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👩‍🌾खान सर मोटिवेशन💡 - कोर्ट ने हाईकोर्ट का फैसला पलटा सुप्रीम  एपीओ भर्ती - २०२४: आवेदन जमा करने ক্রী 3নিম নিথি নক ভিস্ী মীনা 3নিবার্য सिटी रिपोर्टर | अजमेर कोर्ट की प्रमुख टिप्पणियां ) नियमों में बदलाव नहींः न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और अभियोजन अधिकारी सहायक न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने कहा कि राजस्थान ( एपीओ ) भर्ती- २०२४ को लेकर अभियोजन अधीनस्थ सेवा नियम, १९७८ के नियम कोर्ट উমলা ने सुप्रीम अहम १२ में अंतिम वर्ष के छात्रों को दी जाने वाली छूट सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया अक्टरूबर २००२ में ही समाप्त कर दी गई थी। कि शैक्षणिक योग्यता का निर्धारण विज्ञापन की भाषा स्पष्ट थी-योग्यता का * स्पष्ट शर्तेः आवेदन जमा करने की अंतिम आकलन आवेदन की अंतिम तिथि तक उपलब्ध तिथि के आधार पर ही होगा। इसके दस्तावेज के आधार पर ही होगा। साथ ही कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट प्रशासनिक सुगमताः अदालत ने कहा कि इंटरव्यू तक उस आदेश को निरस्त के कर योग्यता हासिल करने की छूट देने से चयन प्रक्रिया में दिया, जिसमें अंतिम वर्ष के छात्रों अनिश्चितता और प्रशासनिक बोझ बढ़ेगा। परीक्षा में बैठने की अनुमति दी 73 थी। ५२ हजार से ज्यादा ने किया था आवेदन आरपीएससी ने 7 मार्च २०२४ सहायक अभियोजन अधिकारी के १८१ पदों के को १८१ पदों पर भर्ती का विज्ञापन लिए हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों जारी किया था, जिसमें विधि स्नातक आयोग को ५२ ( लॉ ग्रेजुएशन ) अनिवार्य रखा गया ने आवेदन किए थे। इसका प्री एग्जाम १९ जनवरी २०२५ को हुआ और मुख्य परीक्षा 1 था। बावजूद इसके कई अभ्यर्थियों 2025 किए ने डिग्री पूरी को ली गई थी। নিনা সানন कर दिया। आयोग ने बाद में प्रेस आयोग सचिव के अनुसार * भर्ती प्रक्रिया पर असर नोट जारी कर ऐसे अभ्यर्थियों से अब केवल वही अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में शामिल आवेदन वापस लेने को कहा, जिसे रहेंगे , जिनके पास आवेदन की अंतिम तिथि तक विधि कोर्ट में चुनौती दी गई। हाईकोर्ट ক্ষী स्नातक की डिग्री थी। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के एकल और खंडपीठ ने राहत बाद हाईकोर्ट के एकल और खंडपीठ के आदेश स्वतः हुए कहा था कि परीक्षा तक डिग्री निरस्त होे गए हैं, जिनके आधार पर अपात्र अभ्यर्थियों मिल जाने पर अभ्यर्थी पात्र माने को परीक्षा में बैठने की अनुमति दी गई थी। जा सकते हैं। कोर्ट ने हाईकोर्ट का फैसला पलटा सुप्रीम  एपीओ भर्ती - २०२४: आवेदन जमा करने ক্রী 3নিম নিথি নক ভিস্ী মীনা 3নিবার্য सिटी रिपोर्टर | अजमेर कोर्ट की प्रमुख टिप्पणियां ) नियमों में बदलाव नहींः न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और अभियोजन अधिकारी सहायक न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने कहा कि राजस्थान ( एपीओ ) भर्ती- २०२४ को लेकर अभियोजन अधीनस्थ सेवा नियम, १९७८ के नियम कोर्ट উমলা ने सुप्रीम अहम १२ में अंतिम वर्ष के छात्रों को दी जाने वाली