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कान्हा दिवाने

आई लव शेयरचैट

🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞 ⛅ *दिनांक 15 अक्टूबर 2019* ⛅ *दिन - मंगलवार* ⛅ *विक्रम संवत - 2076 (गुजरात. 2075)* ⛅ *शक संवत -1941* ⛅ *अयन - दक्षिणायन* ⛅ *ऋतु - शरद* ⛅ *मास - कार्तिक (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार अश्विन)* ⛅ *पक्ष - कृष्ण* ⛅ *तिथि - द्वितीया 16 अक्टूबर प्रातः 05:45 तक तत्पश्चात तृतीया* ⛅ *नक्षत्र - अश्विनी सुबह 12:31 तक तत्पश्चात भरणी* ⛅ *योग - वज्र 16 अक्टूबर प्रातः 05:02 तक तत्पश्चात सिद्धि* ⛅ *राहुकाल - शाम 03:05 से शाम 04:32 तक* ⛅ *सूर्योदय - 06:35* ⛅ *सूर्यास्त - 18:13* ⛅ *दिशाशूल - उत्तर दिशा में* ⛅ *व्रत पर्व विवरण - 💥 *विशेष - द्वितीया को बृहती (छोटा बैंगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *कार्तिक में दीपदान* 🌷 ➡ *13 अक्टूबर से 12 नवम्बर तक कार्तिक मास है ।* 💥 *विशेष ~ गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार अभी अश्विन मास है ।* 🙏🏻 *महापुण्यदायक तथा मोक्षदायक कार्तिक के मुख्य नियमों में सबसे प्रमुख नियम है दीपदान। दीपदान का अर्थ होता है आस्था के साथ दीपक प्रज्वलित करना। कार्तिक में प्रत्येक दिन दीपदान जरूर करना चाहिए।* 🙏🏻 **पुराणों में वर्णन मिलता है।* 🌷 *“हरिजागरणं प्रातःस्नानं तुलसिसेवनम् । उद्यापनं दीपदानं व्रतान्येतानि कार्तिके।।“ (पद्मपुराण, उत्तरखण्ड, अध्याय 115)* 🌷 *“स्नानं च दीपदानं च तुलसीवनपालनम् । भूमिशय्या ब्रह्मचर्य्यं तथा द्विदलवर्जनम् ।।* *विष्णुसंकीर्तनं सत्यं पुराणश्रवणं तथा । कार्तिके मासि कुर्वंति जीवन्मुक्तास्त एव हि ।।” (स्कन्दपुराण, वैष्णवखण्ड, कार्तिकमासमाहात्म्यम, अध्याय 03)* 🙏🏻 *पद्मपुराण उत्तरखंड, अध्याय 121 में कार्तिक में दीपदान की तुलना अश्वमेघ यज्ञ से की है :* 🌷 *घृतेन दीपको यस्य तिलतैलेन वा पुनः। ज्वलते यस्य सेनानीरश्वमेधेन तस्य किम्।* ➡ *कार्तिक में घी अथवा तिल के तेल से जिसका दीपक जलता रहता है, उसे अश्वमेघ यज्ञ से क्या लेना है।* 🙏🏻 *अग्निपुराण के 200 वे अध्याय के अनुसार* 🌷 *दीपदानात्परं नास्ति न भूतं न भविष्यति* ➡ *दीपदान से बढ़कर न कोई व्रत है, न था और न होगा ही* 🙏🏻 *स्कंदपुराण, वैष्णवखण्ड के अनुसार* 🌷 *सूर्यग्रहे कुरुक्षेत्रे नर्मदायां शशिग्रहे ।। तुलादानस्य यत्पुण्यं तदत्र दीपदानतः ।।* ➡ *कुरुक्षेत्र में सूर्यग्रहण के समय और नर्मदा में चन्द्रग्रहण के समय अपने वजन के बराबर स्वर्ण के तुलादान करने का जो पुण्य है वह केवल दीपदान से मिल जाता है।* 🔥 *कार्तिक में दीपदान का एक मुख्य उद्देश्य पितरों का मार्ग प्रशस्त करना भी है।* 🌷 *"तुला संस्थे सहस्त्राशौ प्रदोषे भूतदर्शयोः* *उल्का हस्ता नराः कुर्युः पितृणाम् मार्ग दर्शनम्।।"* ➡ *पितरों के निमित्त दीपदान जरूर करें।* 🙏🏻 *पद्मपुराण, उत्तरखंड, अध्याय 123 में महादेव कार्तिक में दीपदान का माहात्म्य सुनाते हुए अपने पुत्र कार्तिकेय से कहते हैं ।