* R राजीव रंजन *
ShareChat
click to see wallet page
@537313245
537313245
* R राजीव रंजन *
@537313245
मुझे ShareChat पर फॉलो करें!
#♥️♥️अल्फाज ए मुहब्बत ए इश्क मेरे जज्बात ♥️♥️ #🤗 प्यार का इज़हार #💕दिल की💕बात 💕दिल से💕दिल तक💕अल्फाज ए मुहब्बत 💕( आर-दत्ता)😘😟 #gajal & shayari #💝 इज़हार-ए-मोहब्बत
♥️♥️अल्फाज ए मुहब्बत ए इश्क मेरे जज्बात ♥️♥️ - பளசிகிHஞ வடியி்ு तुम कहो तोकड़्ी षष्कीबाद्लकचद्सु ೯ಷಟಪೌಪ ಐಊಾನಣJಯತೆಣ ತiತಳಾಹಟಣ್ೆತಣೆ guಈಹಾಷ್ಟ सजीव பளசிகிHஞ வடியி்ு तुम कहो तोकड़्ी षष्कीबाद्लकचद्सु ೯ಷಟಪೌಪ ಐಊಾನಣJಯತೆಣ ತiತಳಾಹಟಣ್ೆತಣೆ guಈಹಾಷ್ಟ सजीव - ShareChat
#Dil❤️Se💙Dil💜Ki🖤Baat💚 #feelings (dil ki baate) #dil ki baate______ #♥️♥️अल्फाज ए मुहब्बत ए इश्क मेरे जज्बात ♥️♥️ #💝 दिलों का रिश्ता
Dil❤️Se💙Dil💜Ki🖤Baat💚 - शिकवे भी हज़ारों हैं, शिकायत भी बहुत है बहुत है इस दिल को मगर उस से, मुहब्बत भी आ जाता है वो मिलने , तसव्वुर में सर ए शाम बहुत है इक शख़्स की इतनी सी, इनायत भी यह भी है तमन्ना के.... उसे दिल से भुला दें बहुत है..!! ^ इस दिल को मगर उस से.. मुहब्बत भी शिकवे भी हज़ारों हैं, शिकायत भी बहुत है बहुत है इस दिल को मगर उस से, मुहब्बत भी आ जाता है वो मिलने , तसव्वुर में सर ए शाम बहुत है इक शख़्स की इतनी सी, इनायत भी यह भी है तमन्ना के.... उसे दिल से भुला दें बहुत है..!! ^ इस दिल को मगर उस से.. मुहब्बत भी - ShareChat
#🤗 प्यार का इज़हार #feelings (dil ki baate) #❤️‍🔥♡𝑫ⅈȴӄ𝙞𝖆Ꮗ𝒶ž♡❤️‍🔥 #बेपनाह 💘 इश्क़ 🌹🌹 #Dil❤️Se💙Dil💜Ki🖤Baat💚
🤗 प्यार का इज़हार - मेरी आँखे !! बड़ी बे #लगाम सी हो गयी हैं॰ 0 तेरी ही दीद।के मुसलसल #बहाने ढूंढ़ती है !! ~ मेरी आँखे !! बड़ी बे #लगाम सी हो गयी हैं॰ 0 तेरी ही दीद।के मुसलसल #बहाने ढूंढ़ती है !! ~ - ShareChat
#💝 शायराना इश्क़ #अल्फ़ाज़ दिल के #इश्क💞 stutes#रोमांटिकstutes#👩‍❤️‍💋‍👨 प्यार मोहब्ब🌹#whatsapp stutes#व्हाट्सएप स्टेटस#ilu #🤗 प्यार का इज़हार #dil ki baate______
💝 शायराना इश्क़ - कितनी मकातिल " होती हैचे आरजू #जिंद्यीकी मरजते हेप्लोग" किसीपर लिए #जीनेके कितनी मकातिल " होती हैचे आरजू #जिंद्यीकी मरजते हेप्लोग" किसीपर लिए #जीनेके - ShareChat
#💝 दिलों का रिश्ता #♥️♥️अल्फाज ए मुहब्बत ए इश्क मेरे जज्बात ♥️♥️ #❣️main jitna tumhen dekhu man ye na bhare in aankhon mein chhalakta hai Mera pyar Tera pyar❣️ #✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ साहित्य एवं शायरी #😍स्टेटस की दुनिया🌍