छूट सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया अक्टरूबर २००२ में ही समाप्त कर दी गई थी। कि शैक्षणिक योग्यता का निर्धारण विज्ञापन की भाषा स्पष्ट थी-योग्यता का * स्पष्ट शर्तेः आवेदन जमा करने की अंतिम आकलन आवेदन की अंतिम तिथि तक उपलब्ध तिथि के आधार पर ही होगा। इसके दस्तावेज के आधार पर ही होगा। साथ ही कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट प्रशासनिक सुगमताः अदालत ने कहा कि इंटरव्यू तक उस आदेश को निरस्त के कर योग्यता हासिल करने की छूट देने से चयन प्रक्रिया में दिया, जिसमें अंतिम वर्ष के छात्रों अनिश्चितता और प्रशासनिक बोझ बढ़ेगा। परीक्षा में बैठने की अनुमति दी 73 थी। ५२ हजार से ज्यादा ने किया था आवेदन आरपीएससी ने 7 मार्च २०२४ सहायक अभियोजन अधिकारी के १८१ पदों के को १८१ पदों पर भर्ती का विज्ञापन लिए हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों जारी किया था, जिसमें विधि स्नातक आयोग को ५२ ( लॉ ग्रेजुएशन ) अनिवार्य रखा गया ने आवेदन किए थे। इसका प्री एग्जाम १९ जनवरी २०२५ को हुआ और मुख्य परीक्षा 1 था। बावजूद इसके कई अभ्यर्थियों 2025 किए ने डिग्री पूरी को ली गई थी। নিনা সানন कर दिया। आयोग ने बाद में प्रेस आयोग सचिव के अनुसार * भर्ती प्रक्रिया पर असर नोट जारी कर ऐसे अभ्यर्थियों से अब केवल वही अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में शामिल आवेदन वापस लेने को कहा, जिसे रहेंगे , जिनके पास आवेदन की अंतिम तिथि तक विधि कोर्ट में चुनौती दी गई। हाईकोर्ट ক্ষী स्नातक की डिग्री थी। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के एकल और खंडपीठ ने राहत बाद हाईकोर्ट के एकल और खंडपीठ के आदेश स्वतः हुए कहा था कि परीक्षा तक डिग्री निरस्त होे गए हैं, जिनके आधार पर अपात्र अभ्यर्थियों मिल जाने पर अभ्यर्थी पात्र माने को परीक्षा में बैठने की अनुमति दी गई थी। जा सकते हैं। - ShareChat
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📘परीक्षा अपडेट और तैयारी💯 - एसआइ भर्ती- २०२१ : एसएलपी खारिज होने के बाद दबाव में सरकार चयनित अभ्यर्थी कर रहे भागदौड़; सरकार मौन, आरपीएससी को आदेश का इंतजार हाईकोर्ट से अजमेर  सरकार के निर्णय का विधिक परीक्षण होगा जयपुर  कोट ঘুলিম सप्रीम तक उपनिरीक्षक মনী- 5ச்ச आरपीएससी सचिव रामनिवास मेहता के अनुसार (एसआइ ) सुप्रीम  २०२१ की परीक्षा रद्द करने का निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की  आदेश का अध्ययन कर सरकार के फसला  देने के बावजूद  राज्य  सरकार के निर्णय के बाद आयोग विधिक राय लेकर परीक्षा  जाएगी सरकार मान हे। राजस्थान लोक दौबारा कराने पर फैसला करेगा | यह भर्ती ८५९ पदों के लिए २०२१ में सेवा आयोग ( आरपीएससी) को आयोजित हुई थी जिसनें करीब ३८ लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। भी राज्य सरकार के फेसले का इंतजार है। इस कारण अश्यरथी शी॰ जल्द निर्णय लेने का दबाच बढ़ गया खुद   एसएलपी दायर   करनै 7 असमंजस में है। सुप्रीम कोर्ट से ॰  हेै। सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों  , लेकिन कोर्ट विकल्प सफल अभ्यर्थियों