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#✍️फादर्स स्पेशल कोट्स और कविता 👩🎤 #🚀SC बूस्ट के साथ Views को सुपरचार्ज करें गीत
लहू से लिखी है जो कहानी, वो सच सामने लाना है,
भारत तिवारी के इंसाफ़ का, अब बिगुल बजाना है।
ना थमेंगे कदम, ना झुकेंगे हम, ये ऐलान करते हैं,
सोनी शुक्ला क्रांति संग, न्याय की राह पे चलते हैं।
जुल्म की उन जंजीरों को, आज हम तोड़ देंगे,
सत्य की इस अग्नि को, घर-घर में मोड़ देंगे।
अंधेरी गलियों से उठी है, ये एक चिंगारी है,
न्याय की उस गूँज की, अब बारी हमारी है।
ये मशाल जो जलाई है, इसे हम बढ़ाएंगे,
भारत तिवारी के इंसाफ़ का, अब बिगुल बजाना है।
हर एक बच्चे के ज़हन में, अब क्रांति की लपट है,
ये इंसाफ़ की जंग है, ये न कोई झपट है।
सत्ता के गलियारों को, आज हमें हिलाना है,
सोनी शुक्ला क्रांति बन, सच को सबको दिखाना है।
जो सोए थे जमीर, उन्हें अब हम जगाएंगे,
भारत तिवारी के इंसाफ़ का, अब बिगुल बजाना है।
ये इंकलाब की मशाल, हर हाथ में जलानी है,
भारत तिवारी को न्याय, अब हमें दिलानी है!
अब हमें दिलानी है!
लेखिका कवयित्री सोनी शुक्ला क्रांति
लखनऊ उत्तर प्रदेश
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#🚀SC बूस्ट के साथ Views को सुपरचार्ज करें #✍️फादर्स स्पेशल कोट्स और कविता 👩🎤 (गीत)
मातृभूमि के लाल तुम्ही हो, शौर्य की नई कहानी हो,
अमर शहीद भरत तिवारी, तुम जन-जन की वाणी हो।
सरहद पर तुमने आन रखी, भारत की मर्यादा को,
नमन करे यह धरा तुम्हें, जो मिट गए तुम वतन को।
लहू बहाकर सींच दिया, इस माटी की हरियाली को,
हँसते-हँसते झेल लिया, तूफ़ानों की बेचैनी को।
दुश्मन भी थर्राते तुमसे, तुम सिंह सरीखे शूरवीर,
भारत माँ के आँचल के तुम, बन गए सबसे बड़े लकीर।
तेरा नाम सदा ही गूँजेगा, इस वीर प्रसूता माटी में,
अमर रहेगी गाथा तेरी, हर आने वाली पीढ़ी में।
झुकते हैं हम आज नमन में, तेरा मान कभी न कम होगा,
भरत तिवारी, युग-युग तक, तेरा नाम ही सबका दम होगा।
लेखिका कवयित्री सोनी शुक्ला क्रांति
लखनऊ उत्तर प्रदेश
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मातृभूमि के लाल तुम्ही हो, शौर्य की नई कहानी हो,
अमर शहीद भरत तिवारी, तुम जन-जन की वाणी हो।
सरहद पर तुमने आन रखी, भारत की मर्यादा को,
नमन करे यह धरा तुम्हें, जो मिट गए तुम वतन को।
लहू बहाकर सींच दिया, इस माटी की हरियाली को,
हँसते-हँसते झेल लिया, तूफ़ानों की बेचैनी को।
दुश्मन भी थर्राते तुमसे, तुम सिंह सरीखे शूरवीर,
भारत माँ के आँचल के तुम, बन गए सबसे बड़े लकीर।
तेरा नाम सदा ही गूँजेगा, इस वीर प्रसूता माटी में,
अमर रहेगी गाथा तेरी, हर आने वाली पीढ़ी में।
झुकते हैं हम आज नमन में, तेरा मान कभी न कम होगा,
भरत तिवारी, युग-युग तक, तेरा नाम ही सबका दम होगा।
लेखिका कवयित्री सोनी शुक्ला क्रांति
लखनऊ उत्तर प्रदेश