* 🌷 *शृणु दीपस्य माहात्म्यं कार्तिके शिखिवाहन। पितरश्चैव वांच्छंति सदा पितृगणैर्वृताः।।* *भविष्यति कुलेऽस्माकं पितृभक्तः सुपुत्रकः। कार्तिके दीपदानेन यस्तोषयति केशवम्।।* ➡ *“मनुष्य के पितर अन्य पितृगणों के साथ सदा इस बात की अभिलाषा करते हैं कि क्या हमारे कुल में भी कोई ऐसा उत्तम पितृभक्त पुत्र उत्पन्न होगा, जो कार्तिक में दीपदान करके श्रीकेशव को संतुष्ट कर सके। ”* 👉🏻 *शेष कल.......* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🙏🍀🌷🌻🌺🌸🌹🍁🙏 #🔯आज का राशिफल / पंचांग ☀️
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🔯आज का राशिफल / पंचांग ☀️

🔯आज का राशिफल / पंचांग ☀️ - सामानाकामा जयब TOD - सुंदरता से बढ़कर चरित्र है , - प्रेम से बढ़कर त्याग है , . दौलत से बढ़कर मानवता है , परंतु सुंदर रिश्ते से बढ़कर दुनियाँ में कुछ भी नहीं ! _ _ नये रिश्ते न बने तो मलाल न करना । । पुराने टुट न जाये इतना ख्याल रखना - ShareChat
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23 घंटे पहले
🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞 ⛅ *दिनांक 13 अक्टूबर 2019* ⛅ *दिन - रविवार* ⛅ *विक्रम संवत - 2076 (गुजरात. 2075)* ⛅ *शक संवत -1941* ⛅ *अयन - दक्षिणायन* ⛅ *ऋतु - शरद* ⛅ *मास - अश्विन* ⛅ *पक्ष - शुक्ल* ⛅ *तिथि - पूर्णिमा 14 अक्टूबर रात्रि 02:38 तक तत्पश्चात प्रतिपदा* ⛅ *नक्षत्र - उत्तर भाद्रपद सुबह 07:54 तक तत्पश्चात रेवती* ⛅ *योग - व्याघात 14 अक्टूबर प्रातः 04:44 तक तत्पश्चात हर्षण* ⛅ *राहुकाल - शाम 04:33 से शाम 06:00 तक* ⛅ *सूर्योदय - 06:34* ⛅ *सूर्यास्त - 18:15* ⛅ *दिशाशूल - पश्चिम दिशा में* ⛅ *व्रत पर्व विवरण - व्रत पूर्णिमा, माणेकठारी-कोजागरी-शरद पूर्णिमा, कार्तिक स्नानारम्भ, वाल्मीकि जयंती* 💥 *विशेष - पूर्णिमा के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *कार्तिक मास में स्नान की महिमा* 🌷 🙏🏻 *कार्तिक मास में सूर्योदय से पहले स्नान करने की बड़ी भारी महिमा है और ये स्नान तीर्थ स्नान के समान होता है l* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *शरद पूर्णिमा* 🌷 🌙 *शरद पूर्णिमा रात्रि में चन्द्रमा की किरणों में रखी हुई दूध – चावल की खीर का सेवन पित्तशामक व स्वास्थ्यवर्धक है | इस रात को सुई में धागा पिरोने से नेत्रज्योति बढ़ती है |* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *कार्तिक मास में जप* 🌷 🙏🏻 *कार्तिक मास में अपने गुरुदेव का सुमिरन करते हुए जो "ॐ नमो नारायणाय" का जप करता है, उसे बहुत पुण्य होता है |* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *कार्तिक मास* 🌷 🙏🏻 *स्कंद पुराण में लिखा है : ‘कार्तिक मास के समान कोई और मास नहीं हैं, सत्ययुग के समान कोई युग नहीं है, वेदों के समान कोई शास्त्र नहीं है और गंगाजी के समान दूसरा कोई तीर्थ नहीं है |’ – ( वैष्णव खण्ड, का.मा. : १.३६-३७)* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🙏🍀🌷🌻🌺🌸🌹🍁🙏 #🔯आज का राशिफल / पंचांग ☀️
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🔯आज का राशिफल / पंचांग ☀️