को एसएलपी  टिप्पणियों के बाद इसकी संभावना गें सरकार अपना रुख स्पष्ट कर खारिज होने के बाद सरकार पर सकती है। हालांकि सरकार के पास कम मानी जा रही हे। एसआइ भर्ती- २०२१ : एसएलपी खारिज होने के बाद दबाव में सरकार चयनित अभ्यर्थी कर रहे भागदौड़; सरकार मौन, आरपीएससी को आदेश का इंतजार हाईकोर्ट से अजमेर  सरकार के निर्णय का विधिक परीक्षण होगा जयपुर  कोट ঘুলিম सप्रीम तक उपनिरीक्षक মনী- 5ச்ச आरपीएससी सचिव रामनिवास मेहता के अनुसार (एसआइ ) सुप्रीम  २०२१ की परीक्षा रद्द करने का निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की  आदेश का अध्ययन कर सरकार के फसला  देने के बावजूद  राज्य  सरकार के निर्णय के बाद आयोग विधिक राय लेकर परीक्षा  जाएगी सरकार मान हे। राजस्थान लोक दौबारा कराने पर फैसला करेगा | यह भर्ती ८५९ पदों के लिए २०२१ में सेवा आयोग ( आरपीएससी) को आयोजित हुई थी जिसनें करीब ३८ लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। भी राज्य सरकार के फेसले का इंतजार है। इस कारण अश्यरथी शी॰ जल्द निर्णय लेने का दबाच बढ़ गया खुद   एसएलपी दायर   करनै 7 असमंजस में है। सुप्रीम कोर्ट से ॰  हेै। सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों  , लेकिन कोर्ट विकल्प सफल अभ्यर्थियों को एसएलपी  टिप्पणियों के बाद इसकी संभावना गें सरकार अपना रुख स्पष्ट कर खारिज होने के बाद सरकार पर सकती है। हालांकि सरकार के पास कम मानी जा रही हे। - ShareChat
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👩‍🌾खान सर मोटिवेशन💡 - हाईकोर्ट का आदेश रद्दः सहायक अभियोजन अधिकारी भर्ती परीक्षा आवेदन की अंतिम तिथि तक डिग्री কীনা 3নিনায: कोर्ट gqTT एसआइ भर्ती २०२१ : पत्रिका न्यूज नेटवर्क patrika com एसएलपी खारिज सहायक   अभियोजन अजमेर  अधिकारी (एपीओ ) भर्ती २०२४  होने के बाद दबाव मामले मे सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण  में सरकार आदेश देते हए स्पष्ट किया है कि  शेक्षणिक योग्यता की निर्णायक जयपुर . अजमेर . हाईकोर्ट से सुप्रीम  तिथि आवेदन की अतिम तिथि ही यह है मामला कोर्ट तक एसआइ भर्ती २०२१ की परीक्षा  साथ ही कोर्ट ने होगी। इसके रद्द करने का फैसला देने के बवजूद राफ राजस्थान हाईकोट के उन आदेशों  य सरकार मौन हे। सुप्रीम कोर्ट से सफल  राजस्थान लोक सेवा आयोग को रद्द कर दिया, जिन्मे अंतिम वर्ष अभ्यर्थियों की एसएलपी खारिज होने के ( आरपीएससी ) ने 7 मार्च २०२४ को के छात्रों को परीक्षा रमे बैठने की बाद रारकार पर जल्द निर्णय लेने का एपीओ के १८१ पदों के लिए भर्ती दी गईःथी। अनुमति  हे। सूत्रों के अनुसार आने वषाव बढ गय निकाली थी॰ जिसमें ला स्नातक की न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और वाले दिनों में सरकार अपना रुख स्पष्ट डिग्री अनिवार्य रखी गई। इसके  न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने सकतो है। हालाकि सरकार के पास  कर बावजूद ऐसे अभ्यर्थियों ने भी॰ कहा कि राजस्थान अभियोजन एसएलपी दायर करने का विकल्प है खद आवेदन कर दिया जिनको डिगी অখীনথে_মনা নিমস-1978 ম लॅकिन कोर्ट की टिप्पणि्यों के बाद इसकी  अंतिम तिथि तक पूरी नहीं हुई थी।  