💝 दिलों का रिश्ता - अधूरे ख्वाबों का जवाब नहीं होता , किसी की स्वार्थपूर्ति का हिसाब नहीं होता। जिंदगी की राहों में चलते हैं हम , कभी तो कभी गम का सामना करते हैं हम| खुशी कभी राहों में फूल मिलते हैं कभी काँटों से घायल होते हैं हम। फिर भी चलते रहते हैं अपनी मंज़िल की ओर, क्योंकि अधूरे ख्वाबों का जवाब नहीं होता। किसी की स्वार्थपूर्ति का हिसाब नहीं होता , हर कोई अपनी मंज़िल की ओर भागता है। कोई पीछे रह जाता है तो कोई आगे निकल जाता है, लेकिन किसी की स्वार्थपूर्ति का हिसाब नहीं होता। जिंदगी एक रंगमंच है॰ हर कोई अपना किरदार निभाता है। कोई हँसता है तो कोई रोता है, लेकिन किसी की स्वार्थपूर्ति का हिसाब नहीं होता। इसलिए चलते रहो अपनी राह पर, कभी हार मत मानो | क्योंकि अधूरे ख्वार्बों का जबाव नहीं होता , ओर किसी की स्वार्थपूर्ति का हिसाब नहीं होता | अधूरे ख्वाबों का जवाब नहीं होता , किसी की स्वार्थपूर्ति का हिसाब नहीं होता। जिंदगी की राहों में चलते हैं हम , कभी तो कभी गम का सामना करते हैं हम| खुशी कभी राहों में फूल मिलते हैं कभी काँटों से घायल होते हैं हम। फिर भी चलते रहते हैं अपनी मंज़िल की ओर, क्योंकि अधूरे ख्वाबों का जवाब नहीं होता। किसी की स्वार्थपूर्ति का हिसाब नहीं होता , हर कोई अपनी मंज़िल की ओर भागता है। कोई पीछे रह जाता है तो कोई आगे निकल जाता है, लेकिन किसी की स्वार्थपूर्ति का हिसाब नहीं होता। जिंदगी एक रंगमंच है॰ हर कोई अपना किरदार निभाता है। कोई हँसता है तो कोई रोता है, लेकिन किसी की स्वार्थपूर्ति का हिसाब नहीं होता। इसलिए चलते रहो अपनी राह पर, कभी हार मत मानो | क्योंकि अधूरे ख्वार्बों का जबाव नहीं होता , ओर किसी की स्वार्थपूर्ति का हिसाब नहीं होता | - ShareChat
#अल्फ़ाज़ दिल के #💕दिल की💕बात 💕दिल से💕दिल तक💕अल्फाज ए मुहब्बत 💕( आर-दत्ता)😘😟 #💕 "लफ्ज़" कुछ तेरे....कुछ मेरे.... 💘 R #दिल कि बातें ... दिल कि कलम से #🌟🌟दिल के अल्फाज ❤️💫📝
अल्फ़ाज़ दिल के - शाम ढली तो दिलनेये पैगाम दिया, जो खो गया उसे भूल, जो मिला उसका नाम लिया | हर डूबता सूरज कहता हे मुस्कुरा कर कल फिर मिलेंगे - नईउम्मीदोंके साथ " शाम ढली तो दिलनेये पैगाम दिया, जो खो गया उसे भूल, जो मिला उसका नाम लिया | हर डूबता सूरज कहता हे मुस्कुरा कर कल फिर मिलेंगे - नईउम्मीदोंके साथ - ShareChat
#🤗 प्यार का इज़हार #❤❤ Heart Beat ❤❤R #इश्क💞 stutes#रोमांटिकstutes#👩‍❤️‍💋‍👨 प्यार मोहब्ब🌹#whatsapp stutes#व्हाट्सएप स्टेटस#ilu #💝 शायराना इश्क़
🤗 प्यार का इज़हार - ShareChat
00:09
#🥰लव शायरी😘 #💕दिल की💕बात 💕दिल से💕दिल तक💕अल्फाज ए मुहब्बत 💕( आर-दत्ता)😘😟 #💘 Love Forever #❤❤ Heart Beat ❤❤R #🤗 प्यार का इज़हार
🥰लव शायरी😘 - ShareChat
00:16
