Mansi soni
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#✍मेरे पसंदीदा लेखक #📒 मेरी डायरी #☝ मेरे विचार #🥰Express Emotion #📚कविता-कहानी संग्रह
✍मेरे पसंदीदा लेखक - लोग रूठ जाते हैं मुझसे और मुझे मनाना नहीं आता मैं चाहता हूँ क्या मुझे जताना नहीं आता आंसुओं को पीना आदत है पुरानी मुझे आंसू बहाना नहीं आता, लोग कहते हैं मेरा दिल है पत्थर का इसलिए इसको पिघलना नहीं आता कहूं मैं अब क्या क्या आता है॰ क्या नहीं आता बस मुझे मौसम की तरह बदलना नही आता eLOVEU_TU लोग रूठ जाते हैं मुझसे और मुझे मनाना नहीं आता मैं चाहता हूँ क्या मुझे जताना नहीं आता आंसुओं को पीना आदत है पुरानी मुझे आंसू बहाना नहीं आता, लोग कहते हैं मेरा दिल है पत्थर का इसलिए इसको पिघलना नहीं आता कहूं मैं अब क्या क्या आता है॰ क्या नहीं आता बस मुझे मौसम की तरह बदलना नही आता eLOVEU_TU - ShareChat
#📚कविता-कहानी संग्रह #🥰Express Emotion #☝ मेरे विचार #📒 मेरी डायरी #✍मेरे पसंदीदा लेखक
📚कविता-कहानी संग्रह - सुन्दर कविता जिसके अर्थ काफी गहरे हॅ॰.०.०  #..எு- a8 जमाने को जिंदगी को उम्र के साथ ढंग बदलते देखा हे . [ वो লী বলন ঐ .. নী থী৫ ব বলন ক্া होता था गुमान.. उनको भी .. पॉव उठाने के लिए को तरसते देखा हे !! सहारे सहम जाते थे लोग . जिनकी ஈகி चमक देख की तरह ~~ रोते देखा हे ॰. !! नजर्रों को . उन्ही बरसात इशारे से . ट्ूट जाते थे .. पत्यर  ஸரக जिनके जरा से उन्ही . हार्थों को परत्तों की तरह थर थर काँपते देखा हे  !! जिनकी आवाज़ से कभी बिजली के कड़कने का চীনা থা সসে  8 उनके होठों पर भी चुप्पी !! का ताला लगा जबरन . ये दौलत ~~ सब कुदरत की ঐ অবানী इनायत है ये ताकत बेजान हुआ देखा है ... ! इनके .. रहते हुए भी . ்த ~~ इतराना ~~ मेरे .. यार्रो . अपने इतना ना आज पर मजबूर हुआ देखा है . a7h ಹ 877 ಕ अच्छे अर्च्छों को ~~ !!! सको......तो किसी को खुश कये.....ः कर ....নী চআার্যী ক্ী ঠতা ষ... दुःख देते OLOVE3_YU XI 1 सुन्दर कविता जिसके अर्थ काफी गहरे हॅ॰.०.०  #..எு- a8 जमाने को जिंदगी को उम्र के साथ ढंग बदलते देखा हे . [ वो লী বলন ঐ .. নী থী৫ ব বলন ক্া होता था गुमान.. उनको भी .. पॉव उठाने के लिए को तरसते देखा हे !! सहारे सहम जाते थे लोग . जिनकी ஈகி चमक देख की तरह ~~ रोते देखा हे ॰. !! नजर्रों को . उन्ही बरसात इशारे से . ट्ूट जाते थे .. पत्यर  ஸரக जिनके जरा से उन्ही . हार्थों को परत्तों की तरह थर थर काँपते देखा हे  !! जिनकी आवाज़ से कभी बिजली के कड़कने का চীনা থা সসে  8 उनके होठों पर भी चुप्पी !! का ताला लगा जबरन . ये दौलत ~~ सब कुदरत की ঐ অবানী इनायत है ये ताकत बेजान हुआ देखा है ... ! इनके .. रहते हुए भी . ்த ~~ इतराना ~~ मेरे .. यार्रो . अपने इतना ना आज पर मजबूर हुआ देखा है . a7h ಹ 877 ಕ अच्छे अर्च्छों को ~~ !!! सको......तो किसी को खुश कये.....ः कर ....নী চআার্যী ক্ী ঠতা ষ... दुःख देते OLOVE3_YU XI 1 - ShareChat