अंतिम वर्ष के छात्रों को दी गई छट संभावना कम मानी जा रही ह। आयोग ने ऐसो अभ्यर्थियों से आवेदन अवटूबर २००२ मे हटा दी गई थी। आरपीएससी सचिव रामनिवास मेहता के वापस लेने को कहा जिसे हाईकोर्ट में इसलिए   योग्यता  अनुसार सुप्रीम कोर्ट के आदेश का आकलन का आवेदन की अंतिम तिथि तक   चुनौती दी गई। हाईकोर्ट की एकल   নিবহানুমাব  अध्ययन कर सरकार के उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर और खंडपीठ ने अभ्यर्थियों को राहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। सरकार  ಹI ೯ 7 ক্ি के निर्णय के बाद आयोग विधिक राय চী देते हुए कहा था कि परीक्षा तिथि तक कहा लेकर परीक्षा दोबारा कराने पर फसला  साक्षात्कार तक योग्यता परी करने डिग्री मिलने पर उन्हें पात्र माना जाए। करेगा। यह भर्ती ८५९ पदों के लिए हुई  की छूट देने से चयन प्रक़्रिया में इसके खिलाफ आयोग सुप्रीम कोर्ट  थी जिसमें करीव ३ ८ लाख अभ्यर्थी अनिश्चितता बढ़ेगी और आयोग पहुचा जहा अब हाईकोर्ट के आदेश  शामिल हुए थे।  प्रशासनिक बोझ भी पड़ेगा।  दिए गए।  पर ٢٤ 5٢ हाईकोर्ट का आदेश रद्दः सहायक अभियोजन अधिकारी भर्ती परीक्षा आवेदन की अंतिम तिथि तक डिग्री কীনা 3নিনায: कोर्ट gqTT एसआइ भर्ती २०२१ : पत्रिका न्यूज नेटवर्क patrika com एसएलपी खारिज सहायक   अभियोजन अजमेर  अधिकारी (एपीओ ) भर्ती २०२४  होने के बाद दबाव मामले मे सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण  में सरकार आदेश देते हए स्पष्ट किया है कि  शेक्षणिक योग्यता की निर्णायक जयपुर . अजमेर . हाईकोर्ट से सुप्रीम  तिथि आवेदन की अतिम तिथि ही यह है मामला कोर्ट तक एसआइ भर्ती २०२१ की परीक्षा  साथ ही कोर्ट ने होगी। इसके रद्द करने का फैसला देने के बवजूद राफ राजस्थान हाईकोट के उन आदेशों  य सरकार मौन हे। सुप्रीम कोर्ट से सफल  राजस्थान लोक सेवा आयोग को रद्द कर दिया, जिन्मे अंतिम वर्ष अभ्यर्थियों की एसएलपी खारिज होने के ( आरपीएससी ) ने 7 मार्च २०२४ को के छात्रों को परीक्षा रमे बैठने की बाद रारकार पर जल्द निर्णय लेने का एपीओ के १८१ पदों के लिए भर्ती दी गईःथी। अनुमति  हे। सूत्रों के अनुसार आने वषाव बढ गय निकाली थी॰ जिसमें ला स्नातक की न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और वाले दिनों में सरकार अपना रुख स्पष्ट डिग्री अनिवार्य रखी गई। इसके  न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने सकतो है। हालाकि सरकार के पास  कर बावजूद ऐसे अभ्यर्थियों ने भी॰ कहा कि राजस्थान अभियोजन एसएलपी दायर करने का विकल्प है खद आवेदन कर दिया जिनको डिगी অখীনথে_মনা নিমস-1978 ম लॅकिन कोर्ट की टिप्पणि्यों के बाद इसकी  अंतिम तिथि तक पूरी नहीं हुई थी।  