#🎞️आज के वायरल अपडेट्स #🌐 राष्ट्रीय अपडेट #🤩पॉजिटिव स्टोरी✌ #📹शॉर्ट अपडेट्स वीडियो 🎥 #🌐 अंतर्राष्ट्रीय अपडेट
हिंदू धर्म का ही एक संप्रदाय धीरे-धीरे कैसे एक अलग धर्म बन जाता है और हिंदू हिंदुत्व से खुद को दूर कर लेता है इसका सबसे बड़ा उदाहरण सिख पंथ है
यह तस्वीर 1903 की हरी मंदिर साहिब यानी अमृतसर के स्वर्ण मंदिर गुरुद्वारे की है
इसमें नागा साधु लोग बैठे हैं स्नान कर रहे हैं पूजा अर्चना कर रहे हैं 1920 तक सिख कोई अलग धर्म नहीं था बल्कि हिंदू धर्म ही था
गुरु गोविंद सिंह ने जब देखा कि भारत में मुगलों का अत्याचार बढ़ गया है तीन गुरुओं की हत्या मुगल शासको ने किया उनके बच्चों की हत्या मुगल शासको ने किया खुद गुरु गोविंद सिंह की पूरी जिंदगी मुगल शासको से लड़ते रहे अपने चारों पुत्रों का बलिदान दिया तब उन्होंने बैसाखी के दिन आनंदपुर साहिब में हिंदुओं की विशाल मीटिंग बुलाई और इसमें उन्होंने ऐलान किया कि हमें मुगलों से लड़ने के लिए बहादुर लोगों की आवश्यकता है आप लोग सामने आईये और ऐसा व्यक्ति सामने आए जो अपना जीवन बलिदान कर सकता है
तब उस मीटिंग से पांच हिंदू बाहर आए थे उसमें से एक गुजरात के जामनगर के मोहकम चंद छिब्बा भाई भी थे
इन पांच लोगों को गुरु गोविंद सिंह ने केश कंघा कड़ा किरपान कशेरा हमेशा धारण करने का हुक्म दिया और यह पांचो पांच प्यारे भी मुगलों से लड़ते हुए शहीद हुए उसके बाद कई दशको तक हर हिंदू अपने परिवार के पहले लड़के को सिखी में दे देता था ताकि वह मुगलो से सनातन धर्म की रक्षा कर सके
सभी हिंदू और सभी हिंदू साधू संत नागा साधु इत्यादि हर एक गुरुद्वारे को अपना ही समझते थे
फिर जब अंग्रेज आए तब अंग्रेजों ने भारत में बांटो और राज करो वाली नीति अपनाई और एक अंग्रेज प्रशासक था जिसका नाम था विलियम मैक्लॉम हेली उसने ब्रिटिश शासन के सामने सिखों को हिंदुओं से अलग करने की एक योजना बनाई उसने कहा की जैसे हमने मुसलमान को हिंदुओं से पूरी तरह से अलग कर दिया है वैसे यदि हम सिखों को हिंदुओं से अलग कर दें तब हमें पंजाब में अपना राज चलाने में बहुत आसानी हो जाएगी और न सिर्फ पंजाब बल्कि पूरे भारत में हम आसानी से राज कर सकते हैं
और फिर उसने 1925 में गुरुद्वारा एक्ट बनाया और इस एक्ट के द्वारा अंग्रेजों ने भारत में सिख पहचान को हिंदू पहचान से पूरी तरह से अलग कर दिया और उन्होंने सिख को एक अलग धर्म का दर्जा दे दिया और फिर धीरे-धीरे सिख लोग हिंदुओं से दूर होते चले गए,,
यह पोस्ट रुकनी नहीं चाहिए हर उसे आईडी पर दिखनी चाहिए जो खुद को भारतीय और सनातनी मानता हो,,,
ज्यादा से ज्यादा शेयर करें और अगर पोस्ट अच्छी लगी हो तो कृपया पेज को फॉलो जरूर करें,,। #🌐 राष्ट्रीय अपडेट #🌐 अंतर्राष्ट्रीय अपडेट #🤩पॉजिटिव स्टोरी✌ #🎞️आज के वायरल अपडेट्स #📹शॉर्ट अपडेट्स वीडियो 🎥
#🌐 अंतर्राष्ट्रीय अपडेट #🌐 राष्ट्रीय अपडेट #🎞️आज के वायरल अपडेट्स #🤩पॉजिटिव स्टोरी✌ #📹शॉर्ट अपडेट्स वीडियो 🎥 का खतरनाक खेल,,,,,
दो मिनट समय निकालकर अंत तक अवश्य पढ़ें,,,