#📒 मेरी डायरी #☝ मेरे विचार #🥰Express Emotion #📚कविता-कहानी संग्रह
📒 मेरी डायरी - 6 Two roads diverged in ೩ yellow wood And sorry could not travel both, long | stood, And be one traveller; And looked down one as far as could To where it bent in the undergrowth] Then took the same And having perhaps the safer claim. Because every step felt soft and sure Mapped by countless souls before The trodded paved ೩ 01 eas0 path walked lines where voices lingered still, Echoes of familiarity and tales live Following where others had already gone; Tracing the old rhymes not new born. took the path clear And telling this with ೩ sigh, Ishall bel Somewhere ages and ages hence ~ Not every choice rewrites the tale n   Not every journey must be bold. ~ took the path of many feet, 4441414 [ು 6 { ~ n And found my place among their fold ~ 6 Two roads diverged in ೩ yellow wood And sorry could not travel both, long | stood, And be one traveller; And looked down one as far as could To where it bent in the undergrowth] Then took the same And having perhaps the safer claim. Because every step felt soft and sure Mapped by countless souls before The trodded paved ೩ 01 eas0 path walked lines where voices lingered still, Echoes of familiarity and tales live Following where others had already gone; Tracing the old rhymes not new born. took the path clear And telling this with ೩ sigh, Ishall bel Somewhere ages and ages hence ~ Not every choice rewrites the tale n   Not every journey must be bold. ~ took the path of many feet, 4441414 [ು 6 { ~ n And found my place among their fold ~ - ShareChat
#📚कविता-कहानी संग्रह #🥰Express Emotion #☝ मेरे विचार #📒 मेरी डायरी
📚कविता-कहानी संग्रह - चाहू मैं भी लिखना  अपनी दास्तान को एक कोरे कागज़ पर, उमड़ दू मैं अपने सारे जज़्बातों को सारे ख्वाबों को एक कोरे कागज़ पर लिख दूं सबकुछ मैं  अपने बारे में गहराई से लेकिन अभी किसी की ট নাক্ধী भूमिका  अहम मेरी इस कहानी में तो कैसे लिख दूं मैं सबकुछ एक कोरे कागज़ पर ~writer varsha चाहू मैं भी लिखना  अपनी दास्तान को एक कोरे कागज़ पर, उमड़ दू मैं अपने सारे जज़्बातों को सारे ख्वाबों को एक कोरे कागज़ पर लिख दूं सबकुछ मैं  अपने बारे में गहराई से लेकिन अभी किसी की ট নাক্ধী भूमिका  अहम मेरी इस कहानी में तो कैसे लिख दूं मैं सबकुछ एक कोरे कागज़ पर ~writer varsha - ShareChat
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📒 मेरी डायरी - एक ऐसी स्त्री बनो जिसके pocket में पैसा, मन में ज्ञान... दिल में दया, चेहरे पर आत्मविश्वास, आत्मा में जिम्मेदारी हो Manisha एक ऐसी स्त्री बनो जिसके pocket में पैसा, मन में ज्ञान... दिल में दया, चेहरे पर आत्मविश्वास, आत्मा में जिम्मेदारी हो Manisha - ShareChat