अंतिम वर्ष के छात्रों को दी गई छट संभावना कम मानी जा रही ह। आयोग ने ऐसो अभ्यर्थियों से आवेदन अवटूबर २००२ मे हटा दी गई थी। आरपीएससी सचिव रामनिवास मेहता के वापस लेने को कहा जिसे हाईकोर्ट में इसलिए   योग्यता  अनुसार सुप्रीम कोर्ट के आदेश का आकलन का आवेदन की अंतिम तिथि तक   चुनौती दी गई। हाईकोर्ट की एकल   নিবহানুমাব  अध्ययन कर सरकार के उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर और खंडपीठ ने अभ्यर्थियों को राहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। सरकार  ಹI ೯ 7 ক্ি के निर्णय के बाद आयोग विधिक राय চী देते हुए कहा था कि परीक्षा तिथि तक कहा लेकर परीक्षा दोबारा कराने पर फसला  साक्षात्कार तक योग्यता परी करने डिग्री मिलने पर उन्हें पात्र माना जाए। करेगा। यह भर्ती ८५९ पदों के लिए हुई  की छूट देने से चयन प्रक़्रिया में इसके खिलाफ आयोग सुप्रीम कोर्ट  थी जिसमें करीव ३ ८ लाख अभ्यर्थी अनिश्चितता बढ़ेगी और आयोग पहुचा जहा अब हाईकोर्ट के आदेश  शामिल हुए थे।  प्रशासनिक बोझ भी पड़ेगा।  दिए गए।  पर ٢٤ 5٢ - ShareChat
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👩‍🌾खान सर मोटिवेशन💡 - ऑनलाइन परीक्षा के साथ मिलेगा ई-सर्टिफिकेट नशे के खिलाफ अनोखी पहलः अब गूगल फॉर्म से जागरूक होंगे स्टूडेंट्स युवा पीढ़ी को नशे की बीकानेर अब हस्ताक्षर अभियान और दलदल से बचाने के लिए देशनोक में गा़ड़ियों पर लगेंगे लोगो एक अभिनव प्रयोग शुरू किया गया है। मंगलवार को राजकीय बालिका अभियान को व्यापक बनाने के लिए 'ম নীযু उच्च माध्यमिक विद्यालय में अब सार्वजनिक स्थानों पर हस्ताक्षर ड्रग्स' अभियान के तहत छात्राओं को अभियान चलाया जाएगा। इसमें जागरूक किया गया। प्राचार्य संतोष एनसीसी और एनएसएस का बाच्छल के निर्देशन में आयोजित इस सहयोग लिया जाएगा। कार्यक्रम में तकनीक का सहारा लेकर जन-्जागरूकता बढ़ाने के लिए शिफकर्म विद्यार्थियों को जोड़ा गया। स्कूटी और बाइक पर ' नशे को ना लाल   दैया  ने  गूगल H कहें' के लोगो लगाए जाएंगे। 99٩ ٦7 5 आधारित   वस्तुनिष्ठ ली को ক ভাঁ परोक्षा छात्राओं जरिए अनुसार, कच्छवाह फॉर्म  में विद्यार्थियों के ऑफलाइन परीक्षा में कक्षा ११वीं ऑनलाइन लिए ११ प्रश्न तय किए गए हैं। हर दिव्या चारण ने प्रथम   स्थान छात्रा प्राप्त किया। निहारिका सोनी व धापू सही उत्तर पर १० अंक मिलेंगे। खास सेवग संयुक्त रूप से दूसरे और सिया बात यह है कि प्रश्नावली पूरी करते ही छात्र के ईमेल पर डिजिटल प्रमाण मारू तीसरे स्थान पर रहीं। जाएगा।   इसके 7 अभियान   की शुरुआत   राजकीय पत्र अलावा उच्च माध्यमिक विद्यालय ( भीनासर ) २० प्रश्नों को ऑफलाइन स्कूल के प्राचार्य करनीदान कच्छवाह ने की परीक्षा भी हुई, जिसमें १७० छात्राओं है।   उन्होंने प्राचार्य लिया। ন बताया   कि T 46 Uగైగా उप और   प्रीति पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा द्वारा शिवनारायण   गोयल ন चिह्न विजेताओं को प्रतीक चलाए जा रहे ' ऑपरेशन नीलकंठ व सांत्वना से प्रेरित है। किए। पुरस्कार भेंट ऑनलाइन परीक्षा के साथ मिलेगा ई-सर्टिफिकेट नशे के खिलाफ अनोखी पहलः अब गूगल फॉर्म से जागरूक होंगे स्टूडेंट्स युवा पीढ़ी को नशे की बीकानेर अब हस्ताक्षर अभियान और दलदल से बचाने के लिए देशनोक में गा़ड़ियों पर लगेंगे लोगो एक अभिनव प्रयोग शुरू किया गया है। मंगलवार को राजकीय बालिका अभियान को व्यापक बनाने के लिए 'ম নীযু उच्च माध्यमिक विद्यालय में अब सार्वजनिक स्थानों पर हस्ताक्षर ड्रग्स' अभियान के तहत छात्राओं को अभियान चलाया जाएगा। इसमें जागरूक किया गया। प्राचार्य संतोष एनसीसी और एनएसएस का बाच्छल के निर्देशन में आयोजित इस सहयोग लिया जाएगा। कार्यक्रम में तकनीक का सहारा लेकर जन-्जागरूकता बढ़ाने के लिए शिफकर्म विद्यार्थियों को जोड़ा गया। स्कूटी और बाइक पर ' नशे को ना लाल   दैया  ने  गूगल H कहें' के लोगो लगाए जाएंगे। 