भारत में मुस्लिम आबादी 35%++ हैं और ज्यादातर मदरसे में पढ़े हैं इसलिए 20 साल बाद गृहयुद्ध, नरसंहार, हत्या, बलात्कार और विभाजन निश्चित है।
लव जिहाद, लैंड जिहाद, ड्रग जिहाद, घुसपैठ जिहाद, धर्मांतरण जिहाद, जनसंख्या जिहाद – ये सब भारत की डेमोग्राफी को तेजी से बदल रहे हैं।
और यदि कठोर कानून तत्काल लागू नहीं किया गया तो 20 वर्ष बाद या तो कन्वर्ट होना पड़ेगा। जैसे; यश चोपड़ा, प्रेम चोपड़ा, सुनील दत्त, देवानंद, राज कपूर, राजेन्द्र कुमार, गुलजार, मनमोहन सिंह, खुशवंत सिंह, मिल्खा सिंह, इंद्र कुमार गुजराल, राम जेठमलानी और आडवाणी जी की तरह मकान, दुकान, खेत, खलिहान, उद्योग, व्यापार आदि सब छोड़कर भागना होगा।
यदि विकास करने से देश सुरक्षित होता तो विकास के मामले में फ्रांस और स्विट्जरलैंड हमसे बहुत अधिक आगे है।
अब तो ब्रिटेन भी इसकी चपेट में आ चुका है 10 साल बाद बहुत कुछ वहां बदलाव देखने को मिलेगा,,,,
वर्ष 1805 में अफ़गानिस्तान के प्रधानमंत्री पंडित नंदराम टिक्कू ने बहुत विकास किया था और 10 साल बाद उन्हें खदेड़ दिया गया और आज वहाँ एक भी हिंदू, जैन, बौद्ध, सिक्ख नहीं बचा।
यदि मठ-मंदिर गुरुद्वारा बनाने से हिंदू, जैन, बौद्ध, सिक्ख सुरक्षित होते तो — अफ़गानिस्तान, पाकिस्तान, बांग्लादेश में हज़ारों मठ-मंदिर और गुरुद्वारे थे मगर जनसंख्या बढ़ी और सभी का नामोनिशान मिटा दिया गया।
यदि गौशाला, धर्मशाला, गुरुकुल बनाने से हिंदू, जैन, बौद्ध, सिक्ख सुरक्षित होते तो — अफ़गानिस्तान, पाकिस्तान, बांग्लादेश में भी हज़ारों गौशाला, धर्मशाला और गुरुकुल थे जोर जनसंख्या बढ़ते ही जमीन में दफन कर दिए गए।
यदि कथा, पूजा, दान, हवन, ध्यान, साधना करने से हिंदू, जैन, बौद्ध, सिक्ख सुरक्षित होते तो — अफ़गानिस्तान, पाकिस्तान, बांग्लादेश में हिंदू, जैन, बौद्ध, सिक्ख का नामोनिशान नहीं मिटता।
100 वर्ष पहले विश्व की सबसे बड़ी भगवान बुद्ध की मूर्ति अफ़गानिस्तान में थी लेकिन अब वहाँ न मूर्ति बची है और न बौद्ध।
100 वर्ष पहले विश्व का सबसे बड़ा जैन मंदिर मुल्तान में था लेकिन अब वहाँ मदरसा चलता है और न तो भगवान पार्श्वनाथ की मूर्ति है और न तो कोई जैन।
100 वर्ष पहले विश्व का सबसे बड़ा शिव मंदिर गांधार (अफ़गानिस्तान) में था लेकिन अब उसका नामोनिशान तक नहीं है। न तो शिवलिंग बचा है और न ही शिवभक्त।
100 वर्ष पहले विश्व का सबसे बड़ा विष्णु मंदिर कैकेय (पाकिस्तान) में था लेकिन अब उसका नामोनिशान तक नहीं है। न तो भगवान विष्णु की मूर्ति बची है और न ही विष्णु भक्त।
वर्ष 1971 में बांग्लादेश को बनवाने के लिए हमारे 20 हज़ार सैनिकों ने बलिदान दिया था लेकिन आज वहां से हिंदू, जैन, बौद्ध, सिक्ख को अपना मकान, दुकान, खेत, खलिहान, उद्योग, व्यापार छोड़कर भागना पड़ रहा है।
वर्ष 1990 में कश्मीर से हिंदुओं को अपना मकान, दुकान, खेत, खलिहान, उद्योग, व्यापार सब छोड़कर भागना पड़ा और आज तक उन्हें अपनी संपत्ति तक वापस नहीं मिली।
नेता कर क्या रहे…?
