UGC पर पंजाब शांत क्यों ? रावण
यूजीसी एक रिपोर्ट तैयार हुई और संसद ने जारी कर दी। फिर जो हुआ कि पूरे देश के राष्ट्रवादी जो दलितों को अपना अभिन्न अंग कहते या बकते थकते नहीं थे उनको सारे दलित, आदिवासी और ओबीसी से घिन आने लगी।
मंचो पर से उतर कर सड़कों पर आ गए। भगवा आतंकवादी तो हमेशा तैयार रहते ही हैं सारे दलित, आदिवासीयों के खिलाफ, अब तो हमेशा परदे के पीछे से षड्यंत्र रचने वाले इनके सनातनी संत भी भौंकने लगे।
अगर दलित, आदिवासी और ओबीसी समाज के बच्चों को सुरक्षा मिलती है और सारे दलित, आदिवासी और ओबीसी हिन्दू हैं तो तकलीफ किसे हो रही है ? अब समझे आर्य कौन और देश के मूलनिवासी कौन ? अब भेद समझिए।
सदा ब्राह्मणों का बड़ा मंच बनने की कोशिश में रहने वाला सुप्रीम कोर्ट भी इन राष्ट्रवादी दंगाई तत्वों के पक्ष में आ खड़ा हुआ। संसद ने भी अपने हाथ पीछे खींच लिए। अब दलित, आदिवासी और ओबीसी के कन्धों पर ये न्याय-युद्ध आ गया।
कुछ और भी पेच हैं सनातनी राजनीति के जिन्हें आसानी से समझा नहीं जा सकता। जैसे SC/ST Atrocity Act पहले से जो मौजूद है फिर यूजीसी किस लिए ? मुझे जो समझ में आ रहा है वो यह कि इसमें पहले ही एक जाँच कमेटी होगी और शिकायत पहले इन्हीं के पास होगी।
अब आप कुछ नज़र दौड़ाएं !
1.कुछ माह पहले सरकार ने बड़े प्रोफैशनल कोर्स के लिए पांच लाख से बीस लाख तक फीस बड़ाई।
2.पीएचडी PhD कोर्स में प्रोफेसरों की दादागिरी क्यों ख़त्म नहीं की गई ?
3.नौकरी के वक्त सारी कंडीशन पूरी करने वाले दलित, आदिवासी और ओबीसी छात्रों को अयोग्य घोषित कैसे और क्यों करते हैं ? उसका नाम रखा है NFS यानी जहां से आप पढ़े हो वह सब यूनिवर्सिटी बेकार हैं।
4. अभी प्रधानमंत्री जी का एक पत्र घूम रहा है। जिसमें कहा गया है कि अस्थाई सेवाओं में भी आरक्षण रखा जाएगा। दोस्तों इरादा यहां भी साफ नहीं है। इसकी गारंटी कौन लेगा की आरक्षित पोस्टर निकल जाएगी ? पहला कानून तो यह आना चाहिए कि प्राइवेट सेक्टर में भी आरक्षण होगा।
5. यह सवाल अपने साथियों से है कि सबसे ज्यादा दलित आबादी वाला राज्य होने के बावजूद पंजाब में यूजीसी को लेकर उबाल क्यों नहीं ? शायद इसलिए नहीं कि पंजाब में प्रधानमंत्री सहित बीजेपी दलितों में ज्यादा सक्रिय हैं ?
6. यूजीसी में हमें ललचाया जा रहा है कि आपका मेंबर भी होगा। अभी हम देख रहे हैं असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती मेंहरियाणा में बच्चों के साथ किस तरह अन्य हो रहा है और सभी दलित मंत्री चुप है। फिर एक मेंबर क्या कर लेगा ?
अब दो मार्च को लुधियाना के साथियों द्वारा जगराओं पुल पर विशाल प्रदर्शन का आह्वान किया गया है। मेरी आप सभी से प्रार्थना है कि सभी साथी बिना किसी पक्षपात के इस आंदोलन में हिस्सा लें। #🙏ਧਾਰਮਿਕ ਗੱਲਾਂ
आदि धर्म के सभी महापुरुषों की जय🙏🙇♂️💐
#valmeki_status #🙏ਧਾਰਮਿਕ ਗੱਲਾਂ