#🥰Express Emotion #☝ मेरे विचार #📒 मेरी डायरी
🥰Express Emotion - टूटी कलम, अधूरे शब्द क्या आज भी हम आजाद है आज़ाद हैं? भी हम  क्या आज इसी चीज पर उठते सवाल हैं... कहने को हम स्वतंत्र भारत के निवासी हैं पर स्वतंत्र कहा है, इसी में गुम हैं। सत्ता में बैठे, किए वादे हज़ार, पर जनता की आवाज़ दबाई गई बार-बार | इंसाफ़ की उम्मीद अब सिर्फ़ एक ख्वाब है, क्या यही वो देश है, जहाँ हम आज़ाद हैं? सोचो. सोचो. ये कैसी आज़ादी है, जहां हर सवाल का जवाब एक नया सवाल है जहाँ हम सपने देखते हैं बड़े-बड़े पर हकीकत में नहीं हो पाते खड़े। ये कैसी आज़ादी है? क्या आज भी हम आजाद हैं? 11 टूटी कलम, अधूरे शब्द क्या आज भी हम आजाद है आज़ाद हैं? भी हम  क्या आज इसी चीज पर उठते सवाल हैं... कहने को हम स्वतंत्र भारत के निवासी हैं पर स्वतंत्र कहा है, इसी में गुम हैं। सत्ता में बैठे, किए वादे हज़ार, पर जनता की आवाज़ दबाई गई बार-बार | इंसाफ़ की उम्मीद अब सिर्फ़ एक ख्वाब है, क्या यही वो देश है, जहाँ हम आज़ाद हैं? सोचो. सोचो. ये कैसी आज़ादी है, जहां हर सवाल का जवाब एक नया सवाल है जहाँ हम सपने देखते हैं बड़े-बड़े पर हकीकत में नहीं हो पाते खड़े। ये कैसी आज़ादी है? क्या आज भी हम आजाद हैं? 11 - ShareChat
#✍मेरे पसंदीदा लेखक #📚कविता-कहानी संग्रह #📒 मेरी डायरी #☝ मेरे विचार #🥰Express Emotion
✍मेरे पसंदीदा लेखक - मेहनत गरीबी सहनशीलता है , करो जाना किसी स्थिति का हल नही सहते मेहनत गरीबी सहनशीलता है , करो जाना किसी स्थिति का हल नही सहते - ShareChat
#🥰Express Emotion #☝ मेरे विचार #📒 मेरी डायरी #📚कविता-कहानी संग्रह #✍मेरे पसंदीदा लेखक
🥰Express Emotion - afaat उसे मालूम है कि शब्दों के पीछे कितने चेहरे नंगे हो चुके हैं और हत्या अब लोगों को रुचि नहीं - है 397 आदत बन वह किसी गँवार आदमी की ऊब से पैदा हुई थी और एक पढ़े-लिखे आदमी के साथ शहर में चली गई एक सम्पूर्ण स्त्री होने के पहले ही गर्भाधान की क्रिया से गुज़रते हुए उसने जाना कि प्यार घनी आबादीवालो बस्तियों में मकान को तलाश है भीगते हुए mTT m1f  उसने जाना कि हर लड़की तीसरे गर्भपात के बाद धर्मशाला होे जाती है और कविता हर तीसरे पाठ के बाद नहीं- अब वहाँ कोई अर्थ खोजना व्यर्थ है पेशेवर भाषा के तस्कर संकेतों 55 5ச 11 afaat उसे मालूम है कि शब्दों के पीछे कितने चेहरे नंगे हो चुके हैं और हत्या अब लोगों को रुचि नहीं - है 397 आदत बन वह किसी गँवार आदमी की ऊब से पैदा हुई थी और एक पढ़े-लिखे आदमी के साथ शहर में चली गई एक सम्पूर्ण स्त्री होने के पहले ही गर्भाधान की क्रिया से गुज़रते हुए उसने जाना कि प्यार घनी आबादीवालो बस्तियों में मकान को तलाश है भीगते हुए mTT m1f  उसने जाना कि हर लड़की तीसरे गर्भपात के बाद धर्मशाला होे जाती है और कविता हर तीसरे पाठ के बाद नहीं- अब वहाँ कोई अर्थ खोजना व्यर्थ है पेशेवर भाषा के तस्कर संकेतों 55 5ச 11 - ShareChat