वोटजीवी, नोटजीवी और सत्ताजीवी नेता प्रतिदिन आरोप-प्रत्यारोप, तू-तू-मैं-मैं, नूरा-कुश्ती, बतोलेबाजी, भाषणबाजी और तू चोर मैं सिपाही करते हैं लेकिन जब बात आवश्यक मुद्दों पर आती है तो संसद में सभी राजनेता चुप्पी साध लेते हैं।
हिन्दुओं यदि अपना मकान, दुकान, खेत, खलिहान, उद्योग, व्यापार और त्योहार बचाना चाहते हैं तो दल की गुलामी छोड़ो और अपने क्षेत्र के सांसद से मिलकर — लव जिहाद, लैंड जिहाद, ड्रग जिहाद, घुसपैठ जिहाद, धर्मांतरण जिहाद और जनसंख्या जिहाद रोकने के लिए कठोर कानून बनाने की मांग करिए।
हिन्दुओं यदि अपने बच्चों को सुरक्षित देखना चाहते हैं तो नेताओं की जय जयकार करने की बजाय अपने सांसद से मिलकर समान शिक्षा, समान नागरिक संहिता (UCC), समान कर संहिता, समान व्यापार संहिता, समान जनसंख्या संहिता, समान पुलिस संहिता, समान न्याय संहिता, समान प्रशासनिक संहिता लागू करने की मांग करिये।
याद रखें आज के नेता 20 वर्ष बाद आपका मकान, दुकान, खेत, खलिहान, उद्योग, व्यापार और त्योहार बचाने नहीं आएंगे लेकिन आज का कठोर कानून ही आपका धन, धर्म और परिवार को बचाएगा।
दो रास्ते चुनें — चीन जैसा कठोर कानून (कोई जिहाद नहीं) और इजरायल जैसा शक्ति का उपयोग (दुश्मन को कुचल दो)
अंतिम चेतावनी अपने बच्चों को सुरक्षित देखना है, अपना घर-दुकान-त्योहार बचाना है तो जय जयकार बंद करो और अपने क्षेत्र के सांसद के पास जाओ। कानून बनवाओ।
नोट कृपया इस संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक निरंतर शेयर करते हैं जब तक भारत में बढ़ते जिहाद को लेकर सरकार कठोर कानून लागू नहीं करती।
#hinduism #cleaning #cleaninghacks #motivational #wellness #deadpool #wedding #WorldEmojiDay #fitnesstransformation #spainvsengland #history
#🌐 अंतर्राष्ट्रीय अपडेट #🌐 राष्ट्रीय अपडेट #🎞️आज के वायरल अपडेट्स #🤩पॉजिटिव स्टोरी✌ #📹शॉर्ट अपडेट्स वीडियो 🎥 नया भारत है !! 🇮🇳💪🏻
अव्वल तो किसी को छेड़ता नहीं, किसी के आगे झुकता नहीं। लेकिन अगर छेड़ दो तो छोड़ता भी नहीं। जरूरत पड़ी तो सामने वाले को झुका देता है और घर में घुसकर मारता है। 🇮🇳💪🏻
मोदी है तो मुमकिन है
चिल्लरों अब भौंकना शुरू करो चम्मचों !!
बॉलीवुड का इस्लामीकरण कैसे हुआ...? ध्यान से पढ़ें...