#💝 इज़हार-ए-मोहब्बत #gajal & shayari #🖋ग़ज़ल #gazal #🥰लव शायरी😘
💝 इज़हार-ए-मोहब्बत - दिल कैस्ागर घलहरैच्ढाया ना करो दींद चुराया ना करो ख्वाब बनकर बहुत   चोट लयती हेघैरे दिल को तुम ख्वार्बों मेआकरयूं तड़पाया ना करो दिल कैस्ागर घलहरैच्ढाया ना करो दींद चुराया ना करो ख्वाब बनकर बहुत   चोट लयती हेघैरे दिल को तुम ख्वार्बों मेआकरयूं तड़पाया ना करो - ShareChat
#💕 "लफ्ज़" कुछ तेरे....कुछ मेरे.... 💘 R #💕दिल की💕बात 💕दिल से💕दिल तक💕अल्फाज ए मुहब्बत 💕( आर-दत्ता)😘😟 #📖 कविता और कोट्स✒️ #✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ साहित्य एवं शायरी #अल्फ़ाज़ दिल के
💕 "लफ्ज़" कुछ तेरे....कुछ मेरे.... 💘 R - आसमां से फिर गिरेगी प्यार की सौग़ात क्या। है फिर ये धड़कन , होगी पूछती तुमसे बात क्या। ओस की ये बूंद जो, तेरे रुखसारों पे ठहरी चूम लूँ महताब समझूँ, या कहूँ जज्बात क्या। बंद कमरे में जो गूँजी थी कभी तेरी हँसी, गुफ्तगू अब भी वही है, रूह के भी साथ क्या। काँपते ने जब थामी थी तेरी उँगलियाँ, हाथों वक़्त वो ठहरा हुआ फिर दोगी अपना हाथ क्या। रास्ते भी भीग कर अब आइना से हो गए देख लें  इनमें ज़रा हम अपनी ही औकात क्या। तुम ज़रा सी बेरुखी से फेर लेते   हो TR, इतनी छोटी बात पर छूटेगा अपना साथ क्या। वो जो कागज़ की बनाई कश्तियाँ थीं धूप में, ढूँढने निकलें उन्हें हम, होनी है बरसात क्या। रेत पर जो नाम लिख कर हमने छोड़ा था कभी, लहरें अब भी पूछती हैं है वही हालात क्या। एक मुद्दत से थकी है ख़्वाहिशों की ये डगर चलना पड़ेगा दर्द के ही 3 भर H QIII ये अधूरी   हसरतें, Rd ಈi q तक मुंतज़िर आँखों को दोगी ख़्वाब की सौग़ात क्या। आसमां से फिर गिरेगी प्यार की सौग़ात क्या। है फिर ये धड़कन , होगी पूछती तुमसे बात क्या। ओस की ये बूंद जो, तेरे रुखसारों पे ठहरी चूम लूँ महताब समझूँ, या कहूँ जज्बात क्या। बंद कमरे में जो गूँजी थी कभी तेरी हँसी, गुफ्तगू अब भी वही है, रूह के भी साथ क्या। काँपते ने जब थामी थी तेरी उँगलियाँ, हाथों वक़्त वो ठहरा हुआ फिर दोगी अपना हाथ क्या। रास्ते भी भीग कर अब आइना से हो गए देख लें  इनमें ज़रा हम अपनी ही औकात क्या। तुम ज़रा सी बेरुखी से फेर लेते   हो TR, इतनी छोटी बात पर छूटेगा अपना साथ क्या। वो जो कागज़ की बनाई कश्तियाँ थीं धूप में, ढूँढने निकलें उन्हें हम, होनी है बरसात क्या। रेत पर जो नाम लिख कर हमने छोड़ा था कभी, लहरें अब भी पूछती हैं है वही हालात क्या। एक मुद्दत से थकी है ख़्वाहिशों की ये डगर चलना पड़ेगा दर्द के ही 3 भर H QIII ये अधूरी   हसरतें, Rd ಈi q तक मुंतज़िर आँखों को दोगी ख़्वाब की सौग़ात क्या। - ShareChat