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हुड़ुड़ दुर्गा' और पूर्वज पूजा
आदिवासी परंपराओं (विशेषकर संथाल समाज) में माहिषासुर को 'हुड़ुड़ दुर्गा' के नाम से जाना जाता है। उनके लिए वह एक वीर योद्धा और पराक्रमी राजा थे, जिन्होंने बाहरी आक्रमणकारियों से अपने कबीले और भूमि की रक्षा की थी। वे उन्हें राक्षस नहीं, बल्कि अपना महान पूर्वज मानते हैं।
सांस्कृतिक इतिहास का भिन्न दृष्टिकोण
मुख्यधारा की कथा में दुर्गा द्वारा महिषासुर के हत्या को 'बुराई पर अच्छाई की जीत' के रूप में देखा जाता है। इसके विपरीत, कई आदिवासी समाज इसे अपने एक न्यायप्रिय राजा के साथ हुए धोखे के रूप में देखते हैं। उनके अनुसार, युद्ध में सीधे नहीं हरा पाने के कारण छल का सहारा लिया गया था। #🙏ਧਾਰਮਿਕ ਗੱਲਾਂ