🔯आज का राशिफल / पंचांग ☀️ - शुभ रविवार आपको और आपके पूरे परिवार को शरद पूर्णिमा एवं वाल्मिकी जयन्ती सप्रभात COM 13 / 10 / 2019 महर्षि वाल्मीकिंजी एवं माता लक्ष्मी का आशीर्वाद आपके परिवार पर सदैव बनी रहे । की हार्दिक शुभकामनाएं - ShareChat
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2 दिन पहले
🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞 ⛅ *दिनांक 12 अक्टूबर 2019* ⛅ *दिन - शनिवार* ⛅ *विक्रम संवत - 2076 (गुजरात. 2075)* ⛅ *शक संवत -1941* ⛅ *अयन - दक्षिणायन* ⛅ *ऋतु - शरद* ⛅ *मास - अश्विन * ⛅ *पक्ष - शुक्ल* ⛅ *तिथि - चतुर्दशी रात्रि 12:36 तक तत्पश्चात पूर्णिमा* ⛅ *नक्षत्र - उत्तर भाद्रपद पूर्ण रात्रि तक* ⛅ *योग - ध्रुव 13 अक्टूबर प्रातः 04:14 तक तत्पश्चात व्याघात* ⛅ *राहुकाल - सुबह 09:20 से सुबह 10:46 तक* ⛅ *सूर्योदय - 06:34* ⛅ *सूर्यास्त - 18:16* ⛅ *दिशाशूल - पूर्व दिशा में* ⛅ *व्रत पर्व विवरण - 💥 *विशेष - चतुर्दशी और पूर्णिमा के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)* 💥 *ब्रह्म पुराण' के 118 वें अध्याय में शनिदेव कहते हैं- 'मेरे दिन अर्थात् शनिवार को जो मनुष्य नियमित रूप से पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उनके सब कार्य सिद्ध होंगे तथा मुझसे उनको कोई पीड़ा नहीं होगी। जो शनिवार को प्रातःकाल उठकर पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उन्हें ग्रहजन्य पीड़ा नहीं होगी।' (ब्रह्म पुराण')* 💥 *शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष का दोनों हाथों से स्पर्श करते हुए 'ॐ नमः शिवाय।' का 108 बार जप करने से दुःख, कठिनाई एवं ग्रहदोषों का प्रभाव शांत हो जाता है। (ब्रह्म पुराण')* 💥 *हर शनिवार को पीपल की जड़ में जल चढ़ाने और दीपक जलाने से अनेक प्रकार के कष्टों का निवारण होता है ।(पद्म पुराण)* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *नेत्र सुरक्षा के लिए शरद पूर्णिमा का प्रयोग* 🌷 👁 *वर्षभर आंखें स्वस्थ रहे, इसके लिए शरद पूनम (13 अक्टूबर 2019) रविवार की रात को चन्द्रमा की चांदनी में एक सुई में धागा पिरोने का प्रयास करें । कोई अन्य प्रकाश नहीं होना चाहिए ।* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *वास्तु शास्त्र* 🌷 🏡 *गुलाब, चंपा व चमेली के पौधे घर में लगाना अच्छा माना जाता है क्योंकि इससे मानसिक तनाव व अवसाद में कमी आती है।* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *शरद पूर्णिमा पर अध्यात्मिक उन्नति* 🌷 🌙 *शरद पूनम रात (13 अक्टूबर 2019) रविवार को आध्यात्मिक उत्थान के लिए बहुत फायदेमंद है । इसलिए सबको इस रात को जागरण करना चाहिए अर्थात जहाँ तक संभव हो सोना नही चाहिए और इस पवित्र रात्रि में जप, ध्यान, कीर्तन करना चाहिए ।* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🙏🍀🌷🌻🌺🌸🌹🍁🙏 #🔯आज का राशिफल / पंचांग ☀️
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3 दिन पहले
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