99٩ ٦7 5 आधारित   वस्तुनिष्ठ ली को ক ভাঁ परोक्षा छात्राओं जरिए अनुसार, कच्छवाह फॉर्म  में विद्यार्थियों के ऑफलाइन परीक्षा में कक्षा ११वीं ऑनलाइन लिए ११ प्रश्न तय किए गए हैं। हर दिव्या चारण ने प्रथम   स्थान छात्रा प्राप्त किया। निहारिका सोनी व धापू सही उत्तर पर १० अंक मिलेंगे। खास सेवग संयुक्त रूप से दूसरे और सिया बात यह है कि प्रश्नावली पूरी करते ही छात्र के ईमेल पर डिजिटल प्रमाण मारू तीसरे स्थान पर रहीं। जाएगा।   इसके 7 अभियान   की शुरुआत   राजकीय पत्र अलावा उच्च माध्यमिक विद्यालय ( भीनासर ) २० प्रश्नों को ऑफलाइन स्कूल के प्राचार्य करनीदान कच्छवाह ने की परीक्षा भी हुई, जिसमें १७० छात्राओं है।   उन्होंने प्राचार्य लिया। ন बताया   कि T 46 Uగైగా उप और   प्रीति पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा द्वारा शिवनारायण   गोयल ন चिह्न विजेताओं को प्रतीक चलाए जा रहे ' ऑपरेशन नीलकंठ व सांत्वना से प्रेरित है। किए। पुरस्कार भेंट - ShareChat
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📘परीक्षा अपडेट और तैयारी💯 - योजना में बदलाव பi स्कूटी नहीं, छात्राओं को 3ম उसकी राशि देगी सरकार 12বী ম 65% যা 75% सिटी रिपोर्टर | जोधपुर  3ঁক লান বাল এাতস राज्य सरकार ने मेधावी छात्राओं ন ন্ধী  যীতনা   স को स्कूटी बड़ा बदलाव किया है। कालीबाई भील व देवनारायण छात्रा स्कूटी योजनाओं में सीधे स्कूटी देने के बजाय उसकी राशि छात्राओं के बैंक अकाउंट में डाली जाएगी। कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी इससे निर्णय से प्रदेश की २५,९७७ योजना १२वीं की सभी वर्गों की और जोधपुर जिले की ३३८ बेटियों मेधावी छात्राओं के लिए है। १२वीं में न्यूनतम ६५% और को सीधा फायदा मिलेगा। राजस्थान बोर्ड यह निर्णय स्कूटी के वितरण सीबीएसई में ७५% अंक प्राप्त करने में लेटलतीफी के कारण लिया वाली छात्राएं पात्र होती हैं। जबकि है। स्कूटी वितरण की पूरी TTTHEI # देवनारायण छात्रा स्कूटी योजना अति पिछड़ा वर्ग जैसे गुर्जर, रायका, रेबारी महाविद्यालयों पर होती थी। आदि समुदायों को छात्राओं के लिए ব্ধী সাপূনি স स्कूटियों देरी, उनके भंडारण, सुरक्षा और है। इसमें १२वीं में ५०% या उससे रजिस्ट्रेशन  जैसी   प्रक्रियाओं  ने अधिक अंक लाने वाली छात्राओं कॉलेज को मेरिट के आधार पर स्कूटी दी अतिरिक्त को प्रशासन जाती है। बोझ में डाल रखा था। कई जगहों पर स्कूटियां कक्षा- कॉलेज प्रशासनिक कक्षों में रखनी पड़ती थीं, जिससे झंझटों से मुक्त होंगे शैक्षणिक गतिविधियां भी प्रभावित होती थीं। यह मुद्दा अखिल भारतीय  राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान एबीआरएसएम के प्रदेश महामंत्री प्रो॰ रिछपाल सिंह ने बताया कि राज्य ( एबीआरएसएम ) लगातार सरकार का फैसला काफी राहत उठाता रहा। अब नई व्यवस्था में भरा है। छात्राओं के स्कूटी योजना  महाविद्यालयों की भूमिका केवल में डीबीटी लागू होने से न केवल पात्रता जांच और वरीयता सूची तैयार करने तक सीमित   रहेगी। छात्राओं को समय पर लाभ मिलेगा, बल्कि कॉलेजों को भी प्रशासनिक इससे और पारदर्शिता बढ़ेगी झंझट से मुक्ति मिलेगी।  