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मातृभूमि के लाल तुम्ही हो, शौर्य की नई कहानी हो,
अमर शहीद भरत तिवारी, तुम जन-जन की वाणी हो।
सरहद पर तुमने आन रखी, भारत की मर्यादा को,
नमन करे यह धरा तुम्हें, जो मिट गए तुम वतन को।
लहू बहाकर सींच दिया, इस माटी की हरियाली को,
हँसते-हँसते झेल लिया, तूफ़ानों की बेचैनी को।
दुश्मन भी थर्राते तुमसे, तुम सिंह सरीखे शूरवीर,
भारत माँ के आँचल के तुम, बन गए सबसे बड़े लकीर।
तेरा नाम सदा ही गूँजेगा, इस वीर प्रसूता माटी में,
अमर रहेगी गाथा तेरी, हर आने वाली पीढ़ी में।
झुकते हैं हम आज नमन में, तेरा मान कभी न कम होगा,
भरत तिवारी, युग-युग तक, तेरा नाम ही सबका दम होगा।
लेखिका कवयित्री सोनी शुक्ला क्रांति
लखनऊ उत्तर प्रदेश
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मातृभूमि के लाल तुम्ही हो, शौर्य की नई कहानी हो,
अमर शहीद भरत तिवारी, तुम जन-जन की वाणी हो।
सरहद पर तुमने आन रखी, भारत की मर्यादा को,
नमन करे यह धरा तुम्हें, जो मिट गए तुम वतन को।
लहू बहाकर सींच दिया, इस माटी की हरियाली को,
हँसते-हँसते झेल लिया, तूफ़ानों की बेचैनी को।
दुश्मन भी थर्राते तुमसे, तुम सिंह सरीखे शूरवीर,
भारत माँ के आँचल के तुम, बन गए सबसे बड़े लकीर।
तेरा नाम सदा ही गूँजेगा, इस वीर प्रसूता माटी में,
अमर रहेगी गाथा तेरी, हर आने वाली पीढ़ी में।
झुकते हैं हम आज नमन में, तेरा मान कभी न कम होगा,
भरत तिवारी, युग-युग तक, तेरा नाम ही सबका दम होगा।
लेखिका कवयित्री सोनी शुक्ला क्रांति
लखनऊ उत्तर प्रदेश
#🚀SC बूस्ट के साथ Views को सुपरचार्ज करें #✍️फादर्स स्पेशल कोट्स और कविता 👩🎤 नि शब्द हूं
#✍️फादर्स स्पेशल कोट्स और कविता 👩🎤 #🚀SC बूस्ट के साथ Views को सुपरचार्ज करें गीत: न्याय का महासंग्राम
खून खौलता है रग-रग में, अब प्रतिशोध की ज्वाला है,
भरत तिवारी के कातिलों का, अंत होने वाला है!
सोनी शुक्ला 'क्रांति' की ये, खुली चुनौती भारी है,
अन्याय के इस गढ़ को ढाने, अब अपनी बारी है!
(अंतरा 1 - मांग और आक्रोश)
वीर भरत के नाम से सुंदर, एक पार्क बनना चाहिए,
लगे वहाँ पर भव्य प्रतिमा, नाम अमर होना चाहिए।
जिसने उसका खून बहाया, वो चैन से सो न पाएगा,
न्याय की इस महा-अग्नि में, पापी हर झुलस जाएगा!
(अंतरा 2 - दोषियों पर प्रहार)
वर्दी की आड़ में छिपकर जिसने, अपनी ताकत दिखाई है,
उस फर्जी एनकाउंटर की, अब उलटी गिनती आई है।
कानूनन फांसी का फंदा, उन दोषियों को पहनाना है,
घुटनों पर लाकर सरकार को, अपना हक मनवाना है!
(अंतरा 3 - क्रांति की हुंकार)
चुप न बैठेगी कलम ये मेरी, जब तक इंसाफ न लाएंगे,
जुल्म ढाने वाले हर हाकिम को, सबक हम सिखाएंगे।
जनहित का यह सिंहनाद अब, दिल्ली तक गूंजेगा,
भरत तिवारी को न्याय दिलाने, जन-जन अब उमड़ेगा!
रचयिता: कवयित्री सोनी शुक्ला 'क्रांति'
लखनऊ उत्तर प्रदेश