सभी जानते हैं कि संजय दत्त के पिता सुनील दत्त एक हिंदू थे और उनकी पत्नी फातिमा राशिद यानी नर्गिस एक मुस्लिम थीं।
लेकिन दुर्भाग्य देखिए कि संजय दत्त ने हिंदू धर्म को छोड़कर इस्लाम कबूल कर लिया लेकिन वह इतना चतुर भी है कि अपना फिल्मी नाम नहीं बदला।
जरा सोचिए कि हम सभी लोग इन कलाकारों पर हर साल कितना धन खर्च करते हैं। सिनेमा के मंहगा टिकटों से लेकर केबल टीवी के बिल तक।
हमारे नादान बच्चे भी अपने जेबखर्च में से पैसे बचाकर इनके पोस्टर खरीदते हैं और इनके प्रायोजित टीवी कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए हजारों रुपए के फोन करते हैं।
एक विचारणीय बिन्दू यह भी है कि बाॅलीवुड में शादियों का तरीका ऐसा क्यों है कि शाहरुख खान की पत्नी गौरी छिब्बर एक हिंदू है।
आमिर खान की पत्नियां रीमा दत्ता /किरण राव और सैफ अली खान की पत्नियाँ अमृता सिंह / करीना कपूर दोनों हिंदू हैं।
इसके पिता नवाब पटौदी ने भी हिंदू लड़की शर्मीला टैगोर से शादी की थी।
फरहान अख्तर की पत्नी अधुना भवानी और फरहान आजमी की पत्नी आयशा टाकिया भी हिंदू हैं।
अमृता अरोड़ा की शादी एक मुस्लिम से हुई है जिसका नाम शकील लदाक है।
सलमान खान के भाई अरबाज खान की पूर्व पत्नी मलाइका अरोड़ा हिंदू थी जिनका अभी तलाक हो चुका है और उसके छोटे भाई सुहैल खान की पत्नी सीमा सचदेव भी हिंदू हैं।
अनेक उदाहरण ऐसे हैं कि हिंदू अभिनेत्रियों को अपनी शादी बचाने के लिए धर्म परिवर्तन भी करना पड़ा है।
आमिर खान के भतीजे इमरान की हिंदू पत्नी का नाम अवंतिका मलिक है। संजय खान के बेटे जायद खान की पत्नी मलिका पारेख है।
फिरोज खान के बेटे फरदीन की पत्नी नताशा है। इरफान खान की बीवी का नाम सुतपा सिकदर है। नसरुद्दीन शाह की हिंदू पत्नी रत्ना पाठक हैं।
एक समय था जब मुसलमान एक्टर हिंदू नाम रख लेते थे क्योंकि उन्हें डर था कि अगर दर्शकों को उनके मुसलमान होने का पता लग गया तो उनकी फिल्म देखने कोई नहीं आएगा।
ऐसे लोगों में सबसे मशहूर नाम युसूफ खान का है जिन्हें दशकों तक हम दिलीप कुमार समझते रहे।
महजबीन अलीबख्श मीना कुमारी बन गई और मुमताज बेगम जहाँ देहलवी मधुबाला बनकर हिंदू ह्रदयों पर राज करतीं रहीं।
बदरुद्दीन जमालुद्दीन काजी को हम जॉनी वाकर समझते रहे और हामिद अली खान विलेन अजित बनकर काम करते रहे।
हममें से कितने लोग जान पाए कि अपने समय की मशहूर अभिनेत्री रीना राय का असली नाम सायरा खान था।
आज के समय का एक सफल कलाकार जॉन अब्राहम भी दरअसल एक मुस्लिम है जिसका असली नाम फरहान इब्राहिम है।
जरा सोचिए कि पिछले 50 साल में ऐसा क्या हुआ है कि अब ये मुस्लिम कलाकार हिंदू नाम रखने की जरूरत नहीं समझते बल्कि उनका मुस्लिम नाम उनका ब्रांड बन गया है।
यह उनकी मेहनत का परिणाम है या हम लोगों के अंदर से कुछ खत्म हो गया है?
जरा सोचिए कि हम कौनसी फिल्मों को बढ़ावा दे रहे हैं?