शैक्षणिक माहौल भी बेहतर होगा। योजना में बदलाव பi स्कूटी नहीं, छात्राओं को 3ম उसकी राशि देगी सरकार 12বী ম 65% যা 75% सिटी रिपोर्टर | जोधपुर  3ঁক লান বাল এাতস राज्य सरकार ने मेधावी छात्राओं ন ন্ধী  যীতনা   স को स्कूटी बड़ा बदलाव किया है। कालीबाई भील व देवनारायण छात्रा स्कूटी योजनाओं में सीधे स्कूटी देने के बजाय उसकी राशि छात्राओं के बैंक अकाउंट में डाली जाएगी। कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी इससे निर्णय से प्रदेश की २५,९७७ योजना १२वीं की सभी वर्गों की और जोधपुर जिले की ३३८ बेटियों मेधावी छात्राओं के लिए है। १२वीं में न्यूनतम ६५% और को सीधा फायदा मिलेगा। राजस्थान बोर्ड यह निर्णय स्कूटी के वितरण सीबीएसई में ७५% अंक प्राप्त करने में लेटलतीफी के कारण लिया वाली छात्राएं पात्र होती हैं। जबकि है। स्कूटी वितरण की पूरी TTTHEI # देवनारायण छात्रा स्कूटी योजना अति पिछड़ा वर्ग जैसे गुर्जर, रायका, रेबारी महाविद्यालयों पर होती थी। आदि समुदायों को छात्राओं के लिए ব্ধী সাপূনি স स्कूटियों देरी, उनके भंडारण, सुरक्षा और है। इसमें १२वीं में ५०% या उससे रजिस्ट्रेशन  जैसी   प्रक्रियाओं  ने अधिक अंक लाने वाली छात्राओं कॉलेज को मेरिट के आधार पर स्कूटी दी अतिरिक्त को प्रशासन जाती है। बोझ में डाल रखा था। कई जगहों पर स्कूटियां कक्षा- कॉलेज प्रशासनिक कक्षों में रखनी पड़ती थीं, जिससे झंझटों से मुक्त होंगे शैक्षणिक गतिविधियां भी प्रभावित होती थीं। यह मुद्दा अखिल भारतीय  राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान एबीआरएसएम के प्रदेश महामंत्री प्रो॰ रिछपाल सिंह ने बताया कि राज्य ( एबीआरएसएम ) लगातार सरकार का फैसला काफी राहत उठाता रहा। अब नई व्यवस्था में भरा है। छात्राओं के स्कूटी योजना  महाविद्यालयों की भूमिका केवल में डीबीटी लागू होने से न केवल पात्रता जांच और वरीयता सूची तैयार करने तक सीमित   रहेगी। छात्राओं को समय पर लाभ मिलेगा, बल्कि कॉलेजों को भी प्रशासनिक इससे और पारदर्शिता बढ़ेगी झंझट से मुक्ति मिलेगी।  शैक्षणिक माहौल भी बेहतर होगा। - ShareChat
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📰 आपके निकट नौकरियाँ - कर्मचारियों के काम की 2 खबरें कर्मियों के वेतन निर्धारण की नए सिरे से जांच होगी राहतः कम एसीआर ননন ন राज्य सरकार जयपुर निर्धारण में गड़बड़ियों पर बडा पर भी नहीं रुकेगा एक्शन लेते हुए सभी विभागों को कर्मचारियों के वेतन की दोबारा चयनित वेतनमान गहन जांच के निर्देश दिए हैं। सरकार के वित्त विभाग वित्त विभाग ने साफ कर दिया है যাত্থোন ने राज्य कर्मचारियों को एमएसीपी कि अब न सिर्फ कर्मचारियों के योजना के तहत वित्तीय उन्नयन का वेतन निर्धारण की जांच होगी, लाभ देने के संबंध में एक महत्वपूर्ण लापरवाही   बरतने बल्कि वाले अधिकारियों जिम्मेदारी