🚩 सवर्ण आर्मी 🚩 on Instagram: "रूचि तिवारी पर दिल्ली विश्वविद्यालय परिसर में हुआ हमला केवल एक घटना नहीं, बल्कि हमारे समाज के माथे पर लगा हुआ एक गहरा कलंक है। यह अत्यंत शर्मनाक, अमानवीय और निंदनीय है कि एक महिला पत्रकार, जो शांतिपूर्वक UGC नियमों से जुड़े प्रोटेस्ट को कवर करने गई थीं, उन्हें भीड़ ने घेरकर अपमानित किया, पीटा, उनके कपड़े फाड़े, गला घोंटने की कोशिश की और जाति के नाम पर घृणा से भरे नारे लगाए। सोचिए… एक लड़की, जो सच दिखाने निकली थी, उसे ही “ये ब्राह्मण है, मारो इसे” कहकर निशाना बनाया गया। यह सिर्फ एक महिला पर हमला नहीं था, यह पत्रकारिता पर हमला था, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला था, और सबसे बढ़कर मानवता पर हमला था। दिल्ली विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित शिक्षा केंद्र में अगर एक महिला सुरक्षित नहीं है, तो फिर देश की बेटियां कहाँ सुरक्षित हैं? विश्वविद्यालय ज्ञान का मंदिर होता है, लेकिन जब वहां भीड़तंत्र, नफरत और जातिवादी हिंसा प्रवेश कर जाए, तो यह पूरे समाज के पतन का संकेत है। रूचि तिवारी जैसी बेटियां साहस का प्रतीक हैं। वे डरकर घर में बैठने वाली नहीं, सच के लिए लड़ने वाली हैं। लेकिन आज उन्हें ही निशाना बनाया गया, क्योंकि वे सच दिखा रही थीं। दोषियों को तुरंत गिरफ्तार कर कठोरतम सजा मिलनी चाहिए। चाहे वे किसी भी संगठन या विचारधारा से जुड़े हों। पुलिस, विश्वविद्यालय प्रशासन और सरकार को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। बहन रुचि, आप अकेली नहीं हैं। आपके अपमान का बदला चुन चुन कर लिया जाएगा यह समाज, हर न्यायप्रिय नागरिक, हर बेटी का सम्मान करने वाला व्यक्ति आपके साथ खड़ा है। न्याय होकर रहेगा। #Justice_For_रूचि_तिवारी #StopBrahminHate #womensafety"
252 likes, 14 comments - satyam_shukla_25 on February 14, 2026: "रूचि तिवारी पर दिल्ली विश्वविद्यालय परिसर में हुआ हमला केवल एक घटना नहीं, बल्कि हमारे समाज के माथे पर लगा हुआ एक गहरा कलंक है।
यह अत्यंत शर्मनाक, अमानवीय और निंदनीय है कि एक महिला पत्रकार, जो शांतिपूर्वक UGC नियमों से जुड़े प्रोटेस्ट को कवर करने गई थीं, उन्हें भीड़ ने घेरकर अपमानित किया, पीटा, उनके कपड़े फाड़े, गला घोंटने की कोशिश की और जाति के नाम पर घृणा से भरे नारे लगाए।
सोचिए… एक लड़की, जो सच दिखाने निकली थी, उसे ही “ये ब्राह्मण है, मारो इसे” कहकर निशाना बनाया गया। यह सिर्फ एक महिला पर हमला नहीं था, यह पत्रकारिता पर हमला था, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला था, और सबसे बढ़कर मानवता पर हमला था।
दिल्ली विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित शिक्षा केंद्र में अगर एक महिला सुरक्षित