Shilpa Mohit Saini
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#🚩जय श्री खाटूश्याम 🙏
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#🚩जय श्री खाटूश्याम 🙏
🚩जय श्री खाटूश्याम 🙏 - चारो अतरवकारण ٤٧٩ 05 १. सतयुग देवता और दानच थे। ২ন 3Im 3m त्रेता युग 2 देवता और दानव एक लोक में रहते थे जेसे श्रीराम और रावण  3.774< 977 देवता ओर दानव एक ही परिवारमें रहते थे जेसे धर्मरान युशिष्वर और दुर्याधन ४.कलियुग देवता और दानव अव एक शरीर में रहते चारो अतरवकारण ٤٧٩ 05 १. सतयुग देवता और दानच थे। ২ন 3Im 3m त्रेता युग 2 देवता और दानव एक लोक में रहते थे जेसे श्रीराम और रावण  3.774< 977 देवता ओर दानव एक ही परिवारमें रहते थे जेसे धर्मरान युशिष्वर और दुर्याधन ४.कलियुग देवता और दानव अव एक शरीर में रहते - ShareChat
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#🚩जय श्री खाटूश्याम 🙏
🚩जय श्री खाटूश्याम 🙏 - मेरी दौलत श्याम का नाम है और मेरी ताकत मेरा परिवार.. मुझे दुनिया के झूठे दिखावे और महँगे गहनों का कोई शौक नहीं। जिय श्री श्याम जी lalowwp Asha Baghe मेरी दौलत श्याम का नाम है और मेरी ताकत मेरा परिवार.. मुझे दुनिया के झूठे दिखावे और महँगे गहनों का कोई शौक नहीं। जिय श्री श्याम जी lalowwp Asha Baghe - ShareChat
#🚩जय श्री खाटूश्याम 🙏
🚩जय श्री खाटूश्याम 🙏 - శ  कुछ प्रमाण जो सिद्ध करते हैं कि धरती पर भगवान है अमरनाथजी में शिवलिंग अपने आप बनता है। माँ ज्वालामुखी" में हमेशा ज्वाला निकलती है। मैहर माता मंदिर" में रात को आल्हाँ अब भी आते हैं। सीमा पर स्थित तनोट माता मंदिर में ३००० बम में से एक का भी ना फूटना। इतने बड़े हादसे के बाद भी " केदारनाथ मंदिर " का बाल ना बांका होना। पूरी दुनियां मैं आज भी सिर्फ " रामसेतु के पत्थर " पानी में గగే గే/ रामेश्वर धाम  सागर का कभी उफान न मारना। पुरी के मंदिर के ऊपर से किसी पक्षी या विमान का न निकलना। उज्जैन में भैरवनाथ का मदिरा पीना गंगा और नर्मदा माँ (नदी) के पानी का कभी खराब न होना। श्री राम नाम धन संग्रह बैंक में संग्रहीत ४१ अरब राम नाम मंत्र पुरित ग्रंथों को (कागज होने पर भी) चूहों व्दारा नहीं कॉटा जानाः- जबकि अनके चूहे अंदर घूमते रहते हैं। तोड़गढ में बाणमाताजी के मंदिर fa   శ  कुछ प्रमाण जो सिद्ध करते हैं कि धरती पर भगवान है अमरनाथजी में शिवलिंग अपने आप बनता है। माँ ज्वालामुखी" में हमेशा ज्वाला निकलती है। मैहर माता मंदिर" में रात को आल्हाँ अब भी आते हैं। सीमा पर स्थित तनोट माता मंदिर में ३००० बम में से एक का भी ना फूटना। इतने बड़े हादसे के बाद भी " केदारनाथ मंदिर " का बाल ना बांका होना। पूरी दुनियां मैं आज भी सिर्फ " रामसेतु के पत्थर " पानी में గగే గే/ रामेश्वर धाम  सागर का कभी उफान न मारना। पुरी के मंदिर के ऊपर से किसी पक्षी या विमान का न निकलना। उज्जैन में भैरवनाथ का मदिरा पीना गंगा और नर्मदा माँ (नदी) के पानी का कभी खराब न होना। श्री राम नाम धन संग्रह बैंक में संग्रहीत ४१ अरब राम नाम मंत्र पुरित ग्रंथों को (कागज होने पर भी) चूहों व्दारा नहीं कॉटा जानाः- जबकि अनके चूहे अंदर घूमते रहते हैं। तोड़गढ में बाणमाताजी के मंदिर fa - ShareChat