भी स्पष्टीकरण जारी किया है। सरकार के की की जाएगी। वेतन निर्धारण इस निर्णय से उन हजारों कर्मचारियों कय गड़बड़ियंगी को राहत मिलेगी, जिनकी सेवा के T7 अब सरकार ने सीधा शिकंजा कस दिया है। वर्षों में तकनीकी कारणों शुरुआती यह सिर्फ कागजी कार्रवाई नहीं, से वार्षिक कार्य मूल्यांकन प्रतिवेदन बल्कि कर्मचारियों और अफसरों तैयार नहीं हो पाए (ACRIAPAR दोनों के लिए चेतावनी है। गलती थे। अब तक कई कर्मचारियों को 9 हुई तो पैसा भी लौटाना पड़ेगा और साल की सेवा पूरी करने के बावजूद कार्रवाई भी झेलनी पड़ेगी। सिर्फ इसलिए वित्तीय लाभ नहीं मिल पुराने वेतन निर्धारण भी अब जांच के पा रहा था। क्योंकि उनके रिकॉर्ड में दायरे में शामिल किए गए हैं। पहले साल की एसीआर तकनीकी कारणों (३ माह से कम सेवा ) से शिवांगी নিহিচ सचिव स्वर्णकार की ओर से जारी परिपत्र दर्ज नहीं थी। यह आदेश उन सभी विभागों पर लागू होगा जहां कार्मिकों और विभागाध्यक्षों कार्यालयों چ ক্ী 9, 18 সীং 27 নপ ক্ধী মনা ೯ ೯ दिया आदेश 7ಲ कर्मचारियों के पर एमएसीपी का लाभ दिया जाता है। समय ्समय पर हुए ননন सेवा के पहले वर्ष में 3 माह से कम निर्धारणों   की   विस्तृत और नियमसम्मत जांच दोबारा की जाए। अवधि होने पर भी राहत मिलेगी। कर्मचारियों के काम की 2 खबरें कर्मियों के वेतन निर्धारण की नए सिरे से जांच होगी राहतः कम एसीआर ননন ন राज्य सरकार जयपुर निर्धारण में गड़बड़ियों पर बडा पर भी नहीं रुकेगा एक्शन लेते हुए सभी विभागों को कर्मचारियों के वेतन की दोबारा चयनित वेतनमान गहन जांच के निर्देश दिए हैं। सरकार के वित्त विभाग वित्त विभाग ने साफ कर दिया है যাত্থোন ने राज्य कर्मचारियों को एमएसीपी कि अब न सिर्फ कर्मचारियों के योजना के तहत वित्तीय उन्नयन का वेतन निर्धारण की जांच होगी, लाभ देने के संबंध में एक महत्वपूर्ण लापरवाही   बरतने बल्कि वाले अधिकारियों जिम्मेदारी भी स्पष्टीकरण जारी किया है। सरकार के की की जाएगी। वेतन निर्धारण इस निर्णय से उन हजारों कर्मचारियों कय गड़बड़ियंगी को राहत मिलेगी, जिनकी सेवा के T7 अब सरकार ने सीधा शिकंजा कस दिया है। वर्षों में तकनीकी कारणों शुरुआती यह सिर्फ कागजी कार्रवाई नहीं, से वार्षिक कार्य मूल्यांकन प्रतिवेदन बल्कि कर्मचारियों और अफसरों तैयार नहीं हो पाए (ACRIAPAR दोनों के लिए चेतावनी है। गलती थे। अब तक कई कर्मचारियों को 9 हुई तो पैसा भी लौटाना पड़ेगा और साल की सेवा पूरी करने के बावजूद कार्रवाई भी झेलनी पड़ेगी। सिर्फ इसलिए वित्तीय लाभ नहीं मिल पुराने वेतन निर्धारण भी अब जांच के पा रहा था। क्योंकि उनके रिकॉर्ड में दायरे में शामिल किए गए हैं। पहले साल की एसीआर तकनीकी कारणों (३ माह से कम सेवा ) से शिवांगी নিহিচ सचिव स्वर्णकार की ओर से जारी परिपत्र दर्ज नहीं थी। यह आदेश उन सभी विभागों पर लागू होगा जहां कार्मिकों और विभागाध्यक्षों कार्यालयों چ ক্ী 9, 18 সীং 27 নপ ক্ধী মনা ೯ ೯ दिया आदेश 7ಲ कर्मचारियों के पर एमएसीपी का लाभ दिया जाता है। समय ्समय पर हुए ননন सेवा के पहले वर्ष में 3 माह से कम निर्धारणों   की   विस्तृत और नियमसम्मत जांच दोबारा की जाए। अवधि होने पर भी राहत मिलेगी। - ShareChat