Shilpa Mohit Saini
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#🚩जय श्री खाटूश्याम 🙏
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#🤗 अच्छी सेहत का राज #🌿आयुर्वेद #🚩जय श्री खाटूश्याम 🙏
🤗 अच्छी सेहत का राज - जठराग्नि को प्रज्वलित रखेंः भोजन के बाद कभी न करें ये 5 काम १. मीठी चीजें न खाएं २. तुरंत पानी न पिएं भोजन के तुरंत बाद पानी पीने से आपकी पाचन अग्नि धीमी हो जाएगी , जिससे अपय हो सकती है। भोजन की शुरुआत मीठे से लगती है तो श्लूँज हगीत हैहॅ उतस ಹಾ:ಂರ जरराग्नि सगय भारी मीठी चीले आलानी 40 48 से पच जाती है। Iil भोजन के बाद मीठा खाने से शरीर में कफ दोष बढ़ता है, जो पाचन भोजन के ४० ४५ चिनट वाद अग्नि को मंद कर देता है। पिएं॰ चदि प्यान लगे तो भोजन फल भी भोजन के बाद न के कम से कम ४० ४५ यिनट या एक घटे वाद पानी पिए। फलो का रवाद भी खाएः मीठा खड्टा होता है और मे क्फ  बढ़ाते हैं। भोजन से दो घंटे भोजन केो बीच कें घींचच यमंटधपानी थोडंां पहल या वाद मे फल खाना भोजन के धोडा- थोडा सबसे अच्छा है। गर्य पानी पीने से जीभ सांक होती है और भोजन को पचाने में मदद मिलती है।  ४. तुरंत न सोएं 5. থ্ীসন ক ব্রান্র সান ন কই भोजन के तुरंत बाद और लंबे समच तक सोने से शरीर में कफ बढता है भरपेट भोजन या भारी और पाचन अग्नि मंद हो जाती है। नाश्ते के बाद नहाने से पाचन क्रिया धीमी हो जाती है। आयुर्वेद का क्रम अपनाएंः ३. अत्यधिक आयुर्वेदिक दिनचर्या के अनुसार , स्नान हमेशा  शारीरिक श्रम न करें भोजन करने से पहले करना चाहिए। भोजन के तुरंत बाद तेज चलना , रक्त संचार त्वचा की ओर सीढ़ियां चढ़ॅना या व्यायाम करने जाता हैः नढ़ाने से, छोटी झपकी ले सकते हैं विशेषकर गर्म पानी से॰ से हमेशा वचना चाहिए। शतपाबली करेंः भोजन बैठकर सोना एक विकल्प हैः रक्त संचार त्वचा की आप वाई करवट लेकर के वाद थोड़ी देर शांत बैठें १५-२० मिनट की एक छोटी जो लोग बैठकर सोते हैं उनफे ओर चला जाता है, जिसले फिर वलासन में बैठे ओर सम् मंचार पाचन से हट जाता हेः व्यायाम शरीर में न तो कक वढ़ता है पॉवर नेप ले लकते हैं। बह पाचन से ध्यान हट करने से सम संचार पाचन तव से हटकर उसक बाद १०० १५० कदम और न ही कोई तकलीफ पाचन में मदद करता है। फेफ्ईा, हदम ओर त्वया की ओर चला जाता है, धौरेन्थौरे चलें।  সানা El होती है। जिससे भोजन ठीक से नहीं पचता| जानकारी उपयोगी अपने अनुभव HHRTFB FOL OW 0S Comment Harl Pase ಹ[ Follow ಹೌ mri Share ಹೌ जठराग्नि को प्रज्वलित रखेंः भोजन के बाद कभी न करें ये 5 काम १. मीठी चीजें न खाएं २. तुरंत पानी न पिएं भोजन के तुरंत बाद पानी पीने से आपकी पाचन अग्नि धीमी हो जाएगी , जिससे अपय हो सकती है। भोजन की शुरुआत मीठे से लगती है तो श्लूँज हगीत हैहॅ उतस ಹಾ:ಂರ जरराग्नि सगय भारी मीठी चीले आलानी 40 48 से पच जाती है। Iil भोजन के बाद मीठा खाने से शरीर में कफ दोष बढ़ता है, जो पाचन भोजन के ४० ४५ चिनट वाद अग्नि को मंद कर देता है। पिएं॰ चदि प्यान लगे तो भोजन फल भी भोजन के बाद न के कम से कम ४० ४५ यिनट या एक घटे वाद पानी पिए। फलो का रवाद भी खाएः मीठा खड्टा होता है और मे क्फ  बढ़ाते हैं। भोजन से दो घंटे भोजन केो बीच कें घींचच यमंटधपानी थोडंां पहल या वाद मे फल खाना भोजन के धोडा- थोडा सबसे अच्छा है। गर्य पानी पीने से जीभ सांक होती है और भोजन को पचाने में मदद मिलती है।  ४. तुरंत न सोएं 5. থ্ীসন ক ব্রান্র সান ন কই भोजन के तुरंत बाद और लंबे समच तक सोने से शरीर में कफ बढता है भरपेट भोजन या भारी और पाचन अग्नि मंद हो जाती है। नाश्ते के बाद नहाने से पाचन क्रिया धीमी हो जाती है। आयुर्वेद का क्रम अपनाएंः ३. अत्यधिक आयुर्वेदिक दिनचर्या के अनुसार , स्नान हमेशा  शारीरिक श्रम न करें भोजन करने से पहले करना चाहिए। भोजन के तुरंत बाद तेज चलना , रक्त संचार त्वचा की ओर सीढ़ियां चढ़ॅना या व्यायाम करने जाता हैः नढ़ाने से, छोटी झपकी ले सकते हैं विशेषकर गर्म पानी से॰ से हमेशा वचना चाहिए। शतपाबली करेंः भोजन बैठकर सोना एक विकल्प हैः रक्त संचार त्वचा की आप वाई करवट लेकर के वाद थोड़ी देर शांत बैठें १५-२० मिनट की एक छोटी जो लोग बैठकर सोते हैं उनफे ओर चला जाता है, जिसले फिर वलासन में बैठे ओर सम् मंचार पाचन से हट जाता हेः व्यायाम शरीर में न तो कक वढ़ता है पॉवर नेप ले लकते हैं। बह पाचन से ध्यान हट करने से सम संचार पाचन तव से हटकर उसक बाद १०० १५० कदम और न ही कोई तकलीफ पाचन में मदद करता है। फेफ्ईा, हदम ओर त्वया की ओर चला जाता है, धौरेन्थौरे चलें।  সানা El होती है। जिससे भोजन ठीक से नहीं पचता| जानकारी उपयोगी अपने अनुभव HHRTFB FOL OW 0S Comment Harl Pase ಹ[ Follow ಹೌ mri Share ಹೌ - ShareChat
#🚩जय श्री खाटूश्याम 🙏
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#🚩जय श्री खाटूश्याम 🙏
🚩जय श्री खाटूश्याम 🙏 - आनंद से रहने का राज एक गांव में महान ऋषि रहते थे। एक दिन एक व्यकि, ऋषि के पास आया | उसने पूछा- मैं यह जानना चाहता हूं कि हमेशा खुश रहने का राज क्या है? ऋषि ने उससे कहा- तुम मेरे साथ जंगल में चलो, मैं तुम्हे खुश रहने का राज बताता  हूं। ऐसा कहकर ऋषि और वह व्यक्ति जंगल की तरफ चलने लगे। रास्ते में ऋषि ने एक बड़ा सा पत्थर उठाया और उस व्यक्ति को पकड़ा दिया। वह पत्थर कुछ समय बाद उसके हाथ उठाकर ऋषि के साथ जंगल की तरफ चलने लगा में दर्द होने लगा किन्तु वह चुपचाप चलता रहा। जब दर्द सहा नहीं गया तो उसने ऋषि को बताया। तो ऋषि ने पत्थर को नीचे रखने कहा पत्थर को रखने पर उस व्यक्ति को बड़ी राहत महसूस हुई। ऋषि ने कहा यही है प्रसन्न रहने का राज। व्यक्ति ने कहा गुरुवर मैं समझा नहीं | तो ऋषि ने कहा- जिस तरह इस पत्थर को एक मिनट तक हाथ में रखने पर थोड़ा सा कष्ट होता है अगर इसे और ज्यादा समय तक उठाए रखेंगे तो दर्द बढ़ता जाएगा  के बोझ उसी तरह दुःखों को जितने ज्यादा समय तक उठाए रखेंँगे , उतने ही ज्यादा हम और निराश दुःखी रहेंगे | यह हम पर निर्भर करता है कि हम दुःखों के बोझ को एक मिनट तक उठाए रखते है या जिंदगी भर। अगर तुम खुश रहना चाहते हो तो दुःख रुपी पत्थर को शीत्र नीचे रखना सीख लो और होे सके तो उसे उठाओ ही नहीं | हमारे पेज से जुड़ने के लिए फॉलो करना न भूले आनंद से रहने का राज एक गांव में महान ऋषि रहते थे। एक दिन एक व्यकि, ऋषि के पास आया | उसने पूछा- मैं यह जानना चाहता हूं कि हमेशा खुश रहने का राज क्या है? ऋषि ने उससे कहा- तुम मेरे साथ जंगल में चलो, मैं तुम्हे खुश रहने का राज बताता  हूं। ऐसा कहकर ऋषि और वह व्यक्ति जंगल की तरफ चलने लगे। रास्ते में ऋषि ने एक बड़ा सा पत्थर उठाया और उस व्यक्ति को पकड़ा दिया। वह पत्थर कुछ समय बाद उसके हाथ उठाकर ऋषि के साथ जंगल की तरफ चलने लगा में दर्द होने लगा किन्तु वह चुपचाप चलता रहा। जब दर्द सहा नहीं गया तो उसने ऋषि को बताया। तो ऋषि ने पत्थर को नीचे रखने कहा पत्थर को रखने पर उस व्यक्ति को बड़ी राहत महसूस हुई। ऋषि ने कहा यही है प्रसन्न रहने का राज। व्यक्ति ने कहा गुरुवर मैं समझा नहीं | तो ऋषि ने कहा- जिस तरह इस पत्थर को एक मिनट तक हाथ में रखने पर थोड़ा सा कष्ट होता है अगर इसे और ज्यादा समय तक उठाए रखेंगे तो दर्द बढ़ता जाएगा  के बोझ उसी तरह दुःखों को जितने ज्यादा समय तक उठाए रखेंँगे , उतने ही ज्यादा हम और निराश दुःखी रहेंगे | यह हम पर निर्भर करता है कि हम दुःखों के बोझ को एक मिनट तक उठाए रखते है या जिंदगी भर। अगर तुम खुश रहना चाहते हो तो दुःख रुपी पत्थर को शीत्र नीचे रखना सीख लो और होे सके तो उसे उठाओ ही नहीं | हमारे पेज से जुड़ने के लिए फॉलो करना न भूले - ShareChat
#🚩जय श्री खाटूश्याम 🙏
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