क्या वजह है कि बहुसंख्यक बॉलीवुड फिल्मों में हीरो मुस्लिम लड़का और हीरोइन हिन्दू लड़की होती है?
क्योंकि ऐसा फिल्म उद्योग का सबसे बड़ा फाइनेंसर दाऊद इब्राहिम चाहता है। टी-सीरीज का मालिक गुलशन कुमार ने उसकी बात नहीं मानी और नतीजा सबने देखा।
आज भी एक फिल्मकार को मुस्लिम हीरो साइन करते ही दुबई से आसान शर्तों पर कर्ज मिल जाता है। इकबाल मिर्ची और अनीस इब्राहिम जैसे आतंकी एजेंट सात सितारा होटलों में खुलेआम मीटिंग करते देखे जा सकते हैं।
सलमान खान, शाहरुख खान, आमिर खान, सैफ अली खान, नसीरुद्दीन शाह, फरहान अख्तर, नवाजुद्दीन सिद्दीकी, फवाद खान जैसे अनेक नाम हिंदी फिल्मों की सफलता की गारंटी बना दिए गए हैं।
अक्षय कुमार, मनोज कुमार और राकेश रोशन जैसे फिल्मकार इन दरिंदों की आंख के कांटे हैं।
तब्बू, हुमा कुरैशी, सोहा अली खान और जरीन खान जैसी प्रतिभाशाली अभिनेत्रियों का कैरियर जबरन खत्म कर दिया गया क्योंकि वे मुस्लिम हैं और इस्लामी कठमुल्लाओं को उनका काम गैरमजहबी लगता है।
फिल्मों की कहानियां लिखने का काम भी सलीम खान और जावेद अख्तर जैसे मुस्लिम लेखकों के इर्द-गिर्द ही रहा जिनकी कहानियों में एक भला-ईमानदार मुसलमान, एक पाखंडी ब्राह्मण, एक अत्याचारी - बलात्कारी क्षत्रिय, एक कालाबाजारी वैश्य, एक राष्ट्रद्रोही नेता, एक भ्रष्ट पुलिस अफसर और एक गरीब दलित महिला होना अनिवार्य शर्त है।
इन फिल्मों के गीतकार और संगीतकार भी मुस्लिम हों तभी तो एक गाना मौला के नाम का बनेगा और जिसे गाने वाला पाकिस्तान से आना जरूरी है।
#🌐 राष्ट्रीय अपडेट #🌐 अंतर्राष्ट्रीय अपडेट #📹शॉर्ट अपडेट्स वीडियो 🎥 #🎞️आज के वायरल अपडेट्स #🤩पॉजिटिव स्टोरी✌
इन अंडरवर्ड के हरामखोरों की असिलियत को पहचानिये और हिन्दू समाज को संगठित करिये तब ही हम अपने धर्म की रक्षा कर पाएंगे ।
इस पोस्ट को हर हिन्दू तक पहुँचाना हम सब हिन्दुओं की प्राथमिकता है।
"भारत सर्वोपरि" 💪💪
#🌐 राष्ट्रीय अपडेट #🌐 अंतर्राष्ट्रीय अपडेट #📹शॉर्ट अपडेट्स वीडियो 🎥 #🎞️आज के वायरल अपडेट्स #🤩पॉजिटिव स्टोरी✌
#☝आज का ज्ञान #👉 लोगों के लिए सीख👈 #☝ मेरे विचार #👫 हमारी ज़िन्दगी #✍️ जीवन में बदलाव
Close one eye and see most famous temples of our country. #👉 लोगों के लिए सीख👈 #☝ मेरे विचार #☝आज का ज्ञान #✍️ जीवन में बदलाव #👫 हमारी ज़िन्दगी
मोदी जी बस इतनी ही मासूम हरकत करते हैं।
और विरोधी किकियाने लगते हैं।
इतना भी न करें !😂😂 #😛 व्यंग्य 😛 #🏚चुटकुलों का घर😜 #😝 पकाऊ पोस्ट्स👻 #😵टाइम पास #😜 मीम्स अड्डा
#☝आज का ज्ञान #☝ मेरे विचार #👉 लोगों के लिए सीख👈 #👫 हमारी ज़िन्दगी #✍️ जीवन में बदलाव