#🚩जय श्री खाटूश्याम 🙏
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#🤗 अच्छी सेहत का राज #🚩जय श्री खाटूश्याम 🙏
🤗 अच्छी सेहत का राज - से कुछ सीखें 3157 'uೆ೫ಾ' रात को कुछ नहीं खाते। रात को नहीं | घूमते अपने बच्चे को सही समय पर सिखाते हैं। ठूंस-्ठूंस के कभी नहीं खाते आपने कितने भी दाने डाले हों॰ थोड़ा खा के उड़ जाएंगे, साथ कुछ नहीं ले जाते । 7 517 =1 # जाएंगे , सुबह   जल्दी जाग जाएंगे , गाते- चहकते उठेंगे । अपने शरीर से खूब काम लेते हैं । रात के सिवा आराम नहीं करते | उनकी तरह परिश्रम करने से हृदय किडनी, लिवर के रोग नहीं होते। अपना आहार कभी नहीं बदलते । बीमारी आई तो खाना छोड देंगे, तभी खाएंगे जब वे ठीक हो जाएंगे | अपने बच्चे को  हरापलेतेऱबहर देंगेतनी जरूरत है।  प्यार देंगे । ম ওননা সক্কূনি से कुछ सीखें 3157 'uೆ೫ಾ' रात को कुछ नहीं खाते। रात को नहीं | घूमते अपने बच्चे को सही समय पर सिखाते हैं। ठूंस-्ठूंस के कभी नहीं खाते आपने कितने भी दाने डाले हों॰ थोड़ा खा के उड़ जाएंगे, साथ कुछ नहीं ले जाते । 7 517 =1 # जाएंगे , सुबह   जल्दी जाग जाएंगे , गाते- चहकते उठेंगे । अपने शरीर से खूब काम लेते हैं । रात के सिवा आराम नहीं करते | उनकी तरह परिश्रम करने से हृदय किडनी, लिवर के रोग नहीं होते। अपना आहार कभी नहीं बदलते । बीमारी आई तो खाना छोड देंगे, तभी खाएंगे जब वे ठीक हो जाएंगे | अपने बच्चे को  हरापलेतेऱबहर देंगेतनी जरूरत है।  प्यार देंगे । ম ওননা সক্কূনি - ShareChat
#🚩जय श्री खाटूश्याम 🙏
🚩जय श्री खाटूश्याम 🙏 - आज की कथा भगवान की लाठी. एक बुजुर्ग दरिया के किनारे पर जा रहे थे। एक जगह देखा कि दरिया की सतह से एक कछुआ निकला और पानी के किनारे पर आ गया। उसी किनारे से एक बड़े ही जहरीले बिच्छु ने दरिया के अन्दर छलांग लगाई और कछुए की पीठ कछुए ने तैरना शुरू कर दिया। पर सवारही गया।  हैरान हुए। Rage Maro बुजुर्ग बड़े Fb Desh Badal Raha Hai] 6 उन्होंने उस कछए का पीछा करे की ठान ली। इसलिए दरिया में तेर कर उस कछुए का पीछा किया। बिच्छू उसकी पीठ वह कछुआ दरिया के किनारे पर जाकर रूक गया। और 7 से छलांग लगाकर दूसरे किनारे पर चढ़ गया और आगे चलना शुरू कर दिया। वह बुजुर्ग भी उसके पीछे चलते रहे। आगे जाकर देखा कि जिस बिच्छू जा रहा था उसके रास्ते में एक भगवान् का भक्त ध्यान तरफ साधना में आँखे बन्द कर भगवान् की भक्ति कर रहा था। उस बुजुर्ग ने सोचा कि अगर यह बिच्छू उस भक्त को काटना चाहेगा तो मैं करीब पहुँचने से पहले ही उसे अपनी लाठी से मार डालूँगा| लेकिन वह कुछ कदम आगे बढे ही थेकि उन्होंने देखा से एक काला ೯ तरफ जहरीला साँप तेजी से उस भक्त को डसने के लिए आगे बढ़ रहा था। इतने में बिच्छू भी वहाँ पहुँच गया। নিভত ने उसी समय सांप डंक के ऊपर डंक मार दिया, जिसकी वजह से उस far जहर सांप के जिस्म में दाखिल हो गया और वह सांप वहीं अचेत 41 बिच्छू हो कर गिर पड़ा था। इसके बाद वह अपने रास्ते पर वापस चला गया। थोड़ी देर बाद जब वह भक्त उठा, तब उस बुजुर्ग ने उसे बताया कि भगवान् ने कछुवे को दरिया के किनारे लाया, फिर कैसे उस उसकी रक्षा के लिए कैसे उस बिच्छु  कछुए की पीठ पर बैठा कर साँप से तेरी रक्षा के ٥؟ को মডা वह भक्त उस अचेत पड़े सांप को देखकर हैरान रह गया। उसकी आँखों से आँसू निकल आए॰ और वह आँखें बन्द कर प्रभु को याद कर उनका धन्यवाद करने लगा, तभी प्रभु ने अपने उस भक्त से कहा, जब वो तुम्हे जानता तक नही, वो बुजुर्ग जो लिए फिर तू तो मेरी भक्ति में लगा लाठी उठा सकता है। और जान बचाने के तुम्हारी हुआ था तो फिर तुझे बचाने के लिये मेरी लाठी तो हमेशा से ही तैयार रहती है. आज की कथा भगवान की लाठी. एक बुजुर्ग दरिया के किनारे पर जा रहे थे। एक जगह देखा कि दरिया की सतह से एक कछुआ निकला और पानी के किनारे पर आ गया। उसी किनारे से एक बड़े ही जहरीले बिच्छु ने दरिया के अन्दर छलांग लगाई और कछुए की पीठ कछुए ने तैरना शुरू कर दिया। पर सवारही गया।  हैरान हुए। Rage Maro बुजुर्ग बड़े Fb Desh Badal Raha Hai] 6 उन्होंने उस कछए का पीछा करे की ठान ली। इसलिए दरिया में तेर कर उस कछुए का पीछा किया। बिच्छू उसकी पीठ वह कछुआ दरिया के किनारे पर जाकर रूक गया। और 7 से छलांग लगाकर दूसरे किनारे पर चढ़ गया और आगे चलना शुरू कर दिया। वह बुजुर्ग भी उसके पीछे चलते रहे। आगे जाकर देखा कि जिस बिच्छू जा रहा था उसके रास्ते में एक भगवान् का भक्त ध्यान तरफ साधना में आँखे बन्द कर भगवान् की भक्ति कर रहा था। उस बुजुर्ग ने सोचा कि अगर यह बिच्छू उस भक्त को काटना चाहेगा तो मैं करीब पहुँचने से पहले ही उसे अपनी लाठी से मार डालूँगा| लेकिन वह कुछ कदम आगे बढे ही थेकि उन्होंने देखा से एक काला ೯ तरफ जहरीला साँप तेजी से उस भक्त को डसने के लिए आगे बढ़ रहा था। इतने में बिच्छू भी वहाँ पहुँच गया। নিভত ने उसी समय सांप डंक के ऊपर डंक मार दिया, जिसकी वजह से उस far जहर सांप के जिस्म में दाखिल हो गया और वह सांप वहीं अचेत 41 बिच्छू हो कर गिर पड़ा था। इसके बाद वह अपने रास्ते पर वापस चला गया। थोड़ी देर बाद जब वह भक्त उठा, तब उस बुजुर्ग ने उसे बताया कि भगवान् ने कछुवे को दरिया के किनारे लाया, फिर कैसे उस उसकी रक्षा के लिए कैसे उस बिच्छु  कछुए की पीठ पर बैठा कर साँप से तेरी रक्षा के ٥؟ को মডা वह भक्त उस अचेत पड़े सांप को देखकर हैरान रह गया। उसकी आँखों से आँसू निकल आए॰ और वह आँखें बन्द कर प्रभु को याद कर उनका धन्यवाद करने लगा, तभी प्रभु ने अपने उस भक्त से कहा, जब वो तुम्हे जानता तक नही, वो बुजुर्ग जो लिए फिर तू तो मेरी भक्ति में लगा लाठी उठा सकता है। और जान बचाने के तुम्हारी हुआ था तो फिर तुझे बचाने के लिये मेरी लाठी तो हमेशा से ही तैयार रहती है. - ShareChat
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