#📚कविता-कहानी संग्रह #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #✍मेरे पसंदीदा लेखक #🌞 Good Morning🌞
📚कविता-कहानी संग्रह - afaat उसे मालूम है कि शब्दों के पीछे कितने चेहरे नंगे हो चुके हैं और हत्या अब लोगों को रुचि नहीं - है 397 आदत बन वह किसी गँवार आदमी की ऊब से पैदा हुई थी और एक पढ़े-लिखे आदमी के साथ शहर में चली गई एक सम्पूर्ण स्त्री होने के पहले ही गर्भाधान की क्रिया से गुज़रते हुए उसने जाना कि प्यार घनी आबादीवालो बस्तियों में मकान को तलाश है भीगते हुए mTT m1f  उसने जाना कि हर लड़की तीसरे गर्भपात के बाद धर्मशाला होे जाती है और कविता हर तीसरे पाठ के बाद नहीं- अब वहाँ कोई अर्थ खोजना व्यर्थ है पेशेवर भाषा के तस्कर संकेतों 55 5ச 11 afaat उसे मालूम है कि शब्दों के पीछे कितने चेहरे नंगे हो चुके हैं और हत्या अब लोगों को रुचि नहीं - है 397 आदत बन वह किसी गँवार आदमी की ऊब से पैदा हुई थी और एक पढ़े-लिखे आदमी के साथ शहर में चली गई एक सम्पूर्ण स्त्री होने के पहले ही गर्भाधान की क्रिया से गुज़रते हुए उसने जाना कि प्यार घनी आबादीवालो बस्तियों में मकान को तलाश है भीगते हुए mTT m1f  उसने जाना कि हर लड़की तीसरे गर्भपात के बाद धर्मशाला होे जाती है और कविता हर तीसरे पाठ के बाद नहीं- अब वहाँ कोई अर्थ खोजना व्यर्थ है पेशेवर भाषा के तस्कर संकेतों 55 5ச 11 - ShareChat
#🌞 Good Morning🌞 #✍मेरे पसंदीदा लेखक #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #📚कविता-कहानी संग्रह
🌞 Good Morning🌞 - Rgg दूर से हवा में उड़ता हुआ चला है T एक झाड़़ी में कर वो अटक फड़फड़ा रहा 21 शायद किसी की संवेदना को লিত ভ্ৎ নী 3 பI चला T ना जाने कितने पैरों से कुचला క31T जाने कितने पत्थरों से गुजरता हुआ जाने अभी इसका और कितना सफ़र बाकी है इसलिए मैं इसे रोकूंगा नहीं के रहमोकरम पर छोड़ दूंगा ৪না ये अपनी मंजिल को ٩ शायद ভাঢ फिर किसी बच्चे का खिलौना या 4 जाए या बारिश में गल जाए चिंदी चिंदी हो कर बिखरता या जाए काग़ज़ ही तो है इतना सोचना भी कैसा पर लिखा है पर जो इस कभी किसी जेहन से वो ٤٢ मिट पाएगा दी है काश कि जिसको 31I3 किसी ने जाए ये खामोश 4g4 उस तक सा संबोधन f ना? सुनो 'cm0 jaswinder chahal Rgg दूर से हवा में उड़ता हुआ चला है T एक झाड़़ी में कर वो अटक फड़फड़ा रहा 21 शायद किसी की संवेदना को লিত ভ্ৎ নী 3 பI चला T ना जाने कितने पैरों से कुचला క31T जाने कितने पत्थरों से गुजरता हुआ जाने अभी इसका और कितना सफ़र बाकी है इसलिए मैं इसे रोकूंगा नहीं के रहमोकरम पर छोड़ दूंगा ৪না ये अपनी मंजिल को ٩ शायद ভাঢ फिर किसी बच्चे का खिलौना या 4 जाए या बारिश में गल जाए चिंदी चिंदी हो कर बिखरता या जाए काग़ज़ ही तो है इतना सोचना भी कैसा पर लिखा है पर जो इस कभी किसी जेहन से वो ٤٢ मिट पाएगा दी है काश कि जिसको 31I3 किसी ने जाए ये खामोश 4g4 उस तक सा संबोधन f ना? सुनो 'cm0 jaswinder chahal - ShareChat