखें Channel Mincles e 41 f SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL JI SUPREMEGODORG @SAINTRAMPALJIM SAINT RAMPAL Jl MAHARAJ - ShareChat
#संत राम पाल जी भगवान आस्था है कि सच्ची भक्ति से मन, तन और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है। https://youtu.be/20Tti8OQM4Y?si=kgLcKTQ4GJdzP25B Sa TrueStory YouTube
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00:42
Ask and you get iron, without asking you get pearls! The effect of Sant Rampal Ji's amazing teachings. Four couples at Satlok Ashram Bhiwani (Haryana) renounced dowry, giving a positive direction to society. #अब_भारत_बनेगा_दहेज_मुक्त #MissionOfSantRampalJi #SantRampalJiMaharaj #wedding #marriage #KabirisGod #संत राम पाल जी भगवान
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Ask and you get iron, without asking you get pearls! The effect of Sant Rampal Ji's amazing teachings. Four couples at Satlok Ashram Bhiwani (Haryana) renounced dowry, giving a positive direction to society. #अब_भारत_बनेगा_दहेज_मुक्त #MissionOfSantRampalJi #SantRampalJiMaharaj #wedding #marriage #KabirisGod #संत राम पाल जी भगवान
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02:00
यह भ्रम तोड़ने के लिए कि जो मगहर में मरता है वह गधा बनता है और काशी में मरने वाला स्वर्ग जाता है। (बन्दी छोड़ कहते थे कि सही विधि से भक्ति करने वाला प्राणी चाहे वह कहीं पर प्राण त्याग दे वह अपने सही स्थान पर जाएगा।) नादानों का भ्रम निवारण करने के लिए कबीर साहेब ने कहा कि मैं मगहर में मरूँगा और सभी ज्योतिषी देख लेना कि मैं कहाँ जाऊँगा? नरक में जाऊँगा या स्वर्ग से भी ऊपर सतलोक में। कबीर परमात्मा सशरीर मगहर से सतलोक गए। उनके शरीर की जगह सुगंधित फूलों का ढेर मिला। हिंदू राजा बीर सिंह बघेल और मुस्लिम राजा बिजली खाँ पठान को कबीर परमात्मा ने सतलोक जाने से पहले कहा जो मेरे जाने के बाद मिले आधा आधा बांट लेना। दो चद्दर और सुगंधित फूल मिले, परमात्मा का शरीर नहीं मिला था। बीरसिंघ बघेला करै बीनती, बिजली खाँ पठाना हो। दो चदरि बकसीस करी हैं, दीनां यौह प्रवाना हो।। #पहचान_अविनाशी_प्रभु_की #GodKabirNirvanDiwas #कबीर_परमेश्वर_निर्वाण_दिवस #NirvanDiwasOfGodKabir #moksha #salvation #ganges #maghar #kashi #banaras #varanasi #nirvana #jaishreeram #hanumanchalisa #sanatandharma #संत राम पाल जी भगवान
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Without devotion in accordance with the scriptures, nothing will be of any benefit, even if you get your neck slit with a sword in Kashi. Some intellectuals used to think that kings renounced their kingdoms to attain heaven. By going into the forest.... #meditation #yoga #jaishreeram #hanumanchalisa #sanatandharma #SaintRampalJi #संत राम पाल जी भगवान
संत राम पाल जी भगवान - Even theultimate sacrificeoftheself didnot bring Moksha Kabir Tilbhar machhli khayke, koti gau de daan. Kashi karaut le marai tau bhi narak nidaan killing' God kobir Sohib Ji teoches thot the sn ol living being for food cannot be offset by charity: | Even the supreme act of giving away millions of | cows in 'Gau Daan' becomes worthless if one| consurnes flesh No amount of religious penance even dying dholy deothin Koshi con sove such asoul from the deptns of hell Jogotguru Tottvodorshi Sont Rompol JiMohoroj Sant Rampal Ji YOUTUBE fre" Buuk : Maharaj CHANNEL 749guube5  Vnl Rmlal< Even theultimate sacrificeoftheself didnot bring Moksha Kabir Tilbhar machhli khayke, koti gau de daan. Kashi karaut le marai tau bhi narak nidaan killing' God kobir Sohib Ji teoches thot the sn ol living being for food cannot be offset by charity: | Even the supreme act of giving away millions of | cows in 'Gau Daan' becomes worthless if one| consurnes flesh No amount of religious penance even dying dholy deothin Koshi con sove such asoul from the deptns of hell Jogotguru Tottvodorshi Sont Rompol JiMohoroj Sant Rampal Ji YOUTUBE fre" Buuk : Maharaj CHANNEL 749guube5  Vnl Rmlal